11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकराई DJ ट्रॉली, एक कांवड़िए की मौत; दूसरा गंभीर रूप से झुलसा
गोरखपुर। पिपराइच क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। तुर्रा नाला के पास ऊंचाई पर लगाया गया DJ सड़क किनारे गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। करंट की चपेट में आने से दो कांवड़िए गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान एक कांवड़िए की मौत हो गई, जबकि दूसरे का उपचार जारी है।
⚡ ऐसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक कांवड़ियों का जत्था दोहरीघाट से जल लेकर वापस लौट रहा था। डीजे बजाते हुए कांवड़िए पादरी बाजार से आगे पिपराइच की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान जंगल तिनकोनिया-पिपराइच मुख्य मार्ग पर तुर्रा नाला के पास ट्रॉली पर लगा ऊंचाई वाला DJ हाईटेंशन तार से छू गया। तार के संपर्क में आते ही तेज चिंगारी निकली और ट्रॉली में करंट उतर गया।
हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर अफरातफरी मच गई।
🚨 दो कांवड़िए झुलसे, एक की मौत
हादसे में झुलसे दोनों कांवड़ियों को पहले पिपराइच सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान जंगल अहमद अली शाह उर्फ तुर्रा निवासी 24 वर्षीय करण चौहान की मौत हो गई।
वहीं 25 वर्षीय मोहन भारती गंभीर रूप से झुलसे हैं और उनका इलाज जारी है।
🔴 HIGHLIGHTS
⚡ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकराई DJ ट्रॉली
🚨 करंट की चपेट में आए दो कांवड़िए
🕯️ 24 वर्षीय करण चौहान की इलाज के दौरान मौत
🏥 25 वर्षीय मोहन भारती गंभीर रूप से झुलसे
🚑 पिपराइच सीएचसी से मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
👮 हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली
🔎 हादसे के बाद जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। हादसे के बाद DJ संचालक ने घटनास्थल पर ही ट्रॉली से DJ उतार दिया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
⚠️ हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान ऊंची DJ ट्रॉलियों और सड़क के किनारे गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या ऊंचाई वाले DJ वाहनों को हाईटेंशन लाइनों वाले मार्गों पर भेजने से पहले पर्याप्त सुरक्षा जांच की गई थी?
BREAKING NEWS — निष्पक्ष टुडे गोरखपुर से बड़ी खबर।
यूपी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ प्लान—मिलावट मिली तो सिर्फ दूध नहीं, पूरी डेयरी पर कार्रवाई; स्टॉक जब्त, यूनिट बंद, लाइसेंस निलंबित और ब्रांड की बिक्री पर भी रोक
लखनऊ। जिस दूध को हम बच्चों की सेहत, चाय और परिवार के पोषण से जोड़ते हैं…
अगर उसी दूध में मिलावट हो जाए, तो मामला सिर्फ स्वाद और गुणवत्ता का नहीं रहता—मामला सीधे जनस्वास्थ्य का बन जाता है।
इसी चिंता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और सख्त करने के निर्देश दिए हैं,लेकिन निष्पक्ष टुडे आज आपको सिर्फ सरकार का फैसला नहीं बताएगा… बल्कि सरकारी आंकड़ों के जरिए बताएगा कि खाद्य मिलावट के खिलाफ सरकारी तंत्र के सामने चुनौती कितनी बड़ी है।
📊 EXCLUSIVE DATA: सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुए इतने मुकदमे
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से दिए गए सरकारी जवाब के मुताबिक, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों के आधार पर कई जिलों में न्यायिक न्यायालयों में मुकदमे दर्ज किए गए।
🔴 बस्ती — 72 मुकदमे
