रतौंधी, अंधेपन व कुपोषण से बचाव के लिए शुरू हुआ विटामिन ‘ए’ सम्पूरण कार्यक्रम

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रतौंधी, अंधेपन व कुपोषण से बचाव के लिए शुरू हुआ विटामिन ‘ए’ सम्पूरण कार्यक्रम,

एक माह तक टीकाकरण सत्र स्थलों पर पिलाई जाएगी विटामिन ‘ए’ की खुराक,

चरगांवा पीएचसी से ब्लॉक प्रमुख और एडी हेल्थ ने किया जिला स्तरीय अभियान का शुभारंभ,

रोगों से बचाव के साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है विटामिन ‘ए’ की खुराक,

गोरखपुर, 04 दिसम्बर 2024,

रतौंधी, अंधेपन व कुपोषण से बचाव और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने व उनकी वृद्धि के लिए जिले में बुधवार से विटामिन ‘ए’ सम्पूरण कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके तहत एक माह तक नियमित टीकाकरण के सभी सत्र स्थलों पर नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई जाएगी । इस अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह और एडी हेल्थ डॉ एनपी गुप्ता ने किया। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ बीएम राव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ धनंजय कुशवाहा और स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी मनोज कुमार ने भी उद्घाटन कार्यक्रम में बच्चों को दवा पिलाया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों से इस अभियान का शुभारंभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया। विटामिन ‘ए’ की पहली खुराक आधा चम्मच (एक एमएल) नौ माह पर दी जाती है, जबकि दूसरी खुराक एक चम्मच (दो एमएल) एक वर्ष की आयु के बाद दी जाती है। नौ माह से पांच वर्ष की उम्र तक कुल नौ बार बच्चे को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई जानी अनिवार्य है। सभी पात्र बच्चों को यह दवा पिलाई जा सके, इसके लिए तीन जनवरी तक यह अभियान चलेगा। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता की मदद से नजदीकी टीकाकरण सत्र स्थल पर अपने पाल्य को ले जाकर यह दवा एएनएम की मदद से पिलाई जा सकती है। इस दवा से निमोनिया और डायरिया से भी बचाव होता है। साथ में यह मीजिल्स होने की स्थिति में मृत्यु दर और जटिलता को कम करती है।

सीएमओ डॉ दूबे ने बताया कि जिले के 594 उपकेंद्रों, तेईस शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, रेलवे एवं जिला महिला अस्पताल में नियमित टीकाकरण स्थल पर अभियान के दौरान दवा पिलाई जाएगी। जिले में नौ माह से पांच वर्ष तक के करीब 5.76 लाख बच्चों को दवा पिलाई जानी है। इनमें नौ से बारह माह के करीब 65000 बच्चे, एक से दो वर्ष तक के करीब 1.23 लाख बच्चे और और दो से पांच वर्ष तक के 3.88 लाख बच्चे शामिल हैं। यह दवा सभी पात्र बच्चों को निर्धारित मात्रा में सरकारी खर्चे पर पिलाई जाती है।

उद्घाटन के मौके पर चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रफुल्ल कुमार राय, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ विनय, डॉ अमरनाथ, डॉ वीके सिंह, डॉ पवन कुमार, डॉ श्वाति, बीपीएम गगन, लोकेंद्र, रुदल, यूनिसेफ संस्था के प्रतिनिधि चिरंजीव आदि प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

*5.53 लाख बच्चों ने पी थी दवा*

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि यह अभियान वर्ष में दो बार चलता है। पिछले वर्ष जून में चले अभियान के दौरान 5.53 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई गई थी। दवा पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।

टीकाकरण और दवा सेवन सुरक्षित,

चरगांवा पीएचसी पर सबसे पहले विटामिन ‘ए’ की दवा का सेवन करने वाली 16 माह की बच्ची ऋषिका की मां अल्का (30) ने बताया कि नियमित टीकाकरण व इस दवा का सेवन बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। उनकी बच्ची इससे पहले भी यह दवा पी चुकी है। उनका मायका गोरखपुर के गंगानगर मोहल्ले में है। वह पीएचसी पर बच्ची के टीकाकरण के लिए ही आई थीं। इसी दौरान उनकी बच्ची को अधिकारियों द्वारा इस दवा का सेवन कराया गया।

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