Category: पर्यावरण

  • एक वृक्ष मां के नाम, महा वृक्षारोपण अभियान के तहत सज्जादानशीन सैय्यद अयान अली शाह ने इमामबाड़ा स्टेट में किया पौधारोपण

    एक वृक्ष मां के नाम, महा वृक्षारोपण अभियान के तहत सज्जादानशीन सैय्यद अयान अली शाह ने इमामबाड़ा स्टेट में किया पौधारोपण

    गोरखपुर । पर्यावरण को बेहतर बनाने की दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में 37 करोड़ महा वृक्षारोपण अभियान के तहत वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर मंडल में एक करोड़ 68 लाख 8000 हजार वृक्ष लगाने है।

    आज इमामबाड़ा स्टेट के गद्दीनशीन सैय्यद अदनान फर्रुख अली शाह के साहबजादे सैयद अयान अली शाह व वार्ड नंबर 62 के पार्षद समद गुफरान, सैयद शहाब इमामबाड़ा इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल आमना खातून ने इमामबाड़ा स्टेट में एक वृक्ष मां के नाम पौधारोपण किया गया और आम जनमानस से अपील की गई कि वह एक पेड़ अपने मां के नाम से लगाया और पर्यावरण को बेहतर बनाएं।

    सैय्यद अयान अली शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक वृक्ष मां के नाम लगाने का आह्वान हुआ है इसी के तहत आज इमामबाड़ा स्टेट में वृक्षारोपण किया गया है पर्यावरण की दृष्टि से पेड़ हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है इससे हमें ऑक्सीजन मिलता है।

    पार्षद समद गुफरान ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर आज प्रदेश भर में महा वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है उसी क्रम में सभी पार्षदों को भी अपने क्षेत्र में वृक्षारोपण करने का निर्देश प्राप्त हुआ है हम लोग वृक्ष लगाने के साथ ही एक शपथ पत्र भी लोगों से भरवा रहे हैं कि वह वृक्षों की सुरक्षा और रक्षा भी करेंगे।

    इस अवसर पर आयशा हक, शहनाज हसन, अफरोज, नगर निगम के सुपरवाइजर विनोद मिश्रा भी मौजूद रहे।

  • मां और पौधे दोनों हैं जीवनदायिनी : राजेश त्रिपाठी

    मां और पौधे दोनों हैं जीवनदायिनी : राजेश त्रिपाठी

    ब्यूरों प्रभारी —- विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज शुद्ध वायु और शुद्ध जल आने वाली पीढियों का अधिकार है।ये तभी संभव है, जब हम पर्यावरण का संरक्षण करेंगे और अधिक से अधिक पौधारोपण करेंगे।बिना इनके जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

    उक्त बातें चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी बुद्धवार को ग्राम पंचायत रजहटा के लक्ष्मीपुर में जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आम का पौधा लगाया ।
    विधायक ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने अपील किया है कि पेड़ अवश्य लगाएं। यह पेड़ जब तक रहेगा तब तक मां का नाम रहेगा। आने वाले समय में यही पेड़ पर्यावरण के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।

    इस दौरान वृक्षारोपण अभियान में खण्ड विकास अधिकारी गोला दिवाकर सिंह , शिक्षक नेता रणविजय सिंह, श्रीराम यादव, आनंद यादव, नन्हे दूबे, प्रधान दीना यादव, कन्हैया लाल दूबे, रामप्रकाश मिश्र, जनार्दन दूबे, राम सुधाकर दूबे, रामशकल यादव सहित तमाम लोग मौजूद थे।

  • वृहद वृक्षारोपण महा अभियान के अंतर्गत एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी लगाया एक वृक्ष मां के नाम

    वृहद वृक्षारोपण महा अभियान के अंतर्गत एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी लगाया एक वृक्ष मां के नाम

    वृहद वृक्षारोपण महा अभियान 2025 के अंतर्गत आज दिनांक 9 जुलाई 2025 को तिलकोनिया रेंज के अंतर्गत माननीय एम एल सी श्री देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा एक पेड़ मां के नाम का पौधरोपण किया गया, इस अवसर पर श्री सुहास एल वाई सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग / नोडल अधिकारी गोरखपुर, डॉ हरेंद्र सिंह उप प्रभागीय वन अधिकारी गोरखपुर, अखिलेश कुमार तिवारी क्षेत्रीय वन अधिकारी, अजीत प्रताप सिंह उप क्षेत्रीय वन अधिकारी , विजय शुक्ला वन दरोगा, श्री सूर्य वंश प्रसाद प्रभारी RPSF. एवं वन विभाग व RPSF के कर्मचारी गण के साथ-साथ तिलकोनिया स्टाफ व स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

  • एक पेड़ मां के नाम पखवाड़ा के तहत पौधारोपड़ – एमएलसी धर्मेंद्र सिंह

    एक पेड़ मां के नाम पखवाड़ा के तहत पौधारोपड़ – एमएलसी धर्मेंद्र सिंह

    “एमएलसी धर्मेंद्र सिंह व विकासखंड अधिकारी रमेश शुक्ला ने एक दर्जन लगाए पौधे पेड़-पौधे हैं तो जीवन है, इन्हें सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी है-रमेश शुक्ला”

    ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।

    खजनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा खुटहना में 9 जुलाई 2025 को पौधारोपण पखवाड़ा के तहत एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) धर्मेंद्र कुमार सिंह का ग्राम सभा के सम्मानित जनता और क्षेत्रीय नेताओं द्वारा फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया।
    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एडवोकेट रुद्रप्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में खुटहना गांव की धरती पर सामूहिक पौधारोपण किया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।एमएलसी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम के पावन पवित्र धरती से पौधा रोपण पखवाड़ा प्रारंभ किया गया उत्तर प्रदेश में 37 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी धरती जितनी हरी-भरी होगी, उतना ही हमें शुद्ध हवा और स्वस्थ वातावरण मिलेगा। यह पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य उपहार है।” उन्होंने खजनी क्षेत्र के लोगों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और हर गांव में इस अभियान को गति देने का आह्वान किया।
    रमेश शुक्ला विकास खंड अधिकारी -खजनी ने कहा एक पेड़ मां के नाम अपने जन्मदिन पर या किसी पर्व पर हर इंसान अगर एक-एक पेड़ लगता है तो एक दिन ऐसा आएगा गांव जिला प्रदेश हरा भरा हो जाएगा पेड़-पौधों के अस्तित्व से ही हमारे जीवन का अस्तित्व है। पेड़-पौधों के बिना प्राणी मात्र के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। यही हम सबके जीवन का आधार है।
    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एडवोकेट अनूप प्रताप सिंह ने बताया समय माता का स्थान है जो एक वीराना था लगभग लगभग एक एकड़ है जहां पर आने वाले समय पर यहां पर अच्छी योजना के तहत काम किया जाएगा।
    यह आयोजन न केवल खुटहना गांव बल्कि पूरे खजनी क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक रहा। ग्रामवासियों ने इस अभियान को निरंतर जारी रखने का वादा किया, ताकि क्षेत्र में हरियाली बढ़े और स्वच्छ वातावरण का निर्माण हो। यह प्रयास निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।,
    पौधारोपण में ग्राम सभा की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से पौधा लगाया जिससे सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत हुआ। कार्यक्रम में खजनी ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी रमेश शुक्ला और सचिव इंद्रसेन सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को और मजबूती प्रदान की।कार्यक्रम में खजनी मंडल अध्यक्ष अवध बिहारी मिश्रा ,हियुवा संयोजक राम पाल सिंह, मोनू सिंह, मंगलम भारतीया, इंद्र कुमार निगम, शिव कुमार शाह, अभिषेक यादव, जगदंबा शुक्ला, जगरनाथ चौबे, विजय तिवारी, योगेश वर्मा, विजय तिवारी,अनूप मिश्रा, शिवांशु बहादुर सिंह, शेषनाथ यादव, राज कुमार जायसवाल सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

  • पर्यावरण को बचाना है तोवृक्षारोपण है सबसे जरूरी, स्वच्छता का भी रखें ध्यान

    पर्यावरण को बचाना है तोवृक्षारोपण है सबसे जरूरी, स्वच्छता का भी रखें ध्यान

    वृक्षारोपण पर्यावरण को बचाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए : रमेश शुक्ला, विकासखंड अधिकारी।

    ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।

    खजनी तहसील के अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर के गौशाला के प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया पेड़ लगाएं और पेड़ बचाएं इसमें ही है हम सबकी समझदारी है।मानव जीवन है खतरे में पर्यावरण सुरक्षा की लें जिम्मेदारी, संतोष कुमार पांडे क्षेत्रीय वन अधिकारी ने कहा-दुनियाभर के तमाम देश पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। मानव और प्रकृति का गहरा नाता है। जहां प्रकृति है, वहां जीवन है और जब इसी प्रकृति को क्षति पहुंचती है तो जीवन पर भी असर पड़ता है। प्रकृति मानव के स्वस्थ जीवन के लिए बहुत कुछ देती है। बदले में मानव पर्यावरण दूषित करता है और प्रकृति का दोहन करता है। जिससे समय के साथ पर्यावरण व प्रकृति नष्ट होती जा रही है। कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं का कारण भी पर्यावरण बन सकता है।

    रमेश शुक्ला-विकासखंड अधिकारी ने कहा पर्यावरण की जिम्मेदारी हम सबकी है इसे संरक्षित रखने के लिए 5 जून को हर साल पर्यावरण दिवस मनाते हैं। जीवनदायिनी धरती को रहने योग्य बनाने के लिए पेड़ पौधों के जीवन को बचाने और पर्यावरण प्रदूषण के कारकों को कम किया जा सकता है। इस कार्य के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें।

    ऐसे में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सभी लोगों ने वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्ष लगाए और रोजाना पानी देना और बचाव के लिए संकल्प लिए।
    वृक्षारोपण कार्यक्रम खजनी विधायक श्री राम चौहान, ब्लॉक प्रमुख अंशु सिंह, खण्ड विकास अधिकारी रमेश शुक्ला,रेंजर संतोष कुमार पांडेय,कमलेश शाह, राजकरण वन दरोगा, सत्य प्रकाश चौरसिया डिप्टी रेंजर, रितु कसौधन,श्रेष्ठ श्रीवास्तव वनरक्षक,अन्य अधिकारी खजनी एवं समस्त स्टाफ के निर्देशन में मनाया गया।

  • मुख्यमंत्री के साथ वृक्षारोपण, बेबीनार में नगर पंचायत बड़हलगंज हुए शामिल

    मुख्यमंत्री के साथ वृक्षारोपण, बेबीनार में नगर पंचायत बड़हलगंज हुए शामिल

    “एसटी/एससी आयोग के उपाध्यक्ष, दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री बेचनराम भी रहे मौजूद”

    ब्यूरो प्रभारी — विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प “मां के नाम वृक्षारोपण” अभियान के तहत प्रदेश भर में वृक्ष लगाए जाने के लिये जनसामान्य को प्रोत्साहित करने के जिलापंचायत अध्यक्ष, सदस्य, चेयरमैन, मेयर आदि जनप्रतिनिधियों के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बेबीनार में नगर पंचायत बड़हलगंज ने अपनी सहभागिता निभाते हुए वृहद पौधरोपण के लिए संयोजना तैयार किया।

    रविवार को नगर पंचायत बड़हलगंज के श्री विश्वनाथ उमर सभागार में एसटी/एससी आयोग के उपाध्यक्ष, दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री बेचनराम के नेतृत्व में चेयरमैन प्रीति उमर, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, अधिशासी अधिकारी राम समुख सहित सभासदों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण प्रोत्साहन और नदियों की स्वच्छता के साथ अमृत सरोवर के लिए आयोजित मुख्यमंत्री के साथ बेबीनार में हिस्सा लिया।

    इस दौरान नगर पंचायत द्वारा बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाए जाने और उनके संरक्षण की योजना बनाने के साथ सामाजिक संस्थाओं और व्यक्तियों को भी इस अभियान से जोड़ कर “मां के नाम वृक्षारोपण” करने को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया।

    इसके पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री श्री बेचन राम में नगर पंचायत कार्यालय में प्रतिनिधि महेश उमर ने माल्यार्पण करने के बाद भगवान श्रीराम का तैलचित्र भेट कर स्वागत किया।

    इस अवसर सभासद राजीव मिश्रा, दीपक गौड़, दीपक शर्मा, सूरज सोनकर, रवि साहनी, सभासद प्रतिनिधि रामदास मद्धेशिया, ऋषि चंद, संजय सोनकर, लिपिक सुनील कुमार, नगर पंचायत रविन्द्र चौधरी, विपुल साहनी, नेयाज अहमद, विकास गौड़, हिमांशु गौड़, भाजपा नेता अरविंद सिंह, संजय मौर्य आदि मौजूद थे।

