उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
Baghpat के मुख्य विकास अधिकारी यानी CDO का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई।
खास बात यह है कि बीते दो दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश में दो CDO को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है।
पहला मामला बागपत का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा मामला Etah जिले से जुड़ा हुआ है।दोनों मामलों में आरोप रिश्वत मांगने से जुड़े बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो के बाद शासन स्तर पर सख्ती दिखाई गई है और प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के पुलिस अधीक्षक CM योगी
से गोरखपुर में मुलाकात कर उन्हें अपनी शादी का निमंत्रण दिया।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई अपने माता-पिता के साथ गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की और अपनी शादी का कार्ड भेंट करते हुए समारोह में शामिल होने का आग्रह किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह मुलाकात गोरखपुर में हुई, जहां मुख्यमंत्री से मिलकर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और उनके परिवार ने विवाह समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
इस अवसर पर परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे और मुख्यमंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।
शासनादेश के अनुसार 2, /3 और 4 मार्च को सरकारी छुट्टी रहेगी, जबकि 1 मार्च रविवार होने से कर्मचारियों को लगातार चार दिन का अवकाश मिलेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 28 फरवरी (शनिवार) कार्यदिवस रहेगा और सभी विभाग खुले रहेंगे। इस दिन नियमित कामकाज होगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि होली से पहले हर हाल में *सभी कर्मचारियों को वेतन और मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। इसमें नियमित कर्मचारियों के साथ आउटसोर्सिंग कर्मी, संविदाकर्मी और सफाईकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वेतन भुगतान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विदेश दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया। आदेश जारी होते ही कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। लगातार चार दिन की छुट्टी से प्रदेश भर में त्योहार की तैयारियां तेज होने की संभावना है।
पांचवीं और आठवीं की अनुमति पर दसवीं-बारहवीं तक कक्षाएं, जर्जर बसों में सफर—जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठे प्रश्न
गोला,गोरखपुर. जनपद के गोला तहसील के गोला, बड़हलगंज और उरुवा में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय अधिवक्ताओं और अभिभावकों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में विद्यालय या तो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं या फिर निर्धारित मानकों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
मान्यता पांचवीं और आठवीं तक, पढ़ाई दसवीं-बारहवीं तक
सूत्रों का दावा है कि कई विद्यालयों को बेसिक शिक्षा विभाग से केवल कक्षा पांच तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन वे आठवीं, दसवीं यहां तक कि बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। कुछ संस्थानों को आठवीं तक की अनुमति है, फिर भी वे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर तक प्रवेश लेकर शिक्षण कार्य चला रहे हैं, सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ संचालक एक ही मान्यता के आधार पर दो-दो स्थानों पर विद्यालय चला रहे हैं। यदि यह तथ्य सही है तो यह नियमों की खुली अवहेलना है। सवाल उठ रहा है कि आखिर इन विद्यालय संचालकों का मनोबल इतना बढ़ा कैसे कि वे प्रशासनिक नियमों को खुली चुनौती दे रहे हैं?
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ — फिटनेस खत्म, ड्राइवर अनुभवहीन
विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बस और मैजिक वाहन लगाए गए हैं, लेकिन कई वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त बताई जा रही है। कुछ वाहनों के चालकों के पास वैध लाइसेंस तक नहीं है और न ही उनका पुलिस सत्यापन हुआ है।
दिनभर सड़कों पर फर्राटा भरते ये वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, पर परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही.
भारी फीस वसूली, सुविधाएं ‘जीरो’
इन विद्यालयों में सुविधाओं के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस ली जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग तस्वीर पेश करती है। कई स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई दयनीय स्थिति में है। पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं है। गर्मी के मौसम में कक्षाओं में पंखे तक पर्याप्त नहीं मिलते, जिससे बच्चे और शिक्षक दोनों परेशान रहते हैं,शिक्षा के नाम पर लाखों की वसूली के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर निरीक्षण और मानक निर्धारण की प्रक्रिया कागजों तक ही सीमित क्यों है.
