लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बवाल: छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, आगजनी और लूटपाट के आरोप, आखिर किसने बिगाड़े हालात?

नेशनल डेस्क /पंजाब ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की वायरल खबर के बाद भड़का आक्रोश; पुलिस से झड़प, वाहनों में आगजनी और कैंपस में बाहरी लोगों की घुसपैठ के आरोप, SIT करेगी जांच


पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की वायरल खबर के बाद शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों में आगजनी की घटनाओं ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं, परिसर में बाहरी लोगों के घुसने, हथियार लहराने और दुकानों में लूटपाट के आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में असामाजिक तत्वों ने हिंसा को अंजाम दिया?

खबर की प्रमुख बातें –

  1. वायरल खबर से हंगामा: छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या के अपुष्ट संदेश के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन।

  2. पुलिस से हिंसक झड़प: पथराव, वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं।

  3. बाहरी लोगों की घुसपैठ के आरोप: कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के वायरल वीडियो की जांच।

  4. मॉल में कथित लूटपाट: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दुकानों से सामान लूटने के आरोप।

  5. 10 दिन कक्षाएं स्थगित: परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई, सात सदस्यीय SIT गठित।

वायरल संदेश से शुरू हुआ विवाद, देखते ही देखते हिंसक हुआ प्रदर्शन-

मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक संदेश से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या किए जाने का दावा किया गया था। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन करने लगे।

पुलिस ने शुरुआत में ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं होने की बात कही। हालांकि, छात्रों का आक्रोश बढ़ने के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया। वायरल दावों की सच्चाई अभी जांच का विषय है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव, गाड़ियों में लगाई आग-

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन हालात बिगड़ गए। पुलिस पर पथराव हुआ और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया गया। एक पुलिस जीप में आग लगाए जाने तथा अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं।

पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। हिंसा में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

बाहरी लोगों ने किया प्रदर्शन को हाईजैक?

वायरल वीडियो से उठे सवाल
विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा के बीच बाहरी लोगों की कथित घुसपैठ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों के हथियार लेकर परिसर में प्रवेश करने और तोड़फोड़ करने के दावे किए जा रहे ।

छात्राओं के हॉस्टल के आसपास भी संदिग्ध गतिविधियों के आरोप हैं। पंजाब पुलिस इन वीडियो और बाहरी लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखने वाले सभी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

यूनिवर्सिटी के मॉल में लूटपाट! मोबाइल और लैपटॉप की दुकानों को बनाया निशाना?
हिंसा के बीच विश्वविद्यालय के मॉल में लूटपाट के आरोप भी सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि उपद्रवियों ने मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान की दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान लूट लिया।

कथित लूटपाट के वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में कुछ लोगों ने आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया? फिलहाल लूटे गए सामान की कुल कीमत और आर्थिक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी में हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप –

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

मित्तल पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए।

कुछ दावों में इस हिंसा को उनके राजनीतिक दल बदलने से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस घटना के पीछे राजनीतिक साजिश होने का कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही हिंसा की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद, SIT करेगी जांच
हिंसा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। पुलिस परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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