  • 22 अप्रैल की रात्रि में दिखेंगे शानदार टूटते हुए तारे

    22 अप्रैल की रात्रि में दिखेंगे शानदार टूटते हुए तारे

    अगर आप अंतरिक्ष में थोड़ी सी भी रुचि रखते हैं तो यह ख़बर वास्तव में आपके लिए ही है, जी हाँ ,हम बात कर रहे हैं अंतरिक्ष में घटित होने वाले रोमांचक नज़ारों में से एक की, जो कि 22 अप्रैल की रात्रि में घटित होने वाला है।

    अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले अंतरिक्ष प्रेमियों को एक बार फिर होगा रोमांच का अनुभव। हम बात कर रहे हैं 22 अप्रैल की रात्रि में होने वाली शानदार उल्का वृष्टि/ टूटते हुए तारों की।

    क्या है उल्का वृष्टि/टूटते हुए तारे ?

    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ( तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि, सौर मंडल के ग्रहों के बीच के अंतरिक्ष में पत्थर और लोहे के अनगिनत छोटे छोटे कंकड़ या कण मौजूद हैं, ऐसा कोई कण जब पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण में आने पर तीव्र वेग से पृथ्वी के वायुमंडलीय घर्षण के कारण रात्रि के आकाश में क्षण भर के लिए चमक उठता है, इसी को उल्का या टूटता तारा कहा जाता है,
    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उल्का वृष्टि का संबंध किसी न किसी धूमकेतुओं से ही होता है, धूमकेतु जोकि धूलिकड़ों और बर्फ से बनी गैसों के पिण्ड होते हैं ये लंबी दीर्घब्रत्ताकार कक्षाओं में सूर्य की परिक्रमा करते हैं, इनसे निकले हुए कण इनकी कक्षाओं में चक्कर लगाते रहते हैं, जब पृथ्वी वार्षिक ग़मन के दौरान किसी धूमकेतु के यात्रापथ से गुजरती है, तब धूमकेतु के बे कण पृथ्वी के वायुमंडल में घर्षण के कारण जलने लगते हैं और उल्काओं के रूप में चमकते हुए दिखाई देते हैं, तभी रात्रि के दौरान आकाश में हमें उल्का वृष्टि का आकर्षक नज़ारा दिखाई देता है, इसी को खगोल विज्ञान की भाषा में मेटियर शॉवर या उल्का वृष्टि या केतु वृष्टि कहा जाता है, लेकिन आम जन मानस की भाषा में तो इसे ही टूटते हुए तारे कहा जाता है।

    क्या होती है लिरिड मीटीयर शॉवर/ कैसे देखें इसे

    लिरिड उल्का बौछार एक खगोलीय घटना है, जो हर साल अप्रैल के अंत में होती है, यह उल्का वर्षा पृथ्वी के वायुमंडल में धूमकेतु थैचर ( C/1861G1) के मलबे के कणों के द्वारा होती है, थैचर धूमकेतु 415 वर्षों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है, और यह धूमकेतु दुबारा वर्ष 2276 में फ़िर से पृथ्वी से नज़र आयेगा, फिलहाल के लिए आप इस से होने वाली उल्का वृष्टि का आनंद तो उठा ही सकते हैं, वैसे तो यह उल्का वृष्टि प्रत्येक वर्ष 16 अप्रैल से शुरू होकर लगभग 25 से 30 अप्रैल तक भी दिखाई देती है ,लेकिन इस बार यह 22 अप्रैल की मध्य रात्रि से 23 अप्रैल की भोर तक अपने चरम पर दिखाई देगी, इस दौरान लगभग 10 से 20 उल्काएं प्रति घंटे तक दिखाई देने की संभावना है, लिरिड मीटीयर शॉवर वर्ष की बहुत ही चमकदार उल्का वृष्टि नहीं होती है इसलिए आप को इसे सावधानी पूर्वक देखने की आवश्यकता है जैसे कि कम से कम आधा घंटा पहले अपनी आंखों को अंधेरे के सापेक्ष समायोजित करें और अति उच्च स्तर के बाहरी प्रकाश से दूरी बनाएं तब आसानी से आप इसका आनंद उठा सकते हैं,

    खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि
    प्रत्येक वर्ष अप्रैल में होने वाली यह लिरिड मीटीयर शॉवर/उल्का वृष्टि आकाश में लायरा कांस्टेलेशन जिसे हिंदी में वीणा तारामण्डल कहा जाता है यह एक छोटा लेकिन पहचानने योग्य तारामंडल है, जोकि आजकल पूर्वोत्तर आकाश में स्थित लगभग मध्यरात्रि में आकाश साफ़ होने पर बिल्कुल साफ दिखाई देता है , इसका सबसे चमकीला तारा वेगा है, जो आकाश का पाँचवा सबसे चमकीला तारा भी है,
    यह उल्का वृष्टि उसी लायरा तारामंडल की तरफ़ से आती हुई दिखाई देगी इसीलिए इस उल्का वृष्टि को लिरिड मीटीयर शॉवर कहा जाता है, और यह जिस तारामण्डल से आती हुई दिखाई देती है जिसे आकाश में रेडिएंट प्वाइंट ( बिकीरनक् बिंदु) कहा जाता है,वैसे तो यह आकाश में किसी भी तरफ़ से आती हुई दिखाई दे सकती हैं।

    अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बार की उल्का वृष्टि में आप एक घण्टे में कम से कम 10 से लेकर 20 उल्काओं का दीदार कर सकते हैं, जो कि पृथ्वी के धरातल से लगभग 100 किलोमीटर ऊपर 47 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से चमकती हुई उल्काएं दिखाई देंगी, इस अप्रैल की उल्का वृष्टि का कारण है धूमकेतु थैचर (C/1861G1) अप्रैल में होने वाली उल्का वृष्टि/टूटते हुए तारों को नाम दिया जाता है लिरिड मेटियर्र शॉवर।

    क्यों और किस तरीक़े से देखें

    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल ) गोरखपुर के खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि आज के दौड़धूप भरी दुनिया में लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं और मोबाइल फोन पर स्क्रीन समय बढ़ता जा रहा है, जो कई परेशानियों का कारण भी बनता जा रहा है। ऐसे में लोगों को अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ शौक रखने से कई समस्याओं के समाधान मिल सकते हैं , जैसे कि केवल साधारण आंखों से आकाश को निहारने में कोई क़ीमत और तकनीकी उपकरण की भी जरूरत नहीं है और आपको प्रकृति की जादुई गोद में नज़दीक होने का भी अहसास होगा, और उल्का वृष्टि को देखने के लिए आपको किसी भी ख़ास या अतिरिक्त प्रकार के दूरबीन या अन्य उपकरण की कोई भी आवश्यकता नहीं होती है, आप सीधे तौर से अपनी साधारण आंखों से रात्रि के साफ़ आकाश में इसे आसानी से अपने घरों से ही देख सकते हैं, जहां ज्यादा प्रकाश प्रदूषण (लाइट पॉल्यूशन) न हो, रात्रि के आकाश में इस उल्का वृष्टि को देखने के लिए किसी सुरक्षित ख़ास साफ़ जगह का चयन करें और लेटकर आकाश की ओर उन्मुख होकर रात्रि के आकाश को भरपूर तरीक़े से निहारें तब यह आकर्षक नज़ारा आसानी से देख सकते हैं, वैसे तो शाम होते ही उल्का वृष्टि/ टूटते हुए तारों का दीदार होना शुरु हो जायेगा, लेकिन ये 22 अप्रैल की मध्य रात्रि से 23 अप्रैल की भोर तक अपने चरम सीमा पर दिखाई देंगी।

    News Courtesy : अमर पाल सिंह, खगोलविद ,वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

  • वन के साथ वन्य जीवों का संरक्षण भी जरुरी: शिवजीत सिंह

    वन के साथ वन्य जीवों का संरक्षण भी जरुरी: शिवजीत सिंह

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज पेड़ पौधों का हमारे जीवन में बहुमूल्य योगदान है। पेड़ पौधों के साथ ही वन्य जीव भी पर्यावरण के लिए काफी मायने रखते हैं, अतः वन के साथ वन्य जीवों का संरक्षण भी जरुरी है।

