यूपी के 7210 सरकारी स्‍कूलों के ऊपर से गुजर रहा हाई टेंशन तार, ट्रांसफार्मर का ‘खतरा’ …

परिषदीय विद्यालयों में ट्रांसफार्मर या हाईटेंशन तार हटवाने के लिए, शिक्षा विभाग और बिजली विभाग दोनों को मिलकर कार्यवाही करनी होगी। सरकारी विद्यालयों के ऊपर से जा रहे हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर को हटाने के संबंध में, यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को [Link: एक रिपोर्ट दर्ज कराने की आवश्यकता है The Health Physics Society https://hps.org.en2hi.search.translate.goog/hpspublications/articles/powerlines/]। ऐसे मामलों में, यह पहचानना ज़रूरी है कि क्या एचटी लाइनें पहले बिछाई गई थीं या टावर लगने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू हो गया था। यदि विद्यालय परिसर के ऊपर से हाई टेंशन तार गुजर रहे हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। सबसे पहले, जिलाधिकारी को इस बारे में रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए, और बिजली विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद, बिजली विभाग को अतिशीघ्र जांच करके, तारों को हटाने या उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे।

विस्तार से:

समस्या की पहचान:

सबसे पहले, उन विद्यालयों को चिह्नित करना होगा जिनके ऊपर से या परिसर में हाईटेंशन तार या ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं।
अपने क्षेत्र के विद्युत विभाग या संबंधित सरकारी एजेंसी में शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत में, आपको विद्यालय का नाम, पता, और हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर की स्थिति का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा।

 रिपोर्ट:

शिक्षा विभाग को इन विद्यालयों की सूची और संबंधित जानकारी जिलाधिकारी और बिजली विभाग को भेजनी होगी।
शिकायत के साथ, विद्यालय के दस्तावेजों (जैसे, भूमि का नक्शा, भवन निर्माण योजना) और हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर की तस्वीरें भी जमा करें।

 जांच और कार्यवाही:

बिजली विभाग को इन मामलों की जांच करके, तारों एवं ट्रांसफार्मर को हटाने या उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने होंगे।यदि आवश्यक हो, तो आप स्थानीय विधायक या सांसद से भी संपर्क कर सकते हैं, ताकि वे इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठा सकें।

 निगरानी:

इस प्रक्रिया की निगरानी शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी को करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कार्यवाही समय पर और सही तरीके से हो रही है।

सुरक्षा उपाय:

जब तक तारों और ट्रांसफार्मर को नहीं हटाया जाता, तब तक विद्यालय परिसर में सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए, जैसे कि छात्रों और कर्मचारियों को तारों के नीचे जाने से रोकना।

नियम और विनियम:

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशानिर्देशों के अनुसार, हाई टेंशन लाइनों और ट्रांसफार्मर को आवासीय क्षेत्रों, विशेष रूप से विद्यालयों और अस्पतालों के ऊपर से नहीं गुजारा जाना चाहिए।

यदि किसी कारण से तारों को स्थानांतरित करना संभव नहीं है, तो विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जाने चाहिए, जैसे कि तारों को उचित ऊंचाई पर रखना और सुरक्षा संकेतकों का उपयोग करना।

गोरखपुर जिले के कई विद्यालयों में हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं, और शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों को चिह्नित करना होगा।
कुछ विद्यालयों में, बिजली विभाग ने स्कूल के ऊपर से लाइन खींच दी है, जिससे खतरा बना हुआ है।

शासन स्तर से हर वर्ष इस संबंध में निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता है।

निष्कर्ष:

यह एक गंभीर समस्या है, और बच्चों की सुरक्षा के लिए, बिजली विभाग और शिक्षा विभाग को मिलकर काम करना होगा ताकि इन विद्यालयों को सुरक्षित बनाया जा सके।
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि आप इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं देखते हैं, तो आप कानूनी सहायता भी ले सकते हैं।
नीरज शाही

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