BIT गीडा में सेवा संकल्प अभियान: 128 लोगों ने किया रक्तदान, युवा शक्ति और नवाचार से विकसित भारत बनाने का संकल्प!

गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

युवा संवाद, स्टार्टअप और ग्रामीण विकास पर हुआ मंथन; विधायक प्रदीप शुक्ला बोले—युवा ही देश के कर्णधार, शिक्षा और सेवा से बदलेगी भारत की तस्वीर।

बीआईटी, गीडा में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन।

गोरखपुर। क्या शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री हासिल करना और अच्छी नौकरी पाना है, या फिर समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाना भी? इसी सवाल का जवाब देने और युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), गीडा में सेवा संकल्प अभियान का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एक ओर युवाओं ने स्टार्टअप, नवाचार और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर संवाद किया, तो दूसरी ओर रक्तदान शिविर में 128 शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।

खबर की 6 बड़ी बातें
128 लोगों ने किया रक्तदान: शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने दिखाई सामाजिक भागीदारी।

  1. 128 लोगों ने किया रक्तदान: शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने दिखाई सामाजिक भागीदारी।

  2. युवाओं के भविष्य पर मंथन: स्टार्टअप, नवाचार, युवा संवाद और ग्रामीण विकास पर विशेष चर्चा।

  3. विधायक प्रदीप शुक्ला का संदेश: युवाओं की शिक्षा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से बनेगा विकसित भारत।

  4. महेश दुबे की अपील: जरूरतमंदों की मदद और समाज निर्माण में आगे आएं विद्यार्थी।

  5. डॉ. तरन्नुम बानो ने कहा: उच्च शिक्षा का उद्देश्य डिग्री के साथ नैतिक मूल्यों और सेवा भावना का विकास करना भी है।

  6. डॉ. रजत अग्रवाल का जोर: किताबी ज्ञान के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी जरूरी।

युवा ही देश के कर्णधार, शिक्षा और ज्ञान सबसे बड़ी पूंजी: प्रदीप शुक्ला-

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बुद्धा ग्रुप के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं है।
शिक्षा के साथ मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना भी उतना ही जरूरी है।


उन्होंने कहा कि सफल नागरिक वही है, जो अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझता है।
रक्तदान शिविर बना आकर्षण का केंद्र, 128 लोगों ने किया रक्तदान

उन्होंने कहा कि भारत युवाओं का देश है। यहां के युवाओं ने अपनी मेधा, ज्ञान और प्रतिभा से विश्व में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी।

विधायक प्रदीप शुक्ला का संदेश –

“आपका ज्ञान, आपकी शिक्षा ही आपकी पूंजी है।”
उन्होंने युवाओं से समाज सेवा, जनसेवा और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

विधायक ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा अपनी शिक्षा के साथ कर्तव्यनिष्ठा, सेवा और समर्पण को भी जीवन का हिस्सा बनाएंगे।

स्टार्टअप, नवाचार और ग्रामीण विकास पर युवाओं का संवाद –

सेवा संकल्प अभियान के दौरान युवाओं के भविष्य और समाज के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को कार्यक्रम में शामिल किया गया।

टार्टअप और नवाचार-
नए विचारों, तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने पर जोर।

ग्रामीण विकास-
गांवों के विकास और समाज की जरूरतों में युवाओं की भूमिका को लेकर चर्चा।

युवा संवाद –
शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर जोर।

सेवा ही धर्म, जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं युवा: महेश दुबे

विशिष्ट अतिथि एवं नगर पंचायत उनवल के अध्यक्ष महेश दुबे ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान सामाजिक बदलाव का एक सशक्त माध्यम है। समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना इस अभियान का मूल संकल्प है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा प्राप्त करने के साथ सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने क्षेत्र में चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों और उनके दूरगामी लाभों पर भी प्रकाश डाला।

महेश दुबे ने कहा कि सेवा ही धर्म है और निरंतर प्रयासों से ही सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है।

सिर्फ डिग्री हासिल करना ही उच्च शिक्षा का उद्देश्य नहीं: डॉ. तरन्नुम बानो

उच्च शिक्षा गोरखपुर की नोडल अधिकारी डॉ. तरन्नुम बानो ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसा जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है, जो समाज की समस्याओं को समझे और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाए।

उन्होंने सेवा संकल्प अभियान को युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

शिक्षण संस्थान बनें सामाजिक बदलाव के केंद्र: डॉ. रजत अग्रवाल
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बुद्धा ग्रुप के सचिव डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं है।

शिक्षा के साथ मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सफल नागरिक वही है, जो अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझता है।
रक्तदान शिविर बना आकर्षण का केंद्र, 128 लोगों ने किया रक्तदान

कार्यक्रम में आयोजित रक्तदान शिविर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। संस्थान के 128 शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि समाज सेवा केवल विचारों और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे अपने कार्यों में भी उतारना आवश्यक है।

कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति –

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रशासन दीपक अग्रवाल, डॉ. गोविन्द पाण्डेय, विजय श्रीवास्तव, संतोष त्रिपाठी, डॉ. रूप रंजन, निदेशक फार्मेसी डॉ. आशीष सिंह, निदेशक डिग्री कॉलेज डॉ. अरुण पाण्डेय, निदेशक मैनेजमेंट डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, निदेशक नवाचार अंकुर कुमार और प्रतिश कनौजिया सहित सभी विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता उपस्थित रहे।

आखिर क्या संदेश दे गया सेवा संकल्प अभियान?

बीआईटी गीडा में आयोजित कार्यक्रम ने शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सेवा को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। युवाओं को संदेश दिया गया कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका केवल तकनीकी दक्षता या व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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