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अतरिक्त दहेज की मांग को लेकर पत्नी को पीटकर घर से निकाला, केस दर्ज
सहजनवा थाना क्षेत्र के पिपरा निवासिनी निशा चौधरी पुत्री गुलाब चौधरी, ने सहजनवा थाने पर दिए तहरीर में बताया कि, इनकी शादी क्षितिज चौधरी पुत्र उदित नारायण चौधरी, निवासी कदमा, जिला संतकबीर नगर से 12 जुलाई 2024 को सम्पन्न हुई, और मेरे पिता ने अपने सामर्थ के अनुसार पांच लाख रुपए नगद, सोने की अंगूठी और माला दिया था । फिर भी पति द्वारा शादी के दूसरे दिन से ही एक कार और 5 लाख रुपए और नगद की मांग की जाने लगी । मैने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी, पिता के द्वारा असमर्थता जाहिर करने पर पति द्वारा 24 अक्टूबर 2024 को गाली गलौज करते हुए लाठी डंडे से मार पीट कर जान से मारने की कोशिश भी की और अंत में मुझे घर से बाहर निकाल दिया ।
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रेल कोच फैक्ट्री में फर्जी नियुक्ति घोटाला: सेंट्रल विजिलेंस ने जांच तेज की
गोरखपुर में माडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली में फर्जी नियुक्ति के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को सेंट्रल विजिलेंस की तीन सदस्यीय टीम ने रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) गोरखपुर के कार्यालय पर छापेमारी कर नियुक्तियों से संबंधित सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इस कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया।
क्या है मामला?
कुछ दिनों पहले माडर्न कोच फैक्ट्री में दो अभ्यर्थियों की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया था। जांच में पता चला कि ये दोनों अभ्यर्थी न तो आवेदनकर्ताओं की सूची में थे और न ही उन्होंने कोई परीक्षा दी थी। फर्जी डोजियर तैयार कर इन्हें नियुक्त किया गया था। मामले के उजागर होने के बाद दोनों की सेवाएं तत्काल बर्खास्त कर दी गईं।रेलवे बोर्ड ने सख्त कदम उठाए
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर आरआरबी के चेयरमैन नुरुद्दीन अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, सेंट्रल विजिलेंस द्वारा जांच का आदेश दिया गया। अब इस मामले में भर्ती प्रक्रिया में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
26 अप्रैल 2024* को कोच फैक्ट्री के लिए एक पैनल जारी किया गया था, जिसमें सात अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे।
स्थानीय स्तर पर इसमें दो और नाम जोड़ दिए गए।
यह नाम भर्ती बोर्ड में तैनात दो कर्मचारियों के पुत्रों के थे, जिन्होंने न तो आवेदन किया था और न ही परीक्षा दी थी।
फर्जी डोजियर तैयार कर इन नामों को पैनल में शामिल कर दिया गया।
ट्रेनिंग भी पूरी करा दी गई।जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
विजिलेंस टीम अब यह जांच कर रही है कि इन फर्जी नियुक्तियों में कौन-कौन शामिल थे। मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेंट्रल विजिलेंस की छानबीन से रेलवे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।इस घोटाले ने रेलवे की विश्वसनीयता पर गहरा असर डाला है, और अब सभी की निगाहें विजिलेंस टीम की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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सिर्फ एक कॉल से पकड़ी गई निकिता