2021-22 में 16,
2022-23 में 18,
2023-24 में 38।
यानी तीन साल में 72 मुकदमे।
🔴 बहराइच — 41 मुकदमे
तीन वर्षों में कुल 41 मुकदमे दर्ज हुए।
🔴 अयोध्या — 39 मुकदमे
2021-22 में 8, 2022-23 में 17 और 2023-24 में 14—कुल 39 मुकदमे।
🔴 संतकबीरनगर — 39 मुकदमे
तीन वर्षों में कुल 39 मुकदमे न्यायिक न्यायालय में योजित किए गए।
🔴 गोंडा — 28 मुकदमे
तीन साल में कुल 28 मुकदमे दर्ज हुए।
🔴 श्रावस्ती — 24 मुकदमे
सरकारी रिकॉर्ड में तीन वर्षों के दौरान 24 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है।
🔴 अमेठी — 21 मुकदमे
तीन वित्तीय वर्षों में कुल 21 मुकदमे दर्ज हुए।
🔴 अंबेडकरनगर — 20 मुकदमे
सरकारी जवाब के अनुसार कुल 20 मुकदमे न्यायिक न्यायालय में योजित किए गए।
🔴 देवरिया — 19 मुकदमे
तीन साल में कुल 19 मुकदमे दर्ज हुए।
यानी सिर्फ इन 9 जिलों में ही सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक 308 मुकदमे असुरक्षित पाए गए खाद्य नमूनों के आधार पर दर्ज हुए।
महत्वपूर्ण: ये 308 मामले केवल दूध या दुग्ध उत्पादों के नहीं हैं, बल्कि असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों से जुड़े हैं। इसलिए इन्हें “दूध में मिलावट के 308 मामले” कहना सही नहीं होगा।
🧪 अब सवाल—दूध और पनीर में मिलावट कैसी हो रही है?
FSDA के अनुसार कुछ दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों में रिफाइंड तेल एवं वसा, सोयाबीन और उसके उत्पादों के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं।
जांच के दौरान टेल्कम पाउडर, डिटर्जेंट और टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे पदार्थों के इस्तेमाल की पुष्टि के मामले भी सामने आए हैं।
इसके अलावा लिक्विड ग्लूकोज, सेफोलाइट, रानीपॉल, टीनोपॉल और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे पदार्थों के इस्तेमाल के मामले भी विभाग ने बताए हैं।
यानी मिलावट का खेल सिर्फ दूध में पानी मिलाने तक सीमित नहीं है।
⚠️ दूध को ‘मानक’ दिखाने की कोशिश भी जांच के घेरे में
सरकारी निर्देशों के मुताबिक कुछ मामलों में दूध की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप दिखाने के लिए BR मान और RM वैल्यू को प्रभावित करने वाले पदार्थों के इस्तेमाल के मामले सामने आए।
यही वजह है कि सरकार अब सिर्फ तैयार दूध या पनीर का नमूना लेने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि निर्माण इकाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और पूरी उत्पादन प्रक्रिया को भी कार्रवाई के दायरे में ला रही है।
🚨 सरकार का नया एक्शन प्लान क्या है?
अगर किसी डेयरी या दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई में हानिकारक रसायन या विजातीय वसा पाई जाती है तो—
🔴 मौजूद दुग्ध उत्पाद जब्त कर नष्ट कराए जा सकेंगे।
🔴 मिलावटी उत्पाद बनाने वाली इकाई तत्काल बंद कराई जा सकेगी।
🔴 प्रतिष्ठान का फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित किया जा सकेगा।
🔴 गंभीर मामलों में FIR दर्ज होगी।
🔴 दोषियों पर BNS की सुसंगत धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।
🔴 संबंधित ब्रांड के उत्पादों की पूरे उत्तर प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई जा सकती है।
और अगर उत्तर प्रदेश के बाहर निर्मित किसी दुग्ध उत्पाद में भी हानिकारक रसायन या विजातीय वसा मिलती है, तो यूपी में उसकी बिक्री रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।
🇮🇳 सरकार की भूमिका—सिर्फ कार्रवाई या लगातार निगरानी?
