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  • मनरेगा में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर लोकपाल सख्त, 12 जनवरी को ग्राम सभा में होगी अहम बैठक

    मनरेगा में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर लोकपाल सख्त, 12 जनवरी को ग्राम सभा में होगी अहम बैठक

    इसके पूर्व भी खिरीडाड़ प्रधान के ऊपर लग चुके है कई गंभीर आरोप, जिम्मेदार मौन।

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवा (गोरखपुर)।

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जिला लोकपाल मनरेगा नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिकायत के लंबित रहने को गंभीरता से लेते हुए लोकपाल ने प्रकरण के शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए हैं।

    ग्राम सभा खिरीडाड़, सहजनवा निवासी राम सतीश द्वारा मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों में छह बिंदुओं पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत के संबंध में पूर्व में खंड विकास अधिकारी से आख्या रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है।

    लोकपाल नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि शिकायत के लंबित रहने के कारण अब प्रकरण के निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान हेतु ग्राम सभा स्तर पर बैठक आयोजित की जा रही है। इस क्रम में 12 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत खिरीडाड़ में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

    लोकपाल द्वारा खंड विकास अधिकारी सहजनवा को निर्देशित किया गया है कि बैठक में ग्राम प्रधान विजय कुमार, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, लघु सिंचाई विभाग के जेई तथा संबंधित जॉब कार्ड धारकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। बैठक के दौरान सभी पक्षों की मौजूदगी में तथ्यों की जांच कर शिकायत का निस्तारण किया जाएगा।

    पत्र में यह भी कहा गया है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोकपाल की इस सख्त पहल से ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों को लेकर जवाबदेही बढ़ने और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही

  • डोहरिया कला पंचायत घोटाले की शिकायत पहुंची पीएमओ और सीवीसी तक

    डोहरिया कला पंचायत घोटाले की शिकायत पहुंची पीएमओ और सीवीसी तक

    जांच प्रभावित करने और अभिलेख छुपाने के गंभीर आरोप, मनरेगा – विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, दोषियों को बचाने का आरोप, शिकायतकर्ता ने स्वतंत्र सतर्कता जांच की उठाई मांग।

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    पाली विकास खंड की ग्राम पंचायत डोहरिया कला में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार, फर्जी भुगतान और अभिलेखीय अनियमितताओं का मामला अब जिला प्रशासन की सीमाएं लांघते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने पंचायत स्तर पर हुए कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच न होने और जांच प्रक्रिया को जानबूझकर प्रभावित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम पंचायत डोहरिया कला में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग, फर्जी भुगतान और अभिलेखों में हेराफेरी की गई। इस संबंध में पूर्व में जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।

    जांच में बाधा और अभिलेख छुपाने का आरोप।

    दस्तावेज़ों के अनुसार जिलाधिकारी गोरखपुर द्वारा गठित जांच टीम ने 03 नवंबर 2025 को विकास खंड पाली को जांच हेतु सभी संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर पूर्ण अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। 15 नवंबर 2025 को प्रस्तावित जांच से पूर्व अंतिम अवसर देते हुए 11 नवंबर 2025 को अभिलेखों सहित उपस्थित रहने का आदेश दिया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी अधूरे और अपूर्ण अभिलेख ही उपलब्ध कराए गए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।

    जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर सवाल।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी द्वारा तैयार की गई जांच आख्या/रिपोर्ट न तो उन्हें उपलब्ध कराई गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि दोषी अधिकारियों, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान या प्रतिनिधियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। बिना जांच रिपोर्ट साझा किए ही प्रकरण का निस्तारण कर दिया जाना विभागीय पारदर्शिता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है।

