Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • नए UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

    नए UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    CJI ने कहा- शैक्षणिक संस्थानों में भारत की एकता झलकनी चाहिए

    CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने नए नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा- हमने जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ भी हासिल किया है। क्या अब हम उल्टी दिशा में चल रहे हैं ?

    CJI  ने केंद्र से कहा आप sc/st स्टूडेंट्स के लिए अलग होस्टलों की बात कर रहे है ,ऐसा मत कीजिए।

    आरक्षित समुदायों में भी ऐसे लोग हैं जो समृद्ध हो गए हैं। कुछ समुदाय दूसरों की तुलना में बेहतर सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं।

    कोर्ट ने आगे कहा- नियमों की परिभाषा पूरी तरह अस्पष्ट है। इसका दुरुपयोग हो सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स इसमें संशोधन की सलाह दे सकते हैं।

    हम विश्वविद्यालयों में एक स्वतंत्र और समान वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जब तक 3e प्रणाली कायम है, हमें कोई कारण नहीं दिखता… 3c प्रणाली प्रासंगिक कैसे हो सकती है? क्या यह अनावश्यक है?

  • दुखद खबर :अजीत पवार की प्लेन क्रैश में निधन

    दुखद खबर :अजीत पवार की प्लेन क्रैश में निधन

    दुखद खबर

    NCP नेता अजित पवार का प्लेन क्रैश, महाराष्ट्र के बारामती में हुआ हादसा

    महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के विमान की क्रैश लैंडिंग के बाद का पहला  पिक्चर

    अजीत पवार के बारे में जानकारी हुई कि उनका निधन हो गया है।

     

  • UGC :अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है

    UGC :अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी है

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    UGC बिल 2026 का विरोध तेज हो गया है. अब इसमें अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य भी कूद गए हैं. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है मांग की है कि या तो इस बिल को वापस लिया जाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी जाए.

    #ऑपरेशन_बगावत #सवर्ण_रेजीमेंट #UGCकाला_कानून #जागो_ब्राह्मण_क्षत्रियों_सवर्णो_जागो #जातिवादी_भाजपा_मुर्दाबाद
    #UGC #UGC_RollBack #SupremeCourt #Unity
    भारतीय सवर्ण सेना

  • UGC मामले में कवि कुमार विश्वास की एंट्री

    UGC मामले में कवि कुमार विश्वास की एंट्री

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    कवि कुमार विश्वास ने भी UGC मुद्दे पर अपनी राय सामने रखी है।
    : उन्होंने दिवंगत कवि रमेश रंजन मिश्र की एक कविता साझा करते हुए अपनी भावना व्यक्त की। कुमार विश्वास द्वारा साझा की गई पंक्तियां इस प्रकार हैं-

    चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,

     राई लो या पहाड़ लो राजा,

    मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,

    रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को दी विकास की बड़ी सौगात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को दी विकास की बड़ी सौगात

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    “दो अहम परियोजनाओं का किया लोकार्पण”

    गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर को यातायात और शहरी विकास की दिशा में बड़ी सौगात देते हुए दो महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आमजन को सुरक्षित व तेज आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री ने बरगदवा चौराहे से जेल रोड पर नकहा जंगल–मानीराम स्टेशनों के मध्य समपार संख्या-5ए पर निर्मित 4 लेन रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का लोकार्पण किया। इस परियोजना पर 152.18 करोड़ रुपये की लागत आई है और सेतु की कुल लंबाई 1,092 मीटर है।

    इसके चालू होने से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी तथा शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बरगदवा–कौवाबाग जेल बाईपास 4 लेन मार्ग पर स्थित खजांची चौराहे पर बने फ्लाईओवर का भी लोकार्पण किया। 96.50 करोड़ रुपये की लागत से बने इस फ्लाईओवर की लंबाई 605 मीटर है।

    खजांची चौराहा शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल है, जहां आए दिन जाम की समस्या रहती थी। फ्लाईओवर के संचालन से अब यातायात का दबाव कम होगा और राहगीरों को बड़ी राहत मिलेगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार गोरखपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित सड़क व पुल नेटवर्क के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं से न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

    लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। शहरवासियों ने इन विकास परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे गोरखपुर के विकास में एक नया अध्याय बताया।

  • उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बड़ी खबर है. बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का निलंबन

    उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बड़ी खबर है. बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का निलंबन

    लखनऊ डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से बड़ी खबर है. बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, जिन्होंने नाराजगी जताते हुए गणतंत्र दिवस पर अपना इस्तीफा सौंपा था, उनके खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है।

    अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दे दिया था.

  • UGC अपडेट ; IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी का इस्तीफा

    UGC अपडेट ; IPS अधिकारी अभिषेक तिवारी का इस्तीफा

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    बड़ी खबर UGC को ले कर आ रही है कि दिल्ली के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी जो दिल्ली में नेशनल टेक्नोलोजी रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) में पदस्त है । सरकार की भेदभाव नीतियों ugc कानून की वजह से इस्तीफा दे दिया है।

    अभिषेक तिवारी  प्रदेश में बेहतर कार्यो के लिए 2 बार प्रेजिडेंट मैडल भी मिल चुका है, मध्यप्रदेश के बालाघाट सागर जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके है।फिलहाल अभिषेक तिवरी जी का इस्तीफा कई स्तर पर मंजूर होना बाकी है।

  • UGC के नए नियम के विरोध में अब BJP से एक और बड़ी ख़बर

    UGC के नए नियम के विरोध में अब BJP से एक और बड़ी ख़बर

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    लखबऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे;–

