जमीन बैनामा के नाम पर 10 लाख की ठगी, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

सूर्य प्रकाश ओझा

गोरखपुर। गोरखनाथ थाना क्षेत्र की पुलिस ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बैनामा कराने के नाम पर रुपये हड़पने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर राज करन नय्यर के निर्देश पर चलाए जा रहे ठगों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में दर्ज 20 आपराधिक मुकदमे हैं। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम अंकुर सिंह पुत्र मोलहू सिंह निवासी ललितापुरम कॉलोनी थाना गोरखनाथ, जनपद गोरखपुर है। आरोपी के विरुद्ध थाना स्थानीय पर मु.अ.सं. 114/2025, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। वादी की तहरीर पर दर्ज इस प्रकरण में अभियुक्त पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए, नकली आधार और पैन कार्ड दिखाकर जमीन एग्रीमेंट के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी की।

“प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण राय के नेतृत्व में गठित टीम”

पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण राय के नेतृत्व में गठित टीम ने चतुराई से घेराबंदी कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अंगद, हेड कॉन्स्टेबल विनीत कुमार भारती और मनोज कुमार शामिल रहे। गिरफ्तार अंकुर सिंह एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर (HS-62A थाना गोरखनाथ) है, जिसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, गैंगेस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और धोखाधड़ी जैसे संगीन अपराधों के 20 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। इनमें थाना चिलुआताल, कैंट, गोरखनाथ, गुलरिहा, खोराबार, शाहपुर और तिवारीपुर शामिल हैं।

“साथियों की तलाश में जुटी”

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और गंभीर है। उसने वर्ष 2006 से अपराध की दुनिया में कदम रखा था और तब से लगातार अलग-अलग वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस अब इसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है, जिनकी भूमिका जमीन ठगी प्रकरण में संदिग्ध बताई जा रही है।

Comments

One response to “जमीन बैनामा के नाम पर 10 लाख की ठगी, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार”

  1. RAVI KHAVSE Avatar
    RAVI KHAVSE

    मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
    कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
    रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *