पहलगाम हमले के बाद बदले भारत-पाक रिश्तों का असर क्रिकेट तक पहुंचा; देवजीत सैकिया बोले—देश की भावनाएं BCCI तक पहुंच रही थीं, टीम के प्रदर्शन और 2028 टी20 वर्ल्ड कप पर है अब पूरा फोकस
नई दिल्ली।एशिया कप की ट्रॉफी… मैदान पर भारत की शानदार जीत… और उसके बाद ऐसा फैसला, जिसने क्रिकेट से ज्यादा भारत-पाकिस्तान रिश्तों की चर्चा छेड़ दी।
टीम इंडिया ने एशिया कप का खिताब जीतने के बावजूद ट्रॉफी पाकिस्तान के एशियन क्रिकेट काउंसिल अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से लेने से इनकार कर दिया। इस फैसले पर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI की ओर से सफाई सामने आई है।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि उनके लिए ट्रॉफी से ज्यादा महत्वपूर्ण भारतीय टीम का प्रदर्शन है।
पहलगाम हमले के बाद बदले हालात
सैकिया के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले तक भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों को लेकर परिस्थितियां अलग थीं। लेकिन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हालात काफी बदल गए।
देश में पाकिस्तान को लेकर भावनाएं पहले से कहीं ज्यादा मुखर हुईं और इन भावनाओं का असर क्रिकेट बोर्ड तक भी पहुंचा।
यही वजह रही कि एशिया कप के फाइनल के बाद जब ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का वक्त आया, तो टीम इंडिया ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।
एक घंटे से ज्यादा चला ट्रॉफी विवाद!
फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया।
लेकिन इसके बाद असली विवाद मैदान पर नहीं, बल्कि ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह में दिखाई दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेजेंटेशन में एक घंटे से ज्यादा की देरी हुई और इसके बाद मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए।
यानी भारत ने खिताब तो जीत लिया, लेकिन ट्रॉफी लेने के तरीके ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया—
क्या क्रिकेट की ट्रॉफी से ज्यादा बड़ी हो गईं भारत की राष्ट्रीय भावनाएं?
सैकिया बोले—टीम का प्रदर्शन ट्रॉफी से ज्यादा महत्वपूर्ण
देवजीत सैकिया ने साफ कहा कि उनके लिए ट्रॉफी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण भारतीय टीम का प्रदर्शन है।
उन्होंने कहा कि टीम इंडिया ने मैदान पर शानदार खेल दिखाया और अपने विरोधियों को एकतरफा अंदाज में हराया। यानी BCCI का संदेश स्पष्ट है—
ट्रॉफी हाथ में आई या नहीं, लेकिन मैदान पर भारत की जीत सबसे बड़ी है।
अब निशाना 2028 टी20 वर्ल्ड कप!
BCCI सचिव के मुताबिक भारतीय टीम और बोर्ड का ध्यान अब आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं पर है।
खास तौर पर 2028 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर तैयारी पर फोकस किया जा रहा है।
सैकिया का कहना है कि टीम का लक्ष्य आने वाले बड़े टूर्नामेंट जीतना है और भारतीय खिलाड़ी उसी दिशा में मेहनत कर रहे हैं।
महिला टीम ने भी बढ़ाया देश का गौरव
इसी बीच भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला और फाइनल में श्रीलंका को हराकर टीम इंडिया चैंपियन बनी।
इससे पहले भारत ने 2022 में भी एशिया कप जीता था, जबकि 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
2026 में एक बार फिर भारतीय महिला टीम ने एशिया कपपर कब्जा कर लिया।
बड़ा सवाल: ट्रॉफी या देश की भावना?
यह पूरा विवाद सिर्फ एक ट्रॉफी लेने या न लेने का मामला नहीं रह गया है।
एक तरफ क्रिकेट की परंपरा और खेल भावना है, तो दूसरी तरफ पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान रिश्तों में आई तल्खी और देश की भावनाएं।
BCCI की सफाई के बाद बहस और तेज हो सकती है—
क्या टीम इंडिया का ट्रॉफी स्वीकार न करना सही था?
क्या खेल और कूटनीति को अलग रखा जाना चाहिए?
या फिर कुछ मौकों पर राष्ट्रीय भावना ही सबसे ऊपर होती है?
फिलहाल BCCI ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है—
ट्रॉफी से ज्यादा जरूरी है भारतीय टीम का प्रदर्शन और देश की भावनाएं।
निष्पक्ष सवाल यही है—मैदान पर भारत की जीत बड़ी थी या ट्रॉफी को लेकर पैदा हुआ विवाद?
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