चिल्लूपार में 295 करोड़ से अधिक की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, विपक्ष पर भी साधा निशाना
गोरखपुर, 13 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के महुआपार स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास, रोजगार और औद्योगिक निवेश को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेशों में जाना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां उद्योगों के विस्तार के कारण विदेशी नागरिक भी रोजगार के लिए चिल्लूपार का रुख करेंगे।
मुख्य बातें:
• मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे और पलायन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
• धुरियापार में सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट, आधुनिक पेंट उद्योग तथा अत्याधुनिक डिस्टलरी स्थापित किए जाने की घोषणा की गई।
• ग्रेटर गीडा परियोजना के लिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
• मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा क्षेत्रीय विकास के लिए दिए जाने वाले प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता के साथ स्वीकृत करेगी।
• बाढ़ सुरक्षा, सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर भी जोर दिया गया।
• मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले नौकरी, ठेके और विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने कहा कि-
“जब विधायक ही ठेका-पट्टा करेगा तो क्या होगा, यह बताने की आवश्यकता नहीं है।”
• उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश के कुछ जिलों के नाम पर युवाओं को रोजगार नहीं मिलता था, जबकि आज उत्तर प्रदेश के युवाओं की कार्यक्षमता और प्रतिभा का सम्मान देशभर में हो रहा है।
• मुख्यमंत्री ने बताया कि हालिया पुलिस भर्ती में गोरखपुर जनपद के 800 से अधिक युवाओं का चयन हुआ है।
• उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा और आस्था के सम्मान के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, गोरखपुर एम्स और फर्टिलाइजर प्लांट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर जनप्रतिनिधियों के चयन से विकास को गति मिलती है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
हाइलाइट्स :-
🔹 295 करोड़ से अधिक की 319 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास
🔹 “विदेशी लोग भी चिल्लूपार में रोजगार के लिए आएंगे” – मुख्यमंत्री
🔹 धुरियापार में सीमेंट फैक्ट्री और ग्रेटर गीडा की बड़ी घोषणा
🔹 2017 से पहले की व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा
🔹 गोरखपुर के 800 से अधिक युवाओं के पुलिस भर्ती में चयन का दावा
🔹 “अच्छी सरकार और सुशासन से ही विकास संभव” – मुख्यमंत्री
“चिल्लूपार अब पलायन का नहीं, रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।”
सहजनवां क्षेत्र के सेहुडी ताल के पास घायल अवस्था में मिला सारस, सूचना के बावजूद देर तक नहीं पहुंचा वन विभाग का कोई अधिकारी
सहजनवां रेंज क्षेत्र के नगर पंचायत घघसरा अंतर्गत ग्राम सेहुडा के पास स्थित सेहुडी ताल में रविवार को एक दुर्लभ सारस पक्षी घायल अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी कुत्ते या अन्य जंगली जानवर के हमले में यह पक्षी घायल हुआ होगा।
घायल पक्षी को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ग्रामीणों ने सारस को उठाकर भुलेश्वर नाथ मंदिर, शाहपुर ताल के पास सुरक्षित जगह पर रखा और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के काफी समय बाद तक वन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उपचार और संरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई, तो इस दुर्लभ पक्षी की जान को खतरा हो सकता है।
बताते चलें कि सारस पक्षी विलुप्त होने की कगार पर पहुंच रही प्रजातियों में शामिल माना जाता है और इसके संरक्षण के लिए समय-समय पर गणना अभियान भी चलाए जाते हैं। ऐसे में वन विभाग की त्वरित कार्रवाई अपेक्षित थी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि घायल सारस का तत्काल उपचार कराया जाए तथा उसके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि इस दुर्लभ पक्षी को सुरक्षित बचाया जा सके।
महत्वपूर्ण बिंदु:
सेहुडी ताल के पास घायल मिला सारस पक्षी।
कुत्ते या अन्य जानवर के हमले की आशंका।
ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर बचाई जान।
वन विभाग को दी गई सूचना, लेकिन कार्रवाई में देरी का आरोप।
सारस के संरक्षण को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता।
घायल पक्षी के शीघ्र उपचार और सुरक्षा की उठी मांग।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में शहर के विकास, ट्रैफिक, साइबर अपराध और कानून व्यवस्था पर खुली चर्चा, पत्रकारों ने उठाए जनहित के मुद्दे
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने यातायात व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के नेतृत्व में अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस दौरान पत्रकारों ने शहर के विकास, कानून व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।
