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  • ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित ही एक मात्र मुक्ति का उपाय: आचार्य मनमोहन मिश्र पटना में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

    ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित ही एक मात्र मुक्ति का उपाय: आचार्य मनमोहन मिश्र पटना में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज: मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया। यह विचार ग्राम पंचायत पटना में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य मनमोहन मिश्र ने व्यक्त किया। ___बड़हलगंज विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पटना में आयोजित कथा में आचार्य मनमोहन मिश्र ने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। व्यास पीठाधीश्वर ने मंगलवार को भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। भजन मंडली की ओर से प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे।इस अवसर पर विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी, उनके प्रतिनिधि आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी, अभिषेक पाण्डेय आदि ने व्यास पीठ का दिव्य दर्शन,पूजन और आरती कर महाराज जी का आशिर्वाद प्राप्त किया।कथा के मुख्य यजमान रविन्द्रनाथ त्रिपाठी,सुमित्रा देवी व आनन्द त्रिपाठी,हरिशंकर सिंह,अमित त्रिपाठी,आदित्य सिंह,अनिल सिंह, हेमंत त्रिपाठी, उदयनरायन त्रिपाठी,लल्लन त्रिपाठी, गिरजा तिवारी, संतोष पाठक,सत्यदेव यादव प्रधान नेतवार,गौरीशंकर सिंह,जनार्दन गुप्ता,रामदयाल यादव,रामशीस यादव, बिहारी यादव, धनेश्वर शर्मा,भगेलू शर्मा, शम्भू गुप्ता, घनश्याम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामनिवास यादव,अर्जुन यादव, दर्शन यादव, गोलू त्रिपाठी,प्रथमेश त्रिपाठी, मोलू त्रिपाठी,आदित्य त्रिपाठी, संजय शर्मा, हरिहर शर्मा, श्रीवास्तव मास्टर, आशुतोष सिंह, स्वतंत्र त्रिपाठी,रणधीर त्रिपाठी, दिग्विजय त्रिपाठी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो कथा का रसपान किए।

  • पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ 17 को

    पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ 17 को

    गोरखपुर: जन जन के सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य, सुरक्षा, दिर्घायु जीवन एवं उज्ज्वल भविष्यत हेतु गायत्री महायज्ञ, अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज, हरिद्वार के सतत् मार्गदर्शन में गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गोरखपुर के द्वारा राप्तीनगर क्षेत्र के गणेशपुरम कॉलोनी में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं विराट दीप यज्ञ का आयोजन दिनांक 17 नवम्बर, दिन – रविवार को प्रातः 9 बजे से गणेशपुरम में निकट पोखरा के पास आयोजित किया जा रहा है, जो युग परिवर्तन की बेला में जन जन के लिए बहुत ही लाभकारी एवं स्वास्थ्यवर्धक होगा।

    मुख्य ट्रस्टी दीना नाथ सिंह ने विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि दिनांक 17 नवम्बर को पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ को सम्पन्न कराने शान्तिकुंज हरिद्वार से देवदूत साध्वी बहिन प्रोफेसर गायत्री देवी एवं टोली का आगमन हो रहा है।
    युग परिवर्तन की बेला में गायत्री महायज्ञ में भविष्य में आने वाली आपदा एवं जन जन के सुख, शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य, सुरक्षा, दिर्घायु जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु वैदिक मंत्रों से आहुति प्रदान कर प्रार्थना किया जाएगा।
    गायत्री महायज्ञ प्रातः 9 बजे से एवं दीप यज्ञ सायं 4 बजे से आरम्भ होगा।
    कार्यक्रम में पर्यावरण से संरक्षण हेतु पौधों का वितरण होना है। सभी कार्यकर्ता भाईयों बहिनो को जिम्मेदारी वितरण करके समझदारी, जिम्मेदारी, ईमानदारी एवं बहादुरी के साथ आत्मीय विस्तार के बढ़ा कर आदर्श समाज की स्थापना हेतु संकल्पित कराया गया है।

  • दीनी तालीम के साथ सम्पन हुआ सामूहिक निकाह

    दीनी तालीम के साथ सम्पन हुआ सामूहिक निकाह

     