एक कॉल से पकड़ी गई निकिता सिंघानिया, फिर कैसे उसी ने मां और भाई को पकड़वाया अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में बेंगलुरु पुलिस ने कई दिनों के बाद उसकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा और साले अनुराग को अरेस्ट किया था। निकिता सिंघानिया और उसके परिवार के लोगों को हिरासत में लेने के लिए बेंगलुरु पुलिस की टीम जौनपुर भी पहुंची थी, लेकिन ताला ही लटका मिला था।इसके बाद पुलिस ने तीन दिन में पेशी का नोटिस वहां चस्पा कर दिया था। इसके साथ ही तीनों की तलाश भी तेज कर दी थी। निकिता और उसके परिवार वालों को पकड़ने में पुलिस को इसलिए दिक्कत आ रही थी क्योंकि उन लोगों ने अपने फोन ही बंद कर लिए थे। ये तीनों लोग वॉट्सऐप कॉल पर ही रिश्तेदारों और अन्य लोगों से बात करते थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
इसी बीच निकिता सिंघानिया ने एक चूक कर दी। उसने गलती से फोन कॉल एक रिश्तेदार को कर दी और पुलिस को उसकी लोकेशन पता चल गई। यह लोकेशन गुरुग्राम के रेल विहार के एक पीजी की थी। वह यहां पीजी पर रहने के लिए आई थी। पुलिस यहां पहुंची तो निकिता सिंघानिया मिल गई। फिर पुलिस ने कहा कि अपनी मां और भाई को कॉल करिए। निकिता सिंघानिया ने मां और भाई को कॉल किया तो पुलिस वहां भी पहुंच गई। ये दोनों लोग प्रयागराज के झूंसी में ठहरे थे। इन तीनों को अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि निकिता के चाचा की भी तलाश की जा रही है। फिलहाल निकिता और अतुल सुभाष के 4 साल के बच्चे की तलाश की जा रही है। उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि वह कहां है। अब तक मिली सूचना के अनुसार निकिता और उसके परिवार ने किसी रिश्तेदार के यहां बच्चे को रखा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निकिता और उसके मां और भाई को अरेस्ट करके बाद चैलेंज था कि कैसे बेंगलुरु ले जाया जाए। वजह यह कि लोग पहचान जाते तो बेवजह ही खबरें बनतीं। अंत में पुलिस ने देर रात की फ्लाइट ली और चुनकर ऐसा वक्त चुना ताकि ज्यादा भीड़ न रहे।
पैसे की चाह वाले आरोप पर क्या बोली निकिता सिंघानिया
निकिता और उसकी मां निशा एवं भाई अनुराग का मेडिकल परीक्षण कराया गया। फिर इन्हें जेल में भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि निकिता ने दावा किया है कि उसने कभी अतुल सुभाष का उत्पीड़न नहीं किया। निकिता ने कहा कि यदि मुझे पैसे की ही चाह होती तो कभी उसका घर नहीं छोड़ती। गौरतलब है कि अतुल सुभाष ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे और 80 मिनट का वीडियो शेयर कर फांसी लगा ली थी। अतुल ने 24 पन्नों का एक लेटर भी शेयर किया था। उस पत्र में अतुल ने अपनी आखिरी इच्छा जाहिर की थी कि मेरे बेटे को दादा और दादी को सौंप दिया जाए। वही उसको अच्छी परवरिश दे सकते हैं।
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मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का निधन
मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. वो पिछले कुछ सालों से हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे. जाकिर हुसैन को 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.
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यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया शूटर अनिल उर्फ सोनू मटका
मेरठ:यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया शूटर अनिल उर्फ सोनू मटका,
दिवाली की रात(31 अक्टूबर 2024) को शाहदरा के फर्श बाजार इलाके में की थी चाचा भतीजे की हत्या,
मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़।
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पुष्पा 2 के अभिनेता अल्लू अर्जुन के घऱ पंहुचते ही भावुक हुईं उनकी पत्नी
पुष्पा2 के अभिनेता अल्लू अर्जुन के घऱ पंहुचते ही भावुक हुईं उनकी पत्नी,अल्लू अर्जुन के गले लिपटकर रोने लगीं.
इस भावुक समय पर अल्लू भी भावुक हो गए और उनकी आँखों में भी पत्नी और बच्ची को देखकर आंसू आ गए..
