Category: उत्तर प्रदेश

  • निष्पक्ष टुडे एक्सक्लूसिव: दूध में मिलावट का खेल कितना बड़ा? सरकारी आंकड़ों ने खोली तस्वीर!

    निष्पक्ष टुडे एक्सक्लूसिव: दूध में मिलावट का खेल कितना बड़ा? सरकारी आंकड़ों ने खोली तस्वीर!

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-


    यूपी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान—मिलावट मिली तो सिर्फ दूध नहीं, पूरी डेयरी पर कार्रवाई; स्टॉक जब्त, यूनिट बंद, लाइसेंस निलंबित और ब्रांड की बिक्री पर भी रोक

    लखनऊ। जिस दूध को हम बच्चों की सेहत, चाय और परिवार के पोषण से जोड़ते हैं…
    अगर उसी दूध में मिलावट हो जाए, तो मामला सिर्फ स्वाद और गुणवत्ता का नहीं रहता—मामला सीधे जनस्वास्थ्य का बन जाता है।

    इसी चिंता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और सख्त करने के निर्देश दिए हैं,लेकिन निष्पक्ष टुडे आज आपको सिर्फ सरकार का फैसला नहीं बताएगा… बल्कि सरकारी आंकड़ों के जरिए बताएगा कि खाद्य मिलावट के खिलाफ सरकारी तंत्र के सामने चुनौती कितनी बड़ी है।

    📊 EXCLUSIVE DATA: सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुए इतने मुकदमे

    उत्तर प्रदेश विधान परिषद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से दिए गए सरकारी जवाब के मुताबिक, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों के आधार पर कई जिलों में न्यायिक न्यायालयों में मुकदमे दर्ज किए गए।

    🔴 बस्ती — 72 मुकदमे
    2021-22 में 16,
    2022-23 में 18,
    2023-24 में 38।
    यानी तीन साल में 72 मुकदमे।

    🔴 बहराइच — 41 मुकदमे
    तीन वर्षों में कुल 41 मुकदमे दर्ज हुए।

    🔴 अयोध्या — 39 मुकदमे
    2021-22 में 8, 2022-23 में 17 और 2023-24 में 14—कुल 39 मुकदमे।

    🔴 संतकबीरनगर — 39 मुकदमे
    तीन वर्षों में कुल 39 मुकदमे न्यायिक न्यायालय में योजित किए गए।

    🔴 गोंडा — 28 मुकदमे
    तीन साल में कुल 28 मुकदमे दर्ज हुए।

    🔴 श्रावस्ती — 24 मुकदमे
    सरकारी रिकॉर्ड में तीन वर्षों के दौरान 24 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है।

    🔴 अमेठी — 21 मुकदमे
    तीन वित्तीय वर्षों में कुल 21 मुकदमे दर्ज हुए।

    🔴 अंबेडकरनगर — 20 मुकदमे
    सरकारी जवाब के अनुसार कुल 20 मुकदमे न्यायिक न्यायालय में योजित किए गए।

    🔴 देवरिया — 19 मुकदमे
    तीन साल में कुल 19 मुकदमे दर्ज हुए।

    यानी सिर्फ इन 9 जिलों में ही सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 308 मुकदमे असुरक्षित पाए गए खाद्य नमूनों के आधार पर दर्ज हुए।

    महत्वपूर्ण: ये 308 मामले केवल दूध या दुग्ध उत्पादों के नहीं हैं, बल्कि असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों से जुड़े हैं। इसलिए इन्हें “दूध में मिलावट के 308 मामले” कहना सही नहीं होगा।

    🧪 अब सवाल—दूध और पनीर में मिलावट कैसी हो रही है?

    FSDA के अनुसार कुछ दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों में रिफाइंड तेल एवं वसा, सोयाबीन और उसके उत्पादों के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं।

    जांच के दौरान टेल्कम पाउडर, डिटर्जेंट और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे पदार्थों के इस्तेमाल की पुष्टि के मामले भी सामने आए हैं।
    इसके अलावा लिक्विड ग्लूकोज, सेफोलाइट, रानीपॉल, टीनोपॉल और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे पदार्थों के इस्तेमाल के मामले भी विभाग ने बताए हैं।

    यानी मिलावट का खेल सिर्फ दूध में पानी मिलाने तक सीमित नहीं है।

    ⚠️ दूध को ‘मानक’ दिखाने की कोशिश भी जांच के घेरे में

    सरकारी निर्देशों के मुताबिक कुछ मामलों में दूध की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप दिखाने के लिए BR मान और RM वैल्यू को प्रभावित करने वाले पदार्थों के इस्तेमाल के मामले सामने आए।

    यही वजह है कि सरकार अब सिर्फ तैयार दूध या पनीर का नमूना लेने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि निर्माण इकाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पूरी उत्पादन प्रक्रिया को भी कार्रवाई के दायरे में ला रही है।

    🚨 सरकार का नया एक्शन प्लान क्या है?

