एम्स गोरखपुर के एमबीबीएस छात्र डीएचआर–एसटीएस 2025 के लिए चयनित

Written by

in

“हर वर्ष छात्र हासिल कर रहे हैं सफलता, संस्थान में अनुसंधान संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा”

गोरखपुर। 16 अगस्त 2025; एआईआईएमएस गोरखपुर ने एक बार फिर गौरव हासिल किया है। संस्थान के चार एमबीबीएस छात्रों का चयन इस वर्ष डीएचआर (स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग) की मानव संसाधन विकास योजना अंतर्गत प्रतिष्ठित “शॉर्ट-टर्म स्टूडेंटशिप (STS–2025)” में हुआ है। यह उपलब्धि संस्थान की उस निरंतर परंपरा को दर्शाती है जिसमें हर वर्ष एआईआईएमएस गोरखपुर के छात्र इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक योजना में चयनित होकर संस्थान का नाम रोशन करते हैं।

इस वर्ष चयनित छात्र और उनके शोध विषय इस प्रकार हैं:
1. सुश्री दिशा शर्मा (द्वितीय वर्ष, बैच 2023)
– मार्गदर्शक: डॉ. तेजस पटेल, अतिरिक्त प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग
– विषय: भारत में स्व-चिकित्सा (Self-Medication) की व्यापकता और धारणा का सिस्टमैटिक रिव्यू व मेटा-विश्लेषण।

2. श्री सक्षम रावत (द्वितीय वर्ष, बैच 2023)
– मार्गदर्शक: डॉ. मौसुमी पाणिग्राही, सहायक प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग
– विषय: एसीएल रिकन्स्ट्रक्शन सर्जरी मरीजों में नींद की गुणवत्ता और दर्द उपचार के बीच संबंध का अध्ययन।

3. सुश्री श्रुतिप्रज्ञा महापात्र (द्वितीय वर्ष, बैच 2023)
– lमार्गदर्शक: डॉ. राम शंकर रथ, सह-प्रोफेसर, सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग
– विषय: मातृ-शिशु जोड़ी में एनीमिया की व्यापकता एवं उसका पोषण और संक्रमण से संबंध।

4. श्री अभिनव त्रिपाठी (प्रथम वर्ष, बैच 2024)
– मार्गदर्शक: डॉ. अमर प्रीत कौर, सह-प्रोफेसर, बायोकैमिस्ट्री विभाग
– विषय: सोरायसिस में सर्केडियन रिद्म जीन (BMAL1 और PER1) की अभिव्यक्ति का अध्ययन।

इस अवसर पर मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एआईआईएमएस गोरखपुर ने छात्रों एवं उनके मार्गदर्शकों को बधाई दी। उन्होंने कहा,“एसटीएस–2025 में चयन हमारे लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि एआईआईएमएस गोरखपुर न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि अनुसंधान संस्कृति को भी प्रोत्साहित कर रहा है। हमारे छात्र हर वर्ष इस योजना में चयनित होते रहे हैं, जो संस्थान की गुणवत्ता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

एआईआईएमएस गोरखपुर ने चयनित छात्रों और उनके मार्गदर्शकों को शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि उनका शोध चिकित्सा विज्ञान और जनस्वास्थ्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *