सास-ससुर के लिए कांवड़ यात्रा कर रही हैं शबनम
गंगाजल से भरी 21 लीटर की कांवड़ लेकर नंगे पैर रोज 20 किलोमीटर चल रही हैं शबनम।
250 किलोमीटर चलना है शबनम को,
गाजियाबाद निवासी शबनम, जो मुस्लिम से हिंदू बनीं, ने हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई और उसे अपने सास-ससुर को समर्पित किया।
शबनम का कहना है कि पहले पति के इंतकाल के बाद पवन से विवाह कर सनातन धर्म अपनाया
उन्होंने बताया कि सास-ससुर ने उन्हें बेटी की तरह प्यार दिया और अब वह भोलेनाथ की भक्त हैं।
शबनम ने कहा कि यह कांवड़ उनके प्रेम और कृतज्ञता का प्रतीक है, और वह जीवन भर अपने सास-ससुर की सेवा करना चाहती हैं।
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