यहां एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है। FSSAI के राष्ट्रीय Milk Product Survey-2020 में 2,801 दुग्ध उत्पाद नमूनों का विश्लेषण किया गया था। इनमें 509 नमूने यानी 18.2 प्रतिशत अधिक coliform count के कारण non-compliant पाए गए थे। उत्तर प्रदेश में इस आधार पर non-compliant नमूनों का अनुपात 5.1 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
यह 2020 का राष्ट्रीय सर्वे है, इसलिए इसे 2026 की वर्तमान स्थिति का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
FSSAI की वेबसाइट के मुताबिक देश में दूध की गुणवत्ता की निगरानी के लिए National Milk Quality Monitoring System भी संचालित किया जा रहा है।
🎯 निष्पक्ष टुडे का विश्लेषण :-
सरकारी आंकड़े एक बात साफ करते हैं—
खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने चुनौती छोटी नहीं है।
लेकिन अब असली परीक्षा सरकार के नए ‘जीरो टॉलरेंस’ निर्देशों की है।
क्या सिर्फ नमूने लिए जाएंगे? या… मिलावटखोर की पूरी सप्लाई चेन तक कार्रवाई पहुंचेगी?
क्या लाइसेंस निलंबित होने के बाद वही कारोबारी किसी दूसरे नाम से कारोबार शुरू कर पाएगा ?
सबसे बड़ा सवाल—
क्या मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई इतनी प्रभावी होगी कि आम आदमी को दूध, पनीर और खोया खरीदते समय अपनी सेहत को लेकर डरना न पड़े?
सरकार ने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
अब निगाहें जमीनी कार्रवाई, जब्ती, लाइसेंस निलंबन, FIR और न्यायिक कार्रवाई के वास्तविक परिणामों पर रहेंगी।
निष्पक्ष टुडे एक्सक्लूसिव में हम सरकारी आंकड़ों के साथ इस पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए रखेंगे।
निष्पक्ष टुडे — आंकड़ों के साथ खबर, सवालों के साथ पड़ताल।
रंगारंग प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों ने बांधा समां, प्रेम-शांति और सेवा का दिया संदेश
गोरखपुर। सुप्रभा गर्ल्स इण्टर कॉलेज, शिवपुर, सहबाजगंज, गोरखपुर में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
🇮🇳 देशभक्ति नाट्य मंचन बना आकर्षण का केंद्र
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर आधारित देशभक्ति नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
🎭 प्रस्तुतियों के जरिए दिया सामाजिक संदेश
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रेम, शांति, करुणा और सेवा का संदेश दिया। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जगाया।
⭐ मुख्य अतिथि ने मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी की दी सलाह
समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक रेलवे, गोरखपुर श्री लक्ष्मी निवास मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल एवं सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने तथा पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और मेहनत के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।
🎓 शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : गजेन्द्र त्रिपाठी
विशिष्ट अतिथि श्री गजेन्द्र त्रिपाठी, ब्यूरो प्रमुख, आज तक ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि के क्षेत्र को पहचानकर उसमें बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करें।
🌟 विद्यालय परिवार ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन मिश्रा एवं प्रबंध निदेशक श्री अशोक कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की।
📌 समारोह का हुआ गरिमापूर्ण समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन मिश्रा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।
मुख्य आकर्षण:
🇮🇳 देशभक्ति पर आधारित प्रभावशाली नाट्य मंचन
🎭 रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
❤️ प्रेम, शांति, करुणा और सेवा का संदेश
📚 विद्यार्थियों को पढ़ाई एवं संस्कारों के लिए प्रेरित किया गया
🇮🇳 राष्ट्रीय गीत के साथ समारोह का समापन
स्वतंत्रता दिवस से पहले 05वीं वाहिनी UPSSF ने निकाली तिरंगा यात्रा, जवानों ने दिया राष्ट्रप्रेम, एकता और सुरक्षा का संदेश
मेरठ | 13 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 05वीं वाहिनी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF), सहारनपुर द्वारा मेरठ में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।
🇮🇳 यात्रा में दिखा देशभक्ति का जोश
तिरंगा यात्रा बेगमपुल RRTS स्टेशन से शुरू हुई। जवान हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के जयघोष करते हुए भैंसाली बस अड्डा और हापुड़ रोड से होते हुए दोबारा बेगमपुल स्टेशन पहुंचे, जहां यात्रा का समापन हुआ।
