Category: पर्यावरण

  • हिमस्खलनः फंसे मज़दूरों को बचाने में जुटी सेना, अब तक 47 लोग बचाए गए

    शुक्रवार को सुबह उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के पास माणा गांव में ग्लेशियर टूटने से 55 मज़दूर बर्फ़ में दब गए, जिनमें पहले 33 और अब 14 और मज़दूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।पहले जानकारी आई थी कि 57 मज़दूर फंस गए हैं, लेकिन शुक्रवार शाम चमोली डीएम संदीप तिवारी ने बताया कि “उस क्षेत्र में 57 नहीं बल्कि कुल 55 लोग मौजूद थे। दो लोग छुट्टी पर थे। कुल 33 लोग अभी तक मिल चुके हैं। सुबह तक 14 और मजदूरों को खोज लिया गया। सेना युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।

  • धूल प्रदूषण से जानलेवा बने ईंट भट्ठे की एसडीएम से शिकायत

    धूल प्रदूषण से जानलेवा बने ईंट भट्ठे की एसडीएम से शिकायत

    धूल प्रदूषण से जानलेवा बने ईंट भट्ठे की एसडीएम से शिकायत,

    मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने की जांच, सौंपी रिपोर्ट,

    ब्यूरो प्रभारी : संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर

    खजनी गोरखपुर। इलाके के नैपुरा गांव के निवासी जयनाथ चौबे ने उप जिलाधिकारी कुंवर सचिन सिंह को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, उनके गांव नैपुरा की ओर जाने वाले संपर्क मार्ग पर बने ईंट भट्ठों के कारण वाहनों के आवागमन से अथवा तेज हवा चलने पर धूल के घने गुबार के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

    प्रार्थनापत्र में बताया गया है कि डीएस मार्का, रमेश मार्का और काका मार्का ईंट भट्ठों पर आने जाने वाले वाहनों तथा निजी वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा हैं। कई लोग प्रदूषण के कारण दमा, एलर्जी और त्वचा रोग के शिकार हो चुके हैं और अपना इलाज करा रहे हैं। मामले में स्थानीय लोगों ने बताया कि हमारे घरों के बाहर, दरवाजे और खिड़कियों पर धूल की मोटी परत जम जाती है। रोज सफाई करने पर भी कोई राहत नहीं मिलती, सुबह धूल साफ करें तो शाम तक फिर वही स्थिति हो जाती है।
    मामले में एसडीएम के निर्देश पर जांच के लिए पहुंचे नायब तहसीलदार रामसूरज प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर जांच की उन्होंने बताया कि समस्या गंभीर है उनके द्वारा जांच के बाद रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।
    इस संदर्भ में एसडीएम कुंवर सचिन सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ईंट भट्ठे के मालिकों को नोटिस भेज कर उन्हें समस्या के समाधान हेतु बुलाया जाएगा।

  • प्राकृतिक विधि के जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों की बचत

    प्राकृतिक विधि के जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों की बचत

    प्राकृतिक विधि के जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों की बचत : मुख्यमंत्री

    सीएम योगी ने किया राप्ती नदी में गिरने वाले नालों के जल शोधन की 2 करोड़ 70 लाख की परियोजना का शुभारंभ

    प्राकृतिक विधि से जल शोधन उर्वरता और जीवन को बचाने का कार्य : मुख्यमंत्री

    गोरखपुर, 3 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राप्ती नदी में गिरने वाले नालों के प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमिडीएशन तकनीकी) से जल शोधन की 2 करोड़ 70 लाख रुपये की नगर निगम की परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विधि से जल शोधन से नदी की शुद्धि के साथ करोड़ों रुपए की बचत भी होगी। इसमें न तो बिजली का खर्च आएगा और न ही मेंटिनेंस का,

