गोरखपुर। गोरखपुर में समावेशी शिक्षा को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। जिसका संचालन श्रीमती शिखा तिवारी और डॉ. मनीषा तेवतिया द्वारा किया गया। इस चर्चा में विशेष शिक्षकों, परामर्शदाताओं, मनोवैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. संजय कुमार, मनोवैज्ञानिक और विभागाध्यक्ष, सीसीएस विश्वविद्यालय मेरठ तथा अध्यक्ष, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता भारत; डॉ. रीना तोमर, मनोवैज्ञानिक, एससीईआरटी, और प्रतिभा मैडम, विशेष शिक्षिका, एपीएस गोरखपुर उपस्थित रहीं। सभी विशेषज्ञों ने समावेशी शिक्षा के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन, सरकारी नीतियों की कमियों और विशेष बच्चों की समाज में स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
पैनल ने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि समाज में जागरूकता की कमी और संसाधनों का अभाव समावेशी शिक्षा के मार्ग में बड़ी बाधा है। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि विशेष बच्चों के लिए कौशल प्रशिक्षण, सहायक शिक्षकों की उपलब्धता और अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर संकल्प लिया कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
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