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भारत इजराइल सम्बन्ध पर कार्यशाला का आयोजन
पीपीगंज बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय पीपीगंज ,गोरखपुर में रक्षा अध्ययन विभाग के तत्वाधान में भारतीय वैश्विक परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित भारत इजराइल संबंध अतीत से वर्तमान: चुनौतियों और संभावनाएं विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के प्रथम दिन मुख्य अतीत प्रो रजनीकांत पाण्डेय पूर्व कुलपति सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थ नगर ने कहा कि भारत एवं इजराइल ऐतिहासिक संस्कृति-सभ्यता एवं विचाराधारा रही है जिसने दोनों देशों के संबधों पर पर्याप्त प्रभाव डाला है जिसे हम वर्तमान में दोनों देशों के संबधों में स्पष्ट रूप से देख पा रहे हैं। उन्होंने भारत की आजादी के पूर्व एव आजादी के पश्चात दोनों देशों संबन्धों पर चर्चा की तथा इसके साथ ही 90 के दशक में दोनों देशों के संबन्धों में हुए बदलावों को भी विस्तृत रूप से बताया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत-इजराइल के रिश्तों में आए बदलावों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। सांस्कृतिक संबंधों से लेकर रक्षा और सामरिक संबंधों तक, दोनों देशों ने एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझा है।
विशिष्ट अतिथि डॉ ध्रुव ज्योति भट्टाचार्य वरिष्ठ शोध अध्येयता भारतीय वैश्विक परिषद नई दिल्ली ने परिषद के विषय में सामान्य जानकारी देते हुए कहा कि भारत और इस्राइल संबन्धों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक है जिससे कि भविष्य में दोनों देशों के संबन्धों के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सके।
विशिष्ट अतीथ डॉ शक्ति जायसवाल सहआचार्य राजनीति विज्ञान विभाग बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर ने कहा कि भारत इजराइल सम्बंधो की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए फ़िलीस्तीन का इनके संबन्धों पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तृत रूप बताया। उन्होंने राजनीतिक, स्ट्रेटेजिक,कूटनीतिक, सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ और धार्मिक प्रभावों पर चर्चा करते हुए धार्मिक प्रभावों को अत्यधिक महत्ता दी और इसके ऐतिहासिक प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताया।
विशिष्ट अतिथि प्रो श्याम कुमार सिंह प्राचार्य पवित्रा डिग्री कॉलेज मनीराम गोरखपुर ने कहा किभारत इजराइल संबन्धों के ऐतिहासिक पारस्परिक संबन्धों को बताते हुए कहा कि अतीत से ही दोनों देश एक दूसरे को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करता रहे है, परंतु वर्तमान में दोनों के हितों में और वैश्विक दृष्टिकोणों में परिवर्तन होने के कारण उसका प्रभाव दोनों देशों के पारस्परिक संबधों पर भी पड़ा जिसमें फ़िलीस्तीन का भी प्रभाव देखने को मिलता है l ।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो मंजु मिश्रा ने स्वागत उदबोधन देते हुए कहा कि भारत-इजराइल संबंधों के बारे में चर्चा होना दुर्लभ है। भारत और इजरायल दोनों ने रक्षा सहयोग, निवेश और व्यापार नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया है
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रबंधक कमाल जावेद ने कहा कि दोनों देशों ने विज्ञान और तकनीक में विकास किया है और अब अंतरिक्ष तकनीक के मामले में भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देशों ने एक साथ कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। दोनों ने कूटनीतिक साझेदारी से लेकर सामरिक साझेदारी तक खुद को विकसित किया है।इस अवसर पर विषय प्रवर्तन करते हुए महाविद्यालय के भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ सुनील कुमार प्रसाद ने कहा कि’भारत-इजराइल सम्बन्ध अतीत से वर्तमान : चुनौतियां एव सम्भावनायें’ के सन्दर्भ भारत इजराइल समबन्ध के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को बताते हुए वर्तमान में दोनों के पारस्परिक संबन्धों एवं संभावनाओं को संक्षिप्त रूप से बताया।
महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ नित्यानंद ने आभार व्यक्त किया एवं संगोष्ठी के संयोजक डॉ करुणेंद्र सिंह ने मंच संचालन किया। तकनीकी सत्र में शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र का वाचन भी किया गया। अतिथियों द्वारा महाविद्यालय की पत्रिका “बापू पथ ” एवं भारत -इजराइल संबंध अतीत से वर्तमान:चुनौतियां और संभावनाएं” विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर अन्य महाविद्यालय से आए हुए प्राचार्य ,शिक्षक गण एवं महाविद्यालय के शिक्षक डॉ राकेश प्रताप सिंह,डॉ रवि शंकर पाण्डेय ,डॉअमित कुमार तिवारी, डॉ संजीत कुमार सिंह, डॉ देवनारायण पांडेय, डॉ अतुल कुमार शुक्ला, नितिन कुमार लाल, डॉ सुनील कुमार प्रसाद, डॉ श्रीराम यादव ,डॉ दीपमाला यादव ,डॉ रंजू यादव, डॉ आनंत प्रकाश पांडेय, डॉ विशाल रंजन त्रिपाठी, प्रेमलता यादव, शैलजा पांडे, रेखा ,संदीप जायसवाल, साक्षी शाही एवं महाविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी, छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे साथ ही इस संगोष्ठी में गूगल मीट के माध्यम से भी प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। -

अवैध निर्माणों पर चला नगर निगम का बुलडोजर, जनता ने जताया विरो
गोरखपुर के खरैया पोखरा के सुंदरीकरण में बाधक अवैध निर्माणों पर चला नगर निगम का बुलडोजर, जनता ने जताया विर

गोरखपुर के नगर निगम की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ शाहपुर थाना क्षेत्र के खरैया पोखरा के सुंदरीकरण में बाधक अवैध निर्माणों को तोड़ने के लिए बुधवार को 12:00 बजे के करीब पहुंची
तीन माह पूर्व नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त पैमाइश में 1.55 एकड़ क्षेत्रफल में 15 लोगों का अवैध कब्जा मिला था, जिसमें 6 लोगों ने पक्का निर्माण कर लिया था
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रवर्तन दल ने निर्माण कार्य को रोकने के साथ ही बाकायदा लाउडस्पीकर के जरिए पूर्व में ही अतिक्रमण हटाने के लिए घोषणा की थी
बुधवार को भारी पुलिस फोर्स के साथ जब टीम अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने पहुंची तो लोगों ने जमकर विरोध किया
कुछ लोग नगर निगम और प्रवर्तन दल की टीम के विरोध में सड़क पर लेट गए और कुछ बुलडोजर के आगे लेट कर विरोध जताने लगे
इसके बावजूद भारी पुलिस फोर्स और प्रवर्तन दल की टीम ने बल प्रयोग करते हुए लोगों को वहां से हटाया और अतिक्रमण व अवैध निर्माण को गिरा दिया
भारी पुलिस फोर्स और प्रवर्तन दल के साथ आलाधिकारियों की मौजूदगी की वजह से लोगों के विरोध का कोई फायदा नहीं हुआ प्रवर्तन दल की टीम पूरी एक्शन में दिखाई दी
पुरुष के साथ महिलाओं ने भी प्रवर्तन दल के आगे हाथ-पैर जोड़े, लेकिन उनकी एक नहीं और खरैया पोखरा के सुंदरीकरण को लेकर चल रही कार्रवाई का कोई खास विरोध नहीं कर सका
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा व सुविधा का संगम बनेगा खिचड़ी मेला
गोरखपुर, 16 दिसंबर। मकर संक्रांति के पर्व से शुरू होकर एक माह से अधिक समय तक चलने वाला गोरखनाथ मंदिर का विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा का संगम बनेगा। इसे लेकर प्रशासन के कई विभागों की तैयारियां जोरों पर हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिचड़ी मेले की जारी तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस अवसर पर लगने वाले खिचड़ी मेले को लेकर गोरखनाथ मंदिर का मेला परिसर सजने-संवरने लगा है।
गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा जताने आते है लाखों श्रद्धालु
