Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • बिजली दरों में बढ़ोतरी पर बवाल: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन को लिखा नाराजगी भरा पत्र

    बिजली दरों में बढ़ोतरी पर बवाल: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन को लिखा नाराजगी भरा पत्र

    गोरखपुर/लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    “मुझे बिना विश्वास में लिए कैसे लिए गए फैसले?” — ऊर्जा मंत्री ने बिजली दरों में वृद्धि और प्रशासनिक कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन को पत्र लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।ऊर्जा मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण फैसले उन्हें विश्वास में लिए बिना कैसे किए गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां उन्हें विभागीय स्तर पर न मिलकर टीवी चैनलों के माध्यम से क्यों प्राप्त हो रही हैं।

    मंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि मुख्यालय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों और अधिकारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने पूछा कि बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने जैसी स्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच समन्वय को लेकर लंबे समय से मतभेद की चर्चाएं चल रही थीं। अब मंत्री के इस पत्र के सामने आने के बाद दोनों के बीच टकराव खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है।

    महत्वपूर्ण बिंदु :-

    🔹 बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी।
    🔹 यूपीपीसीएल चेयरमैन को पत्र लिखकर मांगा जवाब।
    🔹 “मुझे बिना विश्वास में लिए कैसे लिए गए फैसले?” — ए.के. शर्मा।
    🔹 मंत्री ने कहा, टीवी चैनलों से मिलती हैं विभागीय जानकारियां।
    🔹 मुख्यालय स्तर की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल।
    🔹 सरकार की छवि खराब होने की बात कही।
    🔹 ऊर्जा मंत्री और यूपीपीसीएल चेयरमैन के बीच टकराव की चर्चा तेज।

    फिलहाल, इस पूरे मामले पर यूपीपीसीएल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: निर्दोषों को जेल भेजने वाले अफसरों की सैलरी से कटेगा जुर्माना

    इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: निर्दोषों को जेल भेजने वाले अफसरों की सैलरी से कटेगा जुर्माना

    गोरखपुर /इलाहाबाद ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    ‘शांति भंग’ की धाराओं के दुरुपयोग पर हाईकोर्ट सख्त, अवैध हिरासत पर ₹25 हजार प्रतिदिन मुआवजे का रास्ता साफ

    प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा “शांति भंग” की धाराओं के कथित दुरुपयोग पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है और बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए किसी भी व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जा सकता।

    न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने हेबियस कॉर्पस रिट याचिका संख्या 317/2026, मंसूर अहमद उर्फ लल्लू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में 8 जून 2026 को यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।

    याचिकाकर्ता मंसूर अहमद का आरोप था कि 19 मार्च 2026 की रात प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र की पुलिस उन्हें घर से उठाकर ले गई। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 170, 126 और 135 के तहत कार्रवाई की। बाद में उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां कथित तौर पर पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर दिए बिना उन्हें जेल भेज दिया गया।

    हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में कहीं भी यह दर्ज नहीं था कि याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत बांड भरने से इनकार किया था। इसके बावजूद उन्हें आठ दिनों तक जेल में रखा गया।

    अदालत ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन मानते हुए पीड़ित को दो लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि यह राशि संबंधित दोषी अधिकारी, तत्कालीन एसीपी के वेतन से वसूली जाएगी।

    अदालत ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में अधिकारियों को दी गई मजिस्ट्रेटी शक्तियों का कई मामलों में जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। कोर्ट के समक्ष आए आंकड़ों से पता चला कि प्रदेश के कई जिलों में हजारों नागरिकों को शांति भंग की धाराओं के तहत एक दिन से लेकर बीस दिनों तक जेल में रखा गया।

    कोर्ट ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए नागरिकों की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    • शांति भंग की कार्रवाई में अब केवल व्यक्तिगत बांड लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम राशि 20 हजार रुपये होगी।