    अगर किसी डेयरी या दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई में हानिकारक रसायन या विजातीय वसा पाई जाती है तो—

    🔴 मौजूद दुग्ध उत्पाद जब्त कर नष्ट कराए जा सकेंगे।

    🔴 मिलावटी उत्पाद बनाने वाली इकाई तत्काल बंद कराई जा सकेगी।

    🔴 प्रतिष्ठान का फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जा सकेगा।

    🔴 गंभीर मामलों में FIR दर्ज होगी।

    🔴 दोषियों पर BNS की सुसंगत धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।

    🔴 संबंधित ब्रांड के उत्पादों की पूरे उत्तर प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है।

    और अगर उत्तर प्रदेश के बाहर निर्मित किसी दुग्ध उत्पाद में भी हानिकारक रसायन या विजातीय वसा मिलती है, तो यूपी में उसकी बिक्री रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।

    🇮🇳 सरकार की भूमिका—सिर्फ कार्रवाई या लगातार निगरानी?

    यहां एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है।
    FSSAI के राष्ट्रीय Milk Product Survey-2020 में 2,801 दुग्ध उत्पाद नमूनों का विश्लेषण किया गया था। इनमें 509 नमूने यानी 18.2 प्रतिशत अधिक coliform count के कारण non-compliant पाए गए थे। उत्तर प्रदेश में इस आधार पर non-compliant नमूनों का अनुपात 5.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

    यह 2020 का राष्ट्रीय सर्वे है, इसलिए इसे 2026 की वर्तमान स्थिति का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

    FSSAI की वेबसाइट के मुताबिक देश में दूध की गुणवत्ता की निगरानी के लिए National Milk Quality Monitoring System भी संचालित किया जा रहा है।

    🎯 निष्पक्ष टुडे का विश्लेषण :-

    सरकारी आंकड़े एक बात साफ करते हैं—
    खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने चुनौती छोटी नहीं है।

    लेकिन अब असली परीक्षा सरकार के नए ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देशों की है।

    क्या सिर्फ नमूने लिए जाएंगे?
    या…
    मिलावटखोर की पूरी सप्लाई चेन तक कार्रवाई पहुंचेगी?

    क्या लाइसेंस निलंबित होने के बाद वही कारोबारी किसी दूसरे नाम से कारोबार शुरू कर पाएगा ?

    सबसे बड़ा सवाल—

    क्या मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई इतनी प्रभावी होगी कि आम आदमी को दूध, पनीर और खोया खरीदते समय अपनी सेहत को लेकर डरना न पड़े?

    सरकार ने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
    अब निगाहें जमीनी कार्रवाई, जब्ती, लाइसेंस निलंबन, FIR और न्यायिक कार्रवाई के वास्तविक परिणामों पर रहेंगी।

    निष्पक्ष टुडे एक्सक्लूसिव में हम सरकारी आंकड़ों के साथ इस पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए रखेंगे।
    निष्पक्ष टुडे — आंकड़ों के साथ खबर, सवालों के साथ पड़ताल।

  • सुप्रभा गर्ल्स इण्टर कॉलेज में देशभक्ति नाट्य मंचन ने मोहा मन

    सुप्रभा गर्ल्स इण्टर कॉलेज में देशभक्ति नाट्य मंचन ने मोहा मन

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-


    रंगारंग प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने बांधा समां, प्रेम-शांति और सेवा का दिया संदेश

    गोरखपुर। सुप्रभा गर्ल्स इण्टर कॉलेज, शिवपुर, सहबाजगंज, गोरखपुर में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

    🇮🇳 देशभक्ति नाट्य मंचन बना आकर्षण का केंद्र

    समारोह में विद्यार्थियों द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर आधारित देशभक्ति नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

    🎭 प्रस्तुतियों के जरिए दिया सामाजिक संदेश

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रेम, शांति, करुणा और सेवा का संदेश दिया। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जगाया।