खिचड़ी मेले में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा, बिहार और नेपाल से भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं के आने-जाने से लेकर मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, ठंड से बचाव या फिर आकस्मिक जरूरत में चिकित्सा तक, हर दृष्टिकोण से जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विगत दिनों हुए समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा था कि खिचड़ी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सेवा और सुविधा विशेष प्राथमिकता होनी चाहिए।खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सर्वाधिक जिम्मेदारी नगर निगम की तरफ से उठाई जाएगी। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के मुताबिक खिचड़ी मेले के दौरान समूचे परिसर की समुचित सफाई के लिए नगर निगम दो महीने तक 40 सफाईकर्मियों की तैनाती करेगा। इसके साथ ही 5 मोबाइल शौचालय बनाए जा रहे हैं। परिसर को मच्छर व अन्य कीड़ों से मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। मेला परिसर कूड़ा मुक्त रहे इसके लिए अलग अलग स्थानों पर 30 डस्टबिन रखे जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था के लिए 25 हैंडपम्प लगाए जा रहे हैं और 22 टोटी तथा 4 पानी टैंकर की भी व्यवस्था रहेगी।
चूंकि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर और ठंड अधिक होती है इसलिए मुख्यमंत्री ने पर्याप्त संख्या में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दे रखे हैं। इस निर्देश के क्रम में नगर निगम ने मेला परिसर/मंदिर परिसर में अलाव जलवाने के लिए कुल 20 स्थानों को चिन्हित किया है। इसमें हर उस क्षेत्र को कवर किया जा रहा है जहां श्रद्धालु मौजूद रहते हैं।
छह स्थानों पर होगी वाहनों की पार्किंग
गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाले खिचड़ी मेले में नगर निगम और पुलिस विभाग की तरफ से छह स्थानों पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र परिसर, एमपी पॉलिटेक्निक, रामलीला मैदान अंधियारी बाग, मेवालाल गुप्त गुरुकुल माध्यमिक विद्यालय, भगवती प्रसाद महिला महाविद्यालय और दुर्गाबाड़ी के पास स्थित जूनियर इंस्टिट्यूट को चयनित किया गया है।एक मेला थाना और सात चौकियां बनाएगा पुलिस विभाग
खिचड़ी मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस विभाग एक अस्थायी मेला थाना और साथ अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना करेगा। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बीते दिनों खिचड़ी मेला की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया था कि मेला थाना गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा। जबकि मंदिर के दक्षिणी गेट के निकट, उत्तरी गेट के पास ओंकार मेडिकल स्टोर्स के बगल में, यात्री निवास के बगल में वीआईपी गेट के पास, मेला क्षेत्र में झूलों व खेलतमाशों के बीच, दशहरीबाग तिराहा ट्रांसफार्मर के पास, कौड़ीहवा मोड़ और जेपी हॉस्पिटल के सामने अस्थायी पुलिस चौकी सेवारत होगी। मुख्य पर्वों, रविवार और मंगलवार को विशेष यातायात डायवर्जन के इंतजाम किए जाएंगे।वाच टॉवरों से होगी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की रहेगी तैनाती
मेला परिसर की निगरानी के लिए पुलिस विभाग की तरफ से कुल नौ वाच टॉवरों, सीसी कैमरों की व्यवस्था रहेगी। जबकि सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में तैनात पुलिस बल के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया जाएगा। मंदिर के आसपास के मोहल्लों, गलियों में भी श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए पुलिस की ड्यूटी लगाई जाएगी। एहतियात के तौर पर चार स्थानों पर फायर टेंडर की व्यवस्था रहेगी जबकि भीम सरोवर के पास पीएसी की फ्लड यूनिट और एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के जवान तैनात किए जाएंगे।स्वास्थ्य विभाग भी रहेगा मुस्तैद
खिचड़ी मेला अवधि में गोरखनाथ मंदिर में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्पेशल मेडिकल कैम्प लगाया जाएगा जहां पर्याप्त संख्या में मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यहां स्थायी एम्बुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी।स्पेशल ट्रेन चलाएगा पूर्वोत्तर रेलवे
