फ्रेमोंट के कुमार ज्वेलर्स में हथौड़ों से तोड़े शोकेस, 80% सोना-हीरा लेकर भागे बदमाश
अमेरिका के Fremont शहर में स्थित Kumar Jewelers में हुई सनसनीखेज लूट की घटना का सीसीटीवी वीडियो संघीय अभियोजकों ने जारी किया है। यह वारदात 18 जून 2025 को हुई थी, जिसमें 20 से अधिक नकाबपोश लुटेरों के गिरोह ने ज्वेलरी स्टोर पर धावा बोल दिया।
वीडियो में दिखाई देता है कि बदमाशों ने स्टोर में घुसते ही हथौड़ों से शोकेस और बक्सों को तोड़ना शुरू कर दिया। पूरी घटना 60 सेकंड से भी कम समय में अंजाम दी गई, जिसमें लगभग 17 लाख डॉलर की ज्वेलरी लूट ली गई। बताया जा रहा है कि लुटेरे स्टोर में रखे करीब 80 प्रतिशत सोने और हीरे के आभूषण लेकर फरार हो गए।
घटना के दौरान स्टोर के कर्मचारी भयभीत होकर इधर-उधर छिपते नजर आए। लूट के बाद आरोपी कई कारों में सवार होकर मौके से फरार हो गए।
मामले की जांच कर रही United States Department of Justice के अनुसार अब तक इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शनिवार को मंडलायुक्त, पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र, जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा के दृष्टिगत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की चेकिंग और यातायात प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी में लगे पुलिस व प्रशासनिक कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाए तथा परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
कानून व्यवस्था संभाल नहीं सकते तो इस्तीफा दें – हाईकोर्ट की प्रशासन को फटकार
प्रयागराज/संभल।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित करने के उत्तर प्रदेश प्रशासन के आदेश को खारिज कर दिया है। अदालत ने इस मामले में प्रशासन को कड़ी टिप्पणी करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी याद दिलाई।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि स्थानीय प्रशासन यानी पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं और इसी कारण नमाज़ियों की संख्या सीमित करने का आदेश दे रहे हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या संभल से बाहर तबादला मांग लेना चाहिए।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस आधार पर लोगों के धार्मिक अधिकारों को सीमित नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक आदेश को रद्द करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार के आदेश जारी करने से पहले कानून और संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाए।
छह क्रू मेंबर थे सवार, दुर्घटना के कारणों की जांच जारी; अमेरिका ने नुकसान की पुष्टि की ।
इराक के पश्चिमी इलाके में अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 ईंधन भरने वाला सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अब तक चार सैन्य कर्मियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य दो चालक दल के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह हादसा 12 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे (पूर्वी समयानुसार) हुआ। विमान उस समय पश्चिमी इराक के ऊपर मिशन पर था, जब अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया।
विमान में कुल छह क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से चार की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृत सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। अमेरिकी रक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, परिजनों को सूचना देने के 24 घंटे बाद ही नाम जारी किए जाएंगे।
प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह दुर्घटना किसी दुश्मन की गोलीबारी या मित्रवत फायरिंग के कारण नहीं हुई। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि करीब 11 साल बाद अमेरिकी सेना के इतने बड़े विमान से जुड़ा बड़ा हादसा सामने आया है। अब तक की जानकारी के मुताबिक इस तरह की घटनाओं में 7 लोगों की मौत, 140 से अधिक घायल और 8 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। साथ ही कुल चार बड़े विमान हादसे सामने आ चुके हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। वहीं सैन्य और सुरक्षा एजेंसियां हादसे की हर पहलू से जांच कर रही हैं।
आगरा के ताजगंज थाने में तैनात कांस्टेबल JB सिंह चार साल से कासगंज की एक फैशन डिजाइनर के साथ लिव-इन में रह रहा था। शादी की बात आने पर उसने किनारा कर लिया और परिवार ने भी शादी से इनकार कर दिया।
न्याय की गुहार लेकर लड़की थाने पहुंची तो उसे दुत्कार दिया गया। आखिरकार उसने 4 मिनट का सुसाइड वीडियो बनाकर आत्महत्या कर ली।
मामला सामने आने के बाद आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
सवाल यह उठता है क्या यह कार्यवाही पहले नही की जा सकती थी, पुलिस प्रशाशन को विश्वास दिलाने और कार्यवाही के लिए आत्महत्या करना जरूरी है ?
दूसरा प्रश्न क्या एक आरोपी ही गुनाहगार है या पूरा प्रशाशन ? तो बाकी पुलिस अधिकारियों पर कब कार्यवाही कब होगी ?
