Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हुआ है बाबा गोरखनाथ एमपीओ का गठन

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हुआ है बाबा गोरखनाथ एमपीओ का गठन

    “सदस्य महिलाओं के पाल्यों का भी भविष्य संवरेगा एमपीओ”

    “सीएम योगी के विजन का मिल रहा बहुआयामी लाभ”

    “एमपीओ से जुड़ीं महिलाओं को आजीविका के साथ बच्चों के करियर को लेकर भी मिला परामर्श”

    “65 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं इस मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) से”

    गोरखपुर, 5 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से बनी श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एमपीओ) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को बहुआयामी लाभ मिल रहा। डेयरी सेक्टर के इस उद्यम की सदस्य बनकर इन महिलाओं ने न केवल खुद आत्मनिर्भरता की मंजिल चुनी है बल्कि अब उनके पाल्यों का भविष्य संवारने के लिए भी एमपीओ से मार्गदर्शन मिल रहा है। एमपीओ ने सदस्य महिलाओं के उन बच्चों जो कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत हैं, के लिए दो दिन वर्कशॉप आयोजित कर उनकी रुचि के अनुसार करियर ओरिएंटेड फील्ड में आगे बढ़ने की राह दिखाई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिरुचि एवं योग्यता का आकलन किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी देते हुए उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप करियर नियोजन, कौशल विकास तथा भविष्य की तैयारी पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

    सदस्य महिलाओं के पाल्यों के लिए आयोजित करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस प्रोग्राम के तहत विशेषज्ञ करियर कांउसर्ल्स ने दो दिन अलग-अलग सत्रों में मनोवैज्ञानिक तरीके से अंतर्संवाद और परीक्षण कर विद्यार्थियों की अभिरुचि का पता लगाया। इसके बाद उन्हें सही करियर पथ चुनने का मार्गदर्शन दिया गया। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुए इस प्रोग्राम के दौरान करीब सौ बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ सहभागिता की और अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप वैज्ञानिक आधार पर करियर गाइडेंस प्राप्त किया। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी बताते हैं कि एमपीओ के सुचारू संचालन के साथ सदस्य महिलाओं के परिवार के समग्र कल्याण के लिए विविध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पहले सदस्यों के घर गोबर गैस प्लांट लगवाने की पहल की गई और अब मैट्रिक और माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई कर रहे उनके बच्चों के भविष्य को सुनियोजित आकार देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है, जब उनके बच्चों को अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों।

    सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से गठित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोडयूसर्स ऑर्गनाइजेशन की सदस्य/शेयरहोल्डर बनीं महिलाएं लगातार अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रही हैं। नवंबर 2023 में क्रियाशील हुई इस एमपीओ के जरिये डेयरी सेक्टर से जुड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की 65000 से अधिक ग्रामीण घरेलू महिलाओं ने आर्थिक स्वावलंबन की राह पकड़ ली है। ये महिलाएं गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और मऊ जिले के करीब एक हजार गांवों की हैं। इन महिलाओं ने घरेलू कामकाज निपटाने के साथ ही दुग्ध उत्पादन/संग्रह के रोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिकी को भी मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    सदस्य महिलाओं के परिश्रम से श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर एमपीओ का टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपये का हो चुका है। एमपीओ से जुड़ी महिलाओं को प्रतिमाह 3, 13 और 23 तारीख को उनके द्वारा संकलित दूध का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाता है। सदस्य महिलाओं को औसतन प्रतिमाह आठ हजार रुपये की आमदनी हो रही है जबकि चार हजार से अधिक की संख्या उन महिलाओं की है जो लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की कहानी है।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा बवाल: आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील, ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी उठी आवाज

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा बवाल: आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील, ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ भी उठी आवाज

    अयोध्या ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, मंदिर की मर्यादा और श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए आरोपियों को कानूनी सहायता देने से किया इनकार; बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी उठे सवाल

    अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर अयोध्या के अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने कथित तौर पर फैसला लिया है कि वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ेंगे।

    बताया जा रहा है कि इस मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य आरोपियों को कानूनी सहायता देने से अधिवक्ताओं ने दूरी बना ली है। वकीलों का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की मर्यादा से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे आरोपियों का पक्ष नहीं लेंगे।

    मुख्य बिंदु:

    🔴 राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट
    🔴 आरोपियों का मुकदमा लड़ने से अधिवक्ताओं ने किया इनकार
    🔴 रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य आरोपियों को झटका
    🔴 अयोध्या बार एसोसिएशन ने आस्था और मंदिर की मर्यादा का दिया हवाला
    🔴 बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी उठे सवाल

    इसी दौरान, बार एसोसिएशन की बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने मुखर होकर यह भी कहा कि चम्पत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। बैठक में यह चेतावनी भी दी गई कि यदि तीन दिनों के भीतर ऐसा नहीं हुआ, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा और अयोध्या में प्रवेश को लेकर विरोध प्रदर्शन तथा जाम जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

     इन मांगों और चेतावनियों को लेकर संबंधित प्रशासनिक अथवा आधिकारिक पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है।

  • योगी  का अखिलेश पर तीखा हमला, बोले- “अयोध्या को राम भक्तों ने संवारा, सपा ने चलाई थी गोलियां”

    योगी का अखिलेश पर तीखा हमला, बोले- “अयोध्या को राम भक्तों ने संवारा, सपा ने चलाई थी गोलियां”

    हाथरस ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन की सलाह, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर भी खुलकर बोलने की चुनौती

    हाथरस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हाथरस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, मथुरा और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रहे हैं, उन्हें अपना इतिहास भी याद रखना चाहिए।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्होंने हाल ही में अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने सत्ता में आने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को राम भक्तों ने अपने परिश्रम और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहले ही विश्व स्तर पर नई पहचान दिला दी है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि उस समय कृष्ण जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने और कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करने जैसी नीतियां अपनाई गई थीं।

    प्रमुख बातें :-

    • मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सुंदरीकरण कराया गया है।

    • उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी है।

    • अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इससे “सद्बुद्धि” प्राप्त हो सकती है।

    • मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और मथुरा-वृंदावन के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी से स्पष्ट रुख अपनाने की चुनौती भी दी।

    • उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास पर कार्य कर रही है।

    अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए उनकी सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी राजनीतिक दल की मोहताज नहीं है और आज वह वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान स्थापित कर चुकी है।

  • जरूरतमंदों के इलाज और आवास की व्यवस्था कराएगी सरकार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    जरूरतमंदों के इलाज और आवास की व्यवस्था कराएगी सरकार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन, करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं; अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश

    गोरखपुर, 27 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार को लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार जरूरतमंदों के इलाज और आवास की व्यवस्था कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

    महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने स्वयं लोगों के बीच जाकर एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र प्राप्त किए तथा संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    महत्वपूर्ण बिंदु:

    🔹 करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनकर अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
    🔹 जरूरतमंदों को सरकारी योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का भरोसा
    🔹 गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता का आश्वासन
    🔹 एम्स दिल्ली में उपचाररत महिला को मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद का भरोसा
    🔹 गोरखपुर एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश
    🔹 जमीन कब्जाने वाले दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश
    🔹 बच्चों को दुलारते हुए शिक्षा के प्रति किया प्रेरित, वितरित की चॉकलेट

    जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री से अपने पास रहने के लिए मकान न होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। वहीं, इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे लोगों को उन्होंने भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी भी जरूरतमंद का उपचार नहीं रुकेगा।

    मुख्यमंत्री ने एक महिला, जिनका उपचार एम्स दिल्ली में चल रहा है, को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं, एक अन्य महिला की चिकित्सा संबंधी समस्या पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनका इलाज गोरखपुर एम्स अथवा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुनिश्चित कराया जाए।

    जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन पर जबरन कब्जा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

    जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों से मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से मुलाकात की, उन्हें आशीर्वाद दिया और चॉकलेट वितरित करते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

  • भोजपुर मुठभेड़ पर बड़ा खुलासा: SDPO समेत पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज

    भोजपुर मुठभेड़ पर बड़ा खुलासा: SDPO समेत पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज

    आरा/भोजपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    भरत तिवारी की मां की शिकायत पर कार्रवाई, 5 पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित; न्यायिक जांच आयोग करेगा पूरे मामले की पड़ताल

    बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत तिवारी मुठभेड़ मामले ने नया मोड़ ले लिया है। भरत तिवारी की मां की शिकायत पर जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस मुठभेड़ की वैधता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    परिजनों का आरोप है कि 17 जून की सुबह पुलिस टीम भरत तिवारी को उसके घर से अपने साथ ले गई थी। आरोप है कि बाद में उसे धक्का देकर गिराया गया और पांच गोलियां मार दी गईं। परिवार का दावा है कि घटना के दौरान भरत तिवारी सोशल मीडिया पर लाइव भी था और उससे जुड़े कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

    वहीं, पुलिस का दावा था कि भरत तिवारी पुलिस कार्रवाई के दौरान भागने का प्रयास कर रहा था और जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। हालांकि, मामले में उठे सवालों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

    प्रारंभिक जांच के आधार पर अब तक पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। न्यायिक जांच आयोग पूरे घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करेगा। मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    मुख्य बिंदु (Highlights):

    🔴 भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में पुलिस पर हत्या का मुकदमा दर्ज
    🔴 तत्कालीन SDPO और थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी नामजद
    🔴 परिजनों ने घर से ले जाकर हत्या करने का लगाया आरोप
    🔴 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बने जांच का आधार
    🔴 5 पुलिसकर्मी पहले ही किए जा चुके हैं निलंबित
    🔴 पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश जारी
    🔴 पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

  • 85 लाख रुपये का 162 किलो गांजा बरामद, अंतरजनपदीय तस्करी गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    85 लाख रुपये का 162 किलो गांजा बरामद, अंतरजनपदीय तस्करी गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    सिद्धार्थनगर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सीओ बांसी सुबेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में शिवनगर डिड़ई पुलिस को सफलता, एक तस्कर गिरफ्तार, तीन फरार

    सिद्धार्थनगर, 24 जून। जनपद सिद्धार्थनगर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना शिवनगर डिड़ई पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 85 लाख रुपये मूल्य का 162 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके तीन साथी मौके से फरार हो गए।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बांसी सुबेंदु सिंह के प्रभावी पर्यवेक्षण में अपराध नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना प्रभारी बृजेश सिंह अपनी टीम के साथ बेलगड़ी टोल प्लाजा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रहे थे।

    चेकिंग के दौरान शौचालय के पास रखे पांच प्लास्टिक के बोरों के निकट चार व्यक्ति खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर तीन लोग फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को मौके पर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम श्याम उर्फ श्यामू दीक्षित निवासी फर्रुखाबाद बताया।

    तलाशी लेने पर पांच बोरों में रखे 28 बंडलों से कुल 162 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार तस्कर इस खेप को बस के माध्यम से नोएडा ले जाने की तैयारी में थे।

    गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में अपने फरार साथियों की पहचान पिन्टू चौरसिया, सूर्य प्रकाश चौरसिया तथा अमन के रूप में की है। पुलिस ने इस संबंध में थाना शिवनगर डिड़ई पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    सुबेंदु सिंह की निगरानी में तस्करी नेटवर्क पर प्रहार

    क्षेत्राधिकारी बांसी सुबेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

    गिरफ्तारी करने वाली टीम :-

    थानाध्यक्ष बृजेश सिंह, उपनिरीक्षक राजीव जी भट्ट, मुख्य आरक्षी जितेंद्र गौतम, मुख्य आरक्षी सुशील राय, आरक्षी सौरभ सिंह तथा आरक्षी अजय कुमार यादव की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

