चरित्र निर्माण, राष्ट्रउत्थान, विश्व कल्याण एंव विश्व शांति के लिए चार दिवसीय दिव्य कार्यक्रम 

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चार दिवसीय भव्य आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में…!

गोरखपुर में दिनांक 25 अप्रैल से 28 अप्रैल 2025 तक होने वाले चार दिवसीय आत्मबोध महायज्ञ की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। साधक, संत, वेदाचार्य, ज्योतिषाचार्य, शिक्षाविद, केंद्रीय मंत्री गण, राजनेता, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत, मीडिया, रंगमंच, चिकित्सा जगत, पुलिस व प्रशासन और आमजन की सहभागिता से यह आयोजन अपना ऐतिहासिक स्वरूप ग्रहण करने की ओर अग्रसर है। इस यज्ञ का उ‌द्देश्य चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति है।

इस महायज्ञ के प्रेरक और मुख्य संरक्षक दासानुदास आत्मबोधानन्द जी ने कहा कि बाबा गोरक्षनाय की कृपा से चरित्र निर्माण, राष्ट्र उत्थान, विश्व कल्याण और विश्व शांति के सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय के महान उ‌द्देश्य वाला यह आत्मबोध महायज्ञ पूर्ण शुभता के साथ निर्विघ्न सम्पन्न होगा।

उन्होंने यज्ञ के प्रमुख आचार्य रोहित मिश्र गुरुजी, मुख्य यजमान/अध्यक्ष श्री अनिल राय जी एवं महामंत्री श्री गोविंद जी के साथ गोरक्षपीठ जाकर आत्मबोध महायज्ञ का उत्तरीय अर्पित करते हुए इस महायज्ञ में पंच देव के साथ श्रीसीताराम जी सहित हनुमान जी तथा महागुरु श्री गोरखनाय जी. महाकाली जी. श्री कालभैरव जी एवं देवी देवताओं से पधारने की प्रार्थना की।

इसके उपरांत पीठ के प्रमुख पुजारी जी तथा संस्कृत महाविद्यालय, गोरक्ष पीठ के प्राचार्य जी एवं आचार्य गणों को महायज्ञ में पधारने हेतु आमंत्रित किया।

इस यज्ञ में देश विदेश के साधक, संत, धर्माचार्य, राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर, फिल्म कलाकार, संगीतज्ञ प्रोफेसर सहित भारी संख्या में आम जन पधार रहे है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र जी इस महायज्ञ के लिए आवश्यक अनुमति स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर ली है। इस महायज्ञ में नगर निगम, पुलिस तथा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्यान्य से पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

वैदिक जागरण, चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण विषय पर प्रबोधन, हवन और भविष्य पथ दर्शन रूपी चार सोपान पर संपन्न होने वाले अपने तरह के इस अनूठे भव्य आयोजन की संक्षिप्त रूप रेखा इस प्रकार है-

प्रथम दिवस 25 अप्रैल

शाम 4 से 7 बजे तक वैदिक जागरण (मातृ शक्तियों द्वारा सप्त नदियों के जल से भरे 251 कलश) अनवरत शंख ध्वनि और वेद मंत्रों के साथ कलश यात्रा।

द्वितीय दिवस 26 अप्रैल

1 प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक प्रबोधन सत्र विषय चरित्र निर्माण से राष्ट्र उत्थान और विश्व कल्याण

2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 600 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम अजन, भाव नृत्य, लघु नाटिका

तृतीय दिवस 27 अप्रैल

1 प्रातः 6:00 बजे से 9:00 तक 540 श्र‌द्धालुओं द्वारा आत्मबोध महायज्ञ में 108 कुण्डी हवन (वैदिक मंत्री से तीन लाख चौबीस हज़ार से अधिक आहुतियां दी जाएगी) ।

2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 600 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन, भाव नृत्य. लघु नाटिका

चतुर्य दिवस 28 अप्रैल

1 ज्योतिष सत्रः ज्योतिष विषयक उ‌द्बोधन एवं भारत के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्यों द्वारा प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 तक निःशुल्क ज्योतिषीय परामर्श

2 बड़े-बड़े कलाकारों के द्वारा शाम 6:00 से रात्रि 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार वितरण और महायज्ञ पूर्णता

ज्ञातव्य है कि इस विशाल महायज्ञ के आयोजन में किसी से एक भी पैसा चंदा नहीं लिया जा रहा है।

सभी श्र‌द्धालुओं से सिर्फ चरित्र निर्माण से विश्व कल्याण के भाव दक्षिणा की अपेक्षा की जा रही है।

आप सब का इस महायज्ञ में हार्दिक स्वागत है।

कार्यक्रम स्थल ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, भगत चौराहा, तारामंडल, गोरखपुर है।

News courtesy:  Gajendra Tripathi

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