पंचतत्व में विलीन हुए शिक्षक, समाजसेवी रामगोपाल पाण्डेय

पंचतत्व में विलीन हुए शिक्षक, समाजसेवी रामगोपाल पाण्डेय

बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे)बड़हलगंज विकास खण्ड के कछार में शिक्षा की ज्योति जलाने वाले, गुरुकुल इण्टर कालेज मिश्रौली के संस्थापक, पूर्व शिक्षक, समाजसेवी रामगोपाल पाण्डेय रविवार को पंच तत्व में विलीन हो गए।
बताते चलें कि स्थानीय विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कोड़र नीलकंठ निवासी श्री राम गोपाल पाण्डेय का शनिवार को अपरान्ह उनके आवास पर दुःखद निधन हो गया। उनकी अन्त्येष्टि रविवार को बड़हलगंज के पवित्र सरयू तट पर स्थित महाश्मशान मुक्ति पथ पर हुई मुखाग्नि भतीजे हरिश्याम पाण्डेय ने दी। स्व.श्री रामगोपाल पाण्डेय चिल्लूपार की राजनीति के सशक्त हस्ताक्षर थे तथा सामाजिक गतिविधियों में
उनकी सक्रियता काबिले तारीफ थी।कछार के इलाके के लोगों मे शिक्षा की भूख जगाने के लिए और शिक्षा सुलभ कराने के लिए उन्हें जाना जाता है। तकरीबन 52 गावों के लोगों के लिए शापित तरैना नाले को गहरा करने तथा उस पर तटबंध बनाने और उसे जल निकास व सिंचाई के लिये उपयोगी बनाने की दिशा में सदैव प्रयत्न शील रहे। श्री रामगोपाल पान्डेय जी ने चिल्लूपार के क्षेत्र को रेलवे से जोड़ने तथा घाघरा व राप्ती नदी पर तटबंध बनाने के सदैव उच्चाधिकारियों से सम्पर्क साधते रहे।उनकी सोच थी कि चिल्लूपार क्षेत्र में कोई बड़ा कारखाना लगे जिससे क्षेत्र में रोजगार सृजित हो तथा उस कारखाने का उत्पाद सुदूर तक के बाजार में जाये जिससे
हमारे इलाके को एक नई पहचान मिले।वे अपनी दृढ़ता ,इमानदारी, निर्भयता और बेबाक टिप्पणियों के लिए समाज में सुमार थे। शनिवार को पावन सरयू के तट पर रखे उनके पार्थिव शरीर के पास खड़े लोगों के साथ संस्कृत के विद्वान आचार्य दशरथ यादव ने उनकी आत्मा की शांति के लिए गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा मानव के लिये दिये गये संदेश को उद्धृत किया। वहां उपस्थित लोगों ने उन्हें अपना श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। अन्त्येष्टि के समय मुक्ति पथ पर पर जय श्री यादव प्रधानाचार्य, आचार्य दशरथ यादव जी,यतीन्द्र नाथ त्रिपाठी, राम नगीना यादव,सुधाकर पाण्डेय, रामदरश विद्यार्थी, समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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