Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • भारत ने लगातार दूसरी बार जीता एशियाड क्रिकेट का गोल्ड

    भारत ने लगातार दूसरी बार जीता एशियाड क्रिकेट का गोल्ड

    स्पोर्ट डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की शानदार अर्धशतकीय 


    भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। रोमांचक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।

     भारत की धमाकेदार बल्लेबाजी

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को ओपनर अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दिलाई। अभिषेक ने महज 28 गेंदों में 61 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के शामिल रहे।

    इसके बाद तिलक वर्मा ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों पर 51 रन की शानदार पारी खेली। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 211 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

     पाकिस्तान की कोशिश, लेकिन जीत से दूर –

    212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। हसन नवाज ने 96 रन की शानदार पारी खेली, जबकि सईम अयूब ने 29 रन बनाए।
    हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने निर्णायक मौकों पर विकेट निकालकर पाकिस्तान की रनगति पर लगाम लगा दी। अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने 2-2 विकेट हासिल किए। अंत में पाकिस्तान 192 रन तक ही पहुंच सका और भारत ने मुकाबला 19 रन से जीत लिया।

    पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा टी-20 स्कोर –

    इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा स्कोर भी बनाया। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सर्वोच्च स्कोर 192/5 था, जो 2012 में अहमदाबाद में बनाया गया था।

     लगातार दूसरी बार गोल्ड –

    इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष क्रिकेट में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल हासिल किया। भारत की जीत में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई।

  • गोरखपुर अग्निकांड: तारपीन तेल गोदाम की आग में जिंदा जला मजदूर, मलबे से मिला कंकाल बना शव

    गोरखपुर अग्निकांड: तारपीन तेल गोदाम की आग में जिंदा जला मजदूर, मलबे से मिला कंकाल बना शव

    सूर्य प्रकाश ओझा/गोरखपुर /निष्पक्ष टुडे :-

    मोहनलालपुर में सोमवार को लगी थी भीषण आग, मंगलवार को गोदाम खोलने पर हुआ दर्दनाक खुलासा; जांच में जुटी पुलिस


    गोरखपुर।तिवारीपुर थाना क्षेत्र के मोहनलालपुर में सोमवार शाम फिनायल और तारपीन तेल के गोदाम में लगी भीषण आग ने एक बेकसूर मजदूर की जान ले ली। सोमवार की रात जिस आग को बुझा हुआ मान लिया गया था, मंगलवार सुबह जब उस जले हुए गोदाम को दोबारा खोला गया, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर हर कोई दहल उठा। गोदाम के भीतर एक मजदूर का पूरी तरह से जला हुआ शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान भोला उर्फ रामबदन (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो घटना के बाद से ही लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    सोमवार शाम को भड़की थी भीषण आग मची थीअफरा-तफरी –

    जानकारी के अनुसार-
    मोहनलालपुर निवासी कृष्णा गुप्ता (पुत्र स्व. रामेश्वर प्रसाद) के फिनायल और तारपीन तेल के गोदाम में सोमवार (28 सितंबर) की शाम अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। गोदाम के अंदर अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल और तेल होने के कारण आग ने चंद मिनटों में ही विकराल रूप धारण कर लिया था। आसमान में उठतीं आग की ऊंची लपटें और काले धुएं के गुबार को देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना पर पहुंची तिवारीपुर पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने भारी मशक्कत के बाद आसपास के घरों को खाली कराया और आग पर काबू पाया था।

    परिजनों की सूचना पर मंगलवार को खुला गोदाम, तो सामने आई सच्चाई

    सोमवार की रात राहत कार्य खत्म होने के बाद गोदाम को बंद कर सुरक्षित कर दिया गया था। मंगलवार सुबह महराजगंज जिले के सिंदुरिया थाना अंतर्गत ग्राम मुजहना बुजुर्ग से आए परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि उनका 27 वर्षीय बेटा भोला उर्फ रामबदन, जो इस गोदाम में मजदूरी करता था, सोमवार शाम से ही लापता है और उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। अनहोनी की आशंका होने पर पुलिस ने आनन-फानन में जले हुए गोदाम को दोबारा खुलवाया। मलबे के बीच तलाशी के दौरान अंदर एक व्यक्ति का पूरी तरह कोयला बन चुका शव बरामद हुआ।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह –

    शव इस कदर जल चुका था कि मौके पर शिनाख्त करना भी बेहद मुश्किल था, लेकिन कपड़ों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर उसकी पहचान भोला के रूप में की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आग में फंसकर दम घुटने और जिंदा जलने का लग रहा है। हालांकि, मौत की सही वजह और समय का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    पुलिस फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

  • रानोपाली सत्यनारायण मंदिर में दस दिवसीय गुरु पर्व महोत्सव शुरू, 5 अक्टूबर को राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल

    रानोपाली सत्यनारायण मंदिर में दस दिवसीय गुरु पर्व महोत्सव शुरू, 5 अक्टूबर को राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल

    ब्यूरो चीफ नीलम सिंह

    अयोध्या। रानोपाली स्थित उदासीन संगत ऋषि आश्रम यानी सत्यनारायण मंदिर में दस दिवसीय गुरु पर्व महोत्सव का भव्य शुभारंभ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। दस दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
    महोत्सव के प्रथम दिन डॉ. स्वामी शिवचंद दास जी महाराज ने संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया। कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। संगीतमय कथा ने आश्रम परिसर में भक्तिमय वातावरण बना दिया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
    आयोजन समिति के अनुसार गुरु पर्व महोत्सव के अंतर्गत अलग-अलग दिनों में विविध धार्मिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। आगामी 3 अक्टूबर को संत भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें संत-महात्माओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद 4 अक्टूबर को रामचरितमानस अखंड पाठ का आयोजन होगा। अखंड पाठ के माध्यम से श्रद्धालु धार्मिक वातावरण में रामचरितमानस का श्रवण और पाठ करेंगे।
    महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 5 अक्टूबर को आयोजित होने वाला गुरु पर्व का मुख्य समारोह रहेगा। इस अवसर पर पूर्णाहुति तथा संत अर्चन-वंदन का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। मुख्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है। दोनों विशिष्ट अतिथियों के आगमन को लेकर आयोजन से जुड़े लोगों में उत्साह है।
    मुख्य समारोह के दौरान नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया जाएगा। इससे महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। संस्कृत शिक्षा और धार्मिक अध्ययन के क्षेत्र में महाविद्यालय की भूमिका को भी इस अवसर पर रेखांकित किया जाएगा।
    गुरु पर्व महोत्सव के आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, कथा, संत समागम और भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। महोत्सव के दौरान संत-महात्माओं के प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
    उदासीन संगत ऋषि आश्रम यानी सत्यनारायण मंदिर अयोध्या के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गुरु पर्व महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनने और संतों का सानिध्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
    दस दिवसीय महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में भक्ति, आध्यात्मिकता और धार्मिक आयोजनों की निरंतरता बनी रहेगी। आयोजन के मुख्य समारोह को लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। महोत्सव के माध्यम से धार्मिक परंपराओं, गुरु परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • BIG NEWS | पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान: उत्तर प्रदेश से करेंगी राजनीति की शुरुआत, किसी पार्टी का नहीं लेंगी सहारा!

    BIG NEWS | पूर्व IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान: उत्तर प्रदेश से करेंगी राजनीति की शुरुआत, किसी पार्टी का नहीं लेंगी सहारा!

    नई दिल्ली/लखनऊ /अनुराग त्रिपाठी | निष्पक्ष टुडे :-

     13 साल की प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति की राह पर दिव्या मित्तल! सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर किया भविष्य का खुलासा, बोलीं—किसी दल के साथ नहीं, अकेले चलूंगी।


    उत्तर प्रदेश की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 10 मिनट का वीडियो जारी कर उन्होंने राजनीति में कदम रखने की घोषणा की।

    दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी और फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेंगी।

    करीब 13 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बाद अब वह राजनीति के जरिए जनता के बीच अपनी नई पारी शुरू करने जा रही हैं।

    खबर की 5  बड़ी बातें –

    1. जनीति में एंट्री का ऐलान

      पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने वीडियो जारी कर अपने राजनीतिक भविष्य का खुलासा किया।

    2. उत्तर प्रदेश से शुरू होगा राजनीतिक सफर

    उन्होंने यूपी से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की घोषणा की है।

    3.किसी राजनीतिक दल का साथ नहीं

    दिव्या मित्तल ने स्वतंत्र रूप से राजनीति में आगे बढ़ने का फैसला किया है।

    4.जनता से सीधे जुड़ने की पहल

    अपने शुभचिंतकों और समर्थकों से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करने की अपील की।

    5-13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा को अलविदा

    30 अगस्त को इस्तीफे की घोषणा की थी, जिसे 15 सितंबर 2026 को स्वीकार कर लिया गया।

    किसी पार्टी के साथ नहीं, अकेले चलूंगी!-

    दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में साफ कर दिया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नहीं करेंगी।
    उन्होंने कहा, “किसी भी पार्टी या फिर दल के साथ नहीं, बल्कि अकेले चलूंगी।”
    उनकी इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    जनता से सीधे संवाद की तैयारी
    दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो के माध्यम से शुभचिंतकों और आम नागरिकों से जुड़ने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को लगता है कि उनकी यह पहल उनके विचारों से मेल खाती है, तो वे व्हाट्सऐप के माध्यम से उनसे संपर्क कर सकते हैं।

    इस पहल के जरिए वह अपनी राजनीतिक यात्रा में लोगों की भागीदारी चाहती हैं।

    30 अगस्त को दिया था इस्तीफा, अब राजनीति में नई पारी

    2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 को स्वीकार कर लिया गया।

    उनके इस फैसले के बाद से ही भविष्य की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

    कई जिलों में संभाल चुकी हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां –

    अपने लगभग 13 वर्षों के प्रशासनिक करियर के दौरान दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहीं।

    -मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट।
    -गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO)।

    कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक।

    बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष।

    संतकबीरनगर और मिर्जापुर में जिलाधिकारी।

    इन पदों पर रहते हुए उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था और जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर काम करने का अनुभव मिला।

    अब सबसे बड़ा सवाल—क्या होगा दिव्या मित्तल का अगला कदम?

    दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी कई सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं।

    क्या वह अपना स्वतंत्र राजनीतिक संगठन बनाएंगी? क्या आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरेंगी या पहले प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगी?

    फिलहाल उनके अगले कदम और विस्तृत राजनीतिक कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार है।

    निष्पक्ष टुडे | जनता से सवाल

    क्या प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव राजनीति में जनता की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में मददगार साबित हो सकता है?
    पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल के स्वतंत्र राजनीति में आने के फैसले को आप किस नजरिए से देखते हैं? अपनी राय जरूर दें।

  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बवाल: छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, आगजनी और लूटपाट के आरोप, आखिर किसने बिगाड़े हालात?

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बवाल: छात्रों का प्रदर्शन हिंसक, आगजनी और लूटपाट के आरोप, आखिर किसने बिगाड़े हालात?

    नेशनल डेस्क /पंजाब ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की वायरल खबर के बाद भड़का आक्रोश; पुलिस से झड़प, वाहनों में आगजनी और कैंपस में बाहरी लोगों की घुसपैठ के आरोप, SIT करेगी जांच


    पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की वायरल खबर के बाद शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस वाहनों में आगजनी की घटनाओं ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं वहीं, परिसर में बाहरी लोगों के घुसने, हथियार लहराने और दुकानों में लूटपाट के आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

    सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रों के विरोध प्रदर्शन की आड़ में असामाजिक तत्वों ने हिंसा को अंजाम दिया?

