एम्स गोरखपुर के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) द्वारा 14 सितम्बर 2025 को “मेडिकल एवं क्लीनिकल उपयोग में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन बहुउद्देश्यीय हॉल, ऑडिटोरियम में किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की नींव एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता द्वारा रखी गई।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, रोग-निदान, रोगी-देखभाल तथा अनुसंधान में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका और संभावनाओं पर प्रकाश डालना था, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में उभरती हुई तकनीकों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यशाला में देश के प्रमुख संस्थानों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें डॉ. पार्था हलदार (एम्स नई दिल्ली), डॉ. अमित मेहंदीरत्ता (आईआईटी दिल्ली), डॉ. तवप्रीतेश सेठी (आईआईआईटी दिल्ली), डॉ. देवासेनाथिपति के (एम्स नई दिल्ली), डॉ. प्रियंका बगाड़े (आईआईटी कानपुर), डॉ. तनु आनंद (स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग), डॉ. राम शंकर रथ तथा डॉ. मोहन राज (एम्स गोरखपुर) शामिल थे।
दिनभर चले तकनीकी सत्रों में एआई की बुनियादी अवधारणाओं, चिकित्सा इमेजिंग, हॉस्पिटल रिसोर्स मैनेजमेंट, एथिकल गवर्नेंस तथा एआई-आधारित शोध प्रोटोकॉल डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोपहर बाद आयोजित पैनल चर्चा “AI in Health Care Service and Research: Opportunities, Challenges, and Ethical Concerns” में विशेषज्ञ पैनलिस्टों ने चिकित्सा क्षेत्र में एआई के अवसरों तथा चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
इस कार्यशाला का सफल आयोजन एमआरयू टीम के सहयोग से हुआ, जिसमें विशेष योगदान डॉ. आनंद मोहन दीक्षित (नोडल अधिकारी, एमआरयू), डॉ. चारुशीला रुकड़िकर (सह-नोडल अधिकारी, एमआरयू) तथा कार्यकारी सदस्य डॉ. सौरभ केडिया, डॉ. अतुल आर. रुकड़िकर और डॉ. मोहन राज पी.एस. का रहा।
यह आयोजन चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में अत्याधुनिक तकनीक को समाहित करने की दिशा में एम्स गोरखपुर की एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।
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