    तकियाघाट पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में राप्ती नदी अविरल एवं निर्मल रहे, उसका जल स्वच्छ एवं सुदर रहे, इसके लिए जो प्रयास नगर निगम ने किया है वह सराहनीय है। यह बहुत बड़ा काम हुआ है। यह कार्य उर्वरता और जीवन को बचाने के लिए हुआ है। सीएम ने कहा कि महापुरूषों ने जल को जीवन माना है। प्रदूषित जल के कारण गोरखपुर के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1977 से लेकर 2017 तक 50 हजार मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस एवं वेक्टरजनित बीमारियों के कारण काल के गाल में समा गए। विषाणुजनित बीमारियों से होने वाली मौतों का कारण प्रदूषित जल और गंदगी था। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से स्वच्छ भारत मिशन पूरे देश में लागू हुआ। हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए शहरी क्षेत्र में अमृत मिशन और ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन मिशन प्रारम्भ हुआ। हर घर नल योजना के माध्यम से घर-घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया गया,

    पीएम मोदी की प्रेरणा से प्रारम्भ हुआ नदी संस्कृति को बचाने का कार्य
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज नामामि गंगे परियोजना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से नदी संस्कृति को बचाने का कार्य प्रारम्भ किया गया है। आज उसका परिणाम है कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक समागम उत्तर प्रदेश की धरती प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी पर महाकुम्भ के रूप में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में भी हमारी सभ्यता एवं संस्कृति नदी के तट पर बसी है। गोरखपुर राप्ती नदी व रोहिन नदी के तट पर बसा है। जो नदी हमारी सभ्यता व संस्कृति की जननी है, उसे शुद्ध करने का कार्य किया जा रहा है,

    350 था बीओडी लेवल, अब 22 हुआ
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राप्ती नदी में प्रदूषित पानी गिरने के कारण पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नगर निगम पर लगातार जुर्माना कर रहा था। नगर निगम ने 110 करोड रुपये की लागत से एसटीपी बनने की तैयारी की थी। तब हमने कहा कि जल शोधन के लिए प्राकृतिक तरीका अपनाया जाए। आज उसका सुखद परिणाम सबके सामने है। पहले यहां पानी का बीओडी (बायो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) लेवल 350 तक पहुंच गया था और खतरनाक जहर से भी बदतर होकर वह खेतों में सिंचाई के लायक भी नहीं था। प्राकृतिक विधि से जल शोधन के बाद अब बीओडी लेवल शुद्ध स्थिति में आ गया है। इस परियोजना में अंतिम छोर पर गिरने वाले पानी का बीओडी लेवल 22 आया है,

    सिर्फ एक बार का खर्च और फिर बचत ही बचत
    सीएम योगी ने कहा कि प्राकृतिक विधि से जल शोधन की इस परियोजना में सिर्फ एक बार 2 करोड़ 70 लाख रुपये लगे हैं। और, अब इससे करोड़ों रुपए की बिजली और मेंटिनेंस खर्च की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इस विधि को और भी अच्छे ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। यह सतत विकास का एक मॉडल है। इसको हम हर नाले के साथ जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी ड्रेनेज और सीवर से जुड़े हुए जितने भी नाले हैं, उन सबको इसी रूप में आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे तो एक प्राकृतिक मॉडल के माध्यम से कम खर्चे में बेहतर परिणाम देकर जीवन की सबसे बुनियादी आवश्यकता जल की शुद्धता को बनाये रखने में हम सफल हो पायेंगे।
    समारोह को महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक भोला अग्रहरि, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे,

    नाले के शोधन कार्य का सीएम योगी में लिया जायजा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नगर निगम की प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमिडीएशन तकनीकी) से जल शोधन परियोजना का शुभारंभ करने से पूर्व इसका जायजा भी लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट की डिजाइन का अवलोकन करने के साथ मौके पर जाकर शोधित जल की स्थिति भी देखी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें बताया कि महानगर से निकलने वाला दूषित जल मुख्य 15 नालों के माध्यम से राप्ती और रोहिन नदी में गिरता है। नदी के जल को दूषित होने से बचाने के लिए इलाहीबाग रेगुलेटर से तकिया घाट होते हुए राप्ती नदी में गिरने वाले नाले पर नगर निगम द्वारा 2 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से प्राकृतिक विधि (फाइटोरेमिडीएशन तकनीकी) से जल शोधन का कार्य कराया जा रहा है। इस विधि के तहत मुख्य नाले एवं उसमें गिरने वाले चार ब्रांच नालों और दो अन्य ब्रांच नालों पर प्री फिल्टर लगाया गया है। साथ ही प्रति 30 से 40 मीटर पर प्राकृतिक स्टोन से गैबियन वाल बनाई गई है। नाले में एक्वेटिक प्लांट भी लगाए गए हैं। इन प्रक्रियाओं से होकर गुजरने वाला जल शोधित होकर नदी में गिरता है। इस परियोजना की क्षमता प्रतिदिन 15 मेगा लीटर जल शोधन की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अन्य नालों को भी इंटरसेप्ट कर प्राकृतिक विधि से जल शोधन का सुझाव दिया,