    उक्त बातें मंगलवार को नगर पंचायत बड़हलगंज के सभागार में वन विभाग द्वारा आयोजित वन एवं वन्य जीव सुरक्षा माह के तहत आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वन क्षेत्राधिकारी शिवजीत सिंह ने कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत वनों एवं वन्य जीवों को क्षति करने वाले पर भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अर्न्तगत कार्यवाई भी की जा रही है। ईओ राम समुख ने कहा कि बिना वनों के हमारा जीवन संभव नहीं है। उन्होंने समस्त नगर पंचायत कर्मियों से एक एक पौधा लगाने व उसके देखभाल के लिए भी निर्देश दिया।

    इस दौरान नगर पंचायत परिसर में संतरा, मौसमी व कटहल के पौधे का भी रोपण किया गया। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, वन दरोगा मुन्नीलाल, ज्योति भूषण तिवारी, रामदवन, रामदास मद्धेशिया, सुरेश उमर, कृष्णा गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, राजेश जायसवाल, अजीत राव, वीके शर्मा, सुरेश सोनकर, हिमांशु गौंड, अमलेश कुमार, आजाद अहमद, सतीश उमर, जैनू, शैलेश तिवारी, पप्पू यादव, अजय सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

  • एनआईसीपीआर के मुताबिक प्रतिवर्ष 1.7 लाख टन कचरे का उत्पादन होता है

    एनआईसीपीआर के मुताबिक प्रतिवर्ष 1.7 लाख टन कचरे का उत्पादन होता है

    राष्ट्रीय कैंसर इंस्टीट्यूट आफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (एनआइसीपीआर) के मुताबिक सभी प्रकार के तंबाकू उत्पाद जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी आदि से प्रतिवर्ष 1.7 लाख टन कचरे का उत्पादन होता है जो बढ़कर इस वर्ष तक 2 लाख टन से भी ज्यादा संभावित है। इसमें अकेले उत्तर प्रदेश की भागीदारी सर्वाधिक 22 प्रतिशत है।

    इस रिपोर्ट को ‘द एनवायरनमेंटल बर्डन आफ टोबैको प्रोडक्ट्स वेस्टेज इन इंडिया’ ने तैयार किया। इसके मुताबिक सिगरेट के 70 ब्रांड, बीड़ी के 94 ब्रांड और धुंआ रहित तंबाकू के 58 ब्रांड को परखा गया। इसमें प्लास्टिक, कागज, रैपर और फिल्टर के अलग-अलग वजन को ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे इंडिया डाटा के साथ मिलाया गया। इससे पता चला कि तंबाकू उत्पादों द्वारा उत्पन्न कुल कचरे में 73,500 टन प्लास्टिक है।

  • पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन

    पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन

    संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर।सनराइज सेवा संस्थान ट्रस्ट और नेचुरल रिसोर्सेज सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन एवं सेंट जोसेफ कॉलेज फॉर वीमेन के संयुक्त तत्वाधान में “पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सेंट जोसफ कॉलेज फॉर वीमेन में किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राजश्री गौर, बायोटेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष, गोरखपुर विश्वविद्यालय, और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार मिश्रा, कुलपति, सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी, उपस्थित रहे।प्रोफेसर राजश्री गौर ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और उन्हें पौधारोपण करने, अपने आसपास साफ-सफाई रखने और लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे आने वाले समय के पर्यावरण प्रहरी हैं और उन्हें पृथ्वी की रक्षा के लिए जल संरक्षण, वन संरक्षण और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के प्रति सजग रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर पौधारोपण करना चाहिए ताकि पर्यावरण को हरा-भरा बनाया जा सके। कॉलेज के प्राचार्य फादर रोजर ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया और छात्रों को प्रकृति के साथ जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिमा विश्वकर्मा ने किया। कार्यशाला से पहले एक फील्ड वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. शोभित कुमार श्रीवास्तव “डॉ. टैक्सओ” वनस्पतिशास्त्री ने छात्रों को पौधों की पहचान, हर्बेरियम तकनीक और औषधीय पौधों के महत्व के बारे में प्रशिक्षण दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    इस कार्यक्रम में डॉक्टर प्रतिमा विश्वकर्मा, डॉ. पवन कुमार मिश्रा, डॉ. के. के. सिंह, डॉ.महेश्वर, डॉ. वंदना डॉ. रूही डॉ अरुणा डॉ इग्निस फ्लोरा मिस कोपल डॉ. किरुबा डॉ. मीना पाण्डेय जैसे गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।यह कार्यशाला पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्रों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में सफल रही।