श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीएम योगी से निष्पक्ष जांच कराने का किया अनुरोध
अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में दान पात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि की कथित चोरी और उससे जुड़ी अफवाहों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल (SIT) गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि दान चोरी के मामले को लेकर विभिन्न माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर SIT के गठन का अनुरोध किया है। ट्रस्ट का मानना है कि उच्चस्तरीय जांच से मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
राम मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दान प्राप्त होता है। ऐसे में दान राशि से संबंधित किसी भी प्रकार की खबर को गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से SIT गठन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
आजमगढ़ में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – “हमारे लिए सभी बेटियां समान हैं, अभद्र भाषा बोलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बेटियों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा, “मैं पिछले दिनों देख रहा था कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं। मामला मेरे संज्ञान में आया तो मैंने तत्काल पुलिस को निर्देश दिया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जाए।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं है। बेटी, बेटी होती है। हम उस संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है। हमारे लिए सभी बेटियां एक समान हैं और उनके सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।”
सीएम योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी दूसरों को तो उपदेश देते हैं, लेकिन अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दें कि वे अपनी भाषा को संयमित रखें। दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले स्वयं भी विचार करें कि उनके लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा-
“अपने लोगों को संस्कारित करें, उन्हें समझाएं। यदि आप उन्हें नहीं समझा पा रहे हैं तो उन्हें हमारे हवाले कर दीजिए, हम उन्हें समझा देंगे।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। बेटियों के सम्मान और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्र टिप्पणियों को लेकर यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सहजनवां क्षेत्र के सेहुडी ताल के पास घायल अवस्था में मिला सारस, सूचना के बावजूद देर तक नहीं पहुंचा वन विभाग का कोई अधिकारी
सहजनवां रेंज क्षेत्र के नगर पंचायत घघसरा अंतर्गत ग्राम सेहुडा के पास स्थित सेहुडी ताल में रविवार को एक दुर्लभ सारस पक्षी घायल अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी कुत्ते या अन्य जंगली जानवर के हमले में यह पक्षी घायल हुआ होगा।
घायल पक्षी को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ग्रामीणों ने सारस को उठाकर भुलेश्वर नाथ मंदिर, शाहपुर ताल के पास सुरक्षित जगह पर रखा और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के काफी समय बाद तक वन विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उपचार और संरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई, तो इस दुर्लभ पक्षी की जान को खतरा हो सकता है।
बताते चलें कि सारस पक्षी विलुप्त होने की कगार पर पहुंच रही प्रजातियों में शामिल माना जाता है और इसके संरक्षण के लिए समय-समय पर गणना अभियान भी चलाए जाते हैं। ऐसे में वन विभाग की त्वरित कार्रवाई अपेक्षित थी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि घायल सारस का तत्काल उपचार कराया जाए तथा उसके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि इस दुर्लभ पक्षी को सुरक्षित बचाया जा सके।
महत्वपूर्ण बिंदु:
सेहुडी ताल के पास घायल मिला सारस पक्षी।
कुत्ते या अन्य जानवर के हमले की आशंका।
ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर बचाई जान।
वन विभाग को दी गई सूचना, लेकिन कार्रवाई में देरी का आरोप।
सारस के संरक्षण को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता।
घायल पक्षी के शीघ्र उपचार और सुरक्षा की उठी मांग।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में शहर के विकास, ट्रैफिक, साइबर अपराध और कानून व्यवस्था पर खुली चर्चा, पत्रकारों ने उठाए जनहित के मुद्दे
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने यातायात व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के नेतृत्व में अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस दौरान पत्रकारों ने शहर के विकास, कानून व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।