खिचड़ी मेले में दूरदराज के श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बनाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से पांच रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचलन किया जाएगा। ये स्पेशल ट्रेनें नौतनवा-गोरखपुर, बलरामपुर-बढ़नी-गोरखपुर, बेतिया-कप्तानगंज-गोरखपुर, छपरा-देवरिया-गोरखपुर और गोंडा-सहजनवा-गोरखपुर के बीच चलाई जाएंगी।17 स्थानों से मिलेंगी रोडवेज की बसें
गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले को लेकर यूपी रोडवेज ने भी विशेष इंतजाम की कार्ययोजना बनाई है। रोडवेज की तरफ से 17 स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा। इससे नौतनवा, ठूठीबारी, पडरौना, कप्तानगंज, देवरिया, मऊ, बढ़नी, सिद्धार्थनगर, डुमरियागंज, बस्ती, खलीलाबाद, बलरामपुर, गोंडा, बड़हलगंज, गोला, दोहरीघाट और पिपराइच से श्रद्धालुओं का आवागमन आसान होगा। -

गोरखपुर: तीन मंजिला इमारत में भीषण आग, त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
गोरखपुर के कैंपियरगंज इलाके में बीती रात एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। इमारत में स्थित कपड़ों और ज्वेलरी की दुकानों का लाखों का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी और फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई से समय रहते एक बड़ा हादसा टाल दिया गया।
आग लगने के दौरान इमारत की ऊपरी मंजिलों पर कुछ लोग फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए इलाके को खाली कराया और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।बड़ा नुकसान, लेकिन जनहानि से बचाव
हालांकि, आग में सोने-चांदी के गहनों और कपड़ों सहित करीब 25 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया,
पुलिसकर्मियों का साहस सराहनीय
आग बुझाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिसकर्मी विवेक कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्यों में हिस्सा लिया और घायल हो गए। उनका यह साहसिक कदम प्रशासन की प्रतिबद्धता और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
आग का कारण जानने के लिए जांच जारी
फिलहाल आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और स्थिति की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
प्रभावितों को मिलेगा हरसंभव सहयोग
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम रोहित मौर्य समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उचित मुआवजा एवं सहायता का आश्वासन दिया।
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संभल में बड़े एक्शन की तैयारी, कल मिले मंदिर में एसपी संग पूजा के बाद डीएम ने बताया पूरा प्लान
संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के बाद जिला प्रशासन एक्टिव है। हिंसा वाले इलाके में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर गैरकानूनी कार्यों पर नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को यहां एक हजार साल पुराने मंदिर को चार दशक बाद खोला गया। अब जिला प्रशासन बड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है। उसके निशाने पर अब यहां के कूप, पुरवे, सराय और तीर्थ हैं। डीएम ने हिंसा वाले इलाके में चल रही कार्रवाई और प्लान का समझाया। इसके साथ ही कल खोले गए मंदिर में रविवार को खुद डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी बिश्नोई ने पूजा पाठ की। दशकों बाद खुले शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने मथुरा से लाए लड्डू प्रसाद के रूप में चढ़ाए।
डीएम ने कहा कि यहां पर चार तरह की कार्रवाईकी जा रही है। पहला यह है कि जो शुरुआत में ही बताया गया कि संभल में 19 कूप, 36 पुरवे, 52 सराय और 68 तीर्थ हैं। इनकी खोज करने में पूरी टीम लगी हुई है। दूसरा जो अस्थायी अतिक्रमण नालियों आदि पर किया गया है, उन्हें हटाया जा रहा है। स्थायी अतिक्रमण को नोटिस देने के बाद पूरी प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा। तीसरा बिजली चोरी के खिलाफ एक्शन है। बिजली चोरी में अभी तक पांच करोड़ का एसेसमेंट बनाया गया है। बिजली चोरी रोकने केलिए आर्मड केबल लगाया जा रहा है। चौथा प्लान गैरकानूनी गतिविधियों पर एक्शन की तैयारी है।
