भक्ति, भाव से होती है, अहंकार से नही : सद्गुरु महराज

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ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज भक्ति में प्रेम होना चाहिए आज तक जो भी भक्त ईश्वर या मां शक्ति को प्राप्त किए है वे भक्ति तथा भाव से ही प्राप्त किए भक्ति में प्रेम होना आवश्यक है उस परम सत्ता द्वारा आपको सब कुछ दिया हैं और जो भी चीजें दी गई हैं सब अनमोल एवं निशुल्क में दिया है। जल, हवा, सूर्य इत्यादि अनमोल वस्तुएं प्रदान की गई हैं जिसके बिना जीवन जीना असंभव है। “भक्ति भाव से होती हैं, अंहकार से नहीं।”

उक्त बाते मातेश्वरी महाधाम पर मातेश्वरी परिवार द्वारा आयोजित अश्वमेघ महायज्ञ में श्रद्धालुओं को परिवार के संस्थापक सद्गुरु महराज दे रहे थे। अश्वमेघ महायज्ञ में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मातेश्वरी परिवार के भक्तों द्वारा भगवान शिव, मां पार्वती, गणेश-कार्तिक की झांकी निकली गई तथा भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा कर जयघोष किया गया। सद्गुरु महराज के अमृत वर्षा के दौरान दर्जनों की संख्या में थाईलैंड की धरती से चलकर आये भक्तों द्वारा पुष्प अर्पित कर सद्गुरु महराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। तथा उनके द्वारा हवन कार्यक्रम भी किया गया तथा विदेशी भक्तों द्वारा गायत्री मंत्र का जाप किया गया तथा इस प्रकार के अदभुत कार्यक्रम में शामिल होकर अपने आप को धन्य कहा।

 

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