    ⭐ मुख्य अतिथि ने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी की दी सलाह

    समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक रेलवे, गोरखपुर श्री लक्ष्मी निवास मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल एवं सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने तथा पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और मेहनत के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।


    🎓 शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : गजेन्द्र त्रिपाठी

    विशिष्ट अतिथि श्री गजेन्द्र त्रिपाठी, ब्यूरो प्रमुख, आज तक ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि के क्षेत्र को पहचानकर उसमें बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करें।

    🌟 विद्यालय परिवार ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

    विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन मिश्रा एवं प्रबंध निदेशक श्री अशोक कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की।

    📌 समारोह का हुआ गरिमापूर्ण समापन

    कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन मिश्रा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।

    मुख्य आकर्षण:


    🇮🇳 देशभक्ति पर आधारित प्रभावशाली नाट्य मंचन
    🎭 रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
    ❤️ प्रेम, शांति, करुणा और सेवा का संदेश
    📚 विद्यार्थियों को पढ़ाई एवं संस्कारों के लिए प्रेरित किया गया
    🇮🇳 राष्ट्रीय गीत के साथ समारोह का समापन

  • बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मालवीय नगर में शहीद मेजर सुरेंद्र राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

    बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मालवीय नगर में शहीद मेजर सुरेंद्र राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

    गोरखपुर, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी के निर्देशन में मालवीय नगर वार्ड नंबर 4 में शहीदों के सम्मान हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद मेजर सुरेंद्र राय के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और शहीद को सलाम किया।

    मालूम हुआ कि मेजर सुरेंद्र राय सीआरपीएफ के जवान थे और 6 अप्रैल 2010 को छत्तीसगढ़ में नक्सली मुठभेड़ में 76 जवान शहीद हुए थे। उनका परिवार मालवीय नगर वार्ड नंबर 4 में ही निवास करता है। कार्यक्रम के दौरान पार्षद राजा यादव शहीद की पत्नी इंद्रावती देवी के निवास पहुंचे और उन्हें फूलमाला पहनाकर, डायरी तथा तिरंगा भेंट कर सम्मानित किया।

    पार्षद राजा यादव ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद करना और उनका सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।” उन्होंने स्थानीय नागरिकों व कार्यकर्ताओं से शहीद परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहने का आह्वान भी किया।

    कार्यक्रम में वार्ड नंबर 4 के भाजपा नेता अभिषेक शर्मा, सुमित कुमार, डी० के० पाण्डे, मोनू शुक्ला, दिनेश सिंह, विनय सिंह, उमेश मिश्रा, विजेंद्र प्रताप सिंह, साधु यादव, अमर राय तथा कई अन्य सम्मानित अतिथि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे । उपस्थित लोगों ने शहीद परिवार को सहयोग का भरोसा दिलाया और उनके बलिदान को नमन किया।

  • गोरखपुर में शोक की लहर: पं. राम समुझ शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    गोरखपुर में शोक की लहर: पं. राम समुझ शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :–


    सादगी और सामाजिक सरोकारों के लिए याद किए जाएंगे स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल, शोक की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हुए अनेक गणमान्य

    गोरखपुर।कुछ लोगों की पहचान उनके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, संस्कार और लोगों से बने रिश्तों से होती है।

    स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े लोगों और शुभचिंतकों के बीच भी गहरा दुःख है।

     

    04 अगस्त 2026, मंगलवार को पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन का समाचार जैसे ही लोगों तक पहुंचा, उनके परिचितों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

    🕯️ नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई :-

    दिवंगत पं. राम समुझ शुक्ल जी को अंतिम विदाई देने के लिए परिवारजनों के साथ बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक पहुंचे।

    गमगीन माहौल के बीच लोगों ने उन्हें अंतिम नमन किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    उनकी तस्वीर के सामने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हर किसी के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ नजर आया।

    🤝 सियासत से समाज तक—हर वर्ग ने जताया दुःख

    पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने परिवार के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    पूर्व विधायक राजन तिवारी, विधायक राजू तिवारी, पूर्व सांसद कुशल शंकर तिवारी उर्फ भीष्म शंकर तिवारी, तेलंगाना के महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल, पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, गोरखनाथ मंदिर से द्वारिका तिवारी, श्रींजयन मिश्रा, संजयन त्रिपाठी जी, माया शंकर शुक्ल पहलवान और पत्रकार अनुराग त्रिपाठी सहित अनेक लोगों ने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की ।

    इन सभी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    🌺 तस्वीर के सामने श्रद्धा, आंखों में नम थीं यादें :-

    श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी की तस्वीर को फूलों से सजाया गया।परिवार और शुभचिंतकों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।

    यह दृश्य केवल एक व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि उनसे जुड़े रिश्तों और वर्षों की यादों को सम्मान देने का अवसर भी बन गया।

    🕉️ गीता का संदेश—शरीर नश्वर, आत्मा अमर
    ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश हर किसी को जीवन के सत्य का एहसास कराता है—

    “नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः।”

    अर्थात आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं और न अग्नि जला सकती है।
    इसी विश्वास के साथ परिजन अपने प्रियजन को याद करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहे हैं

    🌼 15 अगस्त को होगा ब्रह्मभोज :-

    परिवार द्वारा दिवंगत आत्मा की स्मृति में 15 अगस्त 2026, शनिवार को शाम 7 बजे ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा।
    स्थान — 507, हुमायूंपुर उत्तरी, गोरखनाथ, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

    परिवार ने रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया है।



    🕊️ एक व्यक्ति विदा हुआ, लेकिन यादें हमेशा रहेंगी :-

    पं. राम समुझ शुक्ल जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़े रिश्ते, उनकी यादें और उनके जीवन के संस्कार परिवार और शुभचिंतकों के बीच हमेशा जीवित रहेंगे।

    निष्पक्ष टुडे परिवार की ओर से स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

    ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
    ॐ शांति। 🕉️

  • गोरखपुर में तिरंगे का सैलाब! CM योगी की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा

    गोरखपुर में तिरंगे का सैलाब! CM योगी की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    ढाई किलोमीटर तक गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश… हाथों में तिरंगा लेकर हजारों लोग बने यात्रा का हिस्सा


    गोरखपुर | 10 अगस्त।
    गोरखपुर की सड़कों पर सोमवार को देशभक्ति का जबरदस्त जनसैलाब देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों लोग हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर कदम से कदम मिलाते नजर आए।

    नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब 2.5 किलोमीटर की इस यात्रा ने पूरे महानगर को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

    🔥 शुरुआत शौर्य को नमन से… फिर निकला तिरंगे का कारवां

    यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया।
    स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना को नमन के बाद जब मुख्यमंत्री हाथ में तिरंगा लेकर आगे बढ़े, तो उनके साथ हजारों कदम देशभक्ति के इस कारवां में जुड़ते चले गए।

    🇮🇳 CM योगी बोले—“तिरंगा सिर्फ झंडा नहीं, बलिदानों की अमिट गाथा है”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तिरंगा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमिट गाथा है।
    उन्होंने तिरंगे को भारत की “आन, बान और शान” का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके पीछे देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत वीरों का इतिहास जुड़ा है।

    ⚔️ मंगल पांडेय से चौरीचौरा और काकोरी तक… याद आया बलिदान का इतिहास

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के कई महत्वपूर्ण अध्यायों को याद किया।
    मंगल पांडेय, बंधु सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आजादी के संघर्ष की गाथा सामने रखी।

    इसके साथ ही 1922 की चौरीचौरा घटना और 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन का भी जिक्र किया।

    मुख्यमंत्री ने राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और चंद्रशेखर आजाद समेत क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया।

    🏠 “हर घर तिरंगा”—अब घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रध्वज

    तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
    उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा में हाथ में मौजूद तिरंगे को अपने घर पर लगाएं और उसके साथ सेल्फी लेकर अपलोड करें।

    🚩 इस साल UP में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।
    सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी, व्यावसायिक और व्यापारिक संस्थानों के भवनों पर भी राष्ट्रध्वज फहराने की बात कही गई।


    ⚖️ राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार पर भी बोले CM योगी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नागरिकों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार के लिए न्यायालयों का सहारा लेना पड़ता था।

    उन्होंने कहा कि 2022 में नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन के बाद नागरिकों के लिए घर पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रध्वज फहराने का रास्ता आसान हुआ।

    🇮🇳 राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और तिरंगे के सम्मान की अपील

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देश के गौरव के प्रतीक हैं।

    उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने की अपील की और कहा कि राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत के अपमान को संज्ञेय अपराध बनाया गया है।

