नेत्र कुंभ 2025 – सेवा, संकल्प और समर्पण का ऐतिहासिक संगम

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नेत्र कुंभ 2025 – सेवा, संकल्प और समर्पण का ऐतिहासिक संगम,

महाकुंभ 2025 में अद्वितीय नेत्र सेवा महायज्ञ,

प्रयागराज के महाकुंभ 2025 में विश्व इतिहास के सबसे बड़े नेत्र चिकित्सा अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य नेत्र कुंभ में 5 लाख लोगों की नेत्र जांच, 3 लाख जरूरतमंदों को निशुल्क चश्मा वितरण, और 50,000 मरीजों के मुफ्त नेत्र ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।

यह दिव्य आयोजन नागवासुकी, सेक्टर-5 में 10 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और सक्षम संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस अभियान का संचालन प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई. सिंह जी द्वारा संचालित विमला सेवा संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को प्रतिदिन निशुल्क नेत्र जांच, औषधि वितरण और चश्मा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

नेत्र कुंभ 2025: विश्व के सबसे बड़े नेत्र चिकित्सा अभियान की झलक

उद्घाटन: 5 जनवरी 2025
अवधि : 12 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 (50 दिवसीय सेवा महायज्ञ)

प्रमुख सेवाएं :

• *5 लाख से अधिक लोगों की नेत्र जांच*

• *3 लाख मरीजों को निशुल्क चश्मा वितरण*

• *50,000 मरीजों के सफल निशुल्क नेत्र ऑपरेशन*

• *500 से अधिक नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा*

• *1,000 से अधिक नेत्र सहायक कर्मियों द्वारा सहयोग*

• *नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में ऐतिहासिक प्रयास*

*डॉ. शिव शंकर शाही – नेत्र कुंभ के आधार स्तंभ और समाज सेवा के महायोद्धा*

*समाज सेवा के सच्चे साधक, सक्षम गोरक्ष प्रांत के यशस्वी प्रांत अध्यक्ष*

महाकुंभ 2025 में आयोजित *नेत्र कुंभ* को साकार करने में *सक्षम गोरक्ष प्रांत के प्रांत अध्यक्ष, डॉ. शिव शंकर शाही की महान सेवा भावना और दृढ़ संकल्प* का अमूल्य योगदान है। उनके *दूरदर्शी नेतृत्व, अतुलनीय समर्पण और अनुकरणीय संगठन क्षमता* के बिना यह *दिव्य सेवा अभियान संभव नहीं था।*

*मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ*

डॉ. शिव शंकर शाही केवल एक नाम नहीं, बल्कि समाज सेवा के लिए अनंत ऊर्जा और प्रेरणा का प्रतीक हैं। उनकी अथक मेहनत और सेवाभावना ने नेत्र कुंभ 2025 को एक ऐतिहासिक अभियान बना दिया है।

उनका मानना है कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए और इसी विचारधारा को आत्मसात करते हुए उन्होंने नेत्र कुंभ को केवल एक चिकित्सा शिविर नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन बना दिया है।

*विशेषताएं*

• *नेत्र कुंभ की कल्पना को धरातल पर साकार करने में निर्णायक भूमिका*

• *सैकड़ों डॉक्टरों, स्वयंसेवकों और सेवा संगठनों को एक मंच पर लाना*

• *नेत्र चिकित्सा सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तकनीकी और आधुनिक साधनों का उपयोग*

• *समाज के सबसे जरूरतमंद और वंचित वर्गों को इस सेवा से जोड़ने का संकल्प*

• *सक्षम संगठन के माध्यम से भारत को दृष्टिहीनता मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास*

डॉ. शिव शंकर शाही का व्यक्तित्व त्याग, सेवा, और नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने न केवल नेत्र कुंभ को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

उनके अथक प्रयासों से नेत्र कुंभ 2025, भारत के चिकित्सा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।

*सक्षम भारत – समर्थ भारत के सच्चे संवाहक*

डॉ. शिव शंकर शाही के मार्गदर्शन में सक्षम भारत – समर्थ भारत का संकल्प साकार हो रहा है। उनका कुशल नेतृत्व नेत्र कुंभ 2025 को सिर्फ एक चिकित्सा आयोजन नहीं, बल्कि एक युग परिवर्तन का प्रतीक बना रहा है।

यह आयोजन केवल वैज्ञानिक और चिकित्सा सेवा का संगम ही नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक और मानवीय सेवा की गाथा भी लिख रहा है।

मानवता के सच्चे सेवक

डॉ. शिव शंकर शाही का मानना है कि समाज सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने अपने प्रयासों से लाखों लोगों को नई रोशनी देने का संकल्प लिया है और यह अभियान उनकी अटूट इच्छाशक्ति का प्रतीक बन चुका है।

सक्षम भारत – समर्थ भारत

*डॉ. शिव शंकर शाही*
*प्रांत अध्यक्ष, सक्षम गोरक्ष प्रांत*

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