राजनीतिक सड़यंत्र में आप किसी निर्दोष को जेल भेजेंगे तो इसके परिणाम कतई अच्छे नहीं होंगे, जानकारों का कहना है कि तेलंगाना सरकार की जड़ें हिलाने का काम भविष्य में @alluarjun कर सकते हैं।
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संध्या थिएटर मामले में पुलिस ने एक्टर अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार किया
फिल्म ‘पुष्पा 2’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में धूम मचा रही है
इस बीच सुपरस्टार अल्लू अर्जुन पर बड़ी कार्रवाई हुई है. हैदराबाद के संध्या थिएटर मामले में पुलिस ने एक्टर को गिरफ्तार कर लिया है. 4 दिसंबर को फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में भगदड़ मच गई थी, जिसमें एक 35 साल की महिला की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस घटना के लिए अल्लू अर्जुन और थिएटर प्रबंधन पर मामला दर्ज किया था. अब इस मामले में अल्लू अर्जुन गिरफ्तार हुए हैं.
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मंदिर-मस्जिद पर कोई नया मुकदमा नहीं, प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट पर SC का बड़ा फैसला
मंदिर-मस्जिद पर कोई नया मुकदमा नहीं, प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट पर SC का बड़ा फैसला,
सुप्रीम कोर्ट ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट (1991) से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस कानून को लेकर शीर्ष अदालत में मामला पेंडिंग है, तब तक कोई भी नया मुकदमा देश की किसी भी अदालत में दर्ज नहीं किया जाएगा. मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह जानकारी दी कि वर्तमान में धार्मिक स्थलों से संबंधित 18 मुकदमे देशभर में अदालतों में लंबित हैं. सीजेआई ने इस संदर्भ में कोर्ट का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट इन मामलों पर कोई निर्णय नहीं देता, तब तक नया मुकदमा दायर नहीं होगा.
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने यह अपील की कि अभी जो मामले लंबित हैं, उन पर भी रोक लगाई जाए. बेंच के सदस्य जस्टिस के वी विश्वनाथन ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक है ताकि कोई विवाद न बढ़े. प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991, जो धार्मिक स्थलों की स्थिति को 15 अगस्त 1947 की स्थिति में बनाए रखने का प्रावधान करता है, हाल के वर्षों में विवाद का विषय बना हुआ है. इसके तहत किसी भी धार्मिक स्थल की स्थिति में बदलाव को अवैध घोषित किया गया है.
कुछ समूहों का कहना है कि इस कानून में बदलाव करना जरूरी है क्योंकि यह हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख समुदायों को उनके धार्मिक स्थलों को पुनर्स्थापित करने के अधिकार से वंचित करता है. वहीं, कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस कानून को भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया है. उनका मानना है कि इस कानून में बदलाव से सामाजिक सद्भावना बिगड़ सकती है. मार्च 2021 में तत्कालीन सीजेआई एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस एक्ट की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा था. यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि यह कानून “सार्वजनिक व्यवस्था” के नाम पर बनाया गया है, जो राज्य का विषय है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सामाजिक सद्भाव और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है. कोर्ट का कहना है कि इस दौरान किसी भी नए मामले के दर्ज होने से विवाद बढ़ सकता है, जिससे राष्ट्रीय एकता और धर्मनिरपेक्षता पर असर पड़ सकता है.
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महाराष्ट्र के परभणी में बंद के दौरान भड़की हिंसा
महाराष्ट्र के परभणी में बंद के दौरान भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले,
महाराष्ट्र के परभणी शहर में कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़े डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाबा साहेब अंबेडकर प्रतिमा क्षेत्र में रखी संविधान की प्रतीकात्मक प्रति को तोड़ दिया गया। इसके मद्देनजर आज परभणी में बंद का एलान किया गया था जिसके तहत वहां हिंसा ने आक्रामक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह पत्थर फेंके। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।_
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लखनऊ में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के काफिले का एक्सीडेंट
लखनऊ में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के काफिले का एक्सीडेंट, ACP समेत 3 लोग घायल,
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के काफिले का एक्सीडेंट हो गया है. एंबुलेंस समेत 3 गाड़ियां आपस में भिड़ गईं. हादसे में ACP समेत 3 लोग घायल हैं।
हालांकि, राज्यपाल सेफ हैं,
जानकारी के मुताबिक, हादसा मंगलवार सुबह 8.30 बजे हुआ. यह हादसा शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास हुआ, जब काफिले की एक गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रहे वाहन आपस में टकरा गए।









