Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    गोरखपुर, 15 अप्रैल:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में गोरखपुर ने एक नया इतिहास रच दिया है। ‘AI for All Awareness Program’ के तहत एक सप्ताह में 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण कर शहर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।

    यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार की गई रूपरेखा के तहत संभव हुई। कार्यक्रम का संचालन महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया।

    बुधवार को आयोजित समारोह में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने यह विश्व रिकॉर्ड प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। यह कार्यक्रम एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण अवसर पर आयोजित हुआ।

    एमपीआईटी ने इस अभियान के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा 9 अप्रैल तक यह संख्या 7.64 लाख के पार पहुंच गई, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    इस पहल में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा और बीआईटी गीडा जैसे संस्थानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    गिनीज बुक के प्रतिनिधि के अनुसार

    ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को कड़े मानकों पर जांचने के बाद ही इस रिकॉर्ड को मान्यता दी गई है।

    यह पूरी तरह निशुल्क कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागियों को एआई का परिचय, जनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, साइबर सुरक्षा, फ्रॉड से बचाव, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल प्रैक्टिसेज की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

  • एमसीए स्कूल बस की टक्कर से 18 माह की मासूम की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    एमसीए स्कूल बस की टक्कर से 18 माह की मासूम की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    गोला, गोरखपुर. गोला थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में निजी स्कूल की बस की चपेट में आकर 18 माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद जहां परिवार में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
    जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत डेहरीभार धौसहर उर्फ बेलवाभारी निवासी सुनील कुमार की 18 माह की पुत्री नित्या सुबह करीब 6:30 बजे अपने घर के सामने मौजूद थी। बताया जा रहा है कि वह अपने बड़े भाइयों को स्कूल जाने के लिए छोड़ने बाहर आई थी। इसी दौरान एमसीए पब्लिक स्कूल गोला की बस तेज रफ्तार में वहां से गुजरी और मासूम को अपनी चपेट में ले लिया।
    हादसा इतना भीषण था कि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया, घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल बस चालक अक्सर लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे पहले भी हादसे की आशंका बनी रहती थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
    ###स्कूल वाहनों की जांच तेज करने की उठी आवाज
    मृतका के पिता सुनील कुमार ने थाना गोला में तहरीर देकर बस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी मासूम बच्ची की मौत के जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
    ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित स्कूल वाहनों की नियमित जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले चालकों व संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
    पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी.
  • ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का तीखा बयान, समाज के सम्मान और योगदान का किया उल्लेख

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ब्राह्मण समाज को गाली देना, अपशब्द कहना यह कतई स्वीकार नहीं है।”

    एमएलसी ने अपने पत्र में कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और त्याग की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मणों का योगदान अतुलनीय रहा है।

    उन्होंने ऋषि दधीचि, परशुराम, चाणक्य, आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, रामदास, छत्रपति शिवाजी महाराज, मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी ने देश और समाज के लिए त्याग और बलिदान दिया है।

    देवेन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि ब्राह्मण जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्म, ज्ञान और साधना से बनता है। जहां ज्ञान, तप और त्याग होता है, वहीं ब्राह्मणत्व होता है।

    अंत में उन्होंने अपील की कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न किया जाए और सभी वर्गों के सम्मान को बनाए रखा जाए।

  •  NFIR का हुंकार : किया रेल कर्मचारियों के हक की आवाज़ को बुलंद 

     NFIR का हुंकार : किया रेल कर्मचारियों के हक की आवाज़ को बुलंद 

    संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव।

     

    बिलासपुर में आयोजित NFIR के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के रेल कर्मचारियों ने अपनी एकता दिखाई। संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, संघर्ष जारी रहेगा।

    प्रमुख पदाधिकारियों का संबोधन :-

    श्री गुमान सिंह (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NFIR): उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी कहा कि “न्यू पेंशन स्कीम” के नाम पर कर्मचारियों के साथ छल किया गया है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली और रेलवे में खाली पड़े 2 लाख से अधिक पदों को तुरंत भरने की मांग की।

    *डॉ. एम. राघवैय्या (जनरल सेक्रेटरी, NFIR):* उन्होंने सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों और निजीकरण की आतुरता का कड़ा विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ओपीएस कर्मचारियों का अधिकार है, भीख नहीं” और सरकार को मुनाफे में से कर्मचारियों का हिस्सा देना होगा।