    बड़ी खबर

    लखनऊ भाजपा के 11 पदाधिकारियों के इस्तीफे।

    UGC के नए नियमों से आहत होकर दिया इस्तीफा , कहा- हमारे सवर्ण समाज के बच्चों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    विरोध का सुदर्शन चक्र चल चुका है।

    बीजेपी का कुरुक्षेत्र उसके भीतर ही है।

  • सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, UGC नियम और शंकराचार्य विवाद से प्रशासनिक तूफान

    सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, UGC नियम और शंकराचार्य विवाद से प्रशासनिक तूफान

     “धार्मिक अस्मिता, शिक्षा नीति और सत्ता व्यवस्था पर तीखा हमला”
    “सोशल मीडिया से प्रशासनिक गलियारों तक उभरा असंतोष”

    “देशभर में नौकरशाही-राजनीति टकराव की नई बहस”

    बरेली/नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन उत्तर प्रदेश प्रशासन में उस समय अभूतपूर्व भूचाल आ गया, जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर शासन-प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दे दी। यह घटना केवल एक अधिकारी का इस्तीफा नहीं, बल्कि नौकरशाही, धार्मिक भावना और शिक्षा नीति के टकराव का राष्ट्रीय विमर्श बन चुकी है।

    अलंकार अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा राज्यपाल और जिलाधिकारी को ई-मेल के माध्यम से भेजते हुए सरकार की नीतियों पर तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने विशेष रूप से “UGC Regulations-2026” और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बटुक शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार को इस्तीफे का कारण बताया।
    यह इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब देशभर में शिक्षा नीति, सामाजिक न्याय और धार्मिक अस्मिता को लेकर तीखी बहस चल रही है।

    इस्तीफे के पीछे दो बड़े घटनाक्रम

     शंकराचार्य और बटुक शिष्यों का कथित अपमान
    अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के बटुक शिष्यों को चोटी पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया, जिसे उन्होंने “धार्मिक मर्यादा और सनातन परंपरा पर सीधा हमला” बताया।
    उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को भी अपर्याप्त और निंदनीय करार दिया।

     UGC Regulations-2026 पर तीखा विरोध
    उन्होंने UGC के नए नियमों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि इससे सामान्य वर्ग को “स्वघोषित अपराधी” जैसा माना जा रहा है और कॉलेज-विश्वविद्यालयों में सामाजिक तनाव बढ़ेगा।
    उन्होंने चेतावनी दी कि इससे फर्जी शिकायतों, सामाजिक विभाजन और आंतरिक संकट का खतरा बढ़ सकता है।

    इस्तीफे में तीखी टिप्पणी

    अपने इस्तीफानामा और बयानों में अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए।
    उन्होंने कहा— “अब केवल भ्रमतंत्र शेष रह गया है।”
    उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व पर कॉरपोरेट हितों के अधीन होने का आरोप भी लगाया और कहा कि समाज के कुछ वर्गों के साथ व्यवस्थित अन्याय हो रहा है।

    अनोखा विरोध प्रदर्शन: ‘रिजाइन’ बोर्ड और सोशल मीडिया अभियान
    सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री ने अपने कार्यालय में कुर्सी के पीछे लगे बोर्ड पर “Resign” लिख दिया और अपने घर के बाहर पोस्टर लेकर खड़े हुए, जिसमें
    #UGC_ROLLBACK
    #BOYCOTT_BJP
    #BOYCOTT_BRAHMAN_MPMLA
    जैसे नारे लिखे थे।
    यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही देशभर में तीखी बहस शुरू हो गई।

    कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री

    यूपी पीसीएस 2019 बैच के अधिकारी
    मूल रूप से कानपुर निवासी
    पहले प्रयास में पीसीएस चयन
    बरेली से पहले लखनऊ, उन्नाव, बलरामपुर में एसडीएम
    बीटेक और एलएलबी की पढ़ाई, आईटी सेक्टर में 10 वर्ष का अनुभव
    प्रशासनिक सेवा में स्पष्टवादी और सख्त अधिकारी की पहचान

    प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस इस्तीफे को प्रशासनिक इतिहास में अत्यंत दुर्लभ और असामान्य घटना माना जा रहा है।
    विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम नौकरशाही में असंतोष और वैचारिक विद्रोह का प्रतीक बन सकता है।
    राजनीतिक दलों, संत समाज, छात्र संगठनों और शिक्षाविदों में इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

  • बड़ी खबर ;सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली ने UGC के 2026 के नये नियमों को “काला कानून” और “ब्राह्मण-विरोधी” करार देते त्यागपत्र दे दिया

    बड़ी खबर ;सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली ने UGC के 2026 के नये नियमों को “काला कानून” और “ब्राह्मण-विरोधी” करार देते त्यागपत्र दे दिया

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे कर सरकार को मुश्किल में डाल दिया है । उन्होंने त्यागपत्र राज्यपाल और जिलाधिकारी को ईमेल से भेजा है। लगभग 5 पेज के विस्तृत इस्तीफे में दो प्रमुख कारण बताए गए हैं।

    UGC के 2026 के नये नियमों को “काला कानून” और “ब्राह्मण-विरोधी” करार देते हुए इनकी पूर्ण वापसी की मांग करते हुए उच्च शिक्षा और सनातन परंपराओं के लिए हानिकारक बताया है।

    प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों/बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट और अपमान की घटना को ब्राह्मण समाज की धार्मिक अस्मिता पर हमला मानते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किये हैं ।

    इस्तीफे के बाद बरेली DM के आदेश पर ADM और 2 SDM उन्हें समझाने पहुंचे मगर बात बनी नहीं ।