🔴 यात्रा की खास बातें :-
बेगमपुल RRTS स्टेशन से हुई शुरुआत
भैंसाली बस अड्डा और हापुड़ रोड से होकर निकली यात्रा
जवानों ने हाथों में तिरंगा लेकर दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश
यात्रा में UPSSF के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
RRTS प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ खंड और नोएडा मेट्रो में तैनात बल के जवान शामिल हुए
पूरी यात्रा में अनुशासन, एकता और देशभक्ति का प्रदर्शन
👮 अधिकारियों के नेतृत्व में निकली यात्रा :-
सेनानायक के निर्देशन में उप सेनानायक एवं सहायक सेनानायक के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ इसमें सहभागिता की।
🇮🇳 UPSSF का संदेश :-
UPSSF अधिकारियों के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना, साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और शांति का विश्वास कायम करना है।
निष्पक्ष टुडे की खास रिपोर्ट — तिरंगे के साथ देशभक्ति का संदेश, सुरक्षा बलों ने मनाया स्वतंत्रता दिवस का उत्सव।
ढाई किलोमीटर तक गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश… हाथों में तिरंगा लेकर हजारों लोग बने यात्रा का हिस्सा
गोरखपुर | 10 अगस्त।
गोरखपुर की सड़कों पर सोमवार को देशभक्ति का जबरदस्त जनसैलाब देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों लोग हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर कदम से कदम मिलाते नजर आए।
नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब 2.5 किलोमीटर की इस यात्रा ने पूरे महानगर को तिरंगे के रंग में रंग दिया।
🔥 शुरुआत शौर्य को नमन से… फिर निकला तिरंगे का कारवां
यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया।
स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना को नमन के बाद जब मुख्यमंत्री हाथ में तिरंगा लेकर आगे बढ़े, तो उनके साथ हजारों कदम देशभक्ति के इस कारवां में जुड़ते चले गए।
🇮🇳 CM योगी बोले—“तिरंगा सिर्फ झंडा नहीं, बलिदानों की अमिट गाथा है”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तिरंगा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमिट गाथा है।
उन्होंने तिरंगे को भारत की “आन, बान और शान” का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके पीछे देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत वीरों का इतिहास जुड़ा है।
⚔️ मंगल पांडेय से चौरीचौरा और काकोरी तक… याद आया बलिदान का इतिहास
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के कई महत्वपूर्ण अध्यायों को याद किया।
मंगल पांडेय, बंधु सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आजादी के संघर्ष की गाथा सामने रखी।
इसके साथ ही 1922 की चौरीचौरा घटना और 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और चंद्रशेखर आजाद समेत क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया।
🏠 “हर घर तिरंगा”—अब घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रध्वज
तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा में हाथ में मौजूद तिरंगे को अपने घर पर लगाएं और उसके साथ सेल्फी लेकर अपलोड करें।
🚩 इस साल UP में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।
सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी, व्यावसायिक और व्यापारिक संस्थानों के भवनों पर भी राष्ट्रध्वज फहराने की बात कही गई।
⚖️ राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार पर भी बोले CM योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नागरिकों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार के लिए न्यायालयों का सहारा लेना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि 2022 में नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन के बाद नागरिकों के लिए घर पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रध्वज फहराने का रास्ता आसान हुआ।
🇮🇳 राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और तिरंगे के सम्मान की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देश के गौरव के प्रतीक हैं।
उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने की अपील की और कहा कि राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत के अपमान को संज्ञेय अपराध बनाया गया है।
👥 तिरंगा यात्रा में कई प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, सरवन निषाद और प्रदीप शुक्ल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