    *श्री बी. सी. शर्मा (महामंत्री, उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन एवं कार्यकारी अध्यक्ष एनएफआईआर):* राष्ट्रीय स्तर की मांगों को मजबूती से रखते हुए 8वें वेतन आयोग के तुरंत गठन, ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाने और नई पेंशन योजना के विरोध में आवाज़ बुलंद की।

    श्री विनोद कुमार राय (महामंत्री, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ एवं सहायक महामंत्री, एनएफआईआर): रनिंग स्टाफ, टीआरडी, एसी स्टाफ, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, यांत्रिक कारखाने, पॉइंट्स मैंन, स्टेशन मास्टर और कैरिज एंड वैगन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। साथ ही, ‘हॉलिडे होम’ की बुकिंग प्रक्रिया सरल बनाने, पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने, विभागीय परीक्षायों को पारदर्शी बनाने और पास पर कंफर्म टिकट की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।

    *श्री रमेश मिश्रा (कार्यकारी अध्यक्ष, PRKS एवं जोनल सेक्रेटरी, NFIR):* ऑपरेटिंग, टिकट चेकिंग और सिग्नल विभाग की चुनौतियों को उठाया। ट्रैक मेंटेनर्स के साथ होने वाले ‘रन-ओवर’ हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए मृतक आश्रितों की तत्काल नियुक्ति और 12-14 घंटे की कठिन ड्यूटी में सुधार पर बल दिया।

    प्रमुख मांगें:
    ✅ पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत बहाल करो।
    ✅ 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू करो।
    ✅ रेलवे का निजीकरण और कर्मचारी विरोधी नीतियां बंद करो।
    ✅ खाली पदों को भरकर कार्यभार कम करो।
    ✅ हॉलिडे होम की बुकिंग को सरल बनाना
    ✅ पास पर कन्फर्म टिकट मिलना।
    ✅ 12-14 घंटे की थकाऊ ड्यूटी पर रोक लगाना।
    ✅ अनुकम्पा नियुक्ति प्रकिया को सरल बनाना।
    ✅ सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना
    ✅ पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने
    ✅ विभागीय परीक्षायों को पारदर्शी बनाने

    “NFIR-PRKS जिंदाबाद!”

  • मथुरा में दर्दनाक हादसा: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 की मौत

    मथुरा में दर्दनाक हादसा: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 की मौत

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-

    पीपा पुल से टकराई नाव, पंजाब से वृंदावन आए थे श्रद्धालु — CM योगी ने दिए राहत व मुआवजे के निर्देश

    मथुरा/उत्तर प्रदेश:
    उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है, जहां यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलटने से भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु पंजाब से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। हादसा उस वक्त हुआ जब नाव यमुना नदी में बने पीपा पुल से टकरा गई, जिससे संतुलन बिगड़ने पर नाव पलट गई।
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है।


    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी में नाव यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • नाबालिग मोनालिसा की शादी का सच: उम्र छुपाकर कराया गया विवाह, FIR दर्ज

    नाबालिग मोनालिसा की शादी का सच: उम्र छुपाकर कराया गया विवाह, FIR दर्ज

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-

    16 साल की मोनालिसा के मामले में बड़ा खुलासा, गलत दस्तावेजों से शादी का आरोप

     खरगोन / महेश्वर
    खरगोन जिले से सामने आया मोनालिसा केस अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है, जहां एक नाबालिग लड़की की शादी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

    जांच में महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि मोनालिसा की जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 है।

    यानी 11 मार्च 2026 को हुई शादी के समय मोनालिसा की उम्र लगभग 16 साल थी, जो कि कानून के अनुसार नाबालिग है।
    जांच एजेंसियों के मुताबिक, विवाह पंजीयन के दौरान गलत जन्मतिथि दिखाकर दस्तावेज तैयार किए गए, जिससे शादी को वैध साबित करने की कोशिश की गई।

    इस मामले में अब अपहरण, बाल विवाह और POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग की सुरक्षा और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मोनालिसा के परिवार की भूमिका और परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

  • गाजीपुर में बड़ा सड़क हादसा: नेपाल जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

    गाजीपुर में बड़ा सड़क हादसा: नेपाल जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