    पीएमओ और सीवीसी से स्वतंत्र जांच की मांग।

    मामले को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज शिकायत (पंजीकरण संख्या : पीएमओपीजी /ई / 2025 / 0200528) तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेजे गए प्रार्थना पत्र में मांग की है कि, पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय सतर्कता जांच कराई जाए, जांच को प्रभावित करने वाले ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की जांच हो, भ्रष्टाचार के माध्यम से दुरुपयोग की गई संपूर्ण सरकारी धनराशि की रिकवरी कराई जाए, अब तक की गई सभी जांच रिपोर्टों की सत्यापित प्रतिलिपि शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई जाए।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायत राज व्यवस्था में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने केंद्रीय सतर्कता आयोग से हस्तक्षेप कर निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है।

  • बीडीओ और एडीओ ने जांच में नहीं दिए अभिलेख, युवा कल्याण अधिकारी ने डीएम को लिखा पत्र, कार्रवाई की तैयारी

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    पाली ब्लॉक में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पाली की लापरवाही और असहयोग सामने आया है। जांच टीम द्वारा बार-बार अभिलेख मांगे जाने के बावजूद दोनों अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

    इसको गंभीर मानते हुए जिला युवा कल्याण अधिकारी अमित कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को विस्तृत पत्र भेजकर समूचे प्रकरण की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि अभिलेख उपलब्ध न कराने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है, जबकि शासन ने इस मामले को प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि डीएम जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। जांच में बाधा डालने और असहयोग के लिए संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। पत्र भेजे जाने के बाद प्रशासनिक हलकों में काफी हलचल है।

    ये है पूरा मामला।

     

    पाली ब्लॉक के डोहरियाकला ग्राम पंचायत निवासी धर्मेंद्र पांडेय ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ग्राम सभा में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की थी। इस शिकायत की जांच जिला युवा कल्याण अधिकारी अमित कुमार सिंह को सौंपी गई थी।

    जांच के लिए उन्होंने 13 अक्टूबर और 3 नवंबर को पाली के खंड विकास अधिकारी बृजेश यादव और सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से ग्राम सभा में कराए गए कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे, लेकिन दोनों अधिकारियों ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।

    इस पर शिकायतकर्ता ने दोबारा आईजीआरएस पर शिकायत की। इसके बाद युवा कल्याण अधिकारी ने डीएम को पत्र भेजकर बताया कि पाली बीडीओ और एडीओ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते जांच बाधित है।

    प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन जल्द ही सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

  • जिलाधिकारी ने धान क्रय केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, किसानों से ली जानकारी

    जिलाधिकारी ने धान क्रय केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, किसानों से ली जानकारी

    खरीद व्यवस्था से डीएम संतुष्ट, केंद्र पर टीन शेड और पेयजल की व्यवस्था कराने के दिए निर्देश।

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    मंगलवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सहजनवा स्थित मंडी परिषद प्रथम और द्वितीय धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर चल रही धान खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया और किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

    मौके पर उपस्थित किसान धनश्याम मिश्र, निवासी मिश्रावलिया, विश्वनाथ यादव, निवासी कटाई टिकर और विनय शुक्ल, निवासी मुंडा से डीएम ने बातचीत की। किसानों ने बताया कि केंद्र पर खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है, जिससे डीएम संतुष्ट दिखे।

    डीएम ने केंद्र प्रभारी से किसानों के रजिस्ट्रेशन और भुगतान प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। प्रभारी ने बताया कि किसान स्वयं अपना रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन कराकर आते हैं। भुगतान खरीद होने के 24 घंटे के भीतर किसानों के खाते में भेज दिया जाता है।

    जिलाधिकारी ने धान उठान व्यवस्था की जानकारी भी ली, जिस पर बताया गया कि ठेकेदार के माध्यम से धान का उठान कराया जाता है। उन्होंने केंद्र पर किसानों की सुविधा के लिए टीन शेड और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।

    खरीद रजिस्टर की जांच में पता चला कि अब तक 48 किसानों से कुल 1338 कुंतल धान की खरीद की जा चुकी है।

    निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी रंजन सिंह और मंडी सचिव श्याम सुंदर मौजूद रहे।