गाजीपुर: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और टी-20 विश्व कप विजेता खिलाड़ी Suryakumar Yadav के पैतृक गांव में अब विकास की नई पहल होने जा रही है।
जानकारी के मुताबिक मेन रोड से लेकर सूर्या के घर तक पक्की सड़क बनाई जाएगी, जिससे गांव के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
बताया जा रहा है कि यह घोषणा उत्तर प्रदेश के एमएलसी Vishal Singh Chanchal ने की। वे हाल ही में सूर्या के परिजनों से मिलने उनके गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से भी मुलाकात की और गांव की समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
एमएलसी ने कहा कि गांव में बिजली की समस्या को देखते हुए यहां नया ट्रांसफार्मर भी लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। Surya kumar Yadav का पैतृक घर Saidpur तहसील क्षेत्र में स्थित है। सूर्या की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता के बाद उनके गांव में भी खुशी का माहौल है और लोग अपने क्षेत्र के इस खिलाड़ी पर गर्व महसूस करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं से गांव के विकास को नई गति मिलेगी।
गोरखपुर। जनपद में घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने गुरुवार को मोहद्दीपुर स्थित सुशीला गैस एजेंसी तथा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गंगा गैस गोदाम का औचक निरीक्षण जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के साथ किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस गोदामों में उपलब्ध स्टॉक, गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तथा उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी स्थिति की गहन जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान डीएम दीपक मीणा ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट रूप से पूछा कि आज कितने गैस सिलेंडर गोदाम पर आए, कितने सिलेंडरों का वितरण किया गया और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है। उन्होंने कहा कि गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक कराई है, उन्हें समय से गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी एजेंसी द्वारा अवैध तरीके से गैस सिलेंडर की बिक्री या वितरण में अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने भी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी गैस गोदामों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कहीं भी अव्यवस्था या कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न हो सके। एसएसपी ने बताया कि जनपद के 87 गैस गोदामों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है जिससे वितरण प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।
वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जनपद के सभी 87 गैस गोदामों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल अधिकारी गैस वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता न हो। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर टोकन व्यवस्था के माध्यम से गैस का वितरण कराया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को लाइन में अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
डीएम ने स्पष्ट किया कि टोकन प्रणाली के तहत जो उपभोक्ता पहले गोदाम पर आएगा उसे पहले गैस सिलेंडर मिलेगा और बाद में आने वाले उपभोक्ताओं को क्रम के अनुसार गैस दी जाएगी। इससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसी प्रकार की धक्का-मुक्की या विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही गैस की बुकिंग कराएं और अनावश्यक रूप से अधिक सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि घबराहट या अफवाहों के कारण यदि लोग अधिक मात्रा में गैस बुक कराते हैं तो इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक क्रिएट करने से बचें। प्रशासन की ओर से गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई व्यक्ति गैस को लेकर अफवाह फैलाता हुआ पाया गया या वितरण व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में रखे गैस सिलेंडरों की संख्या, रिकॉर्ड रजिस्टर, वितरण सूची और होम डिलीवरी व्यवस्था की भी जांच की। उन्होंने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि गैस वितरण से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं और प्रशासन को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के औचक निरीक्षण से गैस एजेंसियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। वहीं प्रशासन की सख्ती के बाद गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में भी भरोसा बढ़ा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और उपभोक्ता हित में संचालित किया जाएगा।
कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप में दो गैस एजेंसियों के संचालकों पर एफआईआर
सूर्य प्रकाश ओझा निष्पक्ष टुडे ;-
गोरखपुर जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी और अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है। जांच के दौरान सिलेंडरों की अवैध बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के संचालकों, परिवहन ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पहला मामला आशीष इंडेन गैस सर्विस, पीपीगंज से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को बाटलिंग प्लांट गीड़ा से उक्त गैस एजेंसी के लिए 525 भरे हुए गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29C 1718 के माध्यम से भेजे गए थे। आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा इन सिलेंडरों को अपने गोदाम में उतारने के बजाय ट्रक को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे खड़ा कर दिया गया और वहां से सिलेंडरों को अवैध तरीके से अधिक कीमत पर बेचा जाने लगा।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जांच टीम ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। इसके बाद 11 मार्च को गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मैसर्स प्रेस्टिज मूवर्स, ट्रक चालक अली मोहम्मद तथा गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1966 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत थाना गोरखनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
दूसरा मामला कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसढ़ से संबंधित है।
10 मार्च 2026 को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन संख्या UP 53 GT 5254 में भरे घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पाए गए। वाहन पर कन्हैया इंडेन गैस सर्विस से संबंधित बैनर भी लगा हुआ था।
मौके पर मौजूद लोगों ने जांच टीम को बताया कि उक्त वाहन के माध्यम से गैस सिलेंडरों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। हालांकि जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक में अनियमितता और गड़बड़ी पाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस मामले में मैसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के प्रोपराइटर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1965 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी गैस एजेंसी या उससे जुड़े व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने प्रदेश में तेल और गैस की कालाबाजारी को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने साफ निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
सीएम योगी ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है और ईंधन की आपूर्ति और वितरण पूरी तरह सामान्य है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश दिए हैं कि
अगर कहीं भी कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिले तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
इसके साथ हीअफवाह फैलाने वालों और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे।
फिलहाल सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। ऐसी ही बड़ी और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहिए NT निष्पक्ष टुडे के साथ।
आज की बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से सामने आई है, जहाँ कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए गाजियाबाद के हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि
13 साल से अचेत अवस्था में पड़े हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया दी जा सकती है।
बताया जा रहा है कि हरीश राणा पिछले कई वर्षों से कोमा में हैं और उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
यह मामला इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि
2018 के “कॉमन कॉज” फैसले को कानूनी रूप से लागू करते हुए यह देश का पहला मामला है, जिसमें अदालत ने पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी है।
जानकारी के मुताबिक,
हरीश राणा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे और तब से ही वे कोमा में चले गए।लंबे समय तक इलाज कराने के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ भी काफी बढ़ गया था।इसी के बाद परिवार ने अदालत में याचिका दायर कर इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की थी।
🎬 कोर्ट का फैसला (Court Decision)
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 2018 के कॉमन कॉज फैसले के आधार पर पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी।यह फैसला देश में इच्छामृत्यु से जुड़े कानून और मानवीय पहलुओं को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल इस फैसले को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है और इसे कानून और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाने वाला फैसला बताया जा रहा है।
ऐसी ही बड़ी और सच्ची खबरों के लिए जुड़े रहिए
NT निष्पक्ष टुडे के साथ।