एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का तीखा बयान, समाज के सम्मान और योगदान का किया उल्लेख
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ब्राह्मण समाज को गाली देना, अपशब्द कहना यह कतई स्वीकार नहीं है।”
एमएलसी ने अपने पत्र में कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और त्याग की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मणों का योगदान अतुलनीय रहा है।
उन्होंने ऋषि दधीचि, परशुराम, चाणक्य, आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, रामदास, छत्रपति शिवाजी महाराज, मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी ने देश और समाज के लिए त्याग और बलिदान दिया है।
देवेन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि ब्राह्मण जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्म, ज्ञान और साधना से बनता है। जहां ज्ञान, तप और त्याग होता है, वहीं ब्राह्मणत्व होता है।
अंत में उन्होंने अपील की कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न किया जाए और सभी वर्गों के सम्मान को बनाए रखा जाए।
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