विभागीय चुप्पी या मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों को इन विद्यालयों की पूरी जानकारी है, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही। यदि समय रहते उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं,शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय में लापरवाही सीधे बच्चों के भविष्य से जुड़ी है। ऐसे में विभागीय निष्क्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अभिभावकों की उम्मीद और हकीकत का टकराव
अभिभावक इस उम्मीद में अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजते हैं कि वे बेहतर शिक्षा और सुविधाएं पाएंगे उसी संदर्भ में अभिभावक कहते है कि “मेरा बच्चा पढ़ेगा-लिखेगा, नवाब बनेगा।” लेकिन यदि विद्यालय ही अवैध, मानक विहीन और सुविधाहीन हों, तो यह सपना टूटने में देर नहीं लगती, स्थानीय चर्चाओं में एक कड़वी टिप्पणी सुनने को मिल रही है “अगर बच्चा ऐसे अवैध और मानक विहीन स्कूल में पढ़ेगा, तो नवाब नहीं, पर खराब जरूर बनेगा।”.
छह माह पूर्व ही थी जांच, मिली थी अनियमितता
करीब छह माह पूर्व गोला क्षेत्र के गोपालपुर में खंड शिक्षा अधिकारी गोला, उदय शंकर राय द्वारा की गई जांच में दो विद्यालयों में कुछ कमियां पाए जाने का मामला प्रकाश में आया था। जांच के दौरान स्पष्ट अनियमितता मिलने के बावजूद संबंधित विद्यालयों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके पश्चात न तो किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की गई और न ही अन्य विद्यालयों पर कोई आगे की जांच या दंडात्मक कदम उठाया गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे है.
विद्यालयों की सुरक्षा पर उठे सवाल, प्रशासन से जांच की मांग
गोला तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने क्षेत्र के विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है। वरिष्ठ अधिवक्ता भारतेंदु दुबे, राम लखन राय, गिरिजेश शाही, आमोद गौड़ सहित अन्य अधिवक्ताओं ने कहा कि यह मामला किसी एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र में ऐसी अनेक समस्याएं मौजूद हैं, जिन पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालयों में पूर्ण विश्वास के साथ भेजते हैं, ऐसे में विद्यालय प्रबंधन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे सुरक्षा एवं व्यवस्था के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। अतः प्रशासन को चाहिए कि वह इस विषय को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे.
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुर धीरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें फिलहाल उक्त मामले की कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। आपके माध्यम से प्रकरण संज्ञान में आया है संबंधित अधिकारी को मौके पर भेजकर इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.
गोरखपुर। गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर माफी गांव के सामने कुआनो नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल बन गया। लगातार नदी में शव मिलने की घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार सुबह ग्रामीणों ने नदी में एक शव उतराता देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान अमरजीत पुत्र चुन्नीलाल, निवासी दुघरा गांव, थाना उरूवा क्षेत्र के रूप में हुई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से जुड़ा हुआ है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पति घर के बाहर फोन पर कर रहा था बात पत्नी ने घर के अंदर घटना को दिया अंजाम।
बच्ची के लाश के पास सिंदूर से लगा था टीका, होता था पूजा पाठ जिससे तंत्र मंत्र का भी है आशंका
पहली पत्नी के मौत के बाद 25 जनवरी 2026 को दूसरी शादी कर घर लाया था पति ,पहली पत्नी से थी तीन साल की मासूम।पिपराइच थाना क्षेत्र के इमलिया उर्फ विजहरा की है ये दर्दनाक और शर्मनाक घटना,महिला घटना को अंजाम देने के बाद घर से भाग रही थी।गांव के लोगों ने दौड़ाकर किसी तरह पकड़ा पुलिस को सौंपा,रात बारह बजे की है घटना।
रात को ही मौके पर सीओ कैंट थाना प्रभारी पिपराइच मम फोर्स पहुचे।
गोरखपुर जिले के कुसम्ही* बाजार क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सौतेली मां ने तीन साल की मासूम बच्ची की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के दौरान महिला ने बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया जा रहा है कि घटना इमलिया उर्फ विजहरा गांव, थाना पिपराइच थाना क्षेत्र की है। बुधवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी महिला ने घर के अंदर इस वारदात को अंजाम दिया, जबकि उसका पति घर के बाहर फोन पर बात कर रहा था।
घटना के बाद जब परिजन और आसपास के लोगों ने अंदर का मंजर देखा तो उनके होश उड़ गए। मासूम बच्ची का शव घर में पड़ा था और उसके पास सिंदूर से टीका किया गया था, जिससे तंत्र-मंत्र की आशंका भी जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला की शादी 25 जनवरी 2026 को हुई थी। पति की पहली पत्नी की मौत हो चुकी थी और उसी पत्नी से तीन साल की यह बच्ची थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद महिला ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला घर से भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन गांव के लोगों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
सूचना मिलते ही रात में ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी पिपराइच पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर की एक महिला डॉक्टर के साथ छेड़खानी और बैड टच का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना 22 फरवरी की रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है, जब पीड़िता शहर के ओरियन मॉल से लौट रही थीं।
जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने डॉक्टर का करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया और इस दौरान लगातार अश्लील टिप्पणियां करते रहे। आरोप है कि एक युवक ने डराने के लिए अपनी शर्ट भी उतार दी। जब पीड़िता एम्स के गेट नंबर-2 के पास पहुंचीं, तब एक युवक ने उनके साथ बैड टच किया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
कैंपस पहुंचने के बाद पीड़िता ने North East Federation of All India Resident Doctors (नाफोर्ड) में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया।
इस मामले में डॉ. कौस्तुभ (एसएसपी) ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बाइक सवार बदमाशों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खुदकुशी से पहले बनाया वीडियो,कहा मेरा 16 लाख रुपए डूब गया मैं मरना नहीं चाहता था, बच्चे पत्नी के लिए जीना चाहता था, मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया गया।
पत्नी के गहने और बैंक से कर्ज लेकर दिए थे शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए रुपये
पादरी बाजार (गोरखपुर)।
गुलरिहा इलाके के शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड निवासी एक शिक्षक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर ली। शिक्षक खुदकुशी के पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया था, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर रुपये को लेकर गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जनपद के कुबेर स्थान स्थित हरैया निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) अपने बड़े भाई गुलरिहा इलाके के शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड निवासी अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। वह तीन भाइयों में बीच के थे। उनके बड़े भाई विदेश में रहते हैं जबकि छोटा भाई घर रहता हैं। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के दो मासूम बच्चे हैं। शिक्षक ने देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चार पेज की सुसाइड नोट लिखा एक वीडियो बनाया था। आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रुपये के लिए शिक्षक को बुलाकर काफी जलील और अपमानित किया था। जिसे बर्दाश्त नहीं कर पाया और आहत होकर शनिवार की सुबह 6:30 बजे करीब शिक्षक कमरे मे फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। परिजनों को जानकारी होते ही शोर मचाते हुए दरवाजा तोड़ा और पुलिस की सूचना दी। पुलिस मौके पहुंची और फंदे से उतार कर एंबुलेंस जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत्यु घोषित कर दी। घटना के बाद पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी।
चार पन्नों का सुसाइड नोट लिख की खुदकुशी, जांच में जुटी पुलिस
खुदकुशी से पहले बनाया वीडियों, कहा कि मेरे 16 लाख रुपए डूब गये, मैं मरना नहीं चाहता था, बच्चे और पत्नी के लिए जीना चाहता था, मुझे मरने के लिए मजबूर कर दिया गया।
पत्नी के गहने और बैंक से कर्ज लेकर दिए थे शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए रुपये।
पादरी बाजार (गोरखपुर)। गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज मोहल्ले के नहर रोड निवासी एक शिक्षक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर लीं। शिक्षक ने खुदकुशी के पहले चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर रुपया लेने को लेकर गंभीर आरोप लगाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जनपद के कुबेर स्थान स्थित हरैया निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) अपने बड़े भाई शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड निवासी अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। वह तीन भाइयों में बीच के थे। उनके बड़े भाई विदेश में रहते हैं, जबकि छोटा भाई घर रहता हैं। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के दो मासूम बच्चे हैं। शिक्षक ने देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियों भी बनाया।
आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रुपये के लिए शिक्षक को बुलाकर काफी जलील और अपमानित किया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और आहत होकर शनिवार की सुबह 6:30 बजे के करीब शिक्षक ने कमरे मे फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने जानकारी होते ही शोर मचाते हुए दरवाजा तोड़ा और पुलिस की सूचना दी। पुलिस मौके पहुंची और फंदे से उतार कर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने शिक्षकों देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पत्नी और मासूम बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।