डीएम बोले—तेजी से बदल रहा गोरखपुर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जीटी रोड विस्तार, रोड चौड़ीकरण, गोडधोइया नाला, विरासत गलियारा, सहजनवा सिक्स लेन पुल और फेस-2 की विकास योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि बिंदुवासिनी पार्क में दो किलोमीटर लंबे ट्रैक की सुविधा शहरवासियों को समर्पित की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
साइबर अपराध पर सख्ती, तकनीक आधारित होगी पुलिसिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ला रही है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, वहीं पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
एसएसपी ने कहा कि बीट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, नई पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
यातायात सुधार के लिए जनसहयोग जरूरी
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण अस्थायी दिक्कतें हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं तथा कैशलेस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों के पालन और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की।
पत्रकारों ने उठाए जनहित के सवाल
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने कानून व्यवस्था, चोरी की घटनाएं, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट, नाला निर्माण में अनियमितता, अवैध खनन, ट्रैफिक जाम, पुलिस पिकेट की कमी और अवैध स्टैंड जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हरेन्द्र दुबे ने कानून व्यवस्था पर सवाल किया।
प्रिंस पांडेय ने चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठाया।
मुकेश पांडेय (ईटीवी भारत) ने सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्या रखी।
रशाद लारी ने बंद सड़कों और साइन बोर्ड की कमी पर सवाल उठाए।
फैयाज ने नदियों में डूबने की घटनाओं और अवैध खनन पर चिंता जताई।
राजीव पांडेय ने निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया।मुर्तुजा रहमानी ने पुलिस पिकेट बढ़ाने की मांग की।
आशीष भट्ट ने रुस्तमपुर क्षेत्र में अवैध स्टैंड का मामला उठाया।
इन सभी सवालों का डीएम और एसएसपी ने विस्तार से जवाब दिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद और जवाबदेही का मंच बना कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम शहर के विकास, सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का सशक्त मंच साबित हुआ, जहां संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली।
महत्वपूर्ण बिंदु (Highlight):
✔ डीएम ने गोरखपुर के विकास कार्यों की प्रगति बताई।
✔ चिलुआताल और बिंदुवासिनी पार्क के विकास पर जोर।
✔ साइबर अपराध नियंत्रण में गोरखपुर पुलिस की उपलब्धियां।
✔ बीट सिस्टम मजबूत करने और नई फोर्स तैनात करने की तैयारी।
✔ ट्रैफिक सुधार के लिए जनसहयोग की अपील।
✔ पत्रकारों ने सड़क, सुरक्षा, प्रदूषण और अवैध गतिविधियों से जुड़े सवाल उठाए।
✔ प्रशासन ने सभी मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कोतवाली क्षेत्र की घटना से व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
गोरखपुर, संवाददाता। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जुबली कॉम्प्लेक्स में बीती रात चोरों ने एक दुकान का शटर तोड़कर करीब 1.75 लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। चोरी की यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुबली कॉम्प्लेक्स में स्थित एक्सपेयर इंडिया नामक दुकान के संचालक अमीरुल्लाह अंसारी ने बताया कि दुकान बंद करते समय उन्होंने एक व्यापारी को भुगतान करने के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये नगद दुकान में रखे थे। इसके अलावा दिनभर की बिक्री के करीब 15 हजार रुपये भी दुकान में मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दुकान में रखी कुल करीब 1 लाख 75 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।
सुबह जब दुकान मालिक दुकान खोलने पहुंचे तो शटर टूटा हुआ मिला और दुकान के अंदर रखी नकदी गायब थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी।
दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में चोरी की वारदात कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी तथा चोरी गई रकम की बरामदगी की मांग की है।
आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया हंगामा, दो घंटे बाद यातायात बहाल
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में पीएसी वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार, हादसा शाम करीब छह बजे नौसड़ क्षेत्र के बहरामपुर दक्षिणी गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पीएसी का वाहन रॉन्ग साइड से आ रहा था। इसी दौरान उसने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान राज निषाद (18) पुत्र रामधारी निवासी चकरा अव्वल थाना राजघाट तथा अमित निषाद (19) पुत्र महेंद्र निवासी बहरामपुर दक्षिणी थाना गीडा के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक गोरखपुर-राजघाट पुल की ओर से नौसड़ की तरफ जा रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।