    नागरिकों से किया आत्मीय संवाद, बच्ची से पूछा- कैसी चल रही पढ़ाई
    तकियाघाट पर जल शोधन परियोजना का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कक्षा तीन में पढ़ने वाली आशिया नाम की एक बच्ची से पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है। मुख्यमंत्री में आशिया और अन्य बच्चों को आशीर्वाद देते हुए चॉकलेट भी गिफ्ट किया,

  • उड़ते पक्षी का पेट फाड़कर बाहर निकल गई ईल (बामी) मछली

    उड़ते पक्षी का पेट फाड़कर बाहर निकल गई ईल (बामी) मछली

    सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसने लोगों के बीच हंगामा मचा दिया है, फोटोग्राफर ने कैमरे में कैद किया हैरान कर देने वाला नज़ारा। जिसमे ईल मछली हजारों फिट ऊपर हेरॉन पक्षी का पेट फाड़कर बाहर आई है, यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दुर्लभ भी थी। पोस्ट के वायरल होने के बाद से लेकर अब तक इसे 31.6 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है तो वहीं 2 लाख 16 हजार से ज्यादा लोगों ने इस अद्भुत तस्वीर को लाइक भी किया है.

  • सहजनवां क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटान जोरों पर

    सहजनवां क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटान जोरों पर

    संवाददाता– एस. पी. सिंह
    गोरखपुर/सहजनवा ।

    एक ओर सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर पौधरोपण के लिए जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ लकड़ी माफिया हरे फलदार वृक्ष धड़ल्ले से काट रहे हैं । शनिवार को कोड़री उर्फ हड़ही गांव के उत्तर बाग में लकड़ी माफिया द्वारा हरे आम के वृक्ष को काटा गया । बताते चलें कि सहजनवां क्षेत्र में लकड़ी माफिया भयमुक्त हो कर हरे पेड़ों की धड़ल्ले से दिन रात कटान कर सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रहे हैं । इसी तरह हरे पेड़ों की कटान होती रही और विभाग लकड़ी माफियाओं पर अंकुश लगाने में असफल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पर्यावरण संरक्षण तो दूर धरती पर मानव जीवन के साथ साथ सभी जीव जन्तुओं को भी अपने जांन बचाने मुश्किल हो जाएंगे । हरे पेड़ के इस कटान के संबंध में डीएफओ गोरखपुर को अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि इसको हम तत्काल दिखवाते हैं।

     

  • ट्रीटमेंट होकर नदी में गिरेगा नाले का पानी

    ट्रीटमेंट होकर नदी में गिरेगा नाले का पानी

    बड़हलगंज नगर पंचायत ने सरयू नदी में गिरने वाले नाले के पानी को अब स्वच्छ करके गिराने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए प्रापर तरीके से बायो रेमिडियेशन ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

    बुधवार को अधिशासी अधिकारी राम समुझ ने चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर के साथ सरयू नगर वॉर्ड स्थित गौशाला के समीप बन रहे बायो रेमिडियेशन ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने बताया कि लगभग तीस लाख की लागत से इस प्रोजेक्ट का काम शुरू हो गया है, जल्द ही इसका निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा उसके बाद नदी में कई मोहल्लों से जाने वाला नाले का पानी ट्रीटमेंट होकर नदी में गिरेगा, जिससे नदी के प्रदूषण में रोकथाम हो सकेगा। इस दौरान सुरेश उमर, अमलेश कुमार, सुनील कुमार, सुरेश सोनकर, रविन्द्र, हिमांशु गौंड, विकास गौंड, मनोज निगम, विजयनाथ सहित अन्य लोग मौजूद रहें।