डीएम बोले—तेजी से बदल रहा गोरखपुर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जीटी रोड विस्तार, रोड चौड़ीकरण, गोडधोइया नाला, विरासत गलियारा, सहजनवा सिक्स लेन पुल और फेस-2 की विकास योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि बिंदुवासिनी पार्क में दो किलोमीटर लंबे ट्रैक की सुविधा शहरवासियों को समर्पित की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
साइबर अपराध पर सख्ती, तकनीक आधारित होगी पुलिसिंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस भी अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ला रही है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, वहीं पीड़ितों की रकम वापस दिलाने में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
एसएसपी ने कहा कि बीट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, नई पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
यातायात सुधार के लिए जनसहयोग जरूरी
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण अस्थायी दिक्कतें हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं तथा कैशलेस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों के पालन और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की।
पत्रकारों ने उठाए जनहित के सवाल
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने कानून व्यवस्था, चोरी की घटनाएं, खराब सड़कें, स्ट्रीट लाइट, नाला निर्माण में अनियमितता, अवैध खनन, ट्रैफिक जाम, पुलिस पिकेट की कमी और अवैध स्टैंड जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
हरेन्द्र दुबे ने कानून व्यवस्था पर सवाल किया।
प्रिंस पांडेय ने चोरी की घटनाओं का मुद्दा उठाया।
मुकेश पांडेय (ईटीवी भारत) ने सड़क और स्ट्रीट लाइट की समस्या रखी।
रशाद लारी ने बंद सड़कों और साइन बोर्ड की कमी पर सवाल उठाए।
फैयाज ने नदियों में डूबने की घटनाओं और अवैध खनन पर चिंता जताई।
राजीव पांडेय ने निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया।मुर्तुजा रहमानी ने पुलिस पिकेट बढ़ाने की मांग की।
आशीष भट्ट ने रुस्तमपुर क्षेत्र में अवैध स्टैंड का मामला उठाया।
इन सभी सवालों का डीएम और एसएसपी ने विस्तार से जवाब दिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद और जवाबदेही का मंच बना कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम शहर के विकास, सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का सशक्त मंच साबित हुआ, जहां संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिली।
महत्वपूर्ण बिंदु (Highlight):
✔ डीएम ने गोरखपुर के विकास कार्यों की प्रगति बताई।
✔ चिलुआताल और बिंदुवासिनी पार्क के विकास पर जोर।
✔ साइबर अपराध नियंत्रण में गोरखपुर पुलिस की उपलब्धियां।
✔ बीट सिस्टम मजबूत करने और नई फोर्स तैनात करने की तैयारी।
✔ ट्रैफिक सुधार के लिए जनसहयोग की अपील।
✔ पत्रकारों ने सड़क, सुरक्षा, प्रदूषण और अवैध गतिविधियों से जुड़े सवाल उठाए।
✔ प्रशासन ने सभी मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कोतवाली क्षेत्र की घटना से व्यापारियों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
गोरखपुर, संवाददाता। कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जुबली कॉम्प्लेक्स में बीती रात चोरों ने एक दुकान का शटर तोड़कर करीब 1.75 लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। चोरी की यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुबली कॉम्प्लेक्स में स्थित एक्सपेयर इंडिया नामक दुकान के संचालक अमीरुल्लाह अंसारी ने बताया कि दुकान बंद करते समय उन्होंने एक व्यापारी को भुगतान करने के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये नगद दुकान में रखे थे। इसके अलावा दिनभर की बिक्री के करीब 15 हजार रुपये भी दुकान में मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दुकान में रखी कुल करीब 1 लाख 75 हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।
सुबह जब दुकान मालिक दुकान खोलने पहुंचे तो शटर टूटा हुआ मिला और दुकान के अंदर रखी नकदी गायब थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू कर दी।
दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में चोरी की वारदात कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी तथा चोरी गई रकम की बरामदगी की मांग की है।
आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया हंगामा, दो घंटे बाद यातायात बहाल
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में पीएसी वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार, हादसा शाम करीब छह बजे नौसड़ क्षेत्र के बहरामपुर दक्षिणी गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पीएसी का वाहन रॉन्ग साइड से आ रहा था। इसी दौरान उसने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान राज निषाद (18) पुत्र रामधारी निवासी चकरा अव्वल थाना राजघाट तथा अमित निषाद (19) पुत्र महेंद्र निवासी बहरामपुर दक्षिणी थाना गीडा के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों युवक गोरखपुर-राजघाट पुल की ओर से नौसड़ की तरफ जा रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।
