Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • 6-7 मई 2026 की दरमियानी रात होगा ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि का अद्भुत खगोलीय नज़ारा

    6-7 मई 2026 की दरमियानी रात होगा ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि का अद्भुत खगोलीय नज़ारा

    “खगोलीय घटना पर विशेष खगोलीय लेख”

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि मई माह की प्रमुख खगोलीय घटनाओं में से एक ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा इस वर्ष 6–7 मई 2026 की दरमियानी रात को अपने चरम (Peak) पर पहुंचेगी। यह उल्का वृष्टि की घटना प्रतिवर्ष होने वाली नियमित उल्का वर्षाओं में शामिल है, जिसकी सक्रिय अवधि लगभग 19 अप्रैल से 28 मई तक रहती है।


    क्योंकि यह उल्का वर्षा प्रसिद्ध धूमकेतु 1P/Halley (हैली) के छोड़े गए धूल और चट्टानी कणों (debris stream) से उत्पन्न होती है। जब पृथ्वी अपनी कक्षा में घूमते हुए इन कणों के मार्ग से गुजरती है, तो ये कण वायुमंडल में प्रवेश करते समय वायुमंडलीय घर्षण के कारण जलते हैं और आकाश में चमकीली लकीरों जिनको उल्काएं कहा जाता है (meteors) के रूप में दिखाई देते हैं।

    *कितनी तेज़ी से आती हुई दिखाई देंगी ये उल्काएं ? *

    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ( तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि
    खगोल विज्ञान के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार, उल्काएं पृथ्वी के वायुमंडल में लगभग 11 से 72 किमी/सेकंड की गति से प्रवेश करती हैं। और ईटा एक्वारिड्स विशेष रूप से तेज उल्काओं में से एक (लगभग 66 किमी/सेकंड) से आती हैं, इसलिए ये लंबी और चमकीली लकीरें बनाती हैं, जिन्हें कभी कभी दीर्घकाल तक बनी रहने वाली चमकीली लकीरें” (persistent trains) भी कहा जाता है।

    *कितनी उल्काएं दिखने की संभावना है, इस बार? *

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में, आदर्श परिस्थितियों (अंधेरा आकाश, कम प्रकाश प्रदूषण होने पर) में प्रति घंटे लगभग 10–30 उल्काएं देखी जा सकती हैं, जबकि अत्यंत अनुकूल परिस्थितियों में यह संख्या 40–50 प्रति घंटा तक भी पहुँच सकती है।

    *कितने बजे से कितने बजे तक दिखाई देंगी, ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा ? *

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस उल्का वृष्टि को देखने का सर्वोत्तम समय 6 मई की रात में 2:00 बजे से लेकर 7 मई की भोर/ सुबह 4:30 बजे (IST) के बीच इनकी दृश्यता सर्वश्रेष्ठ रहेगी। इसका कारण यह है कि इस समय Aquarius (कुंभ राशि) आकाश में अपेक्षाकृत ऊँचाई पर होती है, जो इस उल्का वर्षा का “रेडिएंट” (उद्गम बिंदु) है,हालांकि महत्वपूर्ण खगोल वैज्ञानिक तथ्य यह है कि उल्काएं केवल रेडिएंट के पास ही नहीं, बल्कि आकाश के किसी भी भाग में दिखाई दे सकती हैं। रेडिएंट केवल दिशा सूचक होता है, न कि देखने की सीमा। इस दौरान घटता हुआ चंद्रमा (Waning Moon) मौजूद रहेगा, जिससे आकाश की पृष्ठभूमि थोड़ी उजली हो सकती है। फिर भी ईटा एक्वारिड्स की उच्च गति और चमक के कारण प्रमुख उल्काएं स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना बनी रहती है।

    *इस ईटा एक्वारिड्स का भौगोलिक प्रभाव क्या होगा ?*

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक रूप से यह भी स्थापित है कि यह उल्का वर्षा दक्षिणी गोलार्ध में अधिक सक्रिय दिखती है, क्योंकि रेडिएंट वहाँ अधिक ऊँचाई तक पहुँचता है। लेकिन फिर भी भारत (लगभग 8°–37° उत्तरी अक्षांश) की स्थिति ऐसी है कि यहाँ भी अच्छा अवलोकन संभव है। क्योंकि भारत में 6–7 मई 2026 की दरमियानी रात चरम पर, भोर से पहले दिखेगा यह अद्भुत खगोलीय नज़ारा।

