पोखरा भूमि विवाद: हाईकोर्ट का एसडीएम आदेश पर स्टे, चार सप्ताह में जवाब तलब
गोरखपुर के खरैया पोखरा भूमि विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर 1998 को एसडीएम सदर द्वारा दिए गए आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने नगर निगम और जिलाधिकारी गोरखपुर को चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
यह फैसला हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर को प्रभात कुमार पाठक बनाम उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया। याचिकाकर्ता का कहना था कि 4 दिसंबर 1998 के आदेश में गाटा नंबर 1099, रकवा 1.56 एकड़ जमीन को पोखरा मानते हुए एसडीएम सदर ने एकतरफा आदेश पारित किया था।
मंडलायुक्त ने आदेश खारिज किया था
साल 2001, 2002 और 2004 में मंडलायुक्त गोरखपुर ने 4 दिसंबर 1998 के आदेश को खारिज कर दिया था। हालांकि, 19 सितंबर 2024 को एसडीएम ने इस आदेश को पुनः मान्यता दी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को खरैया पोखरे पर अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया था। इस कार्रवाई के बीच स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखा गया।
अदालत की अगली सुनवाई पर नजर
हाईकोर्ट ने वर्तमान में एसडीएम के आदेश पर स्टे लगा दिया है, जिससे इस मामले में आगे की कार्रवाई रुकी हुई है। प्रशासन और नगर निगम को अब चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
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