करीब दो घंटे बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा यातायात को सुचारु कराया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
“मुझे बिना विश्वास में लिए कैसे लिए गए फैसले?” — ऊर्जा मंत्री ने बिजली दरों में वृद्धि और प्रशासनिक कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन को पत्र लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।ऊर्जा मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण फैसले उन्हें विश्वास में लिए बिना कैसे किए गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां उन्हें विभागीय स्तर पर न मिलकर टीवी चैनलों के माध्यम से क्यों प्राप्त हो रही हैं।
मंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि मुख्यालय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों और अधिकारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने पूछा कि बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने जैसी स्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच समन्वय को लेकर लंबे समय से मतभेद की चर्चाएं चल रही थीं। अब मंत्री के इस पत्र के सामने आने के बाद दोनों के बीच टकराव खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु :-
🔹 बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी।
🔹 यूपीपीसीएल चेयरमैन को पत्र लिखकर मांगा जवाब।
🔹 “मुझे बिना विश्वास में लिए कैसे लिए गए फैसले?” — ए.के. शर्मा।
🔹 मंत्री ने कहा, टीवी चैनलों से मिलती हैं विभागीय जानकारियां।
🔹 मुख्यालय स्तर की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल।
🔹 सरकार की छवि खराब होने की बात कही।
🔹 ऊर्जा मंत्री और यूपीपीसीएल चेयरमैन के बीच टकराव की चर्चा तेज।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर यूपीपीसीएल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
गोरखपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार कर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करते थे।
पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उपेंद्र सिंह, जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संकेत राय, तौहीद आलम उर्फ गोलू तथा राज सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 40 गत्तों में रखे 1308 साउंड पॉड तथा 2 गत्तों में 866 क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों की मदद से Google Pay, BharatPe, Mobikwik समेत अन्य कंपनियों के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करते थे। इन क्यूआर कोड का इस्तेमाल साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेन-देन और निकासी के लिए किया जाता था।
बरामद मोबाइल फोन की जांच में बड़ी संख्या में फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। इन दस्तावेजों से जुड़े कई मामलों में देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, जांच में मिले बैंक खातों में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित लेन-देन के संकेत मिले हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे साइबर अपराधियों के लिए लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में फर्जी पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाकर इन खातों को Google Pay और BharatPe जैसे प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट के रूप में पंजीकृत कराया जाता था। इसके बाद इन खातों से मर्चेंट क्यूआर कोड और साउंड पॉड जोड़ दिए जाते थे, जिससे खातों में रोजाना अधिक लेन-देन दिखाया जा सके और साइबर ठगी की शिकायत होने पर भी ऐसे खाते तत्काल फ्रीज न हो सकें।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर कोतवाली थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैले साइबर ठगी गिरोहों से जुड़ा हो सकता है और जांच में आगे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
प्रमुख बरामदगी:-
13 मोबाइल फोन
5 सिम कार्ड
1308 साउंड पॉड
866 क्यूआर स्कैनर
फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज
“मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
— निमिष पाटिल, पुलिस अधीक्षक नगर, गोरखपुर
‘शांति भंग’ की धाराओं के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट सख्त, अवैध हिरासत पर ₹25 हजार प्रतिदिन मुआवजे का रास्ता साफ