    *किस ख़ास धूमकेतु के कारण होती है यह उल्का वृष्टि ? *

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि धूमकेतु 1P/Halley ( हैली ) द्वारा छोड़े गए मलबे के कारण यह उल्का वृष्टि होती है और इसी हैली धूमकेतु के कारण से अक्टूबर में एक अन्य उल्का वर्षा ओरियोनिड्स भी उत्पन्न होती है, जो लगभग 20 अक्टूबर के आसपास चरम पर होती है। हैली धूमकेतु का परिक्रमण काल लगभग 76 वर्ष है और यह अगली बार वर्ष 2061 में पृथ्वी के निकट दिखाई देगा।

    *कैसे देखें इस ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि के शानदार खगोलीय नज़ारे ?*

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि को देखने के लिए आपको प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर जाकर, पूर्ण सावधानी पूर्वक किसी साफ़, स्वच्छ एवं अंधेरी बाली जगहों/स्थान का चयन करना चाहिए और पहले अपनी साधारण आंखों को आकाश के सापेक्ष समायोजित करना चाहिए जिस से कोई भी बाहरी प्रकाश प्रदूषण आपकी आंखों पर न आए इसीलिए ज़रूरी है कि अपनी आँखों को अंधेरे में अनुकूल होने के लिए कम से कम तो 15–20 मिनट दें

    *आकाश की किस दिशा में देखें जिस से अच्छी तरीक़े से देख सकें ? *

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि आपको इस शानदार खगोलीय नज़ारे का भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए आकाश में पूर्व–दक्षिण दिशा की ओर खुले आकाश की ओर देखने पर उल्काओं की यह शानदार खगोलीय संख्या बढ़ सकती है क्योंकि इसी के पास होगा इसका रेडियंट पॉइंट, लेकिन वैसे तो यह उल्का वृष्टि पूरे आकाश में कहीं से भी आती हुईं दिखाईं देंगी।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस ईटा एक्वारिड्स उल्का वृष्टि को देखने के लिए आपको किसी दूरबीन की आवश्यकता नहीं है आप अपनी साधारण आँखों/नंगी आँखों से भी सर्वोत्तम अवलोकन कर सकते हैं, लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप/ दूरबीन या विनोकुलर एवं अच्छा मोबाइल कैमरा वगैरह साथ ही किन्हीं भी विशेष खगोलीय प्रकार के एस्ट्रोनॉमिकल उपकरण मौजूद हैं तब आप रेडियंट पॉइंट की तरफ़ करके आश्चर्यजनक रूप से उच्च कोटि की एस्ट्रोफोटोग्राफी भी कर सकते हैं जो अपने आप में रोमांचकारी अनुभव होता है।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय रूप से यह स्पष्ट है कि भारत में इसका चरम 6–7 मई 2026 की दरमियानी रात, ईटा एक्वारिड्स उल्का वर्षा देखने के लिए अनुकूल है। यदि मौसम साफ रहा, तो यह घटना आम लोगों और खगोल प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ और रोमांचक प्राकृतिक प्रदर्शन साबित हो सकती है।

    संपर्क सूत्र :-
    © खगोलविद अमर पाल सिंह,
    एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत।

  • एम्स गोरखपुर में ‘रिसर्च स्मार्ट’ कार्यशाला आयोजित, नेत्र अनुसंधान में नवाचार पर जोर

    एम्स गोरखपुर में ‘रिसर्च स्मार्ट’ कार्यशाला आयोजित, नेत्र अनुसंधान में नवाचार पर जोर