करीब दो घंटे बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा यातायात को सुचारु कराया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार कर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करते थे।
पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उपेंद्र सिंह, जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संकेत राय, तौहीद आलम उर्फ गोलू तथा राज सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 40 गत्तों में रखे 1308 साउंड पॉड तथा 2 गत्तों में 866 क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों की मदद से Google Pay, BharatPe, Mobikwik समेत अन्य कंपनियों के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करते थे। इन क्यूआर कोड का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था।
बरामद मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों से जुड़े कई मामलों में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले बैंक खातों में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन के संकेत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के लिए लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में फर्जी पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाकर इन खातों को Google Pay और BharatPe जैसे प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट के रूप में पंजीकृत कराया जाता था। इसके बाद इन खातों से मर्चेंट क्यूआर कोड और साउंड पॉड जोड़ दिए जाते थे, जिससे खातों में रोजाना अधिक लेन-देन दिखाया जा सके और साइबर ठगी की शिकायत होने पर भी ऐसे खाते तत्काल फ्रीज न हो सकें।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर कोतवाली थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैले साइबर ठगी गिरोहों से जुड़ा हो सकता है और जांच में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
प्रमुख बरामदगी:-
13 मोबाइल फोन
5 सिम कार्ड
1308 साउंड पॉड
866 क्यूआर स्कैनर
फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज
“मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
— निमिष पाटिल, पुलिस अधीक्षक नगर, गोरखपुर
तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर में 6000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, देर रात तक चला धार्मिक आयोजन
गोरखपुर। ज्येष्ठ माह के छठे मंगलवार के पावन अवसर पर तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर, निकट सेल टैक्स ऑफिस में सुंदरकांड पाठ एवं दिव्य भंडारे का भव्य आयोजन किया गया।इस अवसर पर बालाजी दरबार को आकर्षक ढंग से सजाया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड में सहभागिता कर भगवान बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंगलवार सायंकाल शुरू हुआ यह धार्मिक कार्यक्रम देर रात्रि तक श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान पूरा बालाजी दरबार भक्तों से खचाखच भरा रहा। सुंदरकांड पाठ के उपरांत आयोजित दिव्य भंडारे में लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह आयोजन बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी के मार्गदर्शन में तथा उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे (बबलू), सचिव आशुतोष कुमार सिंह एवं राजेश सिंह की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
महाआयोजन को सफल बनाने में अजीत यादव (पकवान रेस्टोरेंट) एवं समस्त ईंट निर्माताओं का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त मानवेंद्र सिंह ‘मिंटू’, अजीत यादव, योगेश चंद, संतोष सिंह, रंजय सिंह अमेठिया, हनुमान शुक्ला, दिलीप चंद सहित बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों एवं समस्त तारामंडल वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि-
“बालाजी सरकार की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे। जय बालाजी सरकार”
🔸 ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर हुआ भव्य आयोजन।
🔸 श्री बालाजी मंदिर, तारामंडल में हुआ सुंदरकांड पाठ।
🔸 दिव्य भंडारे में लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
🔸 देर रात्रि तक भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।
🔸 बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के पदाधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुआ कार्यक्रम।
🔸 स्थानीय श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के योगदान से आयोजन बना सफल।
इको क्लब के तत्वावधान में विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, पौधरोपण और जागरूकता गतिविधियों से दिया हरित भविष्य का संदेश
सूरजकुंड, गोरखपुर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर नवल्स नेशनल एकेडमी, सूरजकुंड के इको क्लब द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा।
विद्यालय के माननीय निदेशक शैक्षिक श्री घनश्याम पाण्डेय के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर श्री पाण्डेय ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल एक दिवस का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पार्षद श्री जुबैर अहमद, श्री शिवम पाण्डेय, प्रशासनिक अधिकारी श्री पंकज त्रिपाठी, वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती फातिमा खातून, शिक्षक श्री दीपक पाण्डेय, श्री उज्ज्वल जायसवाल, लेखाकार श्री मुजाहिद हसन एवं कार्यालय सहायक श्री पुनीत श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
प्रमुख बिंदु
✔ विश्व पर्यावरण दिवस पर इको क्लब द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
✔ निदेशक शैक्षिक श्री घनश्याम पाण्डेय ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित।
✔ पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण का लिया गया संकल्प।
✔ विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से दिया जागरूकता संदेश।
✔ स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण पर दिया गया विशेष बल।
“पेड़ लगाएं, पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित बनाएं।”
तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन, देर रात तक चला प्रसाद वितरण
गोरखपुर। तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर (सेल टैक्स ऑफिस के निकट) में शनिवार को सुंदरकांड पाठ, भजन संध्या एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान बालाजी के जयकारों के बीच भक्ति का आनंद लिया।
कार्यक्रम सायंकाल से प्रारंभ होकर देर रात्रि तक चलता रहा। सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन में शामिल रहे तथा बाद में आयोजित विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी एवं उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ‘बबलू’ की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक श्रद्धालुओं एवं समिति सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शंभू भट्ट, डॉ. विवेक मिश्रा, विशाल मिश्रा, सक्षम दुबे, अंशुमान शुक्ला, विश्ववा सिंह, सूयश दुबे सहित अन्य सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही।
बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ने कार्यक्रम से जुड़े सभी सहयोगियों एवं समस्त तारामंडल वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालाजी महाराज की कृपा सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे।
8 से 10 जून तक छह पालियों में 1.16 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल; सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
प्रमुख बिंदु
✔ 44 परीक्षा केंद्रों पर होगी आरक्षी भर्ती परीक्षा
✔ 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में परीक्षा
✔ कुल 1,16,784 अभ्यर्थी होंगे शामिल
✔ प्रत्येक पाली में 19,464 परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
✔ एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार बने नोडल अधिकारी
✔ एसपी सिटी निमिष पाटिल पुलिस नोडल अधिकारी नियुक्त
✔ एसपी पीटीएस अनिल कुमार को बनाया गया ऑब्जर्वर
✔ 44 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 44 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात
✔ सीसीटीवी निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी भर्ती परीक्षा को लेकर गोरखपुर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को जिले के 44 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें कुल 1,16,784 अभ्यर्थी भाग लेंगे।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
परीक्षा संचालन के लिए एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी तथा एसपी सिटी निमिष पाटिल को पुलिस नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं एसपी पीटीएस अनिल कुमार को परीक्षा का ऑब्जर्वर बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीआईओएस अजीत सिंह और सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी और प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इस प्रकार कुल छह पालियों में परीक्षा संपन्न होगी।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले को 44 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों पर 44 स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, जो परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
प्रशासन ने सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों को सघन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की नकल या गड़बड़ी को रोका जा सके।
ट्रैफिक और सुविधाओं पर भी फोकस
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रूट डायवर्जन, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
तकनीकी निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता
परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी निगरानी सहित अन्य तकनीकी उपायों का सहारा लिया जाएगा। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को समय से केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया है। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है ताकि भर्ती परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।