अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक वैश्विक टैरिफ (आयात शुल्क) को अवैध घोषित कर दिया है। यानी कोर्ट ने कहा है कि ट्रंप ने बिना कांग्रेस की मंज़ूरी के जो टैरिफ लगाए थे, वे संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति के अधिकार के बाहर थे।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने 6-3 की राय में ट्रंप के व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। यह आदेश International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत आए टैरिफ पर लागू होता है।
कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति के पास बिना कांग्रेस की अनुमति के व्यापक व्यापार शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है — यह शक्ति संविधान के तहत कांग्रेस को दी गई है
अगर यह निर्णय लागू होता है, तो अमेरिकी सरकार को टैक्स के रूप में वसूले गए अरबों डॉलर वापस लौटाने पड़ सकते हैं। अनुमान है कि लगभग $175 अरब से ज्यादा राशि लौटानी पड़ सकती है।
यह फैसला वैश्विक व्यापार नीतियों और अमेरिका की व्यापार रणनीति पर बड़ा प्रभाव डालेगा, खासकर उन देशों के साथ जिन पर ये टैरिफ लगाए गए थे।
ट्रंप प्रशासन अन्य कानूनी आधारों (जैसे कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत नए टैरिफ लागू करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन यह अधिकार अब सीमित हो गया है।
आज भारत मण्डपम में कांग्रेस ने अराजकता फैलाई, शर्मनाक घटना की गई कांग्रेस द्वारा,भारत की छवि खराब करने का प्रयास कांग्रेस द्वारा किया गया..
AI समिट में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के 4 पदाधिकारियों को दिल्ली पुलिस ने चिन्हित किया. अन्य की तलाश जारी. सूत्रों के मुताबिक़ ये 4 नाम थे. रजिस्टर करके अंदर पहुंचे थे.
1.कृष्णा हरि, राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC)
2.कुंदन यादव, बिहार प्रदेश सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC)
3.अजय कुमार, उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस
4. नरसिम्हा यादव, राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस
भारत मंडपम में जाकर “यूथ कांग्रेस” के कार्यकर्ता “टॉपलेस” ड्रामा करके, सोच रहे थे कि वह कुछ “क्रांतिकारी” कर रहे हैं।
एआई समिट नरेन्द्र मोदी या बीजेपी का नहीं था, बल्कि यह देश का आयोजन था।
खैर, वहां पर तुरंत ही जनता द्वारा प्रतिसाद दे दिया गया। हालांकि, इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अब जरा कांग्रेस वाले यह सोच लें कि जब वो इस तरह की हरकत करते हैं, तो जनता की सोच पर क्या असर पड़ता है?
खुले निर्माणाधीन नाले में साइकिल लेकर गिरा 12 साल का मासूम, पेट में सरिया घुसने से तड़पकर दम तोड़ा, लापरवाहों पर गिरी गाज
यूपी के गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है. निर्माणाधीन सड़क और नाले के साथ खुले मेनहोल में गिरने से लगातार हो रही।मौतों से लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की तन्द्रा नहीं टूट रही है, ताजा मामला यूपी के गोरखपुर का है. जहां दो दिन पहले साइकिल सीख रहें 12 साल का एक मासूम खुले नाले के केबिल ट्रंच में साइकिल समेत गिर गया. केबल ट्रंच (तार को रोकने के लिए बनाया गया लोहे का एंगल/छड़/सरिया) पेट में घुसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों ने उसके पिता को सूचना दी. इसके बाद आनन-फानन में उसे लोहे के सरिया से निकाल कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया ,जहां डेढ़ घंटे के बाद उसकी मौत हो गई। इस लापरवाही में जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) के टेक्निकल सुपरवाईजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करते हुए संबंधित अवर अभियन्ता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही मण्डलायुक्त द्वारा इस मामले की जाँच हेतु अपर जिलाधिकारी नगर व मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी गठित किया है जो पूरे मामले की जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र में 18 फरवरी बुधवार को शाम निर्माणाधीन नाले में 12 साल का मासूम कन्हैया चौरसिया साइकिल सीखते समय गिर गया। खुले निर्माणाधीन नाले में निकला सरिया उसके पेट में घुस गया, जिसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. जहां डेढ़ घंटे बाद उसने तड़पकर दम तोड़ दिया. वह 5वीं क्लास में पढ़ता था. 4 दिन पहले पिता ने उसे साइकिल गिफ्ट की थी. वो साइकिल चलाकर दोस्तों के साथ अपने घर वापस आ रहा था. तभी अचानक साइकिल अनियंत्रित हो गई. वह साइकिल समेत नाले में गिरा, तब नाले (केबिल ट्रंच) में निकला सरिया सीधे उसके पेट में धंस गया. वह सरिया में फंसकर चिल्लाने लगा. आवाज सुनकर आस-पास के लोग आए. लोगाें ने हिम्मत करके सरिया में फंसे बच्चे को किसी तरह बाहर निकालकर सड़क पर लेटा दिया।
बच्चा सड़क पर ही खून से लथपथ हालत में दर्द से तड़प रहा था. इस दौरान लोग बच्चे से बोल रहे थे कि घबराओ मत ठीक हो जाओगे. फिर आपस में बातें करने लगे. तभी बच्चे के पिता श्याम सुंदर चौरसिया कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचे. पिता बच्चे को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गए. जहां पर इमरजेंसी में करीब 1 घंटा 30 मिनट तक उसका इलाज चला।
डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान कन्हैया की मौत हो गई. जैसे ही बाहर खड़े मां-बाप को खबर मिली, वहां चीख पुकार मच गई. चिलुआताल थाना क्षेत्र के मुड़ीला उर्फ मुंडेरा निवासी श्याम सुंदर चौरसिया के 3 बेटों में कन्हैया सबसे बड़ा है। इससे छोटे भाई 6 साल का शिवा और 8 साल का किशन है. श्याम चौरसिया सब्जी बेचते हैं. उनकी पत्नी साधना हाउस वाइफ हैं. श्याम सुंदर ने बताया कि कन्हैया को साइकिल चलाने का शौक था. वह दूसरे बच्चों से साइकिल मांगता था. तब उसे डांट फटकार सुननी पड़ती थी. यह देखकर अच्छा नहीं लगता था।
श्याम सुंदर चौरसिया, मृतक का पिता का बयान
14 फरवरी वेलेंटाइन डे को 2600 रुपए की एक साइकिल खरीदकर कन्हैया को गिफ्ट किया था. श्याम सुंदर चौरसिया ने बताया कि कन्हैया चौरसिया दोस्तों के साथ साइकिल सीख रहा था. 18 फरवरी की शाम करीब 5 बजे दोस्तों के साथ साइकिल चलाने वार्ड नंबर 5 मनबेला, राप्ती नगर विस्तार कॉलोनी के पास गया था. वापस आते समय शाम करीब 5 बजे साइकिल लेकर वह निर्माणधीन नाले में गिर गया. नाले में गिरते समय खड़ी सरिया उसके शरीर में घुस गई. उस समय वो बाजार में सब्जी बेच रहा था. तभी उसे घटना की जानकारी दी गई. घटनास्थल से घर की दूरी भी करीब 1 किमी है, इसलिए वो बाजार से भागते हुए वहां पहुंचा. श्याम सुंदर ने बताया कि कन्हैया सड़क पर दर्द से तड़प रहा था. वहां लोगों ने उसे नाले से बाहर निकाला था. बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई. श्याम सुंदर ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने एक्स्ट्रा लोहे की छड़ नहीं हटाई. साथ ही नाले का ढक्कन भी खुला छोड़ दिया था. इस वजह से ही बच्चे की मौत हो गई।
GDA का बयान.
इस घटना के संबंध में जीडीए (गोरखपुर विकास प्राधिकरण) के उपाध्यक्ष (वीसी) आनंद वर्धन ने बताया कि 18 फरवरी को एक बच्चे के खुले केबिल ट्रंच में गिरने के कारण दु:खद मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है. गोरखपुर विकास प्राधिकरण के राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना के 24 मीटर सड़क के दोनों तरफ भूमिगत केबिल ट्रंच का कार्य कराया गया है, जिसे दिनांक 3 अप्रैल 2023 से प्रारम्भ कराया गया था. 25 जून 2025 को इसे पूरा कर लिया गया. ट्रंच को पूरी तरह से तैयार कर ऊपर से आरसीसी स्लैब ढका गया था. स्लैब हट जाने की वजह से हुए हादसे में 12 साल के बच्चे के गिरने और सरिया पेट में घुसने से मौत हो गई. इस घटना की जांच कराई जा रही है. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाईजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करते हुए संबंधित अवर अभियन्ता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है. परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मण्डलायुक्त द्वारा इस मामले की जाँच हेतु अपर जिलाधिकारी नगर व मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी के नेतृत्व में एक जाँच कमेटी गठित किया है. जो पूरे मामले की जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के बहुप्रतीक्षित वार्षिक चुनाव का परिणाम घोषित होते ही पत्रकार साथियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। दिन भर चले मतदान के बाद मतगणना संपन्न हुई और देर शाम चुनाव अधिकारियों ने विजयी प्रत्याशियों के नामों की औपचारिक घोषणा की। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराए जाने को लेकर चुनाव टीम की व्यापक सराहना भी हुई।
घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर ओंकार द्विवेदी ने शानदार जीत दर्ज की। उनके समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और जोरदार नारेबाजी कर खुशी का इजहार किया। वहीं महामंत्री पद पर पंकज श्रीवास्तव को पत्रकारों का भरपूर समर्थन मिला और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ते हुए विजय हासिल की। उपाध्यक्ष पद पर धनेश कुमार ने जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ का परिचय दिया। संयुक्त मंत्री पद पर महेंद्र गौड़ गंवार विजयी रहे। चुनाव परिणाम आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। कोषाध्यक्ष पद पर दुर्गेश यादव ने भरोसे की जीत हासिल की। पत्रकार साथियों ने उन पर विश्वास जताते हुए संगठन की आर्थिक जिम्मेदारी सौंपी। पुस्तकालय मंत्री पद पर संजय कुमार ने जीत दर्ज की और उन्होंने पुस्तकालय को और अधिक सुदृढ़ एवं उपयोगी बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यकारिणी सदस्य पदों पर अजीत सिंह, डॉ. मनोज मिश्रा और रजनीश कुमार त्रिपाठी ने विजय प्राप्त की। इन सभी प्रत्याशियों के समर्थकों ने चुनाव परिणाम को संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। विजयी प्रत्याशियों ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार परिवार की जीत है। सभी ने भरोसा दिलाया कि वे प्रेस क्लब की गरिमा, एकता और पत्रकार हितों की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
चुनाव अधिकारी वागीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। उन्होंने सभी मतदाताओं, प्रत्याशियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से चुनाव सफलता पूर्वक कराया जा सका। सहायक चुनाव अधिकारी डी.के. गुप्ता, आलोक दुबे और बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव ने भी पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा।
चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ कैंट योगेंद्र सिंह और इंस्पेक्टर संजय सिंह अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उनकी निगरानी में मतदान केंद्र पर अनुशासन बना रहा और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय सूचना नहीं मिली।
परिणाम घोषित होने के बाद प्रेस क्लब परिसर बधाइयों से गूंज उठा। विजयी प्रत्याशियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया गया। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि नई टीम संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने सभी मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे चुनाव के दौरान मिले समर्थन और स्नेह को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो साथी चुनाव में जीत नहीं सके, वे भी संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सभी को साथ लेकर ही आगे बढ़ा जाएगा।
इस तरह गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का चुनाव उत्साह, भाईचारे और लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ संपन्न हो गया। अब सभी की निगाहें नई टीम के कामकाज पर टिकी हैं, जिससे पत्रकार हितों को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
SC ने पश्चिम बंगाल में दस्तावेजों की पड़ताल और फाइनल वोटर लिस्ट की समयसीमा को 1 हफ्ते बढ़ाया। पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने की डेडलाइन 14 फरवरी थी।
SC ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सुनिश्चित करें कि उसकी ओर उपलब्ध कराए गए 8505 ग्रुप बी के अधिकारी कल शाम 5 बजे तक निर्वाचन अधिकारी(निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को रिपोर्ट करे ।
कोर्ट ने साफ किया कि माइक्रो ऑब्ज़र्वर या राज्य सरकार के ग्रुप B के अधिकारियों की भूमिका सिर्फ ERO को सहयोग करने को रहेंगी।वोटर लिस्ट पर अंतिम फैसला ERO ही लेंगे ।
चुनाव आयोग की ओर से कोर्ट को शिकायत की गई कि उनके अधिकारियो के साथ हिंसा हो रही है, ऑब्जेक्शन फॉर्म जलाए जा रहे है पर ऐसे लोगों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। कोर्ट ने इस पर राज्य के DGP को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि DGP हलफनामा दाखिल कर बताए कि पुलिस क्या कर रही है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR प्रक्रिया में हम कोई बाधा नहीं आने देंगे,प्रक्रिया में जहां भी सुधार की जरूरत पड़ेगी, उसको लेकर आदेश जारी किया जाएगा,लेकिन SIR में अगर किसी ने अड़चन पैदा करने की कोशिश की तो वो हम नहीं होने देंगे, यह सभी राज्यों को समझ लेना चाहिए।
5 दिन से बस्ती पुलिस अपने सब इंस्पेक्टर को नही खोज सकी…
मृत भाई के प्रति पुलिस के बेहद लचर रवैये से आहत दरोगा के पीसीएस अधिकारी भाई-भाभी धरने पर बैठने को बाध्य…
एडीएम झांसी व उनकी पत्नी पत्नी बस्ती पुलिस के लचर रवैये अव्यवहारिक व्यवहार से क्षुब्ध हुए, अपने मृत दरोगा भाई अजय गौड़ को न्याय दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों पर बिफर पड़े.
अजय गौड़ बस्ती पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे 5 दिन से लापता थे, ज़िला पुलिस खोज पाने में नाकाम रही, कल शाम उनका शव बहते हुए अयोध्या में सरयू नदी से बरामद हुआ
सीओ हरैया और एसओ परसरामपुर की कार्यशैली पर सवालिया निशान।
बॉयफ्रेंड से नाराजयुवती पहुंची सुसाइड के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची, कंट्रोल रूम की सूचना पर बचाया GRP ने
गोरखपुर रेलवे पर जीआरपी पुलिस में उस उक्त हड़कम मच गया जब GRP पुलिस को लखनऊ कंट्रोल रूम से शनिवार को एक युवती को रेलवे ट्रैक पर सुसाइड की सूचना मिली. सूचना के बाद पुलिस अलर्ट हुई संघन चेकिंग चलाया नंबर ट्रेस तब युवती के पास जीआरपी के जवान दौड़ते हुए वहां पहुंचे तो देखा एक लड़की ट्रैक के बीच में खड़ी है, उसके सामने से एक ट्रेन आ रही थी। तत्काल पुलिस दौड़ लगाते हुए लड़की तक पहुंची.उसे पकड़कर किनारे कर उसकी जान बचाई.लड़की की काउंसलिंग करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया.
गोरखपुर :रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक 22 साल की युवती बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने पहुंच गई. लखनऊ कंट्रोल रूम की सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस अलर्ट हुई संघन चेकिंग चलाया नंबर ट्रेस किया और समय रहते उसे प्लेटफार्म नंबर तीन से बचा लिया. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
सूचना लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने की पुलिस को दोपहर करीब 1 बजे दी.सूचना मिली कि एक लड़की गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुसाइड करने पहुंची है.इसके बाद पुलिस जल्दी-जल्दी लड़की की तलाश शुरू की।काफी देर तक सर्च करने के बाद भी लड़की स्टेशन पर कहीं नहीं मिली.पुलिस ने कंट्रोल रूम से लड़की का मोबाइल नंबर प्राप्त किया.इसके बाद हाइटेक तकनीक से नंबर ट्रैक करना शुरू किया. तभी उसकी लोकेशन 3 प्लेटफार्म पर मिला.वहां जब पुलिस पहुंची तो एक जींस और जैकेट पहने लड़की रेलवे ट्रैक के बीचो बची खड़ी दिखी. उसी समय उस ट्रैक पर एक ट्रेन भी आ रही थी.पहले दूर से ही पुलिस ने चिल्लाकर उसे हटाना चाहा, लेकिन लड़की ने अनसुना कर दिया. इसके बाद दौड़ते हुए पुलिसकर्मी समय रहते लड़की के पास पहुंच गए, उसे ट्रेन आने से पहले ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचा लिया गया।
लड़की से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में रहती है.उसका एक लड़के से काफी दिनों से अफेयर चल रहा है. रोज डे के दिन बॉयफ्रेंड से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था.इसके बाद वह सुसाइड करने का मूड बना ली. इसलिए वह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई.रेलवे स्टेशन पर खड़ी होकर उसने एक वीडियो बनाया. जिसमे वह कहती दिख रही है कि मैं बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने जा रही हूं. यह वीडियो उसने अपने सहेली को भेज दिया.सहेली ने पहले कॉल कर उसे समझाना चाहा, लेकिन वह नहीं मानी.तब सहेली ने लखनऊ कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी. जहां से तत्काल सूचना गोरखपुर जीआरपी को दी गई.सहेली की समझदारी और जीआरपी की सक्रियता से लड़की की जान बचाई गई.
रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक एक्सपर्ट को बुलाकर लड़की की कांउसलिंग कराई गई.उसने बताया कि वह ग्रेजुएशन करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है. इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर सौंप दिया गया.लड़की ने विश्वास दिलाया कि आगे ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी.
गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शनिवार को तहसील कैंपियरगंज का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों, जन शिकायतों के निस्तारण, रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष तथा विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा। डीएम के अचानक पहुंचने से कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील सभागार पहुंचे जहां उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से तहसील क्षेत्र में चल रहे राजस्व वादों, वरासत, नामांतरण, पैमाइश और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता वाले मामलों का निस्तारण समय सीमा के भीतर हर हाल में किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
कार्यालय व्यवस्था, अभिलेख और जनसेवा की गुणवत्ता परखी, दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम रिकॉर्ड रूम पहुंचे और अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति देखी। उन्होंने पुराने दस्तावेजों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन की प्रगति और फाइलों की उपलब्धता के बारे में पूछा। संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आवश्यक अभिलेख सुव्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखे जाएं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्ध कराए जा सकें।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई से जुड़े रजिस्टर भी चेक किए। उन्होंने कहा कि तहसील आने वाले फरियादियों को अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं। हर प्रार्थना पत्र पर गंभीरता से सुनवाई हो और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक समाधान के रूप में दिखना चाहिए।
कंप्यूटर कक्ष के निरीक्षण के दौरान डीएम ने ऑनलाइन सेवाओं, प्रमाण पत्रों के निर्गमन और राजस्व सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल सेवाओं को और तेज व पारदर्शी बनाया जाए ताकि आम जनता को सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के समय कुछ फरियादी भी मौजूद मिले। डीएम ने उनसे सीधे बातचीत कर समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ काम करना होगा। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करें, जिससे आमजन को बेहतर सेवा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सिद्धार्थ पाठक तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।