फरार प्राइवेट बैंक ओनर के खिलाफ उपभोक्ताओं का प्रदर्शन

 “बैंक डायरेक्टर के पिता को पहनाई जूतों की माला.. किया चक्का जाम”

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार की सुबह फरार आवर गोल्डन फ्यूचर लिमिटेड के मालिक के खिलाफ एक बार फिर उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सड़क पर नारे लगाए और चक्का जाम किया। इस दौरान उन्होंने बैंक ओनर के पिता को जूते की माला पहनकर सड़कों पर घुमाया, इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस प्रशासन को हुई तो उनके हाथों पांव फूल गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा=बुझाकर मामले को शांत कराया और प्रदर्शनकारियों को वापस भेजा। बैंक डायरेक्टर के पिता को पुलिस अपने साथ थाने ले आई।

शाहपुर थाना क्षेत्र के बिछिया जंगल तुलसीराम में मंगलवार की सुबह आवर गोल्डन फ्यूचर प्राइवेट लिमिटेड बैंक के उपभोक्ताओं ने बैंक के ओनर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या जिनमें खासकर महिलाएं मौजूद थीं सड़कों पर निकली और नारे लगाते हुए बैंक ऑनर के बिछिया चौहान टोला स्थित आवास पर पहुंची जहां बैंक डायरेक्टर के पिता जीवन चौहान के साथ उनकी बहस हुई। महिलाएं जबरन उन्हें साथ लेकर सड़कों पर निकल पड़ीं और बैंक डायरेक्टर के खिलाफ नारा लगाते हुए पीएससी तिराहे पर पहुंची और चक्का जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने ऑनर के पिता को जूते की माला भी पहना दी। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए क्योंकि मंगलवार की सुबह ही पिपराईच क्षेत्र में भी एक युवक की हत्या के बाद ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा था। पुलिस द्वारा पदाधिकारी को संभव पूजा कर हटाने की कोशिश की गई। लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे, उनका कहना था कि ऑनर को गिरफ्तार कर यहां लाया जाए। और हमारी जमा पूंजी हमें वापस लौटाई जाए, इस मामले को गंभीरता हुए डेढ़ माह से ज्यादा समय बीत चुका है, हम लोगों ने चौकी से लेकर थाना और थाना से लेकर एसएसपी तक गुहार लगाई है। बावजूद अब तक हमें सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन मिल रहा है और एजेंट सहित उपभोक्ताओं को ही प्रताड़ित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हम तब तक यहां से नहीं हटेंगे जब तक हमें ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता। को गोरखनाथ और सो शाहपुर के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी मांगने और रास्ता चालू हो सका।

प्रदर्शन करियों में शामिल सुगना देवी का कहना था कि हम लोग दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हैं, कुछ सब्जी विक्रेता है तो कोई ठेला खोमचा लगता है। हम सभी का पैसा इस बैंक में जमा था, लेकिन इसका ओनर सुनील सिंह चौहान फरार हो गया है, अब हमें हमारे पैसे की चिंता है। अब तक हम लोग चौकी से लेकर थाने और एसएसपी तक से मिल चुके हैं। प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं हो पाई है, हमें बैंक मलिक को जेल भेजने से कोई मतलब नहीं, हमारा मकसद है कि हमारा पैसा वापस हो जाए। वही हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व कार्यकर्ता और भाजपा नेता चमन लाल गुप्ता का कहना था कि हम जैसे लोगों का भी पैसा इस बैंक में इन्वेस्ट है। बावजूद इसके प्रशासन आम गरीबों सहित बेकसूर एजेंटो को परेशान कर रही है, रोज उनसे लिस्ट मांगी जा रही है। थाने बुलाया जा रहा है, और आज उल्टा ही प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने की बात पुलिस द्वारा की जा रही थी। जबकि उन्हें ओनर सुनील सिंह को गिरफ्तार करना चाहिए, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। उसका फोन भी चालू है, बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न हो पाना कहीं ना कहीं पुलिस की कर प्रणाली पर सवाल उठाता है। वह बैंक के लिए काम करने वाले एजेंट कंचन यादव और नीतीश सहित अन्य का कहना था कि हम लोगों का कोई कुशल नहीं हम लोग तो उपभोक्ताओं के साथ खड़े हैं। करवाई पुलिस प्रशासन को करनी है, बावजूद हम पर ही दबाव बनाया जा रहा है।

वही पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को समझा बूझकर रास्ते से हटाया गया और रास्ते को खुलवाया गया।आरोपी बैंक ऑनर सुनील सिंह चौहान पर मुकदमा दर्ज है। जांच और विवेचना जारी है। जल्द ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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