मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज का वादा… लेकिन सिस्टम पर भी उठे सवाल-
गोरखपुर क्लब से आई खबर में मिठास भी है और हल्की सी चुभन भी…,
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पत्रकारों के लिए बड़ी बातें कही हैं—मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज की सुविधा। सुनने में तो सब कुछ एकदम “शुगर फ्री मिठाई” जैसा लगता है… लेकिन ज़मीन पर इसका स्वाद कैसा होगा, ये देखना बाकी है।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर बोले Yogi Adityanath — सत्य और निष्पक्षता से ही मजबूत होगा लोकतंत्र
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर सभी पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता ने भारत और भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1826 में Jugal Kishore Shukla द्वारा कोलकाता से ‘उदंत मार्तंड’ समाचार पत्र की शुरुआत के साथ हिंदी पत्रकारिता का शुभारंभ हुआ था, जो आज एक सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत और भ्रामक खबरों से समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे सत्य और तथ्यपरक समाचार प्रस्तुत करें।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था और पहचान आवश्यक है, जिससे उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिल सके। इसके लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी पत्रकारिता के मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस मौके पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
“एमपीआईटी में टीसीएस के सहयोग से स्थापित हुआ है पूर्वी यूपी का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”
“शुभारंभ अवसर तक पांच लाख युवाओं को ‘एआई फॉर आल’ ट्रेनिंग वर्कशॉप से जोड़ने की तैयारी”
“किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप भी होगा”
“15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ, टीसीएस के चेयरमैन भी रहेंगे मौजूद”
गोरखपुर, 5 अप्रैल। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एक विश्व कीर्तिमान के साथ होगा। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर टीसीएस एवं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ के अवसर पर एमपीआईटी ने एआई फॉर आल ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पांच लाख युवाओं को पंजीकृत करने की तैयारी की है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और साइबर सिक्योरिटी जागरूकता पर निशुल्क 60 दिवसीय इस वर्कशॉप को एमपीआईटी की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीसीएस और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के साथ संयुक्त पहल के रूप में कराया जाएगा।
एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लिंक एमपीआईटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, 9 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई अवेयरनेस फॉर आल के साथ ही किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए ‘एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स’ वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इसमें एक हजार किसानों और कृषि विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप पूर्णतः निशुल्क है और इसका शुभारंभ भी 15 अप्रैल को होगा।
एआई अवेयरनेस तथा साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त होगा। जबकि एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप में कृषि में एआई, मौसम और फसल योजना, डिजिटल फार्मिंग टूल्स और रूरल प्रोडक्टिविटी सपोर्ट के बारे में विस्तार से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
“50 करोड़ रुपये की लागत से बना है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टीसीएस के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इसे विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हर पाठ्यक्रम के लिए एक अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
“एमपीआईटी से लाभान्वित होंगे 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान”
एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं।
मेरठ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि रिश्तों की सच्ची परिभाषा बनकर उभरी है।
जहां अक्सर तलाक के बाद बेटियों को ताने और अकेलापन झेलना पड़ता है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी को टूटने नहीं दिया… बल्कि उसे फिर से मुस्कुराने की वजह दी।
रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को किसी बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक त्योहार की तरह मनाया।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, नाचते-गाते परिवारजन, और मिठाइयों की मिठास— हर पल में सिर्फ एक ही संदेश था… “तुम अकेली नहीं हो।”
बेटी की खुशी को सबसे ऊपर रखा, पिता बोले— “ना एलीमनी ली, ना सामान… बस अपनी बेटी को वापस लाया हूं”
मेरठ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो समाज की सोच को नई दिशा देती नजर आ रही है।
जहां आमतौर पर तलाक को लेकर परिवारों में तनाव और मायूसी देखी जाती है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को उत्सव में बदल दिया।
रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। परिवार के सदस्य ढोल की थाप पर नाचते-गाते नजर आए और मिठाइयाँ बांटकर खुशी का इज़हार किया।
बेटी के स्वागत में फूल-मालाओं से उसका अभिनंदन किया गया, और पूरे घर में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया गया।
इस खास मौके पर परिवार के सभी लोग एक जैसी टी-शर्ट पहने हुए थे, जिस पर बेटी की तस्वीर के साथ “I Love My Daughter” लिखा हुआ था।हर चेहरे पर बेटी की घर वापसी की खुशी साफ झलक रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम पर पिता का भावुक बयान भी सामने आया है।
उन्होंने कहा—
“अगर मेरी बेटी अपनी शादी में दुखी थी, तो उसे खुशी देना मेरा दायित्व था। मैंने कोई एलीमनी, मेंटेनेंस या सामान नहीं लिया… सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं।”
मेरठ की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पिता के फैसले और सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल ने दी सफाई– ‘प्रोटोकॉल के अनुसार हुआ इलाज’
गोरखपुर के आनंदलोक हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले में अपनी सफाई दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, सुरेश मद्धेशिया के पुत्र अभिषेक मद्धेशिया को पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे उसका ऑपरेशन किया गया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उसकी मौत हो गई।
परिवार का कहना है कि:
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई
सही समय पर स्थिति की जानकारी नहीं दी गई
हालत बिगड़ने पर डॉक्टर मौके से गायब हो गए
मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
अस्पताल की सफाई–
अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया:-
“यह हमारे लिए अत्यंत दुःखद घटना है। मरीज को पित्त की थैली की पथरी के साथ CBD स्टोन की जटिल समस्या थी, जो सामान्य लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से अधिक जटिल मानी जाती है।”
“भर्ती के समय मरीज और परिजनों को बीमारी की गंभीरता, संभावित जोखिम और सर्जरी से जुड़ी जटिलताओं की पूरी जानकारी देकर लिखित सहमति ली गई थी।”
“स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग की गई, लेकिन ऑपरेशन के लगभग 6 घंटे बाद अचानक मरीज को सीने में दर्द हुआ और हालत गंभीर हो गई।”
“ICU में तत्काल सभी जीवनरक्षक प्रयास किए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश मरीज को बचाया नहीं जा सका।”
“डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।”
— आनन्दलोक हॉस्पिटल, गोरखनाथ, गोरखपुर
टूट गया सपना :-
मृतक अभिषेक पढ़ाई में होनहार था और हाल ही में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) की परीक्षा दी थी। परिवार को उसके चयन की उम्मीद थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया ।
पुलिस जांच जारी;-
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा
संदीप सिंह और अभिनव नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, बृजेश पाठक ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज सवर्ण मोर्चा ने UGC कानून के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संदीप सिंह और अभिनव नाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने UGC कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे सवर्ण समाज के साथ अन्याय करार दिया। इस दौरान बटुकों द्वारा शंख बजाकर विरोध दर्ज कराया गया, जिससे माहौल और भी ज्यादा प्रभावशाली बन गया।
प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं और कानून में संशोधन की मांग की। इस पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को दिल्ली नेतृत्व के सामने रखेंगे और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने साफ कहा कि “किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा”, जिससे प्रदर्शनकारियों को कुछ हद तक संतुष्टि मिली।
इस दौरान कई प्रमुख चेहरे भी मौके पर मौजूद रहे और सवर्ण मोर्चा ने एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
फिलहाल, इस मुद्दे पर सरकार की अगली रणनीति और दिल्ली से मिलने वाले संकेतों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यूपी STF की बड़ी कार्रवाई, बिहार के पूर्णिया से दबोचा गया आरोपी, 83 एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बिहार के पूर्णिया जिले से दबोचा गया है।
बताया जा रहा है कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम पर गौमाता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है, जिसके बाद प्रदेशभर में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
इस मामले में यूपी के अलग-अलग जनपदों में आरोपी के खिलाफ कुल 83 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी STF ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया और अब उसे उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस गिरफ्तारी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और समाज में शांति कायम रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
आयात, रिफाइनिंग, बॉटलिंग और डिलीवरी की लंबी प्रक्रिया के बाद घर तक पहुंचता है गैस सिलेंडर! !
भारत में हर घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाला LPG सिलेंडर एक लंबी और जटिल प्रक्रिया के बाद उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। यह सफर विदेशों से गैस आयात होने से शुरू होकर बॉटलिंग प्लांट, गैस एजेंसी और अंततः उपभोक्ता के घर तक पहुंचने तक चलता है।
आयात पर निर्भरता ;-
भारत अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है।
यह गैस मुख्य रूप से कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से बड़े जहाजों के माध्यम से देश के प्रमुख बंदरगाहों पर पहुंचती है।
रिफाइनिंग और प्रोसेसिंग ;-
देश में मौजूद रिफाइनरियों में कच्चे तेल से भी LPG तैयार की जाती है।
आयातित और घरेलू दोनों तरह की गैस को प्रोसेस कर सुरक्षित रूप से स्टोरेज टैंकों में रखा जाता है।
बॉटलिंग प्लांट की भूमिका;-
प्रोसेसिंग के बाद गैस को बॉटलिंग प्लांट भेजा जाता है, जहां खाली सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम गैस भरी जाती है।
हर सिलेंडर की सख्त सुरक्षा जांच और वजन मापने के बाद उसे सील किया जाता है।
डिस्ट्रिब्यूटर नेटवर्क ;-
भरे हुए सिलेंडरों को ट्रकों के माध्यम से स्थानीय गैस एजेंसियों तक पहुंचाया जाता है।
गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं के ऑर्डर के अनुसार सिलेंडरों की सप्लाई सुनिश्चित करती हैं।
घर तक डिलीवरी ;-
गैस एजेंसी के डिलीवरी कर्मी सिलेंडर को उपभोक्ता के घर तक पहुंचाते हैं।
इसके लिए कंपनी एजेंसी को प्रति सिलेंडर लगभग ₹70 से ₹75 का कमीशन देती है, जिसमें से डिलीवरी कर्मियों को औसतन ₹15 से ₹30 प्रति सिलेंडर का भुगतान किया जाता है।
कीमत निर्धारण कैसे होता है.
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत
आयात और परिवहन लागत
टैक्स और ड्यूटी
बॉटलिंग और वितरण खर्च
इसी कारण अलग-अलग शहरों में गैस सिलेंडर की कीमत में अंतर देखने को मिलता है।
फैक्ट बॉक्स: LPG सिलेंडर एक नजर में ;-
वजन: 14.2 किलोग्राम (घरेलू)
आयात निर्भरता: 50–60%
एजेंसी कमीशन: ₹70–₹75 प्रति सिलेंडर
डिलीवरी भुगतान: ₹15–₹30 प्रति सिलेंडर
प्रमुख कंपनियां: इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम
निष्कर्ष ;-
एक LPG सिलेंडर उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले कई चरणों से गुजरता है।
विदेशों से आयात से लेकर रसोई तक की इस पूरी प्रक्रिया में कई स्तरों पर काम होता है, जो इसे एक जटिल लेकिन सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला बनाता है।
बस और पिकअप की टक्कर; सरकारी कार्यक्रम से लौट रहे थे यात्री, 5 की हालत गंभीर
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक बस और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस में सवार यात्री मुख्यमंत्री के एक सरकारी योजना के कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप वाहन से टक्कर हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में से 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
राज्य सरकार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये तथा घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।