हाटा के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई घटना, मौत के बाद रेफर कर दिया गोरखपुर ,
कुशीनगर। क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार की देर शाम प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। अस्पताल संचालकों ने हालत गंभीर बताकर गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन प्रसूता को लेकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दो घंटे पहले मौत होने की जानकारी दी। इससे नाराज तीमारदारों ने अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नवजात बच्ची परिजनों के पास है।
यह है मामला ,
हाटा कोतवाली क्षेत्र के थरुआडीह गांव निवासी सुमन देवी (26) की शादी मई में अहिरौली थाना क्षेत्र के नवापार गांव निवासी निरंजन के साथ शादी हुई थी। वह मुंबई में रहता है। घर पर सिर्फ सुमन और इसकी सास थी। प्रसव का दिन नजदीक आया तो सुविधा के लिए सुमन अपने मायके आकर रहने लगी। बृहस्पतिवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई तो मायके वालों ने आशा कार्यकर्ता तुलसी प्रसाद को सूचना दी और दोपहर में हाटा सीएचसी पर लेकर पहुंचे। कुछ घंटे इलाज के बाद अस्पताल की स्टाफ नर्स ने सुमन की हालत गंभीर बताते हुए किसी अच्छे अस्पताल में लेकर जाने की बात कही। इसके बाद आशा कार्यकर्ता हाटा कस्बे में हाईवे के किनारे संचालित एक निजी हास्पिटल में बेहतर इलाज का झांसा देकर प्रसूता को लेकर चली गई। सुमन की सास और मां के अनुसार शाम करीब पांच बजे सुमन की अचानक सांसें चलनी बंद हो गई। शोर मचाने पर प्रसूता को गंभीर हालत बताते हुए अस्पताल संचालक ने एंबुलेंस से गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भेज दिया। वहां पहुंचने पर चिकित्सक ने जांच की तो पता चला कि प्रसूता की मौत दो घंटे पहले हो चुकी है।
वहां सुमन को उतारने के बाद एंबुलेंस लेकर चालक फरार हो गया। निजी एंबुलेंस कर परिजन शव लेकर हाटा कस्बा स्थित निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामला बढ़ता देख संचालक और अस्पताल के कर्मचारी मेन गेट पर ताला बंद कर फरार हो गए।
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