Category: पर्यावरण
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कूड़े के ढेर में आग लगने से मची अफरा-तफरी
चौरीचौरा: नगर पंचायत चौरीचौरा के वार्ड संख्या 15 स्थित मोती मंदिर के पीछे रविवार देर शाम कूड़े के ढेर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटों और जहरीले धुएं के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
मोहल्ले के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना नगर पंचायत अध्यक्ष सन्नी जायसवाल को दी। नगर पंचायत से पानी का टैंकर मंगवाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। शाम सात बजे गोलघर अग्निशमन केंद्र से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। घटना के दौरान मोहल्ले में दहशत का माहौल रहा।
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वन विभाग को सूचना देने के बाद भी लकड़ी माफिया काट ले गया पेड़
संवाददाता एसपी सिंह
गोरखपुर/सहजनवा ।सहजनवा थाना क्षेत्र में पेड़ो के अवैध कटान पर रोक नहीं लग पा रहा है । ग्रामीणों की सूचना के बावजूद ठेकेदार ने हरे आम के पेड़ को काटकर सड़क में गिरा दिया । लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जू नहीं रेगा ।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार एक तरफ पौधा रोपड़ को बढ़ावा दे रही है । वही सहजनवा रेंज के जिम्मेदारों को इससे मतलब नहीं है । स्थानीय थाना क्षेत्र के मुंडा स्थित पोखरे पर आम का हरा पेड़ ठेकेदार अवैध रूप से दोपहर में कटवा रहा था । ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन इसके बावजूद पेड़ कट गया । विदित हो कि एक सप्ताह पूर्व सुगौना में सागौन के 20 पेड़ कट गए और विभाग को पता नहीं चला । बाद में मामला जब ऊपर तक पहुंचा तो ठिकेदार के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर मामले की लीपापोती कर दी गई ।
वही इस संदर्भ में वन दरोगा आशुतोष तिवारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है जांच कराकर कारवाई की जायेगी । -

दिल्ली में सांसों पर संकट
दिल्ली में सांसों पर संकट, बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा एक्यूआई; देखें पूरे एनसीआर का हाल,
दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है।मुंडका में एक्यूआई 637 दर्ज किया गया।
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एम.एम.एम.टी.यू. में “ग्रीन आईओटी फॉर एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी” पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में माननीय कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के मार्गदर्शन में 22-23 नवंबर, 2024 को “ग्रीन आईओटी फॉर एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी” पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय स्थिरता के लिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के हरित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना और तकनीक क्षेत्र में नवाचारों तथा चुनौतियों पर चर्चा करना है।
इस संगोष्ठी के आनरेरी चेयर, विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और आईआईआईटीएम, ग्वालियर के वर्तमान निदेशक प्रो. एस.एन. सिंह हैं। कार्यक्रम के चेयरमैन प्रो. वी.के. गिरी और को-चेयरमैन प्रो. एस.के. सोनी, प्रो. जीऊत सिंह और प्रो. शिव प्रकाश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संगोष्ठी में प्रो. एस.पी. सिंह और डॉ. प्रभाकर तिवारी जनरल चेयर के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।
संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, बल्कि इलेक्ट्रानिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को प्रोत्साहित करना भी है।
यह संगोष्ठी शोध और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह आयोजन पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में नए और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो. भीम सिंह (आईआईटी दिल्ली) और विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.सी. श्रीवास्तव (आईआईटी कानपुर) रहे। मुख्य वक्ताओं में प्रो. शांतनु भट्टाचार्य (निदेशक, सीएसआईआर-सिस्को चंडीगढ़), प्रो. अनुपम शुक्ला (निदेशक, एसवीएनआईटी सूरत), प्रो. मो. रिहान (डायरेक्टर जनरल, एनआईएसई), प्रो. तृप्ता ठाकुर (डायरेक्टर जनरल, एनपीटीआई) और प्रो. योगेश चौहान (चेयरमैन, आईईईई यूपी सेक्शन) के साथ विभिन्न आईआईटी के प्रोफेसरों द्वारा व्याख्यान दिया गया।
साथ ही, प्रो. जे.जी. सिंह (एआईटी बैंकॉक, थाईलैंड) और इंजी. विवेक राज (यूएसए) द्वारा भी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
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दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार,
जहांगीरपुरी में AQI 435 दर्ज किया गया,
आनंद विहार में AQI 405 दर्ज किया गया,
अशोक विहार में AQI 414 दर्ज किया गया,
बवाना में AQI 418 दर्ज किया गया,
