अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन की सलाह, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर भी खुलकर बोलने की चुनौती
हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, मथुरा और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रहे हैं, उन्हें अपना इतिहास भी याद रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को राम भक्तों ने अपने परिश्रम और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहले ही विश्व स्तर पर नई पहचान दिला दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि उस समय कृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने और कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करने जैसी नीतियां अपनाई गई थीं।
प्रमुख बातें :-
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सुंदरीकरण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी है।
अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे “सद्बुद्धि” प्राप्त हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और मथुरा-वृंदावन के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी से स्पष्ट रुख अपनाने की चुनौती भी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास पर कार्य कर रही है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए उनकी सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी राजनीतिक दल की मोहताज नहीं है और आज वह वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान स्थापित कर चुकी है।
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