    हाइलाइट्स :-

    -162 किलो अवैध गांजा बरामद
    -कीमत लगभग ₹85 लाख
    -एक तस्कर गिरफ्तार, तीन फरार
    -सीओ सुबेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में कार्रवाई
    -नोएडा भेजी जानी थी गांजे की खेप
    -एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज।

  • NEET 2026: यूपी सरकार का बड़ा फैसला, अभ्यर्थियों को बस किराए में 50% की छूट

    NEET 2026: यूपी सरकार का बड़ा फैसला, अभ्यर्थियों को बस किराए में 50% की छूट

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    20 और 21 जून को एडमिट कार्ड दिखाकर रोडवेज और नगरीय बसों में आधे किराए पर कर सकेंगे यात्रा; मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में बैठक में निर्णय।

    लखनऊ, 16 जून 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

    निर्णय के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी बसों तथा नगर विकास विभाग द्वारा संचालित सभी नगरीय बसों में NEET-2026 के अभ्यर्थियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

    यह सुविधा 20 जून और 21 जून 2026 को प्रभावी रहेगी। अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना NEET 2026 का प्रवेश पत्र (Admit Card) बस परिचालक को दिखाना होगा, जिसके आधार पर उन्हें आधे किराए पर यात्रा की अनुमति मिलेगी।

    सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के विभिन्न जनपदों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुगम एवं सुविधाजनक होगी।


    21 जून 2026 को आयोजित होगी NEET परीक्षा।
    20 और 21 जून को मिलेगी 50% किराया छूट।
    UPSRTC की सभी बसों में लागू होगा निर्णय।
    नगर विकास विभाग की नगरीय बसों में भी मिलेगी सुविधा।
    प्रवेश पत्र दिखाना होगा अनिवार्य।

    प्रदेश सरकार के इस निर्णय का अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे परीक्षार्थियों का आर्थिक बोझ कम होगा और वे बिना किसी अतिरिक्त चिंता के परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकेंगे।

  • अब विदेशी लोग आकर आपके यहां करेंगे चाकरी” : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    अब विदेशी लोग आकर आपके यहां करेंगे चाकरी” : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर ,चिल्लूपार निष्पक्ष टुडे :-

    चिल्लूपार में 295 करोड़ से अधिक की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, विपक्ष पर भी साधा निशाना

    गोरखपुर, 13 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के महुआपार स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास, रोजगार और औद्योगिक निवेश को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और विदेशों में जाना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां उद्योगों के विस्तार के कारण विदेशी नागरिक भी रोजगार के लिए चिल्लूपार का रुख करेंगे।

    मुख्य बातें:

    • मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे और पलायन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    • धुरियापार में सीमेंट फैक्ट्री, पावर प्लांट, आधुनिक पेंट उद्योग तथा अत्याधुनिक डिस्टलरी स्थापित किए जाने की घोषणा की गई।

    • ग्रेटर गीडा परियोजना के लिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।

    • मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा क्षेत्रीय विकास के लिए दिए जाने वाले प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता के साथ स्वीकृत करेगी।

    • बाढ़ सुरक्षा, सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर भी जोर दिया गया।

    • मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले नौकरी, ठेके और विकास कार्यों में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने कहा कि-

    “जब विधायक ही ठेका-पट्टा करेगा तो क्या होगा, यह बताने की आवश्यकता नहीं है।”

    • उन्होंने दावा किया कि पहले प्रदेश के कुछ जिलों के नाम पर युवाओं को रोजगार नहीं मिलता था, जबकि आज उत्तर प्रदेश के युवाओं की कार्यक्षमता और प्रतिभा का सम्मान देशभर में हो रहा है।

    • मुख्यमंत्री ने बताया कि हालिया पुलिस भर्ती में गोरखपुर जनपद के 800 से अधिक युवाओं का चयन हुआ है।

    • उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा और आस्था के सम्मान के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, गोरखपुर एम्स और फर्टिलाइजर प्लांट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर जनप्रतिनिधियों के चयन से विकास को गति मिलती है।

    कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

    हाइलाइट्स :-

    🔹 295 करोड़ से अधिक की 319 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास

    🔹 “विदेशी लोग भी चिल्लूपार में रोजगार के लिए आएंगे” – मुख्यमंत्री

    🔹 धुरियापार में सीमेंट फैक्ट्री और ग्रेटर गीडा की बड़ी घोषणा

    🔹 2017 से पहले की व्यवस्था पर विपक्ष को घेरा

    🔹 गोरखपुर के 800 से अधिक युवाओं के पुलिस भर्ती में चयन का दावा

    🔹 “अच्छी सरकार और सुशासन से ही विकास संभव” – मुख्यमंत्री

    “चिल्लूपार अब पलायन का नहीं, रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।”

  • बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं, FIR दर्ज कराई” – अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर सीएम योगी का बड़ा बयान

    बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं, FIR दर्ज कराई” – अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर सीएम योगी का बड़ा बयान

    आजमगढ़ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    आजमगढ़ में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – “हमारे लिए सभी बेटियां समान हैं, अभद्र भाषा बोलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”

    आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बेटियों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    सीएम योगी ने कहा, “मैं पिछले दिनों देख रहा था कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं। मामला मेरे संज्ञान में आया तो मैंने तत्काल पुलिस को निर्देश दिया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जाए।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं है। बेटी, बेटी होती है। हम उस संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है। हमारे लिए सभी बेटियां एक समान हैं और उनके सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।”

    सीएम योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अखिलेश जी दूसरों को तो उपदेश देते हैं, लेकिन अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दें कि वे अपनी भाषा को संयमित रखें। दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले स्वयं भी विचार करें कि उनके लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं।”
    मुख्यमंत्री ने आगे कहा-

    “अपने लोगों को संस्कारित करें, उन्हें समझाएं। यदि आप उन्हें नहीं समझा पा रहे हैं तो उन्हें हमारे हवाले कर दीजिए, हम उन्हें समझा देंगे।”

    मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। बेटियों के सम्मान और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्र टिप्पणियों को लेकर यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

  • जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर IAF का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, बचाव एवं जांच अभियान जारी

    जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर IAF का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, बचाव एवं जांच अभियान जारी

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा, भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना की पुष्टि की; विस्तृत जानकारी का इंतजार

    असम के जोरहाट से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय वायुसेना का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आज दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान हुआ।

    भारतीय वायुसेना की ओर से जारी शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि IAF का AN-32 विमान एक दुर्घटना का शिकार हुआ है, हालांकि घटना के कारणों और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। वायुसेना ने कहा है कि विस्तृत जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी।

    बताया जा रहा है कि AN-32 एक मध्यम श्रेणी का सैन्य परिवहन विमान है, जिसका उपयोग सेना के लिए आवश्यक सामान, उपकरण और जवानों के परिवहन में किया जाता है। हादसे के बाद एयरबेस पर बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू की जा रही है।

    कुछ मीडिया रिपोर्टों में पायलट के हताहत होने की आशंका जताई गई है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    फिलहाल, सभी की निगाहें भारतीय वायुसेना की अगली आधिकारिक अपडेट पर टिकी हुई हैं। जैसे ही इस घटना से जुड़ी नई जानकारी सामने आएगी, उसे साझा किया जाएगा।

     

    महत्वपूर्ण बिंदु:

    • असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ हादसा।
    • भारतीय वायुसेना का AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त।
    • लैंडिंग के दौरान दुर्घटना होने की प्रारंभिक जानकारी।
    • बचाव एवं राहत कार्य जारी।
    • दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू।
    • हताहतों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार।