Category: गोरखपुर

  • चिलुआताल पर्यटन परियोजना का लोकार्पण, बोले- रामगढ़ताल की तर्ज पर बनेगा ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र

    चिलुआताल पर्यटन परियोजना का लोकार्पण, बोले- रामगढ़ताल की तर्ज पर बनेगा ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का बड़ा केंद्र

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    ताल-पोखरों पर कब्जा नहीं, संरक्षण और विकास हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी

        मुख्य बातें :-

    🔹 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित हुआ चिलुआताल पर्यटन स्थल
    🔹 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की तैयारी
    🔹 चिलुआताल को ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की घोषणा
    🔹 5 जून से 21 जून तक स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर आयोजित करने के निर्देश
    🔹 हरिशंकरी का पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

     

    गोरखपुर, 2 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के समय ताल-पोखरों पर अवैध कब्जे होते थे और वे गंदगी तथा अपराध के केंद्र बन जाते थे, लेकिन वर्तमान डबल इंजन सरकार प्राकृतिक जलाशयों के संरक्षण के साथ उन्हें पर्यटन और विकास के केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को चिलुआताल पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित इस परियोजना को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिलुआताल का विकास केवल शुरुआत है। आगामी चरणों में इसे रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण के कारण चिलुआताल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने की क्षमता रखता है।

    चिलुआताल में लगेगा 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश को नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    चिलुआताल का पानी पूरी तरह प्राकृतिक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल के पुनर्जीवन के लिए व्यापक कार्य किए गए, लेकिन वहां ट्रीटमेंट के बाद पानी छोड़ा जाता है। इसके विपरीत चिलुआताल का पानी पूरी तरह प्राकृतिक है और जंगलों से होकर यहां पहुंचता है। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है और इसे पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बनाती है।

    वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं

    सीएम योगी ने कहा कि हाल ही में रामगढ़ताल में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर रोइंग चैंपियनशिप ने गोरखपुर को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इसी प्रकार चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं हैं। सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी।

    गोरखपुर को बनाना है स्वच्छ, स्मार्ट और सस्टेनेबल शहर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सिटी डेवलपमेंट प्लान किसी भी शहर की सकारात्मक पहचान बनाता है। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा, स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक मुक्त गोरखपुर के निर्माण में सहयोग की अपील की।

    उन्होंने बताया कि रामगढ़ताल की सफाई के दौरान 56 बोरे प्लास्टिक कचरा निकला था, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

    5 जून से शुरू होगा विशेष अभियान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को 5 जून से 21 जून तक स्वच्छता अभियान, पौधरोपण कार्यक्रम और योग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    हरिशंकरी का पौधरोपण कर दिया संदेश

    लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने चिलुआताल घाट और नौका विहार क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हरिशंकरी (पीपल, बरगद और पाकड़) का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही 12.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल का भी जायजा लिया, जिसे अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता और नेतृत्व के कारण गोरखपुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल के बाद चिलुआताल भी पर्यटन और फिल्म शूटिंग का प्रमुख केंद्र बनेगा।

    सीएम योगी की बड़ी घोषणाएं

    ✔ चिलुआताल बनेगा ईको-टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स हब

    ✔ 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना
    ✔ स्वच्छता और पौधरोपण का विशेष अभियान
    ✔ गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का आह्वान
    ✔ भजन संध्या स्थल अगस्त 2026 तक होगा तैयार

  • सीएम योगी कल करेंगे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण, गीडा को 208 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

    सीएम योगी कल करेंगे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण, गीडा को 208 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गीडा में उद्योग, रोजगार और श्रमिक आवास को मिलेगा नया आयाम, प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का होगा उद्घाटन

    गोरखपुर,2 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार 3 जून को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-13 में निर्मित प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। 42.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के साथ मुख्यमंत्री करीब 208 करोड़ रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। इसके अलावा गीडा में कार्यरत श्रमिकों के लिए बने एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे।

    मुख्य बिंदु

    🔹 42.50 करोड़ रुपये की लागत से बना फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स
    🔹 कानपुर के बाद उत्तर प्रदेश का दूसरा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स
    🔹 प्लग एंड प्ले मॉडल पर उद्योगों को मिलेगा तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर
    🔹 80 औद्योगिक यूनिट्स और 42 यूटिलिटी यूनिट्स की सुविधा
    🔹 प्रत्यक्ष रूप से करीब 1000 लोगों को मिलेगा रोजगार
    🔹 207.96 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास
    🔹 श्रमिकों के लिए 96 फ्लैट्स वाले एलआईजी-ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर का उद्घाटन

    एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की औद्योगिक विकास नीति के तहत गीडा सेक्टर-13 में 2.68 एकड़ क्षेत्र में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया है। यह कॉम्प्लेक्स विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

    इंडस्ट्रियल ब्लॉक (जी+3) में 80 यूनिट्स बनाई गई हैं, जबकि यूटिलिटी ब्लॉक (जी+1) में 42 यूनिट्स विकसित की गई हैं। यहां बैंक, गोदाम, सेल्स शोरूम और अन्य सहायक सेवाओं की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

    फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्लग एंड प्ले मॉडल है। उद्यमियों को बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध मिलेंगी, जिससे आवंटन के बाद वे बिना अतिरिक्त निवेश और समय गंवाए सीधे उत्पादन कार्य शुरू कर सकेंगे।

    इस परियोजना से रेडीमेड गारमेंट, आईटी, फार्मा और अन्य प्रदूषण रहित उद्योगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
    208 करोड़ की विकास परियोजनाओं से मजबूत होगा औद्योगिक ढांचा

    मुख्यमंत्री गीडा के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में सड़क, नाली, पुलिया, बिजली, वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर ट्रीटमेंट और सीवरेज नेटवर्क जैसी मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से जुड़े 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

    इन परियोजनाओं पर कुल 207.96 करोड़ रुपये की लागत आ रही है, जिससे गीडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा सेक्टर-11 स्थित 96 फ्लैट्स वाले एलआईजी एवं ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे। 18.54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में तीन टावरों के माध्यम से 48 ईडब्ल्यूएस और 48 एलआईजी फ्लैट्स बनाए गए हैं।

    परियोजना में 11.02 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। ईडब्ल्यूएस फ्लैट का अनुमानित मूल्य 5.13 लाख रुपये तथा एलआईजी फ्लैट का मूल्य 10.53 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। सभी फ्लैट्स का आवंटन गीडा की इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को ई-लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है।

    औद्योगिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी मिलेगा बढ़ावा

    फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और नई औद्योगिक सुविधाओं के संचालन से गीडा में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा। अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से करीब 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में सृजित होंगे। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम पूर्वांचल में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल

    शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    महाधिवेशन में पारित प्रस्तावों का सौंपा ज्ञापन, मंत्री ने शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक मांगें पहुंचाने का दिया आश्वासन

    गोरखपुर, 2 जून। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई) गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को संघ के प्रांतीय संरक्षक जगदीश पांडेय ठकुराई के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री भारत सरकार एवं गोरखपुर के सांसद कमलेश पासवान से उनके आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक हितों से जुड़ी 21 सूत्रीय मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपते हुए शासन स्तर पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

    प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 6, 7 एवं 8 मई को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय स्थित रेलवे ऑडिटोरियम में आयोजित संघ के महाधिवेशन में विभिन्न शैक्षिक एवं शिक्षक हित से जुड़े प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए थे। इन्हीं 21 सूत्रीय प्रस्तावों का ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपकर शासन का ध्यान आकर्षित करने का अनुरोध किया गया।

    महत्वपूर्ण बिंदु:

    – महाधिवेशन में पारित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन केंद्रीय मंत्री को सौंपा गया।
    – शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर शासन स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की गई।
    – केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक मांगों को पहुंचाने का आश्वासन दिया।
    – शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से वार्ता कराने की भी बात कही।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की मांगों को माननीय शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री तक अपनी प्रबल संस्तुति के साथ शीघ्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक निर्णय कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से वार्ता कराने का भी आश्वासन दिया।

    प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, जिलामंत्री डॉ. शोभित श्रीवास्तव, प्रांतीय मंत्री डॉ. अजय कुमार पांडेय, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम, मंडल अध्यक्ष दुर्गेश दत्त पांडेय, मंडलीय मंत्री डॉ. दयानंद पांडेय, उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश गौतम सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    यह जानकारी संघ के जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह एवं जिलामंत्री डॉ. शोभित श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दी।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण, 20.39 करोड़ रुपये से संवरा चिलुआताल घाट

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण, 20.39 करोड़ रुपये से संवरा चिलुआताल घाट

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    बदहाल था चिलुआताल, योगी सरकार ने बना दिया पर्यटन स्थल

    गोरखपुर, 2 जून। शहर के उत्तरी छोर पर स्थित चिलुआताल, जो वर्षों तक उपेक्षा और बदहाली का शिकार रहा, अब एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को 20 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए चिलुआताल पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

    रामगढ़ताल की तर्ज पर विकसित किए गए चिलुआताल घाट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। परियोजना के तहत सात कियोस्क का निर्माण कराया गया है, जहां पर्यटक खानपान और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

    पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार चिलुआताल के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास कार्यों पर 20.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कार्य पूर्ण होने के बाद से ही बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य और विकसित सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद यह परियोजना औपचारिक रूप से जनता को समर्पित हो जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल भी लंबे समय तक उपेक्षित रहा था। योगी सरकार ने पहले रामगढ़ताल को विकसित कर पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया और अब उसी मॉडल पर चिलुआताल को भी संवारा गया है। आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां पर्यटकों को बोटिंग की सुविधा के साथ प्राकृतिक वातावरण में मनोरंजन का अवसर भी मिलेगा।

    परियोजना के प्रमुख कार्य

    • 570 मीटर लंबे पाथवे का निर्माण

    • घाट की सीढ़ियों का निर्माण एवं पत्थर लगाने का कार्य

    • इंटरलॉकिंग एवं रेलिंग का निर्माण

    • स्टोन पिचिंग एवं कैरेट बोल्डर कार्य

    • सात कियोस्क का निर्माण

    • आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक की स्थापना

    • मुख्य प्रवेश द्वार का सुपर स्ट्रक्चर निर्माण

    • 400 मीटर एप्रोच रोड का निर्माण

    • विद्युतीकरण, पोल एवं सोलर लाइट की व्यवस्था

    • 500 मीटर साइड वॉल एवं नाली निर्माण

    • चिलुआताल के विकास से गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र को नया पर्यटन केंद्र मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आयोजित की गोष्ठी

    हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आयोजित की गोष्ठी

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    पत्रकारिता को अन्य स्तंभों से दूरी बनानी होगी: प्रो. अशोक

    सोशल मीडिया के प्रभाव, विश्वसनीयता और पारंपरिक मीडिया की चुनौतियों पर हुई व्यापक चर्चा

    डॉ. एसपी त्रिपाठी को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान सहित कई हस्तियां सम्मानित

    हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (गोजए) द्वारा आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, सोशल मीडिया की चुनौतियों और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर गंभीर मंथन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविख्यात विद्वान प्रो. डॉ. अशोक जाह्नवी प्रसाद ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का ऐसा स्तंभ है, जिसे अपनी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अन्य तीनों स्तंभों से आवश्यक दूरी बनाकर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार का सबसे बड़ा पुरस्कार जनता का विश्वास होता है और संविधान की रक्षा का दायित्व भी काफी हद तक पत्रकारिता पर ही निर्भर करता है।
    उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने पारंपरिक पत्रकारिता को आत्ममंथन के लिए बाध्य किया है। भय और दबाव के बीच सच्ची पत्रकारिता संभव नहीं है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रेस क्लब गोरखपुर के सदस्यों को कर्तव्यनिष्ठ पत्रकारिता की शपथ भी दिलाई।

    ‘पारंपरिक पत्रकारिता पर सोशल मीडिया का प्रभाव’ विषय पर भूमिका प्रस्तुत करते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कुमार हर्ष ने कहा कि बदलाव प्रकृति का नियम है, लेकिन वह समाज के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आगमन के बाद पारंपरिक मीडिया और सोशल मीडिया के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हुई है। सोशल मीडिया के विस्तार ने पारंपरिक मीडिया के दायरे को सीमित किया है, हालांकि इससे खबरों की पहुंच और विविधता भी बढ़ी है।

    मुख्य अतिथि प्रो. धर्मव्रत तिवारी ने कहा कि पारंपरिक पत्रकारिता में समाचार संपादकीय निगरानी और तथ्यपरक प्रक्रिया से गुजरते हैं, जबकि सोशल मीडिया पर हर स्मार्टफोन धारक स्वयं एक प्रसारण इकाई बन गया है। ऐसे में विश्वसनीयता का संकट लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती से निपटने के लिए पारंपरिक मीडिया संस्थान भी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

    मुख्य वक्ता डॉ. एस.पी. त्रिपाठी ने कहा कि पारंपरिक पत्रकारिता में समाचार विशेषज्ञों और संपादकों की निगरानी में तैयार होते हैं, जिससे फेक न्यूज की संभावना काफी कम रहती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सोशल मीडिया ने पत्रकारिता को गंभीर चुनौती दी है। आज व्यक्ति का लगभग हर डिजिटल गतिविधि किसी न किसी तकनीकी निगरानी के दायरे में है, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
    विशिष्ट वक्ता जगदीश लाल ने कहा कि यदि सोशल मीडिया चुनौती है तो पारंपरिक मीडिया को भी समय के अनुरूप स्वयं का पुनर्मूल्यांकन करना होगा। वहीं दैनिक ‘आज’ के स्थानीय संपादक अखिलेश चंद्र ने कहा कि यदि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक और जिम्मेदार तरीके से किया जाए तो यह पारंपरिक पत्रकारिता के लिए सहयोगी साबित हो सकता है।

    कार्यक्रम में गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन की 41 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ पत्रकार शफी आदमी ने संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख किया। अतिथियों का स्वागत गोजए अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी की उद्घोषिका नूतन मिश्रा ने किया।

    कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार आशीष श्रीवास्तव के पुत्र शुभम श्रीवास्तव तथा गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के पुत्र अंबरीश श्रीवास्तव के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

    सम्मान से नवाजी गईं विशिष्ट हस्तियां

    कार्यक्रम में गोजए के प्रमुख संरक्षक डॉ. एस.पी. त्रिपाठी को बाबू हरिहर प्रसाद स्मृति लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाजसेवी किन्नर प्रेमा मौसी को किन्नर विभूषण सम्मान, डॉ. बृजेंद्र नारायण को स्व. अरविंद शुक्ला स्मृति सम्मान, शैलेंद्र श्रीवास्तव को स्व. फूल नारायण धर द्विवेदी स्मृति सम्मान, विजय उपाध्याय को स्व. अशोक अज्ञात स्मृति सम्मान तथा मृत्युंजय नवल को स्व. अरुण गोरखपुरी स्मृति साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही डॉ. सी.के. सुमन, डॉ. सौरभ पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार उमेश तिवारी तथा मोहम्मद अनीस खान को भी अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

  • माही श्रीवास्तव, प्रतिभा राज का भोजपुरी लोकगीत ‘पछताओगे बलम’ रिलीज हुआ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर

    माही श्रीवास्तव, प्रतिभा राज का भोजपुरी लोकगीत ‘पछताओगे बलम’ रिलीज हुआ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स पर

    भोजपुरी संगीत जगत में हमेशा कुछ नया और बेहतरीन गाने पेश करने वाली बेस्ट म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने एक बार फिर दर्शकों के दिलों पर शानदार दस्तक दी है। बता दें कि वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव और सिंगर प्रतिभा राज की धमाकेदार जोड़ी में नया भोजपुरी लोकगीत ‘पछताओगे बलम’ रिलीज किया गया है, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया और यूट्यूब पर दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं।
    गौरतलब है कि वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी और जाने-माने फिल्म निर्माता रत्नाकर कुमार ने इस गाने का निर्माण काफी बड़े कैनवास पर किया है।इस लोकगीत में सिंगर प्रतिभा राज की आवाज का जादू खूब चल रहा है। वहीं गाने के वीडियो में यूपी-बिहार की भोजपुरिया माटी की खुशबू और लोक संस्कृति की झलक साफ देखने को मिल रही है। इसके वीडियो में माही श्रीवास्तव ने अपनी अदाओं का जलवा बिखेर कर अपनी कातिल अदाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। इस सांग में वो बला की खूबसूरत लग रही हैं। गाने में उनके डांस मूव्स इतने जबरदस्त हैं कि फैंस उनके वीडियो से नजरें नहीं हटा पा रहे हैं।

    लिंकः https://youtu.be/ZzYo5jlR_ks?si=veOIAYDpAf5Jcxs8

    वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत लोकगीत ‘पछताओगे बलम’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर प्रतिभा राज ने मधुर आवाज में गाया है। इसके वीडियो में एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव ने गरदा उड़ाकर शानदार परफॉर्मेंस किया है। इस गाने को गीतकार पिंकू बाबा ने लिखा है, जबकि संगीतकार विक्की वॉक्स ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर सुनील बाबा, डीओपी रंजन, कोरियोग्राफर एमके गुप्ता जॉय, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह, प्रोडक्शन पंकज सोनी ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।

    एमडी और निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘हम हमेशा से भोजपुरी भाषा और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं। ‘पछताओगे बलम’ सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि यह हमारे पारंपरिक लोकगीतों की उस मिठास को वापस लाने का एक प्रयास है, जिसे आज की पीढ़ी भी पसंद करे। हमें पूरा भरोसा है कि यह गाना इस साल का सबसे बड़ा लोकगीत साबित होगा और दर्शकों का प्यार इसी तरह मिलता रहेगा।’
    एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव ने कहा कि ‘जब मैंने पहली बार ‘पछताओगे बलम’ का ऑडियो सुना, तभी मुझे समझ आ गया था कि यह गाना सुपरहिट होने वाला है। रत्नाकर कुमार सर हमेशा कुछ ऐसा बनाते हैं जो परिवार के साथ देखा जा सके। इस लोकगीत को दर्शकों से मिल रही तारीफों और प्यार से मेरा दिल खुशी से भर गया है। यूट्यूब पर कमेंट्स देखकर बहुत खुशी हो रही है।’

  • डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा की भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ करेगी दहेज प्रथा पर प्रहार, सेकंड लुक जारी

    डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा की भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ करेगी दहेज प्रथा पर प्रहार, सेकंड लुक जारी

    राजनीति के मैदान में अपनी अमिट छाप छोड़ने के बाद कला और अभिनय की दुनिया में तहलका मचा रहे डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रीति इन्टरप्राईजेज के बैनर तले प्रस्तुत उनकी बहुप्रतीक्षित पाँचवीं भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ का सेकंड लुक पोस्टर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होते ही वायरल हो गया है। फिल्म के इस वायरल पोस्टर में सौरभ शर्मा के दमदार लुक और फिल्म की अनूठी, भावुक कर देने वाली थीम की दर्शक और सिनेमाप्रेमी जमकर तारीफ कर रहे हैं। फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ का निर्माण केवल व्यावसायिक मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी गंभीर कुप्रथा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया है। बिहार के जिला सुपौल के छोटे व खूबसूरत शहर बीरपुर में सेट की गई इस फिल्म की पूरी कहानी दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के विरोध और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर केंद्रित है। बता दें कि भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ के निर्माता कुमार सौरभ शर्मा हैं। सह निर्माता राजन देसाई हैं। निर्देशक रमेश बोगाटी हैं। लेखक राजन देसाई हैं। सह निर्देशक प्रवीण मिश्रा व शैलेश एस राज, गीतकार राजा भोजपुरिया, ददन शर्मा, संगीतकार राजा भोजपुरिया व गौरव रौशन हैं। छायांकन कृष्णा पाण्डेय व बंटी राज, संकलन राकेश महतों, मारधाड़ जया बिष्ठा, नृत्य रौनक साह, कला आर एफ इमरान व विकास प्रजापति, रूपसज्जा माईकल व बरखा कुमारी का है। प्रोडक्शन शैलेन्द्र कुमार सिंह, जय यादव व मनीष कुमार ने किया है। ड्रेस डिजाईनर अब्दुल जुहीम, पब्लिसिटी डिजाईनर प्रशांत हैं। मुख्य कलाकार डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा, गोपाल चौहान, राजा भोजपुरिया, इंद्रसेन यादव, प्रियांशु सिंह, माधवी श्री, राहुल श्रीवास्तव, जय यादव, टी एन त्रिपाठी, चुन्नू पाण्डेय, घिमरे सुशांत शर्मा, सरस्वती, त्यागी बाबा, पूजा, आर जे उमेश, संजय माँझी, रंजीत गुप्ता, प्रियंका शर्मा, सुधीर मंडल, रवि साह, सोहराब आलम आदि हैं। बता दें कि सौरभ शर्मा ने बतौर हीरो दर्शकों के बीच में काफी पॉपुलर हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कई अवॉर्ड से समानित किये गये हैं। मुंबई में आयोजित ग्रीन सिनेमा अवॉर्ड में सौरभ शर्मा को पॉपुलर अभिनेता के अवॉर्ड से नवाजा गया था। उन्हें मंगल पांडेय अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। सौरभ शर्मा की बतौर हीरो पहली भोजपुरी फिल्म ‘ये स्वर्ग हमारा’, दूसरी भोजपुरी फिल्म ‘सपनों के राजकुमार’, तीसरी फ़िल्म ‘प्रोडक्शन नंबर वन’, चौथी फ़िल्म ‘पुलिस वाली बहू’, और ये पाँचवीं भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ है। आगामी जून में भोजपुरी फिल्म ‘सन्नाटा’ की शूटिंग एक्ट्रेस श्रुति राव के साथ शुरू करेंगे। उसके बाद सातवीं फिल्म ‘मन मंदिर’ शूटिंग शुरू करेंगे। यूँ कहें तो सौरभ शर्मा के पास आने वाले समय में कई और बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि वे भोजपुरी सिनेमा के सबसे व्यस्त स्टार्स में से एक बन चुके हैं।

  • यश कुमार की फैमिली ड्रामा और जबरदस्त कॉमेडी से भरपूर फिल्म ‘पांच सास का एक दामाद’ का फर्स्ट लुक हुआ वायरल

    यश कुमार की फैमिली ड्रामा और जबरदस्त कॉमेडी से भरपूर फिल्म ‘पांच सास का एक दामाद’ का फर्स्ट लुक हुआ वायरल

    यश कुमार एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी और निधि मिश्रा द्वारा प्रस्तुत बहुप्रतीक्षित भोजपुरी फिल्म ‘पांच सास का एक दामाद’ का ऑफिसियल फर्स्ट लुक जारी कर दिया गया है। पोस्टर के रिलीज होते ही इसने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होना शुरू कर दिया है, जिससे दर्शकों और भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है। ​

    इस फिल्म में मुख्य और केंद्रीय भूमिका में भोजपुरी इंडस्ट्री के ‘यूनिक स्टार’ यश कुमार नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी बेहद अनोखी और गुदगुदाने वाली है, जिसमें यश कुमार पांच बेहद खूबसूरत लेकिन सख्त मिजाज सासों के बीच अकेले इकलौते दामाद की भूमिका में हैं। फिल्म में वह इन पांच सासों के चक्रव्यूह और उनकी बंदूकों के साये में फंसकर फुल टू धमाल मचाते और अपने फैंस का दिल बहलाते दिखाई देंगे। पोस्टर में भी इस कॉमेडी और पारिवारिक ड्रामे की साफ झलक देखी जा सकती है, जहां यश कुमार दोनों हाथ उठाए बेबस खड़े हैं और उनके आस-पास सासों का कड़ा पहरा दिखाई दे रहा है।

    इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर यश कुमार एंटरटेनमेंट और निधि मिश्रा हैं। डायरेक्टर रुस्तम अली चिश्ती हैं। स्टार कास्ट यश कुमार, सपना चौहान, समर्थ चतुर्वेदी, अनीता रावत, नमिता पांडेय, अनंदिता गिरी, अनु सिंह, रिंकू आयुषी, आर्यन गुप्ता, रवींद्र नाथ गुप्ता और अन्य हैं। स्टोरी यश कुमार ने लिखा है, जबकि स्क्रीनप्ले, डायलॉग राकेश त्रिपाठी ने लिखा है। संगीतकार मुन्ना दुबे, गीतकार मुन्ना दुबे, शेखर मधुर, राजेश मिश्रा हैं। डीओपी विपिन प्रसाद, सुनील यादव, कोरियोग्राफर प्रवीण शेलार, एडिटर संजय दास, पोस्टर डिजाईनर नरसू, प्रोडक्शन कंट्रोलर शैलेंद्र सिंह, प्रोडक्शन मैनेजर मंतोष सिंह हैं।

    ​फिल्म के नायक यश कुमार का कहना है कि ‘यह एक ऐसी साफ-सुथरी और संपूर्ण पारिवारिक फिल्म है, जिसे घर के सभी सदस्य एक साथ बैठकर देख सकते हैं। बेहतरीन संवाद, उम्दा निर्देशन और कर्णप्रिय संगीत इस फिल्म की मुख्य यूएसपी हैं, जो दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधकर रखेगा।’

  • गीडा में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत

    गीडा में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर, 28 मई। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में 2 जून को औद्योगिक विकास और उद्यमिता का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath गीडा सेक्टर-13 में बने प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। इस परियोजना से एमएसएमई सेक्टर को नई गति मिलने के साथ करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

    42.50 करोड़ की लागत से तैयार हुआ आधुनिक कॉम्प्लेक्स
    गीडा सेक्टर-13 में लगभग 2.68 एकड़ क्षेत्रफल में बने इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का निर्माण 42.50 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश का दूसरा ऐसा कॉम्प्लेक्स है, जबकि पहला कॉम्प्लेक्स कानपुर में स्थापित किया गया था।
    कॉम्प्लेक्स को “प्लग एंड प्ले मॉडल” पर विकसित किया गया है, जिससे उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए अलग से भारी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं करना पड़ेगा। आवंटन मिलते ही यूनिट संचालित की जा सकेगी।

    80 एमएसएमई यूनिट्स को मिलेगा सीधा लाभ

    कॉम्प्लेक्स के इंडस्ट्रियल ब्लॉक (जी+3) में कुल 80 औद्योगिक इकाइयों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक यूनिट का क्षेत्रफल लगभग 97.51 वर्गमीटर रखा गया है।


    वहीं, एमिनिटी एवं यूटिलिटी ब्लॉक (जी+1) में 42 यूनिट्स विकसित की गई हैं, जहां बैंक, गोदाम, सेल्स शोरूम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्य आकर्षण:

    प्लग एंड प्ले सुविधा
    बिजली, पानी और सीवरेज की आधुनिक व्यवस्था
    बैंक और गोदाम की सुविधा
    रेडीमेड गारमेंट, आईटी और फार्मा सेक्टर को प्राथमिकता
    प्रदूषण रहित उद्योगों को बढ़ावा
    गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बताई

    परियोजना की खासियत

    गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी Anuj Malik के अनुसार यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों को कम लागत में बेहतर औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि पूर्वांचल में उद्योग और रोजगार दोनों को नई दिशा मिल सके।

    -श्रमिकों को मिलेगा अपना घर
    -सीएम करेंगे एलआईजी-ईडब्ल्यूएस -आवासीय परिसर का उद्घाटन
    -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा सेक्टर-11 स्थित श्रमिकों के लिए बने एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे।
    -करीब 18.54 करोड़ रुपये की लागत से बने

    इस प्रोजेक्ट में:

    ईडब्ल्यूएस के 48 फ्लैट
    एलआईजी के 48 फ्लैट
    कुल 96 आवास तैयार किए गए हैं।

    महत्वपूर्ण बातें:

    ईडब्ल्यूएस फ्लैट की अनुमानित कीमत: ₹5.13 लाख
    एलआईजी फ्लैट की अनुमानित कीमत: ₹10.53 लाख
    11.02 करोड़ रुपये की सब्सिडी
    सभी फ्लैट ई-लॉटरी के माध्यम से श्रमिकों को आवंटित
    आवासीय परिसर के पास पार्क, सामुदायिक केंद्र, खेल मैदान और व्यवसायिक केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
    208 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
    71 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण और शिलान्यास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा क्षेत्र में लगभग 207.96 करोड़ रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

    इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

    -सड़क निर्माण
    -नाली और पुलिया
    -बिजली व्यवस्था
    -वेस्ट मैनेजमेंट
    -वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
    -सीवरेज नेटवर्क

    इन विकास कार्यों से गीडा को आधुनिक औद्योगिक हब के रूप में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार ।फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और श्रमिक आवासीय योजना के जरिए गीडा अब केवल औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं बल्कि रोजगार, निवेश और आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल पूर्वांचल में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

  • CBSE री-इवैल्यूएशन में बड़ा खुलासा: छात्र को मिली दूसरे की कॉपी, बोर्ड ने मानी तकनीकी गड़बड़ी

    CBSE री-इवैल्यूएशन में बड़ा खुलासा: छात्र को मिली दूसरे की कॉपी, बोर्ड ने मानी तकनीकी गड़बड़ी

    एजुकेशन डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    फीस कटौती में भी हुई त्रुटि, CBSE ने जारी किया स्पष्टीकरण — फर्जी सर्कुलर पर अलर्ट

    सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद अब री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
    कई छात्रों को किसी और की आंसर शीट मिल रही है, कहीं फीस कटौती में गड़बड़ी हो रही है, तो कहीं सोशल मीडिया पर फर्जी सर्कुलर वायरल हो रहे हैं।

    एक छात्र की शिकायत के बाद बोर्ड ने जांच की और माना कि उसे गलत कॉपी भेज दी गई थी। इसके बाद पूरे देश में CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

    12वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया।
    इसी दौरान एक छात्र ने दावा किया कि फिजिक्स विषय की जो आंसर शीट उसे भेजी गई, वह उसकी नहीं थी।

    उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि फिजिक्स में कम अंक आने के बाद उसने स्कैन कॉपी मंगवाई थी ताकि पता चल सके नंबर कहां कटे हैं, लेकिन कॉपी देखकर वह हैरान रह गया।

    इंग्लिश की कॉपी में उसकी अपनी हैंडराइटिंग साफ दिखाई दे रही थी, जबकि फिजिक्स की कॉपी किसी दूसरे छात्र की लग रही थी।

    मामला वायरल होने के बाद CBSE ने जांच शुरू की।

    बोर्ड ने बाद में छात्र से संपर्क कर सही आंसर शीट भेजी और माना कि कॉपी मिसमैच हुई थी।बोर्ड ने यह भी कहा कि जहां आवश्यकता होगी वहां रिजल्ट अपडेट करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।

    इसी बीच कई छात्रों और अभिभावकों ने री-इवैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी समस्याओं की शिकायत की।
    कुछ छात्रों से आवेदन के दौरान ज्यादा फीस कट गई, जबकि कुछ मामलों में कम शुल्क जमा हुआ।
    कई छात्रों को धुंधली स्कैन कॉपियां और अधूरी उत्तर पुस्तिकाएं मिलने की शिकायत भी सामने आई।

    CBSE ने 24 मई को जारी आधिकारिक नोटिस में स्वीकार किया कि 21 और 22 मई के दौरान तकनीकी खामियों के कारण फीस कटौती में गड़बड़ी हुई। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों से अतिरिक्त राशि ली गई है उन्हें रिफंड दिया जाएगा।
    वहीं जिन मामलों में कम फीस जमा हुई है, वहां छात्रों को अलग से सूचना भेजी जाएगी।

    बोर्ड ने यह भी साफ किया कि प्रभावित छात्रों को उनकी स्कैन कॉपी बिना नया आवेदन किए उपलब्ध कराई जाएगी।

    इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर भी वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।

    CBSE ने इसे पूरी तरह फेक बताते हुए छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों से बचने की अपील की है।

    • Verification of Marks के लिए छात्र आवेदन कर सकते हैं
    • स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद ही Revaluation संभव है
    • ज्यादा फीस कटने पर रिफंड दिया जाएगा
    • कॉपी मिसमैच होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है
    • बोर्ड ने फर्जी सर्कुलर से सावधान रहने की सलाह दी है।

    CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में सामने आई इन तकनीकी खामियों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
    अब सवाल केवल तकनीकी गलती का नहीं, बल्कि मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य का है।

    फिलहाल बोर्ड सुधारात्मक कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।