विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में विद्यार्थी परिषद का हल्ला बोल

विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में विद्यार्थी परिषद का हल्ला बोल

परीक्षा एजेंसी द्वारा अंकपत्र त्रुटि के रूप में अवैध वसूली और घूसखोरी बंद हो – मयंक राय

गोरखपुर, 25 फरवरी। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार व घोर अनियमितता के विरोध व उनसे सम्बंधित दोषियों पर कार्यवाही को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और 10 सूत्रीय ज्ञापन कुलपति को सौंपा। साथ ही सप्ताह दिन का समय देकर ये चेतावनी दी कि अगर निश्चित समय पर सम्बंधित दोषियों पर कार्यवाही और विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ नहीं हुई तो विद्यार्थी परिषद वृहद आंदोलन को बाध्य होगी तथा आगामी प्रस्तावित राजयपाल महोदया का कार्यक्रम का विरोध करेगी।

अभाविप के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में होने वाली अनियमितताओं, शैक्षिक शुल्क में अत्यधिक वृद्धि, और छात्रों के अधिकारों की लगातार उपेक्षा पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण पर विद्यार्थियों के हितों को गंभीरता से ना लेने, विश्वविद्यालय द्वारा नामित एजेन्सी के लापरवाही, नाथ चन्द्रावत छात्रावास में छात्रों की जगह पीएससी पिछले कई वर्षों से रह रही है, गोरखपुर विश्वविद्यालय के किसी भी संकाय में पेयजल की सुचारु व्यवस्था नहीं है तथा विश्वविद्यालय व सम्बंधित सभी महाविद्यालयों में चौपट शिक्षा व्यवस्था के विषयों को लेकर घेरा।

अभाविप प्रांत मंत्री श्री मयंक राय ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता में भारी कमी है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। विगत 4 वर्षों से विश्वविद्यालय के प्रमुख एनसी छात्रावास से विद्यार्थियों को निकाल कर पीएसी को दे दिया है, साथ ही विश्वविद्यालय की परीक्षा एजेंसी (ऑनलाइन सेल) द्वारा जानबूझकर अंकपत्रों में त्रुटि कर के अवैध वसूली की जारी है जो शर्मनाक है, जिसपर अविलंब कार्यवाही करने की आवश्यकता है।

अभाविप गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में ना ही छात्रों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण है,ना ही उचित मूल्यांकन व्यवस्था और ना ही पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर में छात्र हितों की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है और यदि अभाविप की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो और उग्र रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अभाविप गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई मंत्री निखिल राय ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों का भविष्य संकट में है। विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों के हितों की अनदेखी कर रहा है और शिक्षा के नाम पर एक बड़ी लूट मचाई जा रही है। हम इस भ्रष्टाचार का डटकर विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।

उक्त अवसर पर प्रान्त सह मंत्री अर्पित कसौधन, निखिल गुप्ता,ओमकार मिश्रा, विभाग संगठन मंत्री राजवर्धन, संपदा द्विवेदी, शुभम गोविन्द राव,शिवेंद्र ध्वज सिंह दिव्या पांडेय, प्रिया मिश्रा, रमेश सिंह, सम्पदा द्विवेदी,आदित्य प्रताप सिंह, दीपक पांडेय, सात्विक आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

News courtesy: शिवम पांडेय, प्रान्त मीडिया सह संयोजक,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद।

 

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