निर्देशक अरुण तिवारी, निर्माता हरे कृष्ण दूबे की ‘डॉक्टर बाबू’ की शूटिंग समाप्त

सत्यम सिने विजन बैनर के तले बन रही भोजपुरी फिल्म ‘डॉक्टर बाबू’ की शूटिंग उत्तर प्रदेश के सुरियावां के विभिन्न क्षेत्रों करके समाप्त हो गई है। फिल्म की शूटिंग समाप्त होने पर फिल्म की पूरी यूनिट के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली और हर्षोल्लास के साथ सभी ने एक दूसरे को बधाई दिया तथा फिर दोबारा एक साथ काम करने की बात कही। बता दें कि अरुण तिवारी के कुशल निर्देशन में बन रही तथा निर्माता हरे कृष्ण दूबे द्वारा बनाई जा रही भोजपुरी फिल्म ‘डॉक्टर बाबू’ में केंद्रीय भूमिका में कुणाल सिंह राजपूत, श्रुति राव और प्रमोद शुक्ला नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनकी शानदार केमेस्ट्री नजर आने वाले हैं। वे अपने फैंस व ऑडियंस का फुल इंटरटेनमेंट करने वाले हैं। इस फिल्म के निर्माता हरे कृष्ण दूबे हैं। निर्देशक अरुण तिवारी हैं। लेखक सभा वर्मा हैं। गीतकार प्यारेलाल यादव कवि, मुन्ना दूबे, रमेश राज मौर्य हैं। संगीतकार मुन्ना दूबे, मनोज भास्कर हैं। डीओपी नीलेश पांडेय, डांस मास्टर रेहान, आर्ट डायरेक्टर डबलू बिहारी, असिस्टेंट डायरेक्टर किरण मिश्रा, सुनील पांडेय, जीतू सिंह, संजय तिवारी, ईपी प्रमोद शुक्ला और प्रोडक्शन कंट्रोलर जावेद शेख हैं। फ़िल्म के मुख्य कलाकार कुणाल सिंह राजपूत, श्रुति राव, प्रमोद शुक्ला, इंद्रसेन यादव, संजीव मिश्रा, राहुल श्रीवास्तव, रागिनी राय, अभय राय, अवनीश तिवारी, संदीप सिंह, मन्नू, जागृति गुप्ता, नागेन्द्र गुप्ता आदि हैं। हर वर्ग के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही यह फिल्म संपूर्ण पारिवारिक और सामाजिक है, जोकि दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने वाली है। इस फिल्म को लेकर के फिल्म निर्माता हरे कृष्ण दूबे और निर्देशक अरुण तिवारी बहुत ही उत्साहित हैं।

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One response to “निर्देशक अरुण तिवारी, निर्माता हरे कृष्ण दूबे की ‘डॉक्टर बाबू’ की शूटिंग समाप्त”

  1. RAVI KHAVSE Avatar
    RAVI KHAVSE

    मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)

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