कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय के अंतिम संस्कार में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

बृहस्पतिवार को कालेसर मोक्ष धाम पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय के अंतिम संस्कार के दौरान शव पर सियासत शुरू हो गई । अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगाते हुए आपस में भिड़ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे । इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का रास्ता भी रोक दिया, लेकिन कांग्रेसियों ने दूसरे रास्ते से शव के पास पहुंचा दिया । इस दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं में जमकर धक्का मुक्की भी हुई । पुलिस ने किसी तरह से बीच में आकर मामले को बढ़ने से रोकने में सफल हुई ।
बताते चले कि गीडा थाना क्षेत्र के देईपार निवासी 28 वर्षी प्रभात पांडे बुधवार को लखनऊ में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल होने गए थे । इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में उनको मृत घोषित कर दिया गया । प्रभात पांडे की मौत पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीति गरमा गई । कांग्रेस के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे । बृहस्पतिवार को मृतक प्रभात पांडे का शव अंतिम संस्कार के लिए कालेसर के मोक्षधाम पर लाया गया, जहां शव पहुंचते ही अधिक संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता भी पहुंच गए । भाजपा कार्यकर्ताओं को देखकर कांग्रेसी भड़क गए और आमने-सामने होकर एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे । नारेबाजी के दौरान दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की होने लगी । इस दौरान कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी पहुंच गए । अजय राय को देखते ही भाजपा के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करते हुए वापस जाओ का नारा लगाने लगे । इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी भाजपाइयों से भिड़ गए और मामला बढ़ते देख पुलिस दोनों के बीच में आकर समझाने की कोशिश करने लगी । लेकिन तभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दूसरे रास्ते से प्रदेश अध्यक्ष को शव के पास श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचा दिया । फिर से दोनों कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की होने लगी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह से मामले को संभालते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया । अंतिम संस्कार के दौरान मोक्ष धाम पर काफी गहमा गहमी रही और अधिक संख्या में पुलिस के जवान मौजूद रहे । वही मुखाग्नि पिता दीपक पांडे ने दी । प्रभात अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों में सबसे बड़े थे । प्रभात की एक बहन की दो साल पहले शादी हो चुकी है । जबकि, दूसरी बहन श्रेया की अभी शादी नहीं हुई है । परिवार में अब श्रेया की शादी की तैयारी चल रही थी ।

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