    खबर की प्रमुख बातें –

    1. वायरल खबर से हंगामा: छात्रा से कथित दुष्कर्म और आत्महत्या के अपुष्ट संदेश के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन।

    2. पुलिस से हिंसक झड़प: पथराव, वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं।

    3. बाहरी लोगों की घुसपैठ के आरोप: कैंपस और गर्ल्स हॉस्टल के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के वायरल वीडियो की जांच।

    4. मॉल में कथित लूटपाट: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दुकानों से सामान लूटने के आरोप।

    5. 10 दिन कक्षाएं स्थगित: परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई, सात सदस्यीय SIT गठित।

    वायरल संदेश से शुरू हुआ विवाद, देखते ही देखते हिंसक हुआ प्रदर्शन-

    मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक संदेश से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या किए जाने का दावा किया गया था। खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन करने लगे।

    पुलिस ने शुरुआत में ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं होने की बात कही। हालांकि, छात्रों का आक्रोश बढ़ने के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया। वायरल दावों की सच्चाई अभी जांच का विषय है।

    पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव, गाड़ियों में लगाई आग-

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन हालात बिगड़ गए। पुलिस पर पथराव हुआ और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया गया। एक पुलिस जीप में आग लगाए जाने तथा अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं।

    पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। हिंसा में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

    बाहरी लोगों ने किया प्रदर्शन को हाईजैक?

    वायरल वीडियो से उठे सवाल
    विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा के बीच बाहरी लोगों की कथित घुसपैठ का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों के हथियार लेकर परिसर में प्रवेश करने और तोड़फोड़ करने के दावे किए जा रहे ।

    छात्राओं के हॉस्टल के आसपास भी संदिग्ध गतिविधियों के आरोप हैं। पंजाब पुलिस इन वीडियो और बाहरी लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखने वाले सभी लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

    यूनिवर्सिटी के मॉल में लूटपाट! मोबाइल और लैपटॉप की दुकानों को बनाया निशाना?
    हिंसा के बीच विश्वविद्यालय के मॉल में लूटपाट के आरोप भी सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि उपद्रवियों ने मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान की दुकानों में तोड़फोड़ कर सामान लूट लिया।

    कथित लूटपाट के वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में कुछ लोगों ने आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया? फिलहाल लूटे गए सामान की कुल कीमत और आर्थिक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी में हिंसा के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप –

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

    मित्तल पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए।

    कुछ दावों में इस हिंसा को उनके राजनीतिक दल बदलने से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस घटना के पीछे राजनीतिक साजिश होने का कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही हिंसा की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

    10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद, SIT करेगी जांच
    हिंसा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। पुलिस परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।

  • UPI पर MDR: क्या अब QR से भुगतान करना महंगा होगा?

    UPI पर MDR: क्या अब QR से भुगतान करना महंगा होगा?

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    ₹2,000 तक के भुगतान पर कोई शुल्क नहीं, बड़े लेन-देन पर व्यापारी देगा MDR; आम ग्राहक की जेब पर सीधा असर नहीं


    नई दिल्ली।
    UPI से भुगतान करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 15 सितंबर 2026 को जारी FAQ के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा UPI Person-to-Merchant यानी P2M लेन-देन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू किया जाएगा।

    लेकिन सबसे बड़ा सवाल—क्या अब UPI से पैसे भेजने पर ग्राहक की जेब कटेगी?

    दस्तावेज के मुताबिक, नहीं। ग्राहक के लिए UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा।

    🔴 सबसे पहले समझिए ₹2,000 का नियम

    सामान्य P2M यानी दुकान, कारोबारी या व्यापारी को किए जाने वाले UPI भुगतान में—

    👉 ₹2,000 तक — कोई MDR नहीं।

    👉 ₹2,000 से ज्यादा — 0.4% MDR।

    👉 ₹75,000 या उससे ज्यादा — अधिकतम ₹300 MDR।

    यानी अगर कोई ग्राहक ₹3,000 की खरीदारी करता है तो 0.4% के हिसाब से ₹12 MDR बनेगा। ₹50,000 के भुगतान पर यह ₹200 होगा। लेकिन ₹1 लाख के भुगतान पर 0.4% यानी ₹400 की जगह अधिकतम ₹300 ही MDR होगा।

    🟢 ग्राहक को नहीं देना होगा MDR

    FAQ में साफ कहा गया है कि UPI से भुगतान करने वाले उपभोक्ता से कोई transaction charge नहीं लिया जाएगा।

    यानी QR कोड स्कैन करके भुगतान करने पर ग्राहक को अलग से MDR नहीं देना होगा।

    इसके अलावा—

    • P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति भुगतान मुफ्त रहेगा।
    • UPI ऐप Platform Fee नहीं लगा सकेंगे।
    • QR कोड से भुगतान करने पर ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
    • ग्राहक के लिए कोई मासिक MDR/फीस सीमा नहीं होगी।

    🟡 छोटे दुकानदारों को राहत

    यह नियम हर दुकानदार पर एक जैसा लागू नहीं होगा।

    P2PM यानी छोटे व्यापारियों की श्रेणी को Zero MDR का प्रावधान दिया गया है।

    FAQ के अनुसार, जिन छोटे विक्रेताओं की UPI के जरिए प्राप्तियां ₹1 लाख प्रति माह तक हैं, वे P2PM श्रेणी में Zero MDR के पात्र हो सकते हैं।

    खास बात यह है कि अगर ऐसे छोटे व्यापारी को एक बार ₹2,000 से ज्यादा का भुगतान मिल भी जाता है, तो केवल उस भुगतान के कारण MDR नहीं लगेगा, बशर्ते व्यापारी exempted P2PM श्रेणी में हो।

    ⚠️ ₹1 लाख की सीमा पर नजर जरूरी

    P2PM व्यापारी की UPI प्राप्तियां अगर लगातार तीन महीने ₹1 लाख प्रति माह से ज्यादा रहती हैं, तो FAQ के अनुसार उसे P2M श्रेणी में ट्रांसफर किया जा सकता है।

    ⛽ कुछ सेवाओं में 0.4% नहीं, सिर्फ ₹5

    कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है।

    ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर बीमा, फ्यूल, बिजली-पानी जैसी कुछ सेवाओं में ₹5 का flat MDR बताया गया है।

    यानी हर जगह 0.4% MDR लागू नहीं होगा।

    📈 Mutual Fund और शेयर बाजार के भुगतान की अलग दर

    Capital Market transactions के लिए अलग MDR रखा गया है।

    Mutual Fund, Securities, Stockbroker और Dealer जैसे लेन-देन पर 0.02% MDR, अधिकतम ₹300 बताया गया है।

    ❓ MDR लगाया ही क्यों जा रहा है?

    FAQ में इसका मुख्य कारण UPI के बढ़ते पैमाने और उसके संचालन की लागत को बताया गया है।

    दस्तावेज के मुताबिक UPI के server, bandwidth, fraud prevention, cybersecurity और बैंक/fintech तकनीकी सपोर्ट पर उद्योग का अनुमानित खर्च करीब ₹20,000 करोड़ सालाना है।

    MDR से मिलने वाले राजस्व को UPI infrastructure, cybersecurity, innovation और customer service में लगाने की बात कही गई है।

    📊 UPI का कारोबार कितना बड़ा हो चुका है?

    FAQ के अनुसार अगस्त 2026 में UPI ने 2,451 करोड़ transactions किए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.9 लाख करोड़ बताई गई है।

    दस्तावेज का तर्क है कि इतने बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को लंबे समय तक चलाने के लिए स्थायी वित्तीय व्यवस्था जरूरी है।

    🔍 तो आम आदमी को क्या समझना चाहिए?

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से नहीं, संबंधित व्यापारी से लिया जाना है।

    ₹2,000 तक का सामान्य P2M UPI भुगतान — FREE

    ₹2,000 से ऊपर — सामान्य P2M में 0.4% MDR

    ₹75,000+ — अधिकतम ₹300

    P2P भुगतान — FREE

    छोटे पात्र P2PM व्यापारी — Zero MDR

    कुछ विशेष सेवाएं — ₹5 flat MDR

    और FAQ के मुताबिक व्यापारी इस MDR को ग्राहक से अलग से वसूल नहीं कर सकता।

    निष्पक्ष सवाल

    अब असली सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था UPI के लंबे समय के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, या MDR का असर अंततः व्यापारियों की लागत और बाजार की कीमतों पर पड़ेगा?