प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा “शांति भंग” की धाराओं के कथित दुरुपयोग पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए किसी भी व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जा सकता।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने हेबियस कॉर्पस रिट याचिका संख्या 317/2026, मंसूर अहमद उर्फ लल्लू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में 8 जून 2026 को यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता मंसूर अहमद का आरोप था कि 19 मार्च 2026 की रात प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र की पुलिस उन्हें घर से उठाकर ले गई। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 170, 126 और 135 के तहत कार्रवाई की। बाद में उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां कथित तौर पर पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर दिए बिना उन्हें जेल भेज दिया गया।
हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में कहीं भी यह दर्ज नहीं था कि याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत बांड भरने से इनकार किया था। इसके बावजूद उन्हें आठ दिनों तक जेल में रखा गया।
अदालत ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन मानते हुए पीड़ित को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि यह राशि संबंधित दोषी अधिकारी, तत्कालीन एसीपी के वेतन से वसूली जाएगी।
अदालत ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में अधिकारियों को दी गई मजिस्ट्रेटी शक्तियों का कई मामलों में जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। कोर्ट के समक्ष आए आंकड़ों से पता चला कि प्रदेश के कई जिलों में हजारों नागरिकों को शांति भंग की धाराओं के तहत एक दिन से लेकर बीस दिनों तक जेल में रखा गया।
कोर्ट ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए नागरिकों की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
• शांति भंग की कार्रवाई में अब केवल व्यक्तिगत बांड लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम राशि 20 हजार रुपये होगी।
• किसी भी व्यक्ति से बाहरी जमानती की मांग नहीं की जाएगी।
• व्यक्तिगत बांड भरते ही संबंधित व्यक्ति को तत्काल रिहा करना होगा।
• यदि कोई व्यक्ति बांड भरने से इनकार करता है तो उसका ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड तैयार करना अनिवार्य होगा।
• बिना वैध कानूनी आधार के 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखने पर राज्य सरकार को 25 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा।
• मुआवजे की राशि दोषी अधिकारी या मजिस्ट्रेट के वेतन से वसूल की जाएगी।
• संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को आगामी 14 सितंबर 2026 तक आदेश के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उत्तर प्रदेश में पुलिस और कार्यपालक मजिस्ट्रेटों द्वारा शांति भंग की धाराओं के प्रयोग के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह निर्णय नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर में 6000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, देर रात तक चला धार्मिक आयोजन
गोरखपुर। ज्येष्ठ माह के छठे मंगलवार के पावन अवसर पर तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर, निकट सेल टैक्स ऑफिस में सुंदरकांड पाठ एवं दिव्य भंडारे का भव्य आयोजन किया गया।इस अवसर पर बालाजी दरबार को आकर्षक ढंग से सजाया गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड में सहभागिता कर भगवान बालाजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंगलवार सायंकाल शुरू हुआ यह धार्मिक कार्यक्रम देर रात्रि तक श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान पूरा बालाजी दरबार भक्तों से खचाखच भरा रहा। सुंदरकांड पाठ के उपरांत आयोजित दिव्य भंडारे में लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह आयोजन बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी के मार्गदर्शन में तथा उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे (बबलू), सचिव आशुतोष कुमार सिंह एवं राजेश सिंह की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
महाआयोजन को सफल बनाने में अजीत यादव (पकवान रेस्टोरेंट) एवं समस्त ईंट निर्माताओं का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त मानवेंद्र सिंह ‘मिंटू’, अजीत यादव, योगेश चंद, संतोष सिंह, रंजय सिंह अमेठिया, हनुमान शुक्ला, दिलीप चंद सहित बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों एवं समस्त तारामंडल वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि-
“बालाजी सरकार की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे। जय बालाजी सरकार”
🔸 ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर हुआ भव्य आयोजन।
🔸 श्री बालाजी मंदिर, तारामंडल में हुआ सुंदरकांड पाठ।
🔸 दिव्य भंडारे में लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
🔸 देर रात्रि तक भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा।
🔸 बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के पदाधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुआ कार्यक्रम।
🔸 स्थानीय श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के योगदान से आयोजन बना सफल।