हाई कोर्ट के जस्टिस राम मंदिर पर आंदोलन परसंबोधित करेंगे आयोजन

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव 22 जनवरी को राम मंदिर आंदोलन पर होने वाले एक आयोजन को संबोधित करेंगे। उन्होंने 8 दिसंबर को एक बयान दिया था कि देश की व्यवस्था बहुसंख्यकों के अनुसार ही चलेगी। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने ‘कठमुल्ला’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिस पर विवाद हुआ था। उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव संसद में लाने का ऐलान विपक्ष ने किया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ जांच शुरू की है। इस बीच अब वह 22 जनवरी को ‘राम मंदिर आंदोलन और गोरक्षपीठ’ शीर्षक से आयोजित होने वाली सेमिनार में वक्ता के तौर पर शामिल होंगे।

यह सेमिनार महाकुंभ मेला क्षेत्र में ही 22 तारीख को होना है। इसी तारीख को बीते साल अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। कार्यक्रम के संयोजक शशि प्रकाश सिंह का कहना है कि यह आयोजन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के एक साल पूरा होने के मौके पर कराया जा रहा है। जस्टिस शेखर कुमार यादव के अलावा इस कार्यक्रम को आरएसएस के सीनियर प्रचारक अशोक बेरी संबोधित करेंगे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठा दिनेश कुमार भी रहेंगे। वह वीएचपी के महामंत्री हैं और लंबे समय तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। जस्टिस शेखर यादव ने इस कार्यक्रम में कहा था कि देश में बहुसंख्यकों के हिसाब से ही व्यवस्था चलेगी। हमारे परिवारों में भी ऐसा ही होता है कि जिस बात के लिए ज्यादा लोग कहते हैं, वही होता है।

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