एम्स गोरखपुर में पहली बार बड़ी सर्जरी, मरीज को मिला नया जीवन

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गोरखपुर। एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों ने पहली बार एक जटिल सर्जरी “D2 Radical Esophagogastrectomy” को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह ऑपरेशन एक 67 वर्षिय खजनी निवासी मरीज पर किया गया, जो लंबे समय से खाने में परेशानी झेल रहा था।

“मरीज की समस्या और बीमारी की पहचान”

मरीज को खाना निगलने में दिक्कत हो रही थी, जो धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि वह सिर्फ दूध और पानी पी सकते थे। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद बीमारी का सही कारण नहीं पता चल पा रहा था।

एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की, जिससे पता चला कि मरीज को खाने की नली और पेट के जोड़ पर कैंसर है। बायोप्सी और सीटी स्कैन से इस बीमारी की पुष्टि हुई।

“सर्जरी का फैसला और प्रक्रिया”

सर्जरी से पहले इस केस पर पीजी मीटिंग में विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. गौरव गुप्ता के साथ डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र पीपल, डॉ. मुकुल सिंह, डॉ. हरिकेश यादव, डॉ. रजनीश, डॉ. शाहनवाज और डॉ. मनीष कुमार ने सर्जरी की योजना बनाई।

कैंसर को पूरी तरह हटाने के लिए डॉक्टरों ने D2 Radical Esophagogastrectomy नामक सर्जरी करने का फैसला किया। इस सर्जरी में –
*मरीज का पूरा पेट और खाने की नली का निचला हिस्सा हटा दिया गया।
*नई खाने की नली बनाई गई और आंत से जोड़ा गया ताकि मरीज फिर से भोजन कर सकें।

“5 घंटे चला ऑपरेशन, मरीज अब स्वस्थ”
– डॉ. गौरव गुप्ता (सर्जरी विभागाध्यक्ष) के नेतृत्व में डॉ. रजनीश, डॉ. रवि, डॉ. आदित्य, डॉ. तनुश्री, डॉ. राजेश और एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
डॉ. विक्रम वर्धन, डॉ. संतोष कुमार और डॉ. गणेश निमजे (एनेस्थीसिया विभाग) ने मरीज को बेहोश करने में अहम भूमिका निभाई।
– सर्जरी में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हुआ, जिससे ऑपरेशन जल्दी और सुरक्षित हुआ।
– मरीज को **2 दिन आईसीयू में रखा गया**, अब वह स्वस्थ हैं और जल्द ही डिस्चार्ज किए जाएंगे।
अब मरीज पूरी तरह ठीक हैं और फिर से खाना खा सकते हैं, जिससे उनका और उनके परिवार का जीवन सामान्य हो गया है।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने सर्जरी विभाग की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि यह संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने एम्स गोरखपुर में इस तरह की जटिल सर्जरी की सफलता को मरीजों के लिए बड़ी राहत बताया। अब यहां कैंसर जैसी जटिल बीमारियों का इलाज भी कम खर्च में और सफलता के साथ किया जा सकता है।

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