अयोध्या। रानोपाली स्थित उदासीन संगत ऋषि आश्रम यानी सत्यनारायण मंदिर में दस दिवसीय गुरु पर्व महोत्सव का भव्य शुभारंभ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। दस दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
महोत्सव के प्रथम दिन डॉ. स्वामी शिवचंद दास जी महाराज ने संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। संगीतमय कथा ने आश्रम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना दिया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
आयोजन समिति के अनुसार गुरु पर्व महोत्सव के अंतर्गत अलग-अलग दिनों में विविध धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। आगामी 3 अक्टूबर को संत भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें संत-महात्माओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद 4 अक्टूबर को रामचरितमानस अखंड पाठ का आयोजन होगा। अखंड पाठ के माध्यम से श्रद्धालु धार्मिक वातावरण में रामचरितमानस का श्रवण और पाठ करेंगे।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 5 अक्टूबर को आयोजित होने वाला गुरु पर्व का मुख्य समारोह रहेगा। इस अवसर पर पूर्णाहुति तथा संत अर्चन-वंदन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मुख्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है। दोनों विशिष्ट अतिथियों के आगमन को लेकर आयोजन से जुड़े लोगों में उत्साह है।
मुख्य समारोह के दौरान नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया जाएगा। इससे महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। संस्कृत शिक्षा और धार्मिक अध्ययन के क्षेत्र में महाविद्यालय की भूमिका को भी इस अवसर पर रेखांकित किया जाएगा।
गुरु पर्व महोत्सव के आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, कथा, संत समागम और भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। महोत्सव के दौरान संत-महात्माओं के प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
उदासीन संगत ऋषि आश्रम यानी सत्यनारायण मंदिर अयोध्या के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गुरु पर्व महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने और संतों का सानिध्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
दस दिवसीय महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में भक्ति, आध्यात्मिकता और धार्मिक आयोजनों की निरंतरता बनी रहेगी। आयोजन के मुख्य समारोह को लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। महोत्सव के माध्यम से धार्मिक परंपराओं, गुरु परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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