श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया भक्त ध्रुव व वामन अवतार का प्रसंग

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“श्रीमद्भागवत कथा के बाद प्रतिदिन चल रहा है विशाल भंडारा सैकड़ो लोग करें प्रसाद ग्रहण”

प्रभारी ब्यूरो-संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर

खजनी।गोरखपुर-भागवत कथा में सुनाया भगवान वामन अवतार प्रसंग रुद्रपुर खजनी में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार को चौथ दिन रहा। कथावाचक श्रीमद भागवत कथा के मुख्य कथवाचक वृन्दावन के पंडित श्रीपाद तुलसीदास प्रभु जी के द्वारा कथा कहा जा रहा है।भक्तों को भगवान वामन अवतार व समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया गया।
कथावाचक वृन्दावन के पंडित श्रीपाद तुलसीदास प्रभु जी सुना रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा मे बताए भक्तों को भगवान वामन अवतार व समुद्र मंथन का प्रसंग,

उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ और अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह धन संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। उन्होंने बताया कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईषर्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईषालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए। भगवान सूर्य बिना किसी भेदभाव के सृष्टि के सभी प्राणियों को अपना प्रकाश देते हैं। वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। बादल परोपकार के लिए गरजते हुए वर्षा करते है, नदियां किसी से नहीं पूछती कि तुम मेरा जल क्यों पीते हो और वृक्ष भी किसी व्यक्ति से यह नहीं पूछते कि तुम मेरे फल क्यों तोड़ते हो, लेकिन स्वार्थी मानव इष्र्यालु होता जा रहा है। यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा।

वामन भगवान की झांकी दिखाई,

जिसके मुख्य जजमान रामकिशोर त्रिपाठी व श्रीमती उर्मिला त्रिपाठी कथा का रसपान कर रहे हैं रोजाना सैकड़ो की संख्या में कथा का रसपान करके के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

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