    FAQ में दावा है कि ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और व्यापारियों को लागत को अपनी सामान्य operational cost के रूप में absorb करना होगा। लेकिन वास्तविक असर 15 अक्टूबर 2026 से व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    निष्पक्ष टुडे की नजर में—

    फिलहाल सबसे जरूरी बात है नियम को सही समझना: UPI बंद या महंगा नहीं हुआ है; नया MDR चुनिंदा व्यापारी लेन-देन पर लागू होने वाला शुल्क है, जिसका भुगतान ग्राहक के बजाय व्यापारी पक्ष से होना है।

  • गोरखपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाएं बेपटरी, डिस्प्ले बोर्ड बना शोपीस

    गोरखपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाएं बेपटरी, डिस्प्ले बोर्ड बना शोपीस

    गोरखपुर, 15 सितंबर 2026 | रोहित श्रीवास्तव की रिपोर्ट।

    पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय कहे जाने वाले गोरखपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाओं की पोल खुल रही है। प्लेटफॉर्म पर लगा लाखों का ऑटोमेटिक ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड ट्रेनों की जानकारी देने की बजाय सिर्फ “WELCOME AT INDIAN RAILWAY” दिखा कर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहा है।

    फोटो में साफ दिख रहा है:
    ट्रेन नंबर, ट्रेन नाम, Expected Time, प्लेटफॉर्म नंबर के सभी कॉलम खाली हैं। यात्रियों को अपनी ट्रेन के लिए अनाउंसमेंट का इंतजार करना पड़ रहा है या कुली और स्टाफ से पूछना पड़ रहा है।

    बुजुर्ग, महिला और पहली बार यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। जबकि रेलवे “डिजिटल इंडिया” और “यात्री सुविधा” के बड़े-बड़े दावे करता है।

  • अयोध्या, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की भव्य सौगात

    अयोध्या, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की भव्य सौगात

    ब्यूरो चीफ नीलम सिंह

    अयोध्या। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के सौजन्य से आयोजित पत्रकार साथियों की भव्य विंध्याचल धाम यात्रा ने धार्मिक आस्था, भाईचारे और सौहार्द का ऐसा अद्भुत संगम रचा, जिसने पत्रकार जगत के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। अयोध्या से विंध्याचल पहुंचे पत्रकार साथियों ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मां के जयकारों से पूरा विंध्याचल धाम भक्तिमय हो उठा।नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने अयोध्या के पत्रकार साथियों के लिए इस यात्रा को एक भव्य तोहफे के रूप में आयोजित किया। यात्रा के दौरान पत्रकारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सभी साथी मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धा और उमंग के साथ आगे बढ़े। मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया गया। माता रानी के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण में पत्रकार साथियों ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

    इस अवसर पर पत्रकारों के लिए उत्तम जलपान एवं भोजन की विशेष व्यवस्थाएं की गईं। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के सौजन्य से की गई व्यवस्थाओं की पत्रकार साथियों ने सराहना की। यात्रा में शामिल पत्रकारों ने कहा कि इस तरह के आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और पत्रकार साथियों के बीच एकता एवं सौहार्द की भावना को बढ़ावा देते हैं।

    विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पत्रकारों के साथ संवाद करते हुए कहा कि पत्रकार समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उनकी भूमिका जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और समाज को जागरूक करने में अहम है। पत्रकार साथियों के साथ इस धार्मिक यात्रा का उद्देश्य आपसी संबंधों को और मजबूत करना तथा सभी को मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद दिलाना है।

    कार्यक्रम में अमल गुप्ता, पदाधिकारी भाजपा एवं वरिष्ठ समाजसेवी, मोनू प्रताप सिंह विधायक प्रतिनिधि, वरिष्ठ पत्रकार के. बी. शुक्ला, अजय श्रीवास्तव, सम्पादक ज्योतिष संसार हिंदी मासिक पत्रिका संपादक एवं निष्पक्ष टुडे राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र ब्यूरो चीफ नीलम सिंह, अरविंद कुमार तिवारी संवाददाता, वरिष्ठ पत्रकार अजय प्रताप सिंह, प्रशांत शुक्ला,सुबोध श्रीवास्तव, रुपेश श्रीवास्तव, संतोष कुमार तिवारी, अरविंद गुप्ता, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, राहुल गुप्ता, संजीव आज़ाद, धर्मेन्द्र सिंह, आकाश सोनी, राजेंद्र दूबे, अनिल निषाद, अमित मिश्रा, अपूर्व पाठक, मनोज सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार बंधु मौजूद रहे।

    मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद पत्रकार साथियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। यात्रा ने पत्रकार जगत में आपसी मेलजोल, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की नई मिसाल पेश की। अयोध्या से विंध्याचल तक गूंजे जयकारों ने इस भव्य आयोजन को यादगार बना दिया।

  • अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की जबरदस्त कार्यवाही

    अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की जबरदस्त कार्यवाही

    वरिष्ठ संवाददाता: मनोज कश्यप।

    गोरखपुर। अवैध शराब के निर्माण/बिक्री/परिवहन/भंडारण के विरुद्ध चलाये जा रहे प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश के अनुपालन में जिला आबकारी अधिकारी गोरखपुर महोदय के निर्देश पर दिनांक- 09.09.2026 को एस. एन. वर्मा,आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2, कैम्पियरगंज,अति. प्रभार सेक्टर~2 सदर द्वारा मय स्टॉफ थाना-राजघाट के अन्तर्गत अवैध कच्ची शराब के विभिन्न संदिग्ध स्थलों- हरबर्ट बँधा व चकरायुल में दबिश दी गई। दबिश के दौरान लगभग 15 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद कर,आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत एक अभियोग पंजीकृत किया गया।साथ ही साथ कम्पोजिट शाप व रेस्टोरेंट बार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को सख़्त निर्देश दिये गए की नियमानुसार दुकानों का संचालन करें और किसी भी स्थिति में दुकान अपने निर्धारित समय से पहले व बाद में खुलने न पाए तथा शत्-प्रतिशत मदिरा की बिक्री पाश मशीन से ही किया जाना सुनिश्चित करें ।

  • योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी राशि

    योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी राशि

    ब्यूरो चीफ नीलम सिंह

    अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के सम्मान, महिला सशक्तिकरण तथा बाल पोषण को लेकर सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान 02 लाख 91 हजार 162 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से साड़ी के लिए धनराशि अंतरित की गई। कार्यक्रम में टेक होम राशन यानी टीएचआर पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा एवं सम्मान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और इन्द्रधनुष टीकाकरण जैसे क्षेत्रों में व्यापक काम हुआ है।

    सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसान, मजदूर, महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां, आशा बहनें, स्वास्थ्यकर्मी और शिक्षा मित्र समेत समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य विकास की आधारशिला रखी गई है और उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि छह वर्ष तक के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।

    वहीं महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच और मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नवीन पोषण मानकों के अनुरूप पूरे प्रदेश में एक साथ रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।

    बेबी रानी मौर्य ने कहा कि लाभार्थियों को दिए जा रहे रेसिपी आधारित पुष्टाहार में स्वाद और पोषण दोनों का ध्यान रखा गया है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन और आपूर्ति की नई व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील की व्यवस्था भी की गई है।

    महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार हुआ है, जहां नारी का सम्मान प्रदेश की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही उत्तर प्रदेश की प्रगति की वास्तविक शक्ति है।

    कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास श्रीमती लीना जौहरी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री हरि ओम पाण्डेय, विधायक श्री वेद प्रकाश गुप्ता, श्री रामचन्द्र यादव, डॉ. अमित सिंह चौहान, श्री अभय सिंह, श्री चन्द्रभानु पासवान, अयोध्या के महापौर महन्त गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रोली सिंह, बीजेपी महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    कार्यक्रम के उपरान्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

    कुल मिलाकर अयोध्या के इस कार्यक्रम में सरकार ने एक साथ नारी सम्मान, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के प्रोत्साहन, बच्चों के पोषण और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखा। 2 लाख 91 हजार 162 कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि हस्तांतरण को सरकार की ओर से जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला कर्मियों के सम्मान और प्रोत्साहन के महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।