    👥 तिरंगा यात्रा में कई प्रमुख चेहरे रहे मौजूद

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, सरवन निषाद और प्रदीप शुक्ल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

    🇮🇳 : तिरंगे के साथ गूंजा “राष्ट्र प्रथम” का संदेश

    गोरखपुर की सड़कों पर निकली इस तिरंगा यात्रा में हाथों में राष्ट्रध्वज और दिल में देशभक्ति का भाव नजर आया।
    करीब ढाई किलोमीटर तक चला यह कारवां सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश देने का माध्यम बना।
    निष्पक्ष टुडे की नजर में सवाल यही—क्या इस बार 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य पूरा होगा? 🇮🇳

  • नाले से नदी तक: प्रकृति के साथ मिलकर बनाएं स्वस्थ और सुंदर शहर

    नाले से नदी तक: प्रकृति के साथ मिलकर बनाएं स्वस्थ और सुंदर शहर

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सीवेज उपचार अब सिर्फ इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी विकास की नई सोच

    डॉ. राकेश कुमार भट्ट

    🏙️ क्या सिर्फ ऊंची इमारतों से शहर स्मार्ट बनता है?

    किसी शहर की पहचान सिर्फ चौड़ी सड़कों, ऊंची इमारतों और चमकते बाजारों से नहीं होती। स्वच्छ हवा, निर्मल जलस्रोत, हरित क्षेत्र और स्वस्थ नागरिक किसी शहर की असली पहचान हैं।

    तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच बड़ा सवाल यह है कि अगर शहर के नाले प्रदूषित हों, तालाब सीवेज से भर रहे हों और नदियां गंदे पानी का भार उठा रही हों, तो क्या ऐसे विकास को वास्तव में टिकाऊ कहा जा सकता है?


    🚨 बढ़ता सीवेज, बढ़ता पर्यावरणीय संकट

    शहरों के विस्तार के साथ सीवेज की मात्रा लगातार बढ़ रही है, लेकिन कई जगहों पर सीवर नेटवर्क और उपचार व्यवस्था आबादी की जरूरत के अनुरूप विकसित नहीं हो सकी है।

    प्रमुख चुनौती:

    • अधूरा या पुराना सीवर नेटवर्क
    • नालों का सीधे जलस्रोतों में पहुंचना
    • तालाब और झीलों का प्रदूषण
    • नदियों पर बढ़ता सीवेज का दबाव
    • भूजल और जैव-विविधता पर असर

    इसका असर केवल पानी की गुणवत्ता पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पूरे शहरी पर्यावरण पर पड़ता है।


    💧 सीवेज नहीं, उपचार के बाद बन सकता है संसाधन

    सबसे बड़ी जरूरत सोच बदलने की है।

    सीवेज को केवल ‘अपशिष्ट’ मानने के बजाय उपचार के बाद एक उपयोगी जल संसाधन के रूप में देखा जा सकता है।

    उपचारित पानी का इस्तेमाल उपयुक्त मानकों और परिस्थितियों में—

    बागवानी • शहरी वानिकी • फ्लशिंग • औद्योगिक गैर-पेय उपयोग

    जैसे कार्यों में किया जा सकता है।


    🌿 Nature-Based Solutions: प्रकृति बनेगी समाधान का हिस्सा

    सीवेज उपचार में Nature-Based Solutions एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में सामने आ रहे हैं।

    Constructed Wetlands और Integrated Wetland Technology जैसी प्रणालियां पौधों, सूक्ष्मजीवों, प्राकृतिक फिल्ट्रेशन और जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग करके अपशिष्ट जल की गुणवत्ता सुधार सकती हैं।

    खास बात यह है कि सही डिजाइन के साथ ये प्रणालियां केवल पानी का उपचार नहीं करतीं, बल्कि—

    हरित क्षेत्र + जैव-विविधता + पर्यावरणीय परिसंपत्ति

    भी विकसित कर सकती हैं।


    ⚙️ सिर्फ बड़े STP से नहीं बदलेगी तस्वीर

    क्या करोड़ों रुपये खर्च करके STP बना देना ही समाधान है?

