निष्ठा सदैव अपरिवर्तनीय होनी चाहिए

बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज संसार में राम नाम ही शाश्वत सत्य है बाकी सब मिथ्या है। सब कुछ यहीं छोड़ कर जाना है। अतः ईश्वर के प्रति निष्ठा रखें। ध्यान रखें, यह निष्ठा सदैव अपरिवर्तनीय होनी चाहिए। यह विचार बुधवार को नेशनल इण्टर कालेज खेल मैदान में आयोजित श्री राम कथा के सातवें दिन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को राम कथा का रसपान कराते हुए प्रख्यात कथा वाचक राजन जी महाराज ने व्यक्त किया। ____श्री हनुमान सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित राम कथा में कथा प्रेमियों को राजन जी महाराज ने बताया कि भगवद्भक्ति में निष्ठा केवट जैसी होनी चाहिए।भगवान की सेवा कर यदि उनसे कुछ न मांगा जाए तो उनकी भक्ति जरूर मिलती है। जब केवट ने कुछ नहीं लिया तो उसे अपनी विमल भक्ति देकर विदा किया। यदि सेवा कर कुछ मांगना ही है तो उनके चरणों की प्रीति मांगिए। यदि भगवान की विमल भक्ति जीवन में मिल जाय न तो फिर किसी वस्तु की आवश्यकता जीवन में नहीं है। राजन जी ने कहा कि बच्चों में प्रारम्भ से ही यह संस्कार उत्पन्न करना चाहिए कि वो सभी को प्रणाम करें क्योंकि न जाने किस रूप में कोई आ जाय और हमें भगवान की कृपा दिला दे।ऋषि मार्कण्डेय की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता पिता जानते थे कि वे अल्पायु हैं। उन्होंने बालक मार्कण्डेय के अन्दर सभी को प्रणाम करने का संस्कार डाला। वे सभी को प्रणाम करते थे। एक दिन नारद जी आए। नारद जी को उन्होंने प्रणाम किया। ऋषि ने उन्हें चिरंजीवी होने का आशिर्वाद दिया। मार्कण्डेय द्वारा अपनी उम्र बताने पर नारद जी ने अपने आशिर्वाद की मर्यादा रखने को तमाम जतन किए और अंततः बालक मार्कण्डेय चिरंजीवी हुए और ऋषि मार्कण्डेय के रूप में विख्यात हुए। राम कथा को आगे बढ़ाते हुए राजन जी महाराज ने बताया कि भगवान राम, अनुज लक्ष्मण व मां जानकी सहित भारद्वाज मुनि की आज्ञा ले आगे बढ़े।रास्ते में जंगलों, पर्वतों, सरोवरों को देखते चले जा रहे थे। रास्ते में सुन्दर आश्रम देख गदगद हो गए। आश्रम के पास पहुंचे।सूचना पा वाल्मीकि जी बाहर निकले तो दोनों भाई दौड़ कर उनके चरणों में लेट गए। मुनि ने उन्हें उठा सीने से लगा लिया और आशीष देने के साथ उनके दर्शन कर अपने चक्षुओं को तृप्त किया। फिर रामजी ने उनसे रहने के स्थान के बारे में पूछा तो उन्होंने उन्हें चित्रकूट के कामदगिरि पर निवास करने को कहा। भगवान राम ने ऋषि का आदेश पा चित्रकूट पहुंचे। रामजी के आने की खबर पा देवता कोल भीलों के रूप में आ वहां पर्णकुटी का निर्माण किए।रामजी वास्तु पूजा कर पत्नी व भाई समेत उसमें निवास करने लगे।
इसके पूर्व मुख्य यजमान कमलेश पासवान केन्द्रीय राज्य मंत्री, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा मार्कण्डेय राय,आशीष राय ब्लाक प्रमुख बड़हलगंज,
उद्योग पति व समाज सेवी सूरज पाण्डेय,रामगोविन्द यादव अध्यक्ष दवा विक्रेता संघ,संजय दूबे व प्रतिभा दूबे,राजेश पाण्डेय
व रेनू पाण्डेय,पवन कुमार राय व अर्चना राय तथा विंध्याचल पाठक ने व्यास पीठ का पूजन व आरती कर कथा का शुभारम्भ कराया।इस दौरान आयोजक कुलदीप राय, संरक्षक डा. एएन चौबे, अध्यक्ष सूबेदार राय, तारा राय,शैलेष शाही, कैलाश मिश्र, अनिल पाण्डेय, विक्की शाही, राकेश सिंह, कमलेश सिंह, जयनारायण मिश्र, डा वीरभद्र तिवारी,आदि सहित हजारो श्रद्धालु मौजूद रहे।

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