🇮🇳 : तिरंगे के साथ गूंजा “राष्ट्र प्रथम” का संदेश
गोरखपुर की सड़कों पर निकली इस तिरंगा यात्रा में हाथों में राष्ट्रध्वज और दिल में देशभक्ति का भाव नजर आया।
करीब ढाई किलोमीटर तक चला यह कारवां सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश देने का माध्यम बना। निष्पक्ष टुडे की नजर में सवाल यही—क्या इस बार 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य पूरा होगा? 🇮🇳
CBI जांच में Chemistry और Biology के प्रश्नों के कथित लीक का स्रोत सामने आने का दावा; NTA से जुड़े विशेषज्ञों और अन्य आरोपियों पर कार्रवाई
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब बेहद गंभीर चरण में पहुंच चुकी है। भारत सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार CBI ने 12 मई 2026 को इस मामले में FIR दर्ज कर व्यापक जांच शुरू की थी। शिकायत शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से मिली थी।
🔴 3 मई को हुई थी NEET-UG 2026 परीक्षा
National Testing Agency यानी NTA ने 3 मई 2026 को NEET-UG 2026 परीक्षा आयोजित की थी। सरकार को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से संबंधित कुछ दस्तावेजों के अनधिकृत प्रसार की शिकायत मिली, जिसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
🚨 12 मई: CBI ने दर्ज की FIR
12 मई 2026 को CBI ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
CBI ने मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और साक्ष्य नष्ट करने सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत जांच शुरू की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण कानून और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के प्रावधान भी लगाए गए।
CBI का लक्ष्य साफ था—
पेपर लीक का वास्तविक स्रोत कौन था?
प्रश्न किस तरह बाहर पहुंचे?
और किन लोगों ने इसका फायदा उठाया?
🧪 Chemistry पेपर: CBI ने P.V. Kulkarni को स्रोत बताया
CBI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार P.V. Kulkarni, जो NTA की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े Chemistry Lecturer थे, के पास प्रश्नपत्र तक पहुंच थी।
CBI का आरोप है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्होंने कुछ छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं और प्रश्नों के साथ विकल्प तथा सही उत्तर बताए।
CBI के अनुसार छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में लिखा और बाद में इनका NEET-UG 2026 के वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलान हुआ।
यानी जांच एजेंसी के मुताबिक कथित लीक की कड़ी परीक्षा से पहले ही शुरू हो चुकी थी।
🧬 Biology पेपर में भी सामने आई कथित गड़बड़ी
16 मई 2026 की भारत सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति में CBI ने मनीषा गुरुनाथ मंधारे की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
CBI के मुताबिक वह Pune की Senior Botany Teacher थीं और NTA की ओर से NEET-UG 2026 की Expert नियुक्त थीं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्हें Botany और Zoology के प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी।
CBI के अनुसार अप्रैल 2026 में कथित तौर पर छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की गईं, जहां Botany और Zoology के कई प्रश्न बताए और समझाए गए। छात्रों को उन्हें नोटबुक में लिखने और संबंधित प्रश्नों को किताबों में चिन्हित करने के लिए कहा गया।
CBI के अनुसार इन प्रश्नों में से अधिकांश वास्तविक NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।
💰 लाखों रुपये लेकर छात्रों को प्रश्न बताए जाने का आरोप
CBI की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक जांच में ऐसे बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई, जिन्होंने छात्रों को कथित तौर पर इन विशेष कोचिंग कक्षाओं तक पहुंचाया।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कुछ छात्रों ने इन कक्षाओं में शामिल होने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था।
👤 18 मई तक 10 आरोपी गिरफ्तार
CBI की 18 मई की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस मामले में उस समय तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।
गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित विभिन्न स्थानों से की गई थीं।
CBI ने इस दौरान कई स्थानों पर तलाशी लेकर दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री जब्त की और उनके विश्लेषण की प्रक्रिया शुरू की।
🔎 जांच का दायरा कितना बड़ा था?