    जरूरी नहीं।

    अगर शहर के कई नाले STP तक पहुंच ही नहीं रहे हैं, तो संयंत्र की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाएगा।

    इसीलिए Decentralized Wastewater Treatment और Nala Treatment जैसी रणनीतियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    👉 प्रदूषण को नदी तक पहुंचने के बाद नियंत्रित करने से बेहतर है कि उसे स्रोत के पास ही रोक दिया जाए।


    🌊 तालाब-झीलों का सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, संरक्षण जरूरी

    तालाब और झीलों पर पाथवे, लाइटिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनमें अनुपचारित सीवेज न पहुंचे।

    अब जरूरत ‘Beautification’ से आगे बढ़कर ‘Ecological Restoration’ की है।

    यानी—

    पहले प्रदूषण रोकें → फिर जल निकाय की पारिस्थितिकी बहाल करें।


    🏥 सीवेज प्रबंधन सीधे जुड़ा है स्वास्थ्य से

    खुले नाले, दूषित पानी और जलभराव केवल पर्यावरण की समस्या नहीं हैं। ये जलजनित और वेक्टर-जनित स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकते हैं।

    इसलिए सीवेज प्रबंधन को केवल नगर निकाय के इंजीनियरिंग विभाग तक सीमित रखने के बजाय—

    Public Health + Environment + Urban Planning + Water Security

    के साझा एजेंडे के रूप में देखना होगा।


    🌧️ जलवायु परिवर्तन ने चुनौती और बढ़ाई

    एक तरफ शहर जल संकट से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ अत्यधिक बारिश और शहरी जलभराव की घटनाएं चुनौती बढ़ा रही हैं।

    ऐसे में—

    • उपचारित पानी का पुन: उपयोग
    • तालाबों और झीलों का संरक्षण
    • प्राकृतिक जल-निकासी तंत्र की बहाली
    • हरित अधोसंरचना का विकास

    शहरों को अधिक Water-Secure और Climate-Resilient बना सकता है।


    🏗️ हर शहर को चाहिए Integrated Urban Wastewater Management Plan

    भविष्य की शहरी योजना में एक ऐसा एकीकृत ढांचा जरूरी है, जिसमें शामिल हों—

    केंद्रीकृत STP + विकेंद्रीकृत उपचार + नाला प्रबंधन + जल निकाय संरक्षण + उपचारित पानी का पुन: उपयोग + नियमित जल गुणवत्ता निगरानी।

    इसके साथ नगर निकायों की तकनीकी क्षमता और उपचार संयंत्रों के Operation & Maintenance को भी मजबूत करना होगा।


    🌱 एक तकनीक नहीं, सही जगह सही समाधान

    Nature-Based Solutions हर परिस्थिति में पारंपरिक STP का विकल्प नहीं हैं।

    लेकिन सही परिस्थितियों में ये पारंपरिक प्रणालियों की प्रभावी पूरक बन सकती हैं।

    मुद्दा किसी एक तकनीक को श्रेष्ठ साबित करना नहीं, बल्कि स्थान, प्रदूषण और स्थानीय जरूरत के अनुसार सही समाधान चुनना है।


    🇮🇳 अब Smart Cities से आगे बढ़ने का समय

    भारत को अब केवल Smart Cities नहीं, बल्कि—

    Healthy • Green • Water-Secure • Nature-Positive Cities

    की जरूरत है।

    नदी, तालाब, झील, नाला और आर्द्रभूमि शहर की खाली जमीन नहीं, बल्कि उसकी प्राकृतिक पूंजी हैं।

    🔴 निष्कर्ष

    किसी शहर की असली सुंदरता उसकी इमारतों की ऊंचाई में नहीं, बल्कि उसके जलस्रोतों की स्वच्छता, पर्यावरण की सेहत और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिखाई देती है।

    अब समय है कि—

    नाले को समस्या नहीं, समाधान की शुरुआत माना जाए।
    सीवेज को अपशिष्ट नहीं, उपचार के बाद संसाधन बनाया जाए।
    और जल निकायों को केवल सौंदर्यीकरण की वस्तु नहीं, जीवित पारिस्थितिकी तंत्र समझा जाए।

    यही सोच भविष्य के स्वस्थ, सुंदर और टिकाऊ शहरों की नींव बन सकती है।

  • CM सिटी में आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंच से ही भड़क उठीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल?

    CM सिटी में आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंच से ही भड़क उठीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल?

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-


    गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने खुलकर गिनाईं कमियां। बिजली, पानी, पंखे, गंदगी और नशे तक का किया जिक्र।

    अब बड़ा सवाल—क्या सीएम सिटी में सब कुछ ठीक है?

