NFIR का हुंकार : किया रेल कर्मचारियों के हक की आवाज़ को बुलंद 

संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव।

 

बिलासपुर में आयोजित NFIR के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के रेल कर्मचारियों ने अपनी एकता दिखाई। संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।

प्रमुख पदाधिकारियों का संबोधन :-

श्री गुमान सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NFIR): उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी कहा कि “न्यू पेंशन स्कीम” के नाम पर कर्मचारियों के साथ छल किया गया है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली और रेलवे में खाली पड़े 2 लाख से अधिक पदों को तुरंत भरने की मांग की।

*डॉ. एम. राघवैय्या (जनरल सेक्रेटरी, NFIR):* उन्होंने सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों और निजीकरण की आतुरता का कड़ा विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ओपीएस कर्मचारियों का अधिकार है, भीख नहीं” और सरकार को मुनाफे में से कर्मचारियों का हिस्सा देना होगा।

*श्री बी. सी. शर्मा (महामंत्री, उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन एवं कार्यकारी अध्यक्ष एनएफआईआर):* राष्ट्रीय स्तर की मांगों को मजबूती से रखते हुए 8वें वेतन आयोग के तुरंत गठन, ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाने और नई पेंशन योजना के विरोध में आवाज़ बुलंद की।

श्री विनोद कुमार राय (महामंत्री, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ एवं सहायक महामंत्री, एनएफआईआर): रनिंग स्टाफ, टीआरडी, एसी स्टाफ, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, यांत्रिक कारखाने, पॉइंट्स मैंन, स्टेशन मास्टर और कैरिज एंड वैगन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। साथ ही, ‘हॉलिडे होम’ की बुकिंग प्रक्रिया सरल बनाने, पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने, विभागीय परीक्षायों को पारदर्शी बनाने और पास पर कंफर्म टिकट की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।

*श्री रमेश मिश्रा (कार्यकारी अध्यक्ष, PRKS एवं जोनल सेक्रेटरी, NFIR):* ऑपरेटिंग, टिकट चेकिंग और सिग्नल विभाग की चुनौतियों को उठाया। ट्रैक मेंटेनर्स के साथ होने वाले ‘रन-ओवर’ हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए मृतक आश्रितों की तत्काल नियुक्ति और 12-14 घंटे की कठिन ड्यूटी में सुधार पर बल दिया।

प्रमुख मांगें:
✅ पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत बहाल करो।
✅ 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू करो।
✅ रेलवे का निजीकरण और कर्मचारी विरोधी नीतियां बंद करो।
✅ खाली पदों को भरकर कार्यभार कम करो।
✅ हॉलिडे होम की बुकिंग को सरल बनाना
✅ पास पर कन्फर्म टिकट मिलना।
✅ 12-14 घंटे की थकाऊ ड्यूटी पर रोक लगाना।
✅ अनुकम्पा नियुक्ति प्रकिया को सरल बनाना।
✅ सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना
✅ पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने
✅ विभागीय परीक्षायों को पारदर्शी बनाने

“NFIR-PRKS जिंदाबाद!”

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