    गाज़ीपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, राहत-बचाव कार्य तेज

    “राहत कार्य में तेजी लाकर पीड़ितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करें”
    — योगी आदित्यनाथ

    गाजीपुर जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। महाराष्ट्र से नेपाल जा रही यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    हादसे में कई यात्री घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।

    इस घटना पर केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिलाधिकारी गाजीपुर को फोन कर घायलों के समुचित उपचार और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को देते हुए निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा गया।

    घायलों को हर संभव उपचार और सहायता उपलब्ध कराई जाए”
    — प्रतापराव जाधव

    वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

    घटना के बाद एडीएम, एसपी सिटी, एसडीएम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

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  • खतरे में युद्धविराम! Lebanon पर हमलों से भड़का Iran

    खतरे में युद्धविराम! Lebanon पर हमलों से भड़का Iran

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-

    Iran ने अमेरिका को दी दो टूक चेतावनी — Israel के हमले रुके बिना Ceasefire संभव नहीं

    मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच युद्धविराम पर बड़ा संकट खड़ा होता नजर आ रहा है। अब्बास अराघची ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर लेबनान पर इज़राइल के हमले नहीं रुके, तो सीज़फायर की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी।

    Iran के विदेश मंत्री ने अमेरिका पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ युद्धविराम की बात करना और दूसरी तरफ Israel के जरिए Lebanon पर हमले जारी रखना — ये दोहरी नीति स्वीकार नहीं की जा सकती।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि Lebanon भी सीज़फायर का हिस्सा है और इस पर हो रहे हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    इस बयान के दौरान उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ के हालिया ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तत्काल युद्धविराम की बात कही गई थी।

    Iran का साफ कहना है कि अगर Lebanon पर हमले नहीं रुके, तो यह Ceasefire केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा और क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।

  • सरयू नहर खंड में ‘शिकायत माफिया’ का भंडाफोड़: फर्जी शिकायतों से वसूली का खेल, अब ‘बाबूजी’ पर लटकी FIR की तलवार

    सरयू नहर खंड में ‘शिकायत माफिया’ का भंडाफोड़: फर्जी शिकायतों से वसूली का खेल, अब ‘बाबूजी’ पर लटकी FIR की तलवार

    खजनी/गोरखपुर। सिंचाई विभाग के सरयू नहर खंड प्रथम, गोरखपुर से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ सहायक प्रबुद्ध चंद्र के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों को “सुनियोजित, संदिग्ध और साजिशन तैयार” माना जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, पूर्व और वर्तमान में प्राप्त कई शिकायतों का प्रारूप, भाषा शैली और यहां तक कि संलग्न फोटो भी लगभग एक जैसे पाए गए हैं। इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि शिकायतें किसी एक ही स्रोत से तैयार कर बार-बार विभाग को गुमराह करने के उद्देश्य से भेजी जा रही थीं। कई शिकायतों को “द्वेषपूर्ण मानसिकता” से प्रेरित और फर्जी नाम-पते के जरिए भेजा गया बताया जा रहा है।

    धन उगाही के लिए ‘शिकायत तंत्र’ का इस्तेमाल?

    सूत्रों का दावा है कि प्रबुद्ध चंद्र द्वारा पैसों के लालच में कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें कराकर दबाव बनाने और धन उगाही की कोशिश की जाती रही। इसके अलावा, बाहरी पत्रकारों और यूट्यूब चैनलों को बुलाकर विभाग से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कराने के भी आरोप सामने आए हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 को सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद 23 फरवरी को एक कथित पत्रकार के साथ कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर विभागीय छवि धूमिल करने की भी कोशिश बताई जा रही है।

    सूत्र बताते हैं कि 5 मार्च 2026 को दिए गए स्पष्टीकरण में भी प्रबुद्ध चंद्र द्वारा अपने ही विभाग और उच्चाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसे विभागीय अनुशासन के विपरीत माना जा रहा है।

    कर्मचारियों में भय, SC\ST एक्ट तक की धमकी

    सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित वरिष्ठ सहायक द्वारा कोर्ट में ले जाने और एससी/एसटी एक्ट लगाने की धमकी दी जाती रही, जिससे कार्यालय में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

    सूत्रों का कहना है कि प्रबुद्ध चंद्र पहले से ही कई संदिग्ध मामलों में जांच के घेरे में हैं। उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर आरोप पत्र तैयार कर जांच भी चल रही है।

    FIR और तत्काल ट्रांसफर की सिफारिश

    सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने भ्रामक व झूठी सूचनाएं फैलाने कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न करने जैसे आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करने और तत्काल स्थानांतरण की सिफारिश की गई है। अब फैसला उच्च अधिकारियों के हाथ में पूरा मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है और उनसे स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। अब देखना होगा कि इस गंभीर प्रकरण में क्या कार्रवाई होती यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

  • गोरखपुर प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण, सीएम योगी ने पत्रकारिता पर रखे अहम विचार

    गोरखपुर प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण, सीएम योगी ने पत्रकारिता पर रखे अहम विचार

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    मीडिया में समन्वय, सत्य और जन-विश्वास पर जोर

    मीडिया में समन्वय की आवश्यकता

    एक ही खबर को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करना जन-मानस में भ्रम पैदा   करता है।”
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंट, डिजिटल,   विजुअल और सोशल मीडिया के बीच   तालमेल बेहद जरूरी है।

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  वर्तमान समय में प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अलग-अलग माध्यमों में एक ही खबर की भिन्न प्रस्तुति से जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।

    जन-विश्वास और पत्रकारिता की  जिम्मेदारी

     सही तथ्य ही मजबूत जन-विश्वास का     आधार बनते हैं।”
      खबरों में भिन्नता से मीडिया की     विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

    सीएम ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सही तथ्यों को जनता तक पहुंचाना है। यदि खबरों में अंतर होता है, तो इससे जन-विश्वास प्रभावित होता है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

     मूल्यों और आदर्शों पर आधारित          पत्रकारिता

     पत्रकारिता को आत्म-नियमन और आदर्शों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
      सरकार सकारात्मक और जिम्मेदार   पत्रकारिता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन के साथ मूल्यों और आदर्शों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। सरकार ऐसी सकारात्मक पत्रकारिता के साथ खड़ी है।

     आलोचना को सकारात्मक रूप में लें

    लोकतंत्र संवाद से चलता है, आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश न मानें।”
     आलोचना को सुधार के अवसर के रूप में लेने की अपील।

    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और आलोचना इसका हिस्सा है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए, बल्कि उसे सुधार के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

        हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष

     “हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 1826 में ‘ उदंत मार्तण्ड’ से हुई थी।”
    यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के कारण ऐतिहासिक।

    सीएम योगी ने बताया कि यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक है। 30 मई 1826 को ‘उदंत मार्तण्ड’ के प्रकाशन से इसकी शुरुआत हुई थी, जो आज 200 वर्षों की यात्रा पूरी कर रही है।

     पत्रकारों के लिए सरकार की पहल

     “पत्रकारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध  कराने पर सरकार काम कर रही है।”
     बेखौफ पत्रकारिता के लिए सुरक्षित   वातावरण पर जोर।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पत्रकारों के लिए आवासीय योजनाओं पर कार्य कर रही है, जिससे वे सुरक्षित माहौल में रहकर बेखौफ पत्रकारिता कर सकें।

          जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

    “अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी नीति सख्त है।”
     सरकार लगातार कार्रवाई के मूड में।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से काम कर रही है और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

     गोरखपुर की बढ़ती अहमियत

    “तीन करोड़ लोगों की निर्भरता गोरखपुर पर है।”
     शिक्षा, व्यापार और रोजगार का बड़ा केंद्र बन चुका है शहर।

    सीएम ने बताया कि गोरखपुर आज शिक्षा, व्यापार और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जिस पर करीब तीन करोड़ लोगों की निर्भरता है।

      शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

      स्थान: गोरखपुर क्लब, सिविल लाइंस
      मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री योगी                        आदित्यनाथ
      शपथ दिलाई: महापौर डॉ. मंगलेश     श्रीवास्तव
      अध्यक्ष: ओंकार धर द्विवेदी
      अन्य पदाधिकारी: धनेश कुमार, पंकज           श्रीवास्तव सहित कई सदस्य

     गणमान्य लोगों की उपस्थिति

    समारोह में सांसद रवि किशन शुक्ल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, चारू चौधरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।

    “पत्रकारिता समाज का आईना है, इसे निष्पक्ष और तथ्यपरक रहना होगा।”