    विशेषज्ञों ने बताया—उच्च स्तरीय शोध और एआई से चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ेंगी संभावनाएं
    गोरखपुर।कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स),
    गोरखपुर के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा 3 मई 2026 को ‘रिसर्च स्मार्ट’ (अनुसंधान पद्धति कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्नातकोत्तर एवं वरिष्ठ रेजिडेंट्स को प्रभावी शोध के लिए आवश्यक कौशल और दृष्टिकोण से सुसज्जित करना रहा।
    कार्यक्रम में आरपी सेंटर, एम्स नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ. एम. वनथी (संपादक, आईजेओ) एवं एसजीपीजीआईएमएस, लखनऊ के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. वैभव जैन मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। प्रोफेसर डॉ. वनथी ने अपने संबोधन में कहा कि स्नातकोत्तर एवं वरिष्ठ रेजिडेंट छात्रों को वास्तविक अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए तथा संकाय सदस्यों को उनका समुचित मार्गदर्शन करना चाहिए। इससे उच्च प्रभाव वाले प्रतिष्ठित जर्नल्स में शोध प्रकाशन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
    कार्यशाला के दौरान डॉ. रमा शंकर रथ, डॉ. तेजस के. पटेल, डॉ. मोहन राज, डॉ. विजेता बाजपेयी, डॉ. प्रदीप खार्या, डॉ. हीरालाल भल्ला एवं डॉ. यू. वेंकटेश ने अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं और चिकित्सा अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। वहीं डॉ. वैभव जैन ने वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से दुर्दम्य ग्लूकोमा के उपचार में ग्लूकोमा ड्रेनेज उपकरणों की उपयोगिता को समझाया।
    गोरखपुर के एएफ अस्पताल की डॉ. शबरीन सुल्ताना ने स्नातकोत्तर एवं वरिष्ठ रेजिडेंट्स के लिए रोचक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह देखा गया।
    इस कार्यशाला में एम्स गोरखपुर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, राज नेत्र अस्पताल तथा आसपास के अन्य मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट्स ने सक्रिय भागीदारी की। साथ ही
    गोरखपुर नेत्र विज्ञान संघ के सदस्य—डॉ. आर.के. जायसवाल (प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज), डॉ. आशीष घोष, डॉ. एस.के. शर्मा, डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डॉ. आशुतोष शुक्ला, डॉ. राम यश यादव एवं डॉ. नवेंदु राय भी कार्यशाला में उपस्थित रहे।
    कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता ने कार्यशाला की सराहना करते हुए प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता, जिज्ञासा और आपसी सहयोग के माध्यम से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
    संकाय प्रभारी डॉ. अलका त्रिपाठी ने कहा कि इस कार्यशाला को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को शोध के प्रत्येक चरण—सही प्रश्न तैयार करने से लेकर निष्कर्षों की स्पष्ट प्रस्तुति तक—में दक्ष बनाया जा सके। वहीं डॉ. ऋचा अग्रवाल ने इसे नेत्र चिकित्सा में वैज्ञानिक सोच, आलोचनात्मक दृष्टिकोण और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
  • महानगर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग

    महानगर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा की मांग

    गोरखपुर। जनपद के थाना चिलुवाताल क्षेत्र अंतर्गत एक पत्रकार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं अपनी सुरक्षा की मांग की है।

    मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बलुआ, पोस्ट सिंहोरवा निवासी सूर्य प्रकाश ओझा, जो कि “निष्पक्ष टुडे” समाचार पत्र में सिटी रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वर्ष 2024 में ₹1,90,000 की ठगी के मामले में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना चिलुवाताल में जवाहर वर्मा एवं उनके पुत्र अमरनाथ वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

    पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही अमरनाथ वर्मा लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है। कई बार मना करने के बावजूद उसे धमकियां दी गईं। आरोप है कि हाल ही में अमरनाथ वर्मा की ओर से यह संदेश दिलाया गया कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो उसे गोली मार दी जाएगी।

    इसके अलावा, दिनांक1/05/2026 को रात्रि लगभग 9:15 बजे बरगदवा स्थित चावला स्वीट हाउस के पास चाय की दुकान पर बैठे समय अमरनाथ वर्मा अपने साथियों नवनीष यादव, मनु मद्धेशिया एवं करण गुप्ता के साथ बाइक से पहुंचा। कुछ समय तक वहां संदिग्ध गतिविधियां करने के बाद वह लगभग आधे घंटे तक आसपास चक्कर लगाते रहे, जिससे पीड़ित के मन में भय का माहौल बन गया।

    पीड़ित पत्रकार का कहना है कि आरोपित सुनियोजित तरीके से उसे डराकर मुकदमा वापस कराने का प्रयास कर रहे हैं और किसी भी समय गंभीर घटना को अंजाम दे सकते हैं।

    इस संबंध में पीड़ित ने थाना चिलुवाताल में प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, जान से मारने की धमकी के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने तथा स्वयं को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

    वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • गरीब किसान की बेटी नंदिनी मिश्रा का आरोप—‘कलम की ताकत’ से फेल किया गया?”

