कार्रवाई पर सवाल: दो दिन की सख्ती के बाद ढीली पड़ी रफ्तार, ‘शिक्षा माफिया’ फिर सक्रिय!

वेद प्रकाश यादव -व्यूरो प्रभारी

गोला, गोरखपुर. क्षेत्र में अवैध और मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों पर शुरू हुई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। शुरुआती दो दिनों की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग की मुहिम धीमी पड़ती नजर आ रही है, जिससे ‘शिक्षा माफिया’ एक बार फिर सक्रिय होने के आरोप लग रहे हैं।
हाल ही में खंड शिक्षा अधिकारी (एसडीआई) उदय शंकर राय द्वारा एसडी मेमोरियल स्कूल, पकड़ी और अतरौरा स्थित एजेएम पब्लिक स्कूल पर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए गए थे। जांच में इन विद्यालयों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित होने की पुष्टि हुई थी। इस सख्ती से क्षेत्र के अभिभावकों और ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी थी।

जांच पर उठे सवाल: पहले ही मिल जाती है सूचना, कार्रवाई पर संदेह

लेकिन अब स्थानीय सूत्रों और अभिभावकों का कहना है कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है। आरोप है कि जांच टीम के पहुंचने से पहले ही संबंधित विद्यालयों को सूचना मिल जा रही है, जिससे वे अस्थायी रूप से कक्षाएं बंद कर देते हैं और जांच के बाद फिर से वही स्थिति बहाल हो जाती है.

विभागीय मिलीभगत के आरोप, अभिभावकों में आक्रोश

सूत्रों का दावा है कि शिक्षा विभाग के कुछ कर्मियों की कथित सांठगांठ के चलते अवैध और मानकविहीन विद्यालयों का नेटवर्क क्षेत्र में लगातार फल-फूल रहा है। यही वजह है कि सख्ती के बावजूद इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है, ग्रामीणों और अभिभावकों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि एक ओर विभाग कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे बच्चों के भविष्य पर लगातार खतरा मंडरा रहा है और अभिभावक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

सख्ती बनाम ‘शिक्षा माफिया’: क्या कार्रवाई रहेगी लगातार या फिर थम जाएगी?

लोगों का आरोप है कि शिक्षा के नाम पर यह पूरा खेल एक सुनियोजित वसूली तंत्र का रूप ले चुका है, जहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। यदि समय रहते इस पर कड़ी और निरंतर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है. वहीं, एसडीआई उदय शंकर राय ने कहा है कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल, सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग अपनी सख्ती को निरंतर बनाए रख पाएगा या फिर ‘शिक्षा माफिया’ के आगे यह कार्रवाई भी दम तोड़ देगी।

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