     गोरखपुर | क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में सब कुछ ठीक नहीं है?

    आखिर ऐसा क्या हुआ कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को हजारों लोगों के सामने मंच से ही कहना पड़ा—

    “जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बताना ही पड़ेगा। यह गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री हैं। यहां भी ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?“

    यह एक ऐसा बयान था जिसने पूरे समारोह का माहौल बदल दिया।

    ⚡ आखिर किन कमियों का किया जिक्र?

    🔹 क्या कार्यक्रम स्थल पर बिजली की व्यवस्था ठीक नहीं थी?

    🔹 क्या पानी की उपलब्धता पर सवाल उठे?

    🔹 क्या पंखों की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी

    🔹 क्या साफ-सफाई की स्थिति ने राज्यपाल को नाराज़ किया?

    🔹 और आखिर उन्होंने ड्रग्स और शराब जैसी गंभीर समस्या का जिक्र क्यों किया?

     अब उठ रहे हैं बड़े सवाल ?

    ❓ क्या सीएम सिटी की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग है?

    ❓ क्या राज्यपाल के बयान के बाद प्रशासन तुरंत एक्शन लेगा?

    ❓ या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा?

    🔥 क्यों है यह बयान इतना अहम

    ✅ गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है।

    ✅ ऐसे में राज्यपाल का मंच से व्यवस्थाओं पर सवाल उठाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ✅ अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

    💬 आपका क्या मानना है?

    क्या राज्यपाल की नाराज़गी के बाद गोरखपुर की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, या फिर यह सिर्फ एक बयान बनकर रह जाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

  • ब्रेकिंग न्यूज़ सिद्धार्थनगर में नकली शराब के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़!

    ब्रेकिंग न्यूज़ सिद्धार्थनगर में नकली शराब के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़!

    अनुराग त्रिपाठी/ब्यूरो /सिद्धार्थनगर

    32,472 नकली ढक्कन, 12,740 बारकोड और मिश्रित अंग्रेजी शराब बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार


    बांसी / सिद्धार्थनगर | 06 अगस्त 2026
    सिद्धार्थनगर पुलिस ने नकली अंग्रेजी शराब के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बाँसी पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 नकली बारकोड, 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अवैध चाकू और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

    नेपाल सीमा तक फैला था नेटवर्क!

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ट्रांसपोर्ट के जरिए नकली ढक्कन और बारकोड मंगवाकर सिद्धार्थनगर, आसपास के जनपदों और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में सप्लाई करता था। खाली शराब की बोतलों में शराब भरकर नकली सील लगाई जाती थी और फिर उन्हें असली ब्रांड बताकर बाजार में बेचा जाता था।

    किराए के मकान से मिला नकली शराब का जखीरा

    मुख्य आरोपी बलराम जायसवाल की निशानदेही पर कोइलहवा स्थित किराए के मकान पर छापा मारकर नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।

    पुलिस ने संबंधित दुकान से 16 बोतल संदिग्ध मिश्रित अंग्रेजी शराब भी जब्त की है।

    दुकान सील, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू
    पुलिस ने बीएनएस और आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    आबकारी विभाग ने संबंधित दुकान को सील कर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

    SSP ने टीम को दिया ₹20 हजार का इनाम

    इस बड़ी कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त टीम को ₹20,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

    पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से संभावित जहरीली शराब की सप्लाई पर बड़ी रोक लगी है और लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित क्षति को भी रोका गया है।

    ब्रेकिंग हाइलाइट्स :-

    🚨 नकली शराब के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

    🚔 2 आरोपी गिरफ्तार

    🍾 32,472 नकली ढक्कन और 12,740 बारकोड बरामद

    📍 नेपाल सीमा तक फैले नेटवर्क का खुलास

    🔒 दुकान सील, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू

    💰 SSP ने संयुक्त टीम को ₹20,000 का पुरस्कार दिया।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात (more…)

  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ के द्वारा पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न थानों व कस्बों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को एसएसपी ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, आपसी रंजिश, आपराधिक शिकायतों तथा थाना स्तर पर लंबित मामलों से जुड़ी कई अर्जियां प्राप्त हुईं। SSP ने मौके पर ही संबंधित क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को दूरभाष एवं पत्राचार के माध्यम से मामलों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक पीड़ित को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करने और उनकी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने की हिदायत भी मातहतों को दी गई।