  • हाथी ‘गंगा’ के लिए शुभ मुहूर्त देख रहा वन विभाग

    हाथी ‘गंगा’ के लिए शुभ मुहूर्त देख रहा वन विभाग

    गोरखपुर: विनोद वन में जंजीरों में कैद हाथी ‘गंगा’ को जल्द ही शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में शिफ्ट किया जाएगा। वन विभाग इस प्रक्रिया के लिए शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहा है। चिड़ियाघर में गंगा के लिए बन रहा बाड़ा दिसंबर में तैयार हो जाएगा, लेकिन खरमास (15 दिसंबर से 15 जनवरी) के कारण गंगा को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुभ मुहूर्त के बाद ही पूरी की जाएगी।

    पृष्ठभूमि
    15 फरवरी, 2023 को चिलुआताल के मोहम्मदपुर माफी में एक यज्ञ के दौरान गंगा प्रसाद ने बिदककर दो महिलाओं और एक चार वर्षीय बच्चे को अपनी सूंड से पटक दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने गंगा को रेस्क्यू कर विनोद वन में रखा था। हाथी के मालिक की पहचान न होने पर अधिकारियों ने इसे चिड़ियाघर में रखने का निर्णय लिया।

    आगामी योजना
    गंगा को चिड़ियाघर में बन रहे विशेष बाड़े में स्थानांतरित किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, खरमास समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्त देखकर शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
    वन विभाग के प्रयासों से बाड़ा दिसंबर में तैयार होगा, जो गंगा के नए घर के रूप में काम करेगा।

    वन विभाग ने गंगा के लिए विशेष देखभाल और सुरक्षित स्थानांतरण की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

    https://youtu.be/g2j53aMZtzQ?si=n_gAbPUDQrqRs3w2

  • कूड़े के ढेर में आग लगने से मची अफरा-तफरी

    कूड़े के ढेर में आग लगने से मची अफरा-तफरी

     

    चौरीचौरा: नगर पंचायत चौरीचौरा के वार्ड संख्या 15 स्थित मोती मंदिर के पीछे रविवार देर शाम कूड़े के ढेर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की तेज लपटों और जहरीले धुएं के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

    मोहल्ले के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना नगर पंचायत अध्यक्ष सन्नी जायसवाल को दी। नगर पंचायत से पानी का टैंकर मंगवाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। शाम सात बजे गोलघर अग्निशमन केंद्र से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। घटना के दौरान मोहल्ले में दहशत का माहौल रहा।

  • वन विभाग को सूचना देने के बाद भी लकड़ी माफिया काट ले गया पेड़

    वन विभाग को सूचना देने के बाद भी लकड़ी माफिया काट ले गया पेड़

     

    संवाददाता एसपी सिंह
    गोरखपुर/सहजनवा ।

    सहजनवा थाना क्षेत्र में पेड़ो के अवैध कटान पर रोक नहीं लग पा रहा है । ग्रामीणों की सूचना के बावजूद ठेकेदार ने हरे आम के पेड़ को काटकर सड़क में गिरा दिया । लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जू नहीं रेगा ।
    पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार एक तरफ पौधा रोपड़ को बढ़ावा दे रही है । वही सहजनवा रेंज के जिम्मेदारों को इससे मतलब नहीं है । स्थानीय थाना क्षेत्र के मुंडा स्थित पोखरे पर आम का हरा पेड़ ठेकेदार अवैध रूप से दोपहर में कटवा रहा था । ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, लेकिन इसके बावजूद पेड़ कट गया । विदित हो कि एक सप्ताह पूर्व सुगौना में सागौन के 20 पेड़ कट गए और विभाग को पता नहीं चला । बाद में मामला जब ऊपर तक पहुंचा तो ठिकेदार के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर मामले की लीपापोती कर दी गई ।
    वही इस संदर्भ में वन दरोगा आशुतोष तिवारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है जांच कराकर कारवाई की जायेगी ।

  • दिल्ली में सांसों पर संकट

    दिल्ली में सांसों पर संकट

    दिल्ली में सांसों पर संकट, बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा एक्यूआई; देखें पूरे एनसीआर का हाल,

    दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है।मुंडका में एक्यूआई 637 दर्ज किया गया।