गोलाबाजार। कस्बा स्थित तहसील मुख्यालय के बगल में ग्राम न्यायालय के लिए प्रस्तावित जमीन का जनपद न्यायाधीश ने रविवार को निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों व अधिवक्ताओं से जानकारी प्राप्त करने के बाद सहमति व्यक्त करते हुए जमीन पर खर्च होने वाले पूरे बजट का नया प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।
दोपहर में तहसील मुख्यालय पहुंचे जनपद न्यायाधीश राजकुमार सिंह से अधिवक्ताओं ने सिविल न्यायालय की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। जिला मुख्यालय से दूरी के कारण वादकारियों को होने वाली परेशानी से अवगत कराया। जिसके बाद उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि सुदूर दक्षिणांचल में सक्षम न्यायालय की आवश्यकता वर्षो से महसूस की जा रही है। अब ग्राम न्यायालय के क्षेत्राधिकार में वृद्धि हो गई है। ग्राम न्यायालय 25 हजार रूपया मालियत के सभी मामलों को देखेंगे। उन्हें भरण पोषण से संबंधित वादों एवं स्थगन आदेश से संबंधित वादों के निस्तारण का अधिकार मिल गया है। अब इन सबसे संबंधित वाद दाखिल किए जा सकते हैं। उसके बाद उन्होंने मौके पर उपस्थित एसडीएम अमित जायसवाल व तहसीलदार सतेंद्र मौर्य से ग्राम न्यायालय के निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन की जानकारी मांगी। जिसके बाद जमीन का मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करते हुए रास्तों आदि के बारे में जानकारी प्राप्त किया। उन्होंने जमीन के मालिक किसानों नीशीथ राय व रवि राय आदि से जमीन देने के बारे में बात किया। किसानों ने उचित मुआवजा मिलने पर जमीन को ग्राम न्यायालय को देने के लिए सहमति व्यक्त किया। जिसके बाद जनपद न्यायाधीश ने प्रस्तावित जमीन पर ग्राम न्यायालय के निर्माण पर सहमति व्यक्त करते हुए लेखपाल उपेंद्र कुमार से तीन से पांच एकड़ जमीन पर लगने वाले खर्च का प्रस्ताव बनाकर प्रेषित करने को कहा। इस दौरान अपर जिला जज चंद्रभान सिंह, पेशकार मणिंद्र मिश्र, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रंतिदेव मिश्र, मंत्री आमोद गौड़, गिरीजेश शाही, भारद्वाज पांडेय, श्रीनिवास पांडेय, रामलखन राय, गणेशशंकर भारती, बेचई गौड़, प्रेमदेव यादव, सतीश उमर, पूर्णेंदु कुमार तिवारी, रामगोपाल राय आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।
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