वहीं, कल मिले मंदिर को लेकर डीएम ने बताया कि वहां पर सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। पुलिस टीम भी सुरक्षा में लगा दी गई है। अतिक्रमण को लेक डीएम ने कहा कि कोई भी तालाब सार्वजनिक संपत्ति होती है। सुप्रीम कोर्ट भी कहता है कि इनकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। जिसने भी तालाब पर अतिक्रमण किया है उन्हें नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश में माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश में माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: गोरखपुर और देवरिया के अपराधियों पर कसा शिकंजा, संपत्तियों की जब्ती और सजा पर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में अपराध और माफियाराज पर लगाम कसने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बार फिर सख्त कदम उठाए हैं। बीते 21 महीनों में माफियाओं और उनके गिरोहों के खिलाफ हुई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत ब्योरा अब शासन ने जिलों से तलब किया है। इसमें यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है कि माफियाओं के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की गई, कितनों की संपत्तियां जब्त की गईं और कितने अपराधियों को सजा दिलाई गई। इस प्रदेशव्यापी अभियान में गोरखपुर और देवरिया के माफियाओं पर विशेष रूप से फोकस किया गया है।
पिछले साल 25 मार्च 2022 को प्रदेश सरकार ने अपराध और माफियाराज खत्म करने के उद्देश्य से 68 कुख्यात माफियाओं की सूची तैयार की थी। इस सूची में गोरखपुर के चार और देवरिया के एक माफिया का नाम भी शामिल है। इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में किसी भी तरह के अपराध और माफियाराज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गोरखपुर के चार माफियाओं में पहला नाम विनोद उपाध्याय का है, जो फरारी के दौरान पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। विनोद उपाध्याय पर हत्या, फिरौती और अवैध उगाही जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। दूसरा नाम सुधीर सिंह का है, जो गोरखपुर समेत कई जिलों में दर्ज मामलों का सामना कर रहा है। हाल ही में सुधीर सिंह को आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है। तीसरे माफिया राकेश यादव को भी दो मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और उस पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। चौथे नाम के तौर पर पूर्व विधायक राजन तिवारी का जिक्र किया गया है, जिन्हें गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह जमानत पर रिहा हैं। वहीं, देवरिया और लखनऊ के कुख्यात माफिया रामू द्विवेदी के खिलाफ भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उसे सजा दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि इन माफियाओं पर अब तक की गई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट में यह भी बताया जाना अनिवार्य है कि इन अपराधियों की कितनी संपत्तियां जब्त की गईं, कितने मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया गया, और कितनों को अदालत में दोषी साबित कर सजा दिलाई गई। गोरखपुर और देवरिया के माफियाओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि इन जिलों के माफियाओं का अपराध जगत में व्यापक प्रभाव माना जाता है।
हालांकि, 2022 तक 68 माफियाओं में से 17 पर कार्रवाई में ढिलाई की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें से पांच माफियाओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था, जबकि 12 के मामलों में केवल औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। इसके बाद से शासन ने इन माफियाओं पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया को तेज किया है। गोरखपुर के सुधीर सिंह और राकेश यादव के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हुई है, वहीं देवरिया के रामू द्विवेदी के मामलों में लखनऊ और देवरिया पुलिस ने मिलकर उसकी संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया शुरू की है।