CBI ने मामले की जांच के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष टीमें तैनात कीं।
सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जांच के दौरान कई स्थानों पर तलाशी, संदिग्धों से पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की गई।
CBI का कहना है कि जांच का उद्देश्य पेपर लीक के स्रोत से लेकर उससे जुड़े बिचौलियों और लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों तक पूरी कड़ी का पता लगाना है।
❓ अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
अगर प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले लोगों के माध्यम से सवाल बाहर पहुंचे, तो परीक्षा की गोपनीय व्यवस्था में चूक कहां हुई?
क्या केवल कुछ व्यक्तियों ने परीक्षा की गोपनीयता तोड़ी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था?
कितने छात्रों तक कथित तौर पर प्रश्न पहुंचे और इसका परीक्षा परिणाम पर कितना असर पड़ा?
इन सभी सवालों का अंतिम उत्तर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
⚖️ निष्पक्ष टुडे की विशेष टिप्पणी
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि CBI की जांच में लगाए गए आरोप और अदालत में दोष सिद्ध होना दो अलग-अलग बातें हैं।
इसलिए निष्पक्ष टुडे इस खबर को आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत करता है।
कानूनी रूप से अंतिम दोषसिद्धि अदालत के निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।
📌 निष्पक्ष टुडे | महत्वपूर्ण तथ्य
03 मई 2026 — NEET-UG 2026 परीक्षा आयोजित।
📅 12 मई 2026 — शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर CBI ने FIR दर्ज की।
📅 15 मई 2026 — CBI ने P.V. Kulkarni को Chemistry पेपर लीक का कथित स्रोत बताया और गिरफ्तार किया।
📅 16 मई 2026 — Biology से जुड़े NTA Expert मनीषा गुरुनाथ मंधारे की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने आई।
📅 18 मई 2026 — CBI के अनुसार मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 पहुंची।
निष्पक्ष टुडे का सवाल—
देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा में अगर प्रश्न परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच गए थे, तो जिम्मेदारी केवल आरोपियों की है या परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर भी जवाबदेही तय होगी?
स्रोत: भारत सरकार के आधिकारिक प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) एवं CBI द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी।
आज का चिल्लूपार कल का विकसित चिल्लूपार बने, इसके लिए गुरुवार की शाम चिल्लूपार विधायक और विधान मंडल दल सचेतक राजेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ आवास पर मुलाकात की और अपनी विधान सभा क्षेत्र के अनेक मुद्दों पर मंत्रणा कर उसे पूरा कराने के लिए अनुरोध पत्र भी सौंपा ।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने चिल्लूपार की 100 ऐसी प्रमुख सडकों की लिस्ट मुख्यमंत्री जी को सौंपी जो इधर काफी खराब हो गयीं हैं… उन सभी सड़कों को बरसात के दौरान ही चलने लायक और बरसात बाद विशेष मरम्मत कराकर एक लेयर बनवाने का अनुरोध किया…।
साथ ही गोला तहसील के अधिवक्ताओं और आम जनता की वर्षों से चली आ रही गोला तहसील मुख्यालय पर दिवानी न्यायालय स्थापित करने की की मांग पर विस्तार से वार्ता हुई और उसके लिए अनुरोध पत्र भी सौंपा…।
पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वर्षों से गोरखपुर जनपद का सर्किल रेट नहीं बढ़ पाया है जिससे किसानों का भी नुकसान हो रहा है और शासकीय राजस्व का भी । ऐसे में गोरखपुर जनपद का सर्किल रेट बढना चाहिए जिसके लिए भी मांग पत्र सौंपा ….ताकि किसानों को उनकी भूमि का पर्याप्त आर्थिक लाभ मिल सके…।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि पिछले दिनों गोरखपुर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का संगठन उनसे मिलकर बताया था 20 साल की नियुक्ति के बाद भी गोरखपुर जनपद के 3200 सहित प्रदेश के 1 लाख ग्रामीण सफाई कर्मियों की वेतन सेवा नियमावली नहीं बनी है जिससे पढ़े लिखे कर्मचारियों की पदोन्नति ही नहीं हो पा रही। उनकी इस मांग के बारे में मुख्यमंत्री से बात हुई और उनसे इन लोगों की सेवा नियमावली बनाने के लिए आग्रह किया… जिसकी मांग ये सफाईकर्मी वर्षों से कर रहे हैं…।
साथ ही ग्रेटर गीडा परिक्षेत्र के औद्योगिक भविष्य को देखते हुए धुरियापार परिक्षेत्र में एक कार्गो एयरपोर्ट की मांग हमने रखी ताकि औद्योगिक अपने जिले की उपज के शीघ्र आवागमन हेतु रेल-सड़क के साथ अतिरिक्त आकाशीय मार्ग भी मिल सकें…।
चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने अपने मुख्यमन्त्री से चिल्लूपार में नर्सिंग कालेज, बी. फार्मा कालेज, पॉलिटेक्निक कालेज इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना विषय पर गहन मंत्रणा की । तथा तीहा मुहम्मदपुर अंडरपास में हो रहे भारी जल-जमाव की समस्या की तरफ भी ध्यान आकृष्ट कराकर शीघ्र निराकरण कराने का अनुरोध करते हुए कोटेदारों की समस्याका बहुत हद तक समाधान करने के लिए धन्यवाद भी अर्पित किया…।
विधान मंडल दल सचेतक श्री त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने मुख्य मंत्री से चिल्लूपार क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से धुरियापार इंडस्ट्रियल एरिया (ग्रेटर गीडा ) में अडानी और केयान ग्रुप के उद्योगों के शीघ्र शिलान्यास के लिए समय देने का अनुरोध तो किया ही साथ ही पितरों की तृप्ति के लिए हो रहे रुद्र महायज्ञ और सरयू अमृृत महोत्सव में आगमन के लिए भी निमंत्रित किया।
32,472 नकली ढक्कन, 12,740 बारकोड और मिश्रित अंग्रेजी शराब बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार
बांसी / सिद्धार्थनगर | 06 अगस्त 2026
सिद्धार्थनगर पुलिस ने नकली अंग्रेजी शराब के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बाँसी पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी में 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 नकली बारकोड, 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अवैध चाकू और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
नेपाल सीमा तक फैला था नेटवर्क!
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ट्रांसपोर्ट के जरिए नकली ढक्कन और बारकोड मंगवाकर सिद्धार्थनगर, आसपास के जनपदों और नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में सप्लाई करता था। खाली शराब की बोतलों में शराब भरकर नकली सील लगाई जाती थी और फिर उन्हें असली ब्रांड बताकर बाजार में बेचा जाता था।
किराए के मकान से मिला नकली शराब का जखीरा
मुख्य आरोपी बलराम जायसवाल की निशानदेही पर कोइलहवा स्थित किराए के मकान पर छापा मारकर नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई।
पुलिस ने संबंधित दुकान से 16 बोतल संदिग्ध मिश्रित अंग्रेजी शराब भी जब्त की है।
दुकान सील, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू पुलिस ने बीएनएस और आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आबकारी विभाग ने संबंधित दुकान को सील कर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
SSP ने टीम को दिया ₹20 हजार का इनाम
इस बड़ी कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने संयुक्त टीम को ₹20,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से संभावित जहरीली शराब की सप्लाई पर बड़ी रोक लगी है और लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित क्षति को भी रोका गया है।