    • किसी भी व्यक्ति से बाहरी जमानती की मांग नहीं की जाएगी।

    • व्यक्तिगत बांड भरते ही संबंधित व्यक्ति को तत्काल रिहा करना होगा।

    • यदि कोई व्यक्ति बांड भरने से इनकार करता है तो उसका ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड तैयार करना अनिवार्य होगा।

    • बिना वैध कानूनी आधार के 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखने पर राज्य सरकार को 25 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा।

    • मुआवजे की राशि दोषी अधिकारी या मजिस्ट्रेट के वेतन से वसूल की जाएगी।

    • संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

    हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को आगामी 14 सितंबर 2026 तक आदेश के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

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    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उत्तर प्रदेश में पुलिस और कार्यपालक मजिस्ट्रेटों द्वारा शांति भंग की धाराओं के प्रयोग के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह निर्णय नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

  • मिशन शक्ति अभियान के तहत बहु-बेटी सम्मेलन आयोजित, महिलाओं को किया गया जागरूक

    मिशन शक्ति अभियान के तहत बहु-बेटी सम्मेलन आयोजित, महिलाओं को किया गया जागरूक

    संवाददाता – एस.पी. सिंह
    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    थाना सहजनवा क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के अंतर्गत सहजनवा थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम द्वारा ग्राम पंचायत भवन, हरदी में बहु-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं एवं बालिकाओं को एकत्रित कर महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
    सम्मेलन के दौरान महिलाओं एवं बच्चियों को महिला संबंधी अपराधों, उनसे बचाव के उपायों तथा उनके विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे वूमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 181, एंबुलेंस सेवा 108, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उपयोग कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
    मिशन शक्ति टीम ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी तथा जागरूकता संबंधी पंपलेट वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना रहा।
    इस अवसर पर मिशन शक्ति टीम में उप निरीक्षक सौरभ शर्मा, उप निरीक्षक राकेश यादव, महिला कांस्टेबल अर्चना, रेखा तथा महिला कांस्टेबल अर्चना सिंह उपस्थित रहीं। टीम ने महिलाओं को निडर होकर अपनी समस्याएं पुलिस तक पहुंचाने तथा किसी भी प्रकार के अपराध की सूचना तत्काल देने के लिए प्रेरित किया।

  • गीडा में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत

    गीडा में औद्योगिक क्रांति की नई शुरुआत

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर, 28 मई। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में 2 जून को औद्योगिक विकास और उद्यमिता का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath गीडा सेक्टर-13 में बने प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। इस परियोजना से एमएसएमई सेक्टर को नई गति मिलने के साथ करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

    42.50 करोड़ की लागत से तैयार हुआ आधुनिक कॉम्प्लेक्स
    गीडा सेक्टर-13 में लगभग 2.68 एकड़ क्षेत्रफल में बने इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का निर्माण 42.50 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश का दूसरा ऐसा कॉम्प्लेक्स है, जबकि पहला कॉम्प्लेक्स कानपुर में स्थापित किया गया था।
    कॉम्प्लेक्स को “प्लग एंड प्ले मॉडल” पर विकसित किया गया है, जिससे उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए अलग से भारी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं करना पड़ेगा। आवंटन मिलते ही यूनिट संचालित की जा सकेगी।

    80 एमएसएमई यूनिट्स को मिलेगा सीधा लाभ

    कॉम्प्लेक्स के इंडस्ट्रियल ब्लॉक (जी+3) में कुल 80 औद्योगिक इकाइयों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक यूनिट का क्षेत्रफल लगभग 97.51 वर्गमीटर रखा गया है।


    वहीं, एमिनिटी एवं यूटिलिटी ब्लॉक (जी+1) में 42 यूनिट्स विकसित की गई हैं, जहां बैंक, गोदाम, सेल्स शोरूम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्य आकर्षण:

    प्लग एंड प्ले सुविधा
    बिजली, पानी और सीवरेज की आधुनिक व्यवस्था
    बैंक और गोदाम की सुविधा
    रेडीमेड गारमेंट, आईटी और फार्मा सेक्टर को प्राथमिकता
    प्रदूषण रहित उद्योगों को बढ़ावा
    गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बताई

    परियोजना की खासियत

    गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी Anuj Malik के अनुसार यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों को कम लागत में बेहतर औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि पूर्वांचल में उद्योग और रोजगार दोनों को नई दिशा मिल सके।

    -श्रमिकों को मिलेगा अपना घर
    -सीएम करेंगे एलआईजी-ईडब्ल्यूएस -आवासीय परिसर का उद्घाटन
    -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा सेक्टर-11 स्थित श्रमिकों के लिए बने एलआईजी और ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे।
    -करीब 18.54 करोड़ रुपये की लागत से बने

    इस प्रोजेक्ट में:

    ईडब्ल्यूएस के 48 फ्लैट
    एलआईजी के 48 फ्लैट
    कुल 96 आवास तैयार किए गए हैं।

    महत्वपूर्ण बातें:

    ईडब्ल्यूएस फ्लैट की अनुमानित कीमत: ₹5.13 लाख
    एलआईजी फ्लैट की अनुमानित कीमत: ₹10.53 लाख
    11.02 करोड़ रुपये की सब्सिडी
    सभी फ्लैट ई-लॉटरी के माध्यम से श्रमिकों को आवंटित
    आवासीय परिसर के पास पार्क, सामुदायिक केंद्र, खेल मैदान और व्यवसायिक केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
    208 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
    71 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण और शिलान्यास
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गीडा क्षेत्र में लगभग 207.96 करोड़ रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

    इन परियोजनाओं में शामिल हैं:

    -सड़क निर्माण
    -नाली और पुलिया
    -बिजली व्यवस्था
    -वेस्ट मैनेजमेंट
    -वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
    -सीवरेज नेटवर्क

    इन विकास कार्यों से गीडा को आधुनिक औद्योगिक हब के रूप में और मजबूती मिलने की उम्मीद है।पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार ।फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और श्रमिक आवासीय योजना के जरिए गीडा अब केवल औद्योगिक क्षेत्र ही नहीं बल्कि रोजगार, निवेश और आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल पूर्वांचल में एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

  • पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पसंदीदा भजन को धीरू यादव और केशव महेश्वरी ने दिया सिनेमाई रूप, शुरू हुई भोजपुरी फिल्म ‘राम आयेंगे तो अँगना सजाऊँगी’ की शूटिंग वाराणसी में

    पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पसंदीदा भजन को धीरू यादव और केशव महेश्वरी ने दिया सिनेमाई रूप, शुरू हुई भोजपुरी फिल्म ‘राम आयेंगे तो अँगना सजाऊँगी’ की शूटिंग वाराणसी में


    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पसंदीदा और बेहद लोकप्रिय भजन फ़िल्म ‘राम आयेंगे तो अँगना सजाऊँगी’ की गूंज अब सिनेमाघरों में भी सुनाई देगी। मशहूर फिल्म मेकर धीरू यादव और केशव महेश्वरी इस लोकप्रिय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव को एक भव्य फिल्म का रूप दे रहे हैं। ‘प्यारो मीडिया एंड एंटरटेनमेंट एलएलपी’ प्रस्तुत अलमाईटी पिक्चर्स के बैनर तले भोजपुरी फिल्म फ़िल्म ‘राम आयेंगे तो अँगना सजाऊँगी’ का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में इस फिल्म की भव्य शूटिंग प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र और धर्म नगरी वाराणसी (काशी) के विभिन्न खूबसूरत एवं ऐतिहासिक स्थानों पर जोर-शोर से चल रही है। यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के प्रति गहरी आस्था को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी। इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता संजय पांडेय और उभरती अदाकारा माधवी श्री पिता-पुत्री की भूमिका में दर्शकों का मन मोह रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि पाँच सौ वर्ष की कठोर तपस्या के बाद जब पूरा देश अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के उल्लास में डूबा हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सोशल मीडिया पर ‘राम आयेंगे’ भजन की सराहना की थी, जिसका गायन किया था सुप्रसिद्ध गायिका स्वाति मिश्रा जी ने और मोदी ने सोशल मीडिया में शेयर करते हुए लिखा था कि ‘श्री राम लला के स्वागत में स्वाति मिश्रा जी का भक्ति से भरा यह भजन मंत्रमुग्ध करने वाला है…’
    लिंकः https://www.instagram.com/p/C1yWhaTtLs2/?igsh=bmFwbmFqOHFseGth

    जिसके बाद यह भजन वैश्विक स्तर पर एक बड़ा आंदोलन बन गया। इसी राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक चेतना और जन-भावना का सम्मान करते हुए फिल्म मेकर धीरू यादव और केशव महेश्वरी ने इसे एक मुकम्मल पारिवारिक और भावनात्मक कहानी में पिरोने का फैसला किया। यह फिल्म केवल एक व्यावसायिक सिनेमा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों राम भक्तों की अटूट आस्था, भारतीय परिवारों के पारंपरिक मूल्यों और सनातन संस्कृति के गौरव की एक जीवंत झांकी होगी। फिल्म के जरिए दर्शकों को यह देखने को मिलेगा कि कैसे प्रभु श्री राम का नाम और उनके आदर्श आज के आधुनिक समाज में भी परिवारों को जोड़े रखने का काम करते हैं।

    गौरतलब है कि भोजपुरी फिल्म ‘राम आयेंगे तो अँगना सजाऊँगी’ के निर्माता अरविंद पोद्दार हैं। निर्देशक अभिषेक दूबे हैं, जिन्होंने कई फिल्मों का कुशल निर्देशन किया है। लेखक संजय महतो हैं। डीओपी प्रवीण त्रिपाठी, आर्ट डायरेक्टर राम बाबू ठाकुर, प्रोजेक्ट हेड गया प्रसाद, ईपी योगेश पांडेय, प्रोडक्शन कंट्रोलर सोनू यादव कुंडल, जयराम यादव, पीआरओ रामचन्द्र यादव हैं। मुख्य कलाकार मुख्य कलाकार राज यादव, माधवीश्री संध्या, ठाकुर हर्षित सिंह, आस्था तिवारी, संजय पांडेय, संतोष सागर, नवीन शर्मा, अक्षय यादव, संदीप यादव, ऊदल यादव, हर्ष बर्धन, मधु अवस्थी, नेहा तिवारी, नेहा सिंह, राजन कानू, सुनीता तथा बाल कलाकार ढोलू यादव आदि हैं।

    क्रांतिकारी फिल्म निर्माता धीरू यादव का कहना है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हमें बहुत प्रेरणा मिलती है। उनके पसंदीदा राम भजन से प्रेरित होकर हम ये भोजपुरी फिल्म दर्शकों के दिलों को छूने और उन्हें एक बेहतरीन पारिवारिक सिनेमा का अनुभव कराने के उद्देश्य से बना रहे हैं।’

    वहीं फिल्म निर्माता केशव महेश्वरी ने बताया कि यह फिल्म हमारे दिल के बेहद करीब है। ‘राम आयेंगे’ एक ऐसा भजन है, जिसने करोड़ों लोगों की भावनाओं को जोड़ा है। हम इसे सिनेमा के माध्यम से बेहद खूबसूरत और भावनात्मक कहानी के रूप में पेश कर रहे हैं। वाराणसी की पावन धरती पर इसकी शूटिंग करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।’

  • गहरे पानी में स्नान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु चला जागरूकता अभियान

    गहरे पानी में स्नान से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु चला जागरूकता अभियान

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवा, (गोरखपुर)।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश एवं सहजनवां थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में गहरे पानी में स्नान के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए थाना सहजनवा पुलिस द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चौपाल लगाकर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं ग्रामीणों को नदी, तालाब और गहरे जलाशयों में स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा।

    पुलिस की संयुक्त टीम ने भीटी रावत, कसरवल, समाधियां सहित नदी किनारे बसे अन्य गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया तथा बच्चों को अकेले नदी अथवा गहरे पानी में स्नान करने के लिए न भेजने की अपील की। चौपाल के माध्यम से लोगों को बताया गया कि गर्मी एवं बरसात के मौसम में नदी और तालाबों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से हादसों की आशंका अधिक रहती है, जिससे छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

    अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को सूचना देने की बात कही। साथ ही ग्रामीणों को जल सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।

    इस दौरान आयोजित सभी चौपालों में भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों ने पुलिस के इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।

  • थाईलैंड ने भारतीयों के लिए बंद की Visa-Free Entry

    थाईलैंड ने भारतीयों के लिए बंद की Visa-Free Entry

    नई दिल्ली/बैंकॉक निष्पक्ष टुडे :-

    नई दिल्ली/बैंकॉक: थाईलैंड घूमने का सपना देख रहे भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ा झटका लगा है। Thailand सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए लागू 60 दिनों की Visa-Free Entry सुविधा समाप्त कर दी है। अब भारतीय यात्रियों को “Visa On Arrival” (VoA) कैटेगरी में रखा गया है, जिसके तहत वे केवल 15 दिनों तक ही थाईलैंड में रह सकेंगे और इसके लिए निर्धारित फीस भी देनी होगी।

     

    19 मई को नए नियमों को मिली मंजूरी

    थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 19 मई को नए वीजा नियमों को मंजूरी दी गई। इन बदलावों के बाद भारत अब उन देशों की सूची से बाहर हो गया है जिन्हें Visa-Free Entry मिलती थी।

    अब भारत को अजरबैजान, बेलारूस और सर्बिया जैसे देशों के साथ “Visa On Arrival” श्रेणी में शामिल किया गया है। पहले इस सूची में 31 देश शामिल थे।

    अब सिर्फ 54 देशों को मिलेगी Visa-Free Entry

    नए नियमों के तहत अब केवल 54 देशों के नागरिकों को 30 दिनों तक की वीजा छूट मिलेगी। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर और कई यूरोपीय देश शामिल हैं।

    वहीं सेशेल्स, मालदीव और मॉरीशस के नागरिकों को अलग से 15 दिन की वीजा छूट दी गई है।

    क्या है “Reciprocal Visa Exemption”?

    थाईलैंड सरकार ने कुछ देशों के साथ “Reciprocal Visa Exemption” यानी “आपसी वीजा छूट” व्यवस्था भी लागू की है।

    इसका मतलब है कि यदि कोई देश थाई नागरिकों को बिना वीजा प्रवेश देता है, तो बदले में थाईलैंड भी उस देश के नागरिकों को बिना वीजा एंट्री देता है।

    • भारतीयों के लिए 60 दिन की Visa-Free सुविधा खत्म

    • अब “Visa On Arrival” के जरिए मिलेगा प्रवेश

    • अधिकतम 15 दिनों तक ही रुक सकेंगे भारतीय

    • VoA के लिए फीस देना होगी अनिवार्य

    • 19 मई को थाई कैबिनेट ने नए नियमों को मंजूरी दीभारत अब Visa-Free देशों की सूची से बाहर

    • 54 देशों को अब भी 30 दिन की वीजा छूट जारी

       विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों का    असर भारतीय पर्यटकों की संख्या पर पड़ सकता है। पिछले कुछ वर्षों में थाईलैंड भारतीय पर्यटकों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बना हुआ था, खासकर Visa-Free Entry के कारण।

  • मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर बदला गया चौरी-चौरा ओवरब्रिज का नक्शा, सेतु निगम ने आरटीआई में कबूला सच: काली शंकर यदुवंशी

    मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर बदला गया चौरी-चौरा ओवरब्रिज का नक्शा, सेतु निगम ने आरटीआई में कबूला सच: काली शंकर यदुवंशी

    चौरी-चौरा/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के बहुचर्चित सम्पार संख्या 147B रेलवे ओवरब्रिज मामले में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा सूचना के अधिकार के तहत दिए गए लिखित जवाब को सार्वजनिक करते हुए अफसरों और रसूखदारों के सिंडिकेट को बेनकाब किया है।

    काली शंकर यदुवंशी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पूरी तरह अंधेरे में रखकर और उनके विशेषाधिकार का उल्लंघन करके इस उनसठ करोड़ चवालीस लाख रुपये की परियोजना का मूल स्वरूप बदला गया है।

    काली शंकर यदुवंशी ने सेतु निगम के आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए बताया कि विभाग ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि इस ओवरब्रिज के जनहितकारी ‘Y’ टाइप मॉडल की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुपालन में शासनादेश संख्या 573/2021/आई दिनांक 21 दिसंबर 2021 द्वारा प्रदान की गई थी।

    काली शंकर यदुवंशी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सेतु निगम के जवाब से यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि वर्ष 2023 में कुछ अधिकारियों ने बिना किसी नए शासनादेश या कैबिनेट की मंजूरी के, महज़ एक समीक्षा बैठक का बहाना बनाकर मुख्यमंत्री जी द्वारा स्वीकृत जनहित के मूल नक्शे को अपनी मर्जी से बदल दिया और उसे ‘L’ मॉडल में परिवर्तित कर दिया। यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की अवमानना और चौरी-चौरा के लाखों नागरिकों, व्यापारियों व छात्रों के साथ हुआ बहुत बड़ा विश्वासघात है।

    काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि सेतु निगम के आधिकारिक पत्र से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि वह खेल फरवरी और मार्च 2023 के दौरान ही खेला गया था, जिसके आधार पर भ्रष्ट अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के मूल आदेश को फाइलों में दबाकर रसूखदारों को फायदा पहुँचाया।

    काली शंकर यदुवंशी ने इस गंभीर जालसाजी और प्रशासनिक सुचिता में हुई बड़ी सेंध को लेकर मुख्यमंत्री को एक आपातकालीन पत्र प्रेषित कर मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगे पर रखने वाले और फर्जी लेटरहेड के आधार पर जालसाजी करने वाले दोषी अधिकारियों व रसूखदारों को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 में स्वीकृत मूल ‘वाई-मॉडल’ को तत्काल प्रभाव से बहाल कर उसी के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाए।

    यदुवंशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो पुल 2023 में बन जाना चाहिए था, वह आज 2026 तक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर अधूरा पड़ा है, लेकिन चौरी-चौरा की न्यायप्रिय जनता इस तानाशाही और जालसाजी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और जब तक जनता का हक बहाल नहीं होता, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

    News Courtesy: काली शंकर यदुवंशी,राष्ट्रीय अध्यक्ष, वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी)।

  • रामगढ़ताल में CM योगी की क्रूज सवारी लेक क्वीन क्रूज पर बैठकर लिया स्वच्छता और विकास कार्यों का जायजा

    रामगढ़ताल में CM योगी की क्रूज सवारी लेक क्वीन क्रूज पर बैठकर लिया स्वच्छता और विकास कार्यों का जायजा

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरुवार शाम Ramgarh Tal में लेक क्वीन क्रूज की सवारी कर ताल की स्वच्छता, सौंदर्य और विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

    25 मिनट तक क्रूज पर रहे सवार

    मुख्यमंत्री ने जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के बाद करीब 25 मिनट तक क्रूज से रामगढ़ताल का भ्रमण किया।

    क्रूज यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने तालाब की स्वच्छता व्यवस्था और आसपास चल रहे विकास कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

     लोगों ने किया जोरदार स्वागत

    रामगढ़ताल किनारे मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। इस दौरान CM योगी ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

     जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों संग खिंचवाई तस्वीरें

    रामगढ़ताल बना गोरखपुर की नई पहचान
    कभी उपेक्षित रहा Ramgarh Tal आज पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यहां बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास कार्य किए गए हैं।

     रामगढ़ताल में बढ़ी आधुनिक सुविधाएं

    🚢 लेक क्वीन क्रूज सेवा
    🍽️ फ्लोटिंग रेस्टोरेंट
    🚤 वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां
    🌆 आकर्षक लाइटिंग और वॉकिंग ट्रैक

    इन सुविधाओं के कारण रामगढ़ताल अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।
    खेल और पर्यटन को मिल रही नई पहचान

    राष्ट्रीय स्तर की रोइंग और वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के आयोजन से रामगढ़ताल की पहचान पूरे देश में बढ़ी है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और खेल के नए अवसर भी मिल रहे हैं।

  • जेसीआई इंडिया जोन-3 के “स्पीच क्राफ्ट 2026” का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न, जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन ने की मेजबानी

    जेसीआई इंडिया जोन-3 के “स्पीच क्राफ्ट 2026” का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न, जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन ने की मेजबानी

    गोरखपुर। जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जोन स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “स्पीच क्राफ्ट 2026” का सफल एवं भव्य समापन होटल रामाडा में अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 15 मई से 17 मई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न शहरों से आए लगभग 32 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रभावशाली वक्तृत्व कला, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ी अनेक रोचक एवं प्रेरणादायक जानकारियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम की फैकल्टी में पायलट के रूप में जेसीआई पीपी रश्मि खाटूवाला तथा को-पायलट के रूप में जेएफएस सीए हिमांशु अग्रवाल एवं जेसी संजय रून्थाला ने अपने अनुभवों एवं प्रभावशाली प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

    तीनों दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में मंच संचालन, प्रभावी संवाद शैली, बॉडी लैंग्वेज, पब्लिक स्पीकिंग एवं माइक्रोफोन स्टेज फियर को दूर करने के विशेष अभ्यास कराए गए। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रभावी वक्ता बनने की प्रेरणा दी। प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का अत्यंत उपयोगी एवं यादगार अनुभव बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को लक्ष्य, बागी, सुल्तान, पठान, दंगल एवं धुरंधर टीमों में विभाजित कर विभिन्न रोचक प्रतियोगिताएं एवं गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह एवं प्रतिस्पर्धा का विशेष माहौल बना रहा।

    समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जेसीआई सेन गौरव सेठ उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि प्रभावी संवाद कला व्यक्ति के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। साथ ही उन्होंने जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन की पूरी होस्ट टीम को शानदार आतिथ्य, सुंदर आयोजन एवं उत्कृष्ट मेजबानी के लिए विशेष धन्यवाद एवं बधाई दी। कार्यक्रम चेयरमैन जेएफएम चेतन मुरारका रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम का अत्यंत सुंदर एवं व्यवस्थित संचालन करते हुए इसे सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।

    जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन के अध्यक्ष एचजीएफ सीए सौरभ अग्रवाल ने सभी प्रतिभागियों एवं फैकल्टी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में सकारात्मक नेतृत्व एवं आत्मविश्वास निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रोग्राम एडवाइजर जेसी सेन आलोक अग्रवाल, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर जेएफपी संकेत अग्रवाल, प्रोग्राम डायरेक्टर एचजीएफ विकास स्वरूप एवं जेसी आदिश जैन सहित पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा।

    इस अवसर पर की जेसी अनूप अग्रवाल, पीपी मोहित मित्तल, पीपी गौरव जालान, सौरभ जालान, बिट्टू जालान, प्रिया जायसवाल, पीपी मयंक मित्तल, आईपीपी आयुष गर्ग, किशन अग्रवाल, विभोर पोद्दार, तान्या जायसवाल, अर्चना श्रीवास्तव, श्वेता सिंह, चंदन, आकांक्षा, रिया जैन, राहुल जायसवाल, खुशाल खट्टर, संदीप अग्रवाल, रौनक केजरीवाल, प्रतीक जैन एवं जतिन अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

    अंत में भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

    उक्त जानकारी संस्था के जनसंपर्क अधिकारी एचजीएफ विकास स्वरूप ने दी।