    गरीब किसान की बेटी नंदिनी मिश्रा का आरोप—‘कलम की ताकत’ से फेल किया गया?”

    अयोध्या, ब्यूरो निष्पक्ष टुडे:-

     

    अयोध्या से सामने आए इस मामले में अब एक गरीब किसान परिवार की बेटी नंदिनी मिश्रा न्याय की गुहार लगा रही है।

    नंदिनी का आरोप है कि उसने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में लिखित रूप से अच्छे अंक हासिल किए, लेकिन प्रैक्टिकल में बेहद कम नंबर देकर उसे फेल कर दिया गया।

     

    🎧 ऑडियो ने बढ़ाई गंभीरता,ध्यान से सुने ….

     

    कथित ऑडियो में एक आवाज सुनाई देती है—

    “हमरे कलम में ताकत होइ… हम ताकत दिखा देब…“हम लिख देंगे तो कहीं एडमिशन नहीं होगा…”

    यदि यह ऑडियो सही है, तो यह सीधे तौर पर

    एक छात्रा के भविष्य को प्रभावित करने की धमकी मानी जा रही है।

     

    📄 मार्कशीट में क्या दिखा?

    सामने आई मार्कशीट के अनुसार—

    थ्योरी में पासिंग स्तर के अंक लेकिन प्रैक्टिकल में 2, 3, 4 जैसे बेहद कम नंबरऔर अंतिम परिणाम—FAILED

     यही वह बिंदु है जहां सवाल उठता है—

    क्या ऑडियो में कही गई बातों का असर रिजल्ट पर दिख रहा है?

    📝 शिकायत में क्या कहा?

    नंदिनी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि—

    विरोध करने पर उसे धमकाया गया

    “कहीं पढ़ने नहीं देंगे” जैसी बातें कही गईं

    और अंत में प्रैक्टिकल में कम अंक देकर फेल कर दिया गया

    ⚖️ बड़ा सवाल:

    देश में शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने के लिए

    University Grants Commission (UGC) जैसे संस्थान नियम बनाते हैं

    लेकिन—

    📌 क्या इन नियमों का जमीनी स्तर पर सही पालन हो रहा है?

    📌 क्या एक छात्रा का भविष्य किसी की ‘कलम’ पर निर्भर होना चाहिए?

     प्रशासन से मांग:

    अब नंदिनी मिश्रा और उसका परिवार मांग कर रहा है—

    👉 मामले की निष्पक्ष जांच हो

    👉 प्रैक्टिकल नंबरों की समीक्षा हो

    👉 और दोषियों पर कार्रवाई हो

  • प्रयागराज: यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित, 50 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

    प्रयागराज: यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 घोषित, 50 लाख छात्रों का इंतजार खत्म

    प्रयागराज /लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    यूपी बोर्ड मुख्यालय में सभापति डॉ. महेंद्र देव और सचिव भगवती सिंह ने संयुक्त रूप से परिणाम जारी किया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष बोर्ड ने पिछले वर्ष की तुलना में दो दिन पहले ही परिणाम घोषित कर दिया है। वर्ष 2025 में परिणाम 25 अप्रैल को जारी किया गया था, जबकि इस बार रिकॉर्ड 20 दिनों में मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई।

    बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी बताया गया है। परिणाम के आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में कुल 90.42 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए, जबकि इंटरमीडिएट में 80.38 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए।

    लड़कियों ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालकों को पीछे छोड़ दिया। हाईस्कूल में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.76 रहा, जबकि बालकों का 87.30 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं इंटरमीडिएट में 86.32 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, जबकि बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 75.04 रहा।