गोरखपुर और देवरिया में पुलिस प्रशासन ने माफियाओं के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। विनोद उपाध्याय का एनकाउंटर प्रशासन की सख्ती का एक बड़ा उदाहरण है, जिसने अपराधियों के बीच डर पैदा किया है। सुधीर सिंह, राकेश यादव और राजन तिवारी के मामलों में भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है, जबकि रामू द्विवेदी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में माफियाराज को खत्म करना उसकी शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। पुलिस और प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि न केवल माफियाओं को सजा दिलाई जाए, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों को भी ध्वस्त किया जाए। सरकार के इस कदम से स्पष्ट संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और माफियाराज पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए यह अभियान तेज और प्रभावी बनाया जाएगा।
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राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस 2024 का हुआ आयोजन
इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) और इंस्टिटूशन्स ऑफ इंजीनियर्स गोरखपुर लोकल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस 2024 का आयोजन 14 दिसंबर को भव्य रूप से संपन्न हुआ । यह कार्यक्रम आईटीएम के प्रांगण में आयोजित किया गया । जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न संकायों के छात्रों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर-पूर्व रेलवे के मुख्य विद्युत अभियंता राजेश गुप्ता ने दीप प्रज्वलन के साथ किया । अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा, “ऊर्जा संरक्षण केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के सतत विकास के लिए भी अत्यावश्यक है ।”
मदन मोहन मालवीय एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष इं जे. बी. राय ने कहा, “ऊर्जा संरक्षण में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है ।
डॉ. पवन कुमार मिश्रा, वरिष्ठ निदेशक, सीआईडीसी, नई दिल्ली ने कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा ही भविष्य का आधार है ।”
कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रमुख केंद्र बनी । प्रदर्शनी में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, और ऊर्जा कुशल उपकरणों जैसे मॉडलों और प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया गया । इसमें छात्रों ने ऊर्जा संरक्षण से संबंधित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए । कार्यक्रम के अंत में निर्णायक मण्डल के द्वारा प्रथम, द्वितीय इब तृतीय स्थान पर चयनित छात्रों को मुख्य अतिथि के द्वारा सम्मानित किया गया ।
संस्थान के निदेशक और इंस्टिटूशन्स ऑफ इंजीनियर्स गोरखपुर लोकल चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. एन. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “ऊर्जा संरक्षण दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे जीवन में जागरूकता का एक संदेश है ।
इस अवसर पर फार्मेसी के निदेशक डॉ पी डी पंडा, इं एम डब्लू बेग, इं के पी सिंह, डॉ नरेन्द्र सिंह, डॉ आर पी सिंह, डॉ निधि गुप्ता, डॉ ए आर त्रिपाठी, डॉ आर एल श्रीवास्तव,विनीत राय, डॉ आशुतोष गुप्ता सहित संस्थान के सभी शिक्षकगण एवं समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद रही । -

डेरवा के रमन सिंह बने चिल्लूपार केशरी, चिल्लूपार वीर अभिमन्यु जितेन्द्र व चिल्लूपार कुमार बने शिवम
बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे):- बड़हलगंज विकास खंड क्षेत्र के मैंभरा डेरवा के खेल मैंदान में सरयू अमृत महोत्सव के तहत पहलवान जय नारायण सिंह व पहलवान हरि निषाद की स्मृति में चिल्लूपार केशरी, वीर अभिमन्यु व चिल्लूपार कुमार कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन शनिवार को डेरवा मैभरा के फिल्ड मे किया गया। इस कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 51 जोड़ी पहलवानो ने दांव आजमाया। चिल्लूपार केशरी डेरवा के रमन सिंह, व वीर अभिमन्यु डेरवा के जितेंद्र व कुमार डेरवा के शिवम रहे। उत्तरप्रदेश कुश्ती का प्रतिनिधित्व करने वाले चिल्लूपार केशरी बने रमन सिंह ने रामबाग के सुन्दरम यादव को हरा कर खिताब अपने नाम किया। सभी विजेताओ एंव उपविजेताओ को सरयू महोत्सव में पुरस्कृत एंव सम्मानित किया जायेगा। इसके पहले प्रतियोगिता का शुभारम्भ करते हुए चिल्लूपार विधायक और महोत्सव के मुख्य आयोजक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि कुश्ती प्रतियोगिता से युवाओ में एक ऊर्जा का संचार होगा। इसी क्रम में इस बार का महोत्सव अलग और ऐतिहासिक रूप ले चुका है इस बार सभी तरह के प्रतिभा को यह मौक़ा दिया जा रहा है ! आज हो रहे कुश्ती को चिल्लूपार में पहली बार मैट पे कराया जा रहा है जिससे की पहलवान यहाँ से निकल कर ओलंपिक में भाग ले सके! सरयू महोत्सव आयोजन कार्यक्रम में सभी तरह के खेलो में प्रतिभागी युवाओ का सम्मान किया जायेगा। कुश्ती संयोजक भारतीय कुश्ती टीम के कोच चन्द्रविजय सिंह ने सभी आगन्तुको का आभार प्रकट किया। संचालन शैलेष पहलवान व रेफरी जितेंद्र सिंह रहे। इस दौरान बड़हलगंज ब्लाक प्रमुख राम आशीष राय, चेयरमैन प्रतिनिध महेश उमर, ग्राम प्रधान प्रेमप्रकाश सिंह, हरेन्द्र सिंह, प्रशांत शाही, आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी , पहलवान श्याम दुलारे यादव, ओम प्रकाश यादव , मुख़्तार यादव , उमेश यादव , विद्याधर पांडेय , विनय पांडेय , अखिलेश चंद , शिव प्रकाश शाही , सागर शाही , विनय तिवारी , पूर्व प्रमुख राम बेलस यादव , आशीष सिंह, सत्यसेन सिंह, आनंद त्रिपाठी, विशाल सिंह, अंकुर पांडेय , प्रवीण दूबे , रुद्र प्रताप सिंह, गुड्डू बाबा आदि लोग मौजुद थे।
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खण्ड शिक्षा अधिकारी बड़हलगंज मनोजीत राव होंगे सम्मानित
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) : निपुण भारत मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद के पांच शिक्षा अधिकारियों को शनिवार को मरकरी हॉल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा।खंड शिक्षा अधिकारी बड़हलगंज मनोजीत राव को भी उनके बेहतरीन योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
वर्तमान खंड शिक्षा अधिकारी बड़हलगंज मनोजीत राव अपने बेहतर कार्य शैली व स्वच्छ छवि के साथ अपनी एक अलग पहचान लोगों के बीच बनाई है।इनकी मेहनत व लगन के बल पर बड़हलगंज के प्राथमिक स्कूलों की दशा में आमूल चूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सरकारी स्कूल बच्चों के नामांकन, उपस्थिति, कायाकल्प से बेहतर हुए तो वहीं प्राइवेट स्कूलों को शासन की मंशा के अनुसार संचालित किए जाने पर पूरा जोर दिया। इसके पूर्व जनपद सुल्तानपुर में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य किया जिसके लिए उन्हें शनिवार को लखनऊ में सम्मानित किया जाएगा। खण्ड शिक्षा अधिकारी मनोजीत राव की इस उपलब्धि पर बड़हलगंज के शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त किया है और उन्हें बधाई दी है।बधाई देने वालों में शिक्षक संघ के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष एवं वर्तमान जिला उपाध्यक्ष दिग्विजय नारायण राय दिग्गू , जिला संगठन मंत्री अभय कुमार राय, आलोक राय, कमलेश राय, दयाशंकर यादव, हरेंद्र कुमार भैंसहट, सुनील पांडेय लखनापार, कमल उपाध्याय,अमित कुमार सिंह डेरवा, क्रांति लाल यादव, बीआरसी सहायक विपुल कुमार राय एवं समस्त स्टॉप सहित शिक्षक व शिक्षिकाएं शामिल हैं।