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लखनऊ:प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
लखनऊ:प्रदूषण नियंत्रण को लेकर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश,
एनसीआर से जुड़े जिलों को विशेष निर्देश जारी,
8 जिलों को वायु गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश,
एनसीआर से जुड़े यूपी के 8 जिलों पर नजर रखने के निर्देश,
मेरठ, गाजियाबाद, में वायु गुणवत्ता पर निगरानी के निर्देश,
शामली, बुलंदशहर में वायु गुणवत्ता पर निगरानी के निर्देश,
मुजफ्फरनगर, हापुड़ में वायु गुणवत्ता पर निगरानी के निर्देश,
बागपत, गौतम बुद्ध नगर में वायु गुणवत्ता पर निगरानी के निर्देश,
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पालन करने के निर्देश,
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीएम को निर्देश दिए,
सड़कों की सफाई के साथ ही कूड़ा उठवाने के निर्देश,
पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के निर्देश दिये
फर्टिलाइजर को लेकर विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश,
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दिल्ली की हवा हुई खराब
दिल्ली की हवा लगातार बेहद खराब श्रेणी में है
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 500 के पार पहुंचा
वहीं दिल्ली के अधिकतर इलाके में AQI 490 के पास
राजधानी दिल्ली में सांस लेना हुआ दुर्लभ
दिल्ली के गैस चैंबर बनने से लोग हो रहे बीमार
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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की आज सचिवालय में अहम बैठक
GRAP-IV पर पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की आज सचिवालय में अहम बैठक
GRAP-IV के नियमों का सख्ती से हो पालन इसको लेकर दोपहर 12 बजे करेंगे विभागीय प्रमुखों के साथ चर्चा
GRAP 4 के अंतर्गत आने वाले नियमों, और उल्लंघन करने पर दंड के तय किए जा सकते हैं मापदंड
बैठक के बाद गोपाल राय कर सकते हैं GRAP 4 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस
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वृक्ष धरती के फेफड़े हैं -प्रो.राकेश कुमार पांडेय
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे):नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज बड़हलगंज में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक प्रभात फेरी का आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के अलावा जनमानस को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूक करना और उन्हें वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना था। ____प्रभात फेरी को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार पांडेय ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण हो। ये वृक्ष धरती के फेफड़ों की तरह है। आज उपभोक्तावादी और भौतिकतावादी संस्कृति ने प्रकृति को उपभोग की वस्तु मानकर जिस तरह इसका अंधाधुंध दोहन किया है, वह संपूर्ण चर-अचर जगत के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। प्रो.पाण्डेय ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि प्रकृति अपनी ही चेतना का विस्तार है।वह अपना ही अंश है। इस मूल मंत्र को जब तक नहीं समझा जाएगा, तब तक पृथ्वी का संरक्षण नहीं हो पाएगा। प्रो.परितोष त्रिपाठी ने कहा कि हमें पश्चिम की संस्कृति से बचना होगा और प्रकृति संरक्षण की उस भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाना होगा जिसमे प्रकृति को जीव स्वरूप माना गया है। बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आप सभी का यह दायित्व है कि आप वृक्ष लगाए, वृक्षों का संरक्षण करें, वृक्षों की सेवा करें । डॉ अजय कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी हम सब की है और हम सबको मिलकर इसके पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। यह व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के संचालक डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने प्रभात फेरी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति और हमारा जीवन सहअस्तित्व से ही सम्भव है। वह हमारी जरूरत को पूरी करने के लिए है,हमारे लालच को नहीं। डॉ. पूजा नायक ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रकृति हमारी सहचरी है और हम प्रकृति का सहचर बनकर ही प्रकृति और उसके पर्यावरण का बेहतर संरक्षण कर सकते हैं। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न नारों एक वृक्ष दस पुत्र समाना,वृक्ष धरा का भूषण है, करता दूर प्रदूषण है,पेड़ लगाओ,जीवन बचाओ आदि से स्थानीय कस्बे को गुंजायमान कर दिया। यह प्रभात फेरी लोगों के लिए रोमांचक और आकर्षण का विषय भी रही। इस अवसर पर कॉलेज के आचार्यगण डॉ योगेंद्र तिवारी, डॉ दिवाकर त्रिपाठी, डॉ. विकास यादव डॉ. सतीश कुमार, डॉ. अजय सिंह, डॉ वीरभद्र तिवारी आदि उपस्थित रहे।