    प्रथम स्थान पर कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा ने 97.83 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से स्थान प्राप्त किया।
    द्वितीय स्थान पर अदिति ने 97.50 प्रतिशत अंक हासिल किए।
    तृतीय स्थान पर अर्पिता, ऋषभ साहू और परी वर्मा ने 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

    प्रथम स्थान पर शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
    द्वितीय स्थान पर नंदिनी गुप्ता और श्रिया वर्मा ने 97.20 प्रतिशत अंक हासिल किए।
    तृतीय स्थान पर सुरभि यादव और पूजा पाल ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

    इस वर्ष यूपी बोर्ड ने समयबद्ध मूल्यांकन, पारदर्शी प्रक्रिया और कड़ी निगरानी के चलते रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित कर एक नया मानक स्थापित किया है।

  • सीएम योगी ने 1054 करोड़ की 470 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

    सीएम योगी ने 1054 करोड़ की 470 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    इस दौरान 173 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 297 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें सड़कों के निर्माण, नालियों की व्यवस्था, जल निकासी, ग्रीन बेल्ट और अन्य शहरी विकास से जुड़ी कई अहम योजनाएं शामिल हैं।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एकला बांध स्थित नव विकसित ईको पार्क रहा, जिसे मुख्यमंत्री ने जनता को समर्पित किया। उल्लेखनीय है कि यह स्थान पहले कूड़ा डंपिंग स्थल के रूप में जाना जाता था, जिसे अब एक आधुनिक और आकर्षक ईको पार्क में परिवर्तित किया गया है।

    इसके अतिरिक्त सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत 6 स्मार्ट सड़कों के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया गया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान के माध्यम से छात्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

    कुल परियोजनाएं: 470
    लागत: ₹1054 करोड़
    लोकार्पण: 173 परियोजनाएं
    शिलान्यास: 297 परियोजनाएं
    ईको पार्क: डंपिंग ग्राउंड से बना आकर्षण
    6 स्मार्ट सड़कें: सीएम ग्रिड योजना के तहत

  • CM योगी का मेगा प्लान! कूड़े के पहाड़ से बना ईको पार्क, अब ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ की शुरुआत

    CM योगी का मेगा प्लान! कूड़े के पहाड़ से बना ईको पार्क, अब ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ की शुरुआत

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    कूड़े के पहाड़ से बना ‘ईको पार्क’, गोरखपुर को मिला नया पर्यटन स्थल

    23 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे लोकार्पण, 41.50 करोड़ की परियोजना से बदली एकला बंधा की तस्वीर

    नजर बदलने से नजारा कैसे बदलता है-

    इसका सजीव उदाहरण अब गोरखपुर में देखने को मिल रहा है। वर्षों से कूड़े के पहाड़ के रूप में बदनाम राप्ती नदी के एकला बंधा क्षेत्र को अब एक खूबसूरत ईको पार्क के रूप में विकसित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के विजन और नगर निगम की पहल से यह बदलाव संभव हो सका है।

    नगर निगम द्वारा लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के बाद लगभग 40 एकड़ भूमि को कूड़ामुक्त कर यहां सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क विकसित किया गया है। इस परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा 23 अप्रैल को किया जाएगा। साथ ही ईको पार्क के सामने से बाघागाड़ा तक जाने वाली 2.90 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का उद्घाटन भी किया जाएगा।

    पहले यह क्षेत्र पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था। कूड़े के ढेर से निकलने वाली मीथेन गैस के कारण कई बार स्वतः आग लग जाती थी, जिससे आसपास के लोगों को दुर्गंध और प्रदूषण का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब बायो-रेमेडिएशन तकनीक के माध्यम से 2.26 लाख मीट्रिक टन कूड़े का सफल निस्तारण किया गया है।

    नव विकसित ईको पार्क में वॉकिंग ट्रैक, योग और ध्यान स्थल, बच्चों के लिए किड्स जोन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे लोग प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकेंगे। वहीं फोरलेन सड़क के डिवाइडर पर ग्रीन बेल्ट विकसित कर क्षेत्र को और आकर्षक बनाया गया है।

    इस समग्र परियोजना पर कुल 41.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें कूड़े के निस्तारण पर 9 करोड़, ईको पार्क निर्माण पर 4.50 करोड़ और फोरलेन सड़क निर्माण पर 28 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।

    लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ‘स्वच्छ स्कूल अभियान’ की भी शुरुआत करेंगे। यह अभियान Swachh Bharat Mission 2.0 के तहत संचालित होगा।
    महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, रिड्यूस-रियूज-रिसाइकिल, जल संरक्षण और मासिक धर्म स्वच्छता जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

    गोरखपुर का यह ईको पार्क न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मिसाल भी बनेगा।

  • सहजनवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12.50 टन चोरी का सरिया बरामद, चालक गिरफ्तार

    सहजनवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12.50 टन चोरी का सरिया बरामद, चालक गिरफ्तार

    संवाददाता- एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    गैलेंट इस्पात फैक्ट्री से चोरी हुए 12.50 टन सरिया के मामले में सहजनवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सरिया से लदे डीसीएम वाहन के साथ चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल को गैलेंट इस्पात फैक्ट्री से 12.50 टन सरिया डीसीएम पर लादकर सूरज ट्रेडिंग कंपनी, ढकरवा (लखीमपुर) के लिए भेजा गया था। रास्ते में चालक सरिया लेकर फरार हो गया था। इस संबंध में पुलिस ने चालक और वाहन मालिक के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी।

    गुरुवार को सहजनवां थाना प्रभारी महेश कुमार चौबे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुरेश यादव, कांस्टेबल पारस यादव एवं रुद्र सिंह संदिग्ध व्यक्तियों और वारंटियों की तलाश में गीडा सेक्टर-26 क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को एक डीसीएम वाहन संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया, जिस पर सरिया लदा हुआ था।

    पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से कागजात मांगे, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और हिचकिचाने लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर चालक ने सरिया चोरी का होना स्वीकार कर लिया।

    इसके बाद पुलिस ने चालक प्रमोद कुमार पुत्र नेमचंद, निवासी अजीजपुरा थाना रोजा, जिला शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से डीसीएम पर लदा 12.50 टन सरिया बरामद किया गया।

    पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

  • गोरखपुर में सुरक्षा को मिली नई ताकत, 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का लोकार्पण

    गोरखपुर में सुरक्षा को मिली नई ताकत, 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का लोकार्पण

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन, गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू

     

    गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखनाथ स्थित सुरक्षा भवन परिसर में 9.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सुरक्षा अवसंरचना का लोकार्पण किया।

    इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) एवं पुलिस उपाधीक्षक (CO) कार्यालय, आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटेनेंस वर्कशॉप सहित दो नए हाईटेक भवनों का उद्घाटन किया गया। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र सहित पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नई गति और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी दिशा में आधुनिक तकनीक और संसाधनों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए यहां अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था समय की आवश्यकता थी।

    नव निर्मित कंट्रोल रूम में आधुनिक निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Quick Response System) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही पुलिस स्टोर और मेंटेनेंस वर्कशॉप के माध्यम से उपकरणों के रख-रखाव और उपलब्धता में भी सुधार होगा।

    परियोजना के पूर्ण होने के बाद गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र अब हाईटेक सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस हो गया है। हर पल निगरानी, हर दिशा में सुरक्षा और जनता के बीच भरोसे का नया माहौल तैयार हुआ है। यह पहल न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे प्रदेश में सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    इस कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

  • लखनऊ में भीषण आग का कहर – झुग्गी-झोपड़ी जलकर खाक, कई सिलेंडर फटे

    लखनऊ में भीषण आग का कहर – झुग्गी-झोपड़ी जलकर खाक, कई सिलेंडर फटे

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    टेढ़ी पुलिया के पास मची अफरा-तफरी, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर… मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

        राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास नगर थाना क्षेत्र के टेढ़ी पुलिया के पास बनी झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लग गई है।

       आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अब तक 15 से 20 गैस सिलेंडर फट चुके हैं, जिससे आग और तेजी से फैल गई।

       सूचना मिलते ही विकास नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है। दमकल की कई गाड़ियां लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं, लेकिन आग की तीव्रता के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

     

      आग के कारण आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। प्रशासन द्वारा इलाके को खाली कराया जा रहा है ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।

    सरकारी कार्रवाई :-

    इस घटना का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जाए और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

    फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।