    बुरी आदतों से पश्चाताप कर, जामाअत में निकले युवा,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बडहलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) के दक्षिणांचल स्थित उपनगर बड़हलगंज में सामूहिक निकाह और दीनी प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जानकर बुजुर्गों और मौलानाओं ने लोगों को दीन/धर्म के मूल कर्तव्यों, ग़ुस्ल के कर्तव्यों और धर्म का पालन करने की शिक्षा दी। इस्लामी विद्वानों ने शराब और जुए और युवाओं के समय की बर्बादी पर विस्तृत भाषण दिया, जिस से कई लोग जो शराब के आदी थे शराब से तौबा की, जुए में शामिल होने से तौबा कर ली और सौ से अधिक युवाओं ने समय और शरीर बर्बाद करने वाले खेल न खेलने की तौबा कर ली, कई युवाओं ने नशा और शराब छोड़ने का अल्लाह से वादा किया तो कई लोगों ने अपनी बुरी आदतों से तौबा कर तबलीगी जमातों में निकलने की शपथ लिया। इस जलसे में निजामुद्दीन दिल्ली से मौलाना शौकत कासमी, मौलाना शमीम अहमद आजमी, मौलाना हशीम अहमद आजमी और मौलाना इफ्तिखार अहसन गोंडा आदि ने अहम भाषण दिये। जलसे में 300 से ज्यादा गांवों से हजारों लोग मौजूद थे। इस दौरान 10 जोड़ो की बिना दहेज और बरात सुन्नत के अनुसार निकाह भी सम्पन्न हुआ हुआ।

  • परीक्षित की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

    परीक्षित की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

    श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज विकास खण्ड की ग्राम पंचायत पटना में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा के दूसरे दिन सोमवार को प्रख्यात कथा वाचक पूज्य आचार्य मनमोहन मिश्र जी ने राजा परीक्षित संवाद, शुकदेव जन्म सहित अन्य प्रसंग सुनाया। कथा वाचक ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वन में चले गए। उनको प्यास लगी तो समीक ऋषि से पानी मांगा। ऋषि समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि साधु ने अपमान किया है। उन्होंने मरा हुआ सांप उठाया और समीक ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने समीक ऋषि के पुत्र को दी। ऋषि के पुत्र ने शाप दिया कि आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प आएगा और राजा को खत्म कर देगा। समीक ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। समीक ऋषि ने जब यह सूचना जाकर परीक्षित महाराज को दी तो वह अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां बड़े ऋषि, मुनि देवता आ पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। शुकदेव को देखकर सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमे। कथा में दूसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा सुनने आए। विधायक राजेश त्रिपाठी के जनसंपर्क प्रभारी राजीव पाण्डेय ने व्यास पीठ की आरती कर आशिर्वाद प्राप्त किए। इस अवसर पर कथा के यजमान रविन्द्र नाथ त्रिपाठी व सुमित्रा देवी,हेमंत त्रिपाठी,अष्टभुजा सिंह,अजय दुबे, टाइगर दुबे,सुरेश मिश्र,कृष्ण मोहन मौर्या,हरिश्चन्द्र सिंह,गौरीशंकर सिंह,हरिशंकर सिंह, समाजसेवी आनन्द त्रिपाठी,अमरजीत सिंह, अनिल सिंह,आशुतोष सिंह, राजन सिंह,आदित्य सिंह,अमित त्रिपाठी, विनय सिंह,संजय तिवारी, सुरेश तिवारी, रामदयाल यादव, लल्लन त्रिपाठी, उदय नारायन त्रिपाठी,दिग्विजय त्रिपाठी, राधेश्याम मिश्रा,स्वतंत्र त्रिपाठी,रणधीर त्रिपाठी, हीरालाल गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, राधेश्याम सिंह, विकास सिंह, गोबरी शर्मा, राजदेव यादव, विनय तिवारी ,बहादुर शर्मा, मुन्ना गौड ,प्रथमेश त्रिपाठ सहित भारी संख्या श्रद्धालु भागवत कथा का रसपान के लिए उपस्थित रहे।

  • गुरुनानक तेरी जय होवे के गूंज में निकली शोभायात्रा

    गुरुनानक तेरी जय होवे के गूंज में निकली शोभायात्रा

    सिख समाज की शोभायात्रा में दिखी सेवा और भक्ति की लहर

    जगह-जगह स्वागत कर लोगों ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
    गोरखपुर। सिख धर्म के संस्थापक सतगुरु श्री गुरुनानक देव के प्रकाशपर्व के अंतर्गत सोमवार को निकली भव्य शोभायात्रा देखने लायक रही। शोभायात्रा में गुरबाणी के भजनों की गूंज के साथ भक्ति और सेवा का ऐसा ज्वार था कि शहरवासी इसे देखकर मोहित हो गए।
    शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्रमुख गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जटाशंकर से दोपहर 3 बजे अरदास के साथ हुआ। अरदास में पूर्व मेयर श्री मती सत्या पांडे भी सम्मिलित हुई । नगर कीर्तन का सबसे आगे पंजाब से आए बैंड पार्टी का आकर्षण, उसके पीछे सड़कों की सफाई व जल छिड़काव करते युवक- युवतिया, उसके बाद घोड़े पर सवार सशस्त्र पंच प्यारे भव्य रूप से सुसज्जित श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगवानी करते चल रहे थे। सबसे पीछे भारी संख्या में पैदल चल रही महिलाओं ने गुरबाणी गायकी से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा था। शोभायात्रा जटाशंकर से प्रारंभ होकर आर्यनगर, बक्शीपुर, जुबली इंटर कॉलेज रोड, अग्रसेन तिराहा, टाउन हॉल गोलघर से धर्मशाला चौराहा होते हुए सायंकाल 7 बजे पुनः गुरुद्वारा जटाशंकर पहुंची, जहां आरती अरदास और भव्य पुष्प वर्षा के बाद गुरु का लंगर प्रसाद ग्रहण कर लोग अपने घर को प्रस्थान किए। शोभायात्रा की अगवाई कर रहे हैं गुरुद्वारा जटाशंकर के अध्यक्ष जसपाल सिंह जी ने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व के अंतर्गत 14 नवंबर की रात्रि गुरुद्वारा साहिब में भव्य कीर्तन दरबार और गुरु के लंगर प्रसाद का कार्यक्रम चलेगा, उसके बाद 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु महाराज का प्रकाशपर्व सुबह 8 से शाम 3 बजे और रात्रि 6 से 11 बजे तक बहुत ही भव्य रूप से मनाया जाएगा। श्री सिंह ने शोभायात्रा के सफल समापन पर समस्त अतिथियों, श्रद्धालुओं, आगंतुको एवं सेवादारों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू, मैनेजर राजेंद्र सिंह, चरनप्रीत सिंह मोंटू, डॉ दीपक सिंह, धर्मपाल सिंह, रविंदर पाल सिंह, हरप्रीत सिंह साहनी, कुलदीप सिंह नीलू, मनमोहन सिंह लाडे, मनजीत सिंह भाटिया, चिरंजीव सिंह हनी, सैयद असीम रउफ जोगिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, अब्दुल्ला जी केशव मृगवानी, महेश रतलानी, नंदलाल लखमानी, मिन्नत जी बलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में विभिन्न समाज के लोगों की सहभागिता रही।

  • श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप: पं.मनमोहन मिश्र

    श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप: पं.मनमोहन मिश्र

     

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) पटना मे सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस पर प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य पं मनमोहन मिश्रा के द्वारा श्रीमद् भागवत पुराण और श्रीमद् भागवत कथा के संदर्भ को भक्ति भाव से सरोबार करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। इस कथा के रसपान से सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
    उन्होंने कहा कि कथा की आवाज जिनके जिनके कानों तक पहुंचती है वह पुण्य के भागी होते हैं। कथा के पहले दिन नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने व्यास पीठ की आरती की। मुख्य यजमान रविन्द्रनाथ त्रिपाठी, सुमित्रा देबी, आनंद त्रिपाठी, संजय दुबे, उदनरायन त्रिपाठी, दिग्विजय नाथ त्रिपाठी, गौरीशंकर सिंह, पूर्व प्रधान पटना हृदयशंकर सिंह, अनिल सिंह, कामेश्वर सिंह, हेमंत त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी, गणेश तिवारी, रिशु मिश्रा, भोला सिंह, विकास सिंह, गोलु सिंह, छोटे सिंह, राम जी यादव, राधेश्याम सिंह, आशुतोष सिंह, ओमप्रकाश सिंह, स्वतंत्र त